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कोरबा

कल मुख्यमंत्री का कोरबा प्रवास: गुरूघासीदास जयंती पर होंगे शामिल

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कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 18 दिसंबर को गुरू घासीदास जयंती पर इंदिरा स्टेडियम के सामने गुरू घासीदास परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में शामिल होंगे। विष्णुदेव साय प्रात: 11 बजे कोरबा के लिए प्रस्थान करेंगे और 11.45 बजे इंदिरा स्टेडियम पहुंचेंगे। वे 11.50 से 12.50 तक कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। प्रशासन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। 12 .55बजे श्री साय लोरमी में आयोजित कार्यक्रम के लिए रवाना होंगे।

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कोरबा

पैरोल से फरार हत्या का दोषी 6 साल बाद गिरफ्तार:कोरबा के औद्योगिक संयंत्र में कर रहा था नौकरी, दूसरे भाई की तलाश जारी

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कोरबा। कोरबा जिले में पैरोल पर रिहा होने के बाद फरार हुए हत्या के एक दोषी को पुलिस ने करीब छह साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। हैरानी की बात यह है कि फरारी के दौरान वह एक औद्योगिक संयंत्र की ठेका कंपनी में काम कर रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, मामला बालको थाना क्षेत्र के परसाभाठा का है। वर्ष 2007 में दरोगा कुर्मे अपने घर में मृत मिले थे। पुलिस जांच में उनके बेटों देवानंद कुर्मे और सूरज कुर्मे की संलिप्तता सामने आई थी। दोनों को हत्या, घर में घुसकर अपराध करने और साझा आपराधिक मंशा से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।

आजीवन कारावास की सजा, फिर पैरोल पर हुए फरार

सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 12-12 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद दोनों को बिलासपुर सेंट्रल जेल भेजा गया।

वर्ष 2020 में दोनों को पैरोल पर रिहाई मिली। उन्हें 7 अप्रैल को रिहा किया गया था और 1 मई तक जेल में वापस लौटना था, लेकिन तय समय पर उन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गए।

ठेका कंपनी में कर रहा था काम

एसपी सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर एएसपी लखन पटले, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी और थाना प्रभारी युवराज तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम फरार कैदियों की तलाश कर रही थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने देवानंद कुर्मे को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में देवानंद ने बताया कि पैरोल पर रिहा होने के बाद वह पहले बलीदा क्षेत्र स्थित अपने गांव गया और बाद में कोरबा लौटकर एक औद्योगिक संयंत्र के भीतर संचालित ठेका कंपनी में काम करने लगा। उसने नौकरी के लिए आवश्यक दस्तावेज भी जमा किए थे।

दूसरे आरोपी की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार, फरार दूसरा दोषी सूरज कुर्मे अभी भी गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

फरार सजायाफ्ता कैदी का औद्योगिक संयंत्र में काम करना सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। अब यह भी जांच का विषय है कि बिना आपराधिक पृष्ठभूमि की पुष्टि किए उसे संयंत्र में काम कैसे मिल गया।

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कोरबा

गुरु पूर्णिमा पर 29 जुलाई को माँ सर्वमंगला मंदिर घाट कोरबा में हसदेव आरती का होगा भव्य आयोजन

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नमामि हसदेव सेवा समिति ने मासिक हसदेव आरती में नदी संरक्षण के संकल्प के साथ नागरिकों से सहभागिता की अपील की
कोरबा। नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा कोरबा जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी, उसकी सहायक नदियों तथा अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, प्रदूषण में कमी लाने और नदी तटों के सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत प्रत्येक माह की पूर्णिमा को माँ सर्वमंगला मंदिर घाट, कोरबा में सायं 5 बजे हसदेव आरती का आयोजन किया जाता है।
समिति ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 29 जुलाई 2026 (बुधवार) को सायं 5 बजे माँ सर्वमंगला मंदिर घाट, कोरबा में विशेष हसदेव आरती का आयोजन किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य हसदेव नदी एवं अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और जनसहभागिता को बढ़ावा देना है।
नमामि हसदेव सेवा समिति का कहना है कि हसदेव नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के साथ-साथ उसकी सहायक नदियों एवं प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण समय की आवश्यकता है। समिति लगातार सामाजिक सहभागिता के माध्यम से नदी संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
इस आयोजन के मुख्य यजमान के रूप में डॉ. किरण चौहान, प्राचार्य, ज्योति भूषण प्रताप सिंह विधि महाविद्यालय, कोरबा उपस्थित रहेंगे, वहीं विशिष्ट यजमान के रूप में राजकुमार देवांगन, प्राचार्य, सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सी.एस.ई.बी., कोरबा पूर्व, श्रीमती इंदु अग्रवाल, प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोरबा, नरसिंह शास्त्री, व्याख्याता, दयानंद एंग्लो वैदिक विद्यालय, एस.ई.सी.एल., कोरबा तथा श्रीमती सविता पाठक, व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साडा कन्या, कोरबा अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
नमामि हसदेव सेवा समिति ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित हसदेव आरती में सपरिवार शामिल होकर नदी संरक्षण के इस जनअभियान का हिस्सा बनें तथा पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूत करें।

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कोरबा

कोरबा कार्बन फैक्ट्री में लापरवाही का दूसरा मामला:ब्लास्ट के बाद बिना सुरक्षा सफाई,जहरीले धुएं की चपेट में आने से एक मजदूर की हालत बिगड़ी

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कोरबा। कोरबा जिले के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित अंकुश अग्रवाल की कार्बन फैक्ट्री में हुए बायलर ब्लास्ट के बाद सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। हादसे के अगले ही दिन फैक्ट्री संचालक ने नियमित कर्मचारियों की जगह दिहाड़ी मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा उपकरण के राख और जले हुए मलबे की सफाई कराई।

इस दौरान जहरीले धुएं की चपेट में आने से एक मजदूर की तबीयत बिगड़ गई, जबकि अन्य मजदूरों के भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

बायलर ब्लास्ट से मची थी अफरा-तफरी

शनिवार को फैक्ट्री में बायलर में पिच अनलोडिंग के दौरान अचानक जोरदार ब्लास्ट हो गया। विस्फोट के बाद हाई टेम्परेचर का कच्चा मटेरियल बाहर निकल आया और फैक्ट्री में आग लग गई। आग की लपटों और धुएं का गुबार करीब दो किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। हादसे के समय मौजूद मजदूर जान बचाकर बाहर भागे।

तीन घंटे बाद आग पर पाया गया काबू

घटना की सूचना मिलते ही नगर सेना, बालको, सीएसईबी और अन्य औद्योगिक इकाइयों की दमकल टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग में फैक्ट्री के भीतर रखा रॉ मटेरियल, बोरियां और अन्य सामान जलकर राख हो गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।

अगले दिन दिहाड़ी मजदूरों से कराई सफाई

हादसे के बाद डरे हुए नियमित मजदूर रविवार को काम पर नहीं पहुंचे। इसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने उषा कॉम्प्लेक्स रेलवे फाटक क्षेत्र से 10 से 11 दिहाड़ी मजदूर बुलाकर सफाई का काम शुरू करा दिया। आरोप है कि उस समय तक राख पूरी तरह ठंडी भी नहीं हुई थी।

बिना मास्क और दस्तानों के कराया काम

सफाई में लगाए गए मजदूरों को न मास्क दिए गए, न दस्ताने और न ही कोई अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराया गया। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के बीच मजदूरों से जहरीले मलबे और राख की सफाई कराई गई।

मजदूर की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचा

सफाई के दौरान कथरीमाल निवासी मजदूर शिवशंकर साहू को गले में खराश और सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। घर पहुंचने के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। परिजन उसे रात करीब 8:30 बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसने गले में तेज दर्द और नस खिंचने की शिकायत बताई।

इलाज के बाद रात में घर भेजा गया

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में देर रात तक इलाज के नाम पर केवल औपचारिक कार्रवाई की गई। रात करीब 1:30 बजे कुछ लोगों के अस्पताल पहुंचने के बाद कर्मचारियों ने मरीज को ठीक बताते हुए छुट्टी दे दी। परिजनों ने घर दूर होने और मरीज की खराब हालत का हवाला दिया, लेकिन इसके बावजूद उसे आधी रात में घर भेज दिया गया।

अन्य मजदूरों के प्रभावित होने की भी आशंका

जानकारी के अनुसार, सफाई में लगे कुछ अन्य मजदूर भी जहरीले धुएं के संपर्क में आने से प्रभावित हुए हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

विशेषज्ञों की चिंता

जानकारों के मुताबिक, कार्बन और उसके यौगिकों से निकलने वाली गैसें स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती हैं। इनके लगातार संपर्क में आने से सांस लेने में तकलीफ, गले में संक्रमण और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

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