Connect with us

बिज़नस

UN महासचिव की दौड़ में कड़ा मुकाबला, उम्मीदवारों से पूछे गए तीखे सवाल

Published

on

वाशिंगठन, एजेंसी। संयुक्त राष्ट्र का अगला महासचिव बनने की दौड़ में शामिल चार उम्मीदवारों ने इस सप्ताह दुनिया में शांति बहाल करने, बढ़ती गरीबी रोकने और वैश्विक संकटों से निपटने जैसे मुद्दों पर कड़े सवालों का सामना किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक ने इसे नौकरी के लिए दुनिया के सबसे कठिन साक्षात्कारों में से एक बताया। इन उम्मीदवारों में चिली की पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बाचेलेत, अर्जेंटीना के राफेल ग्रोसी, कोस्टा रिका की रेबेका ग्रिन्सपैन और सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति मैकी साल शामिल हैं। इसके अलावा, अन्य उम्मीदवार भी बाद में इस दौड़ में शामिल हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र के वर्तमान महासचिव एंतोनियो गुतारेस का कार्यकाल एक जनवरी को समाप्त होगा। चारों उम्मीदवारों ने कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र के तीन मुख्य स्तंभों शांति, विकास और मानवाधिकार को प्राथमिकता देंगे।

उन्होंने ईरान, गाजा, यूक्रेन और सूडान जैसे संकटग्रस्त क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र की सीमित भूमिका पर चिंता जताई और संस्था में सुधार की जरूरत बताई। मिशेल बाचेलेत (74) ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को संकट आने से पहले उन्हें रोकने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने संवाद, एकजुटता और सक्रिय नेतृत्व पर जोर दिया। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख 65 वर्षीय राफेल ग्रोसी ने कहा कि दुनिया में बढ़ते ध्रुवीकरण के कारण संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व के बिना संस्था अपनी प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकेगी। रेबेका ग्रिन्सपैन (65) ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जरूरत से ज्यादा जोखिम से बचने वाली संस्था बन गया है। उन्होंने कहा कि संगठन को नए प्रयोग करने होंगे और असफलता के डर से बाहर निकलना होगा।

मैकी साल (64) ने कहा कि यदि उन्हें चुना गया तो वह देशों के बीच सेतु का काम करेंगे, तनाव कम करेंगे और वैश्विक सहयोग में नयी उम्मीद जगाएंगे। कुछ उम्मीदवारों को विरोध का भी सामना करना पड़ा। बाचेलेत को अमेरिकी रिपब्लिकन सांसदों ने गर्भपात समर्थक बताते हुए उनका विरोध किया, जबकि मैकी साल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, जिन्हें उन्होंने खारिज किया। अब अंतिम फैसला 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद करेगी, खासकर वीटो का अधिकार रखने वाले उसके पांच स्थायी सदस्य अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस। इसके बाद 193 सदस्यीय महासभा अंतिम मंजूरी देगी। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार ऐसे महासचिव की तलाश है जो ज्यादा सक्रिय, साहसी और प्रभावशाली नेतृत्व दे सके।  

Continue Reading

देश

PPBL पर कार्रवाई का Paytm पर कोई असर नहीं, कारोबार में मजबूत गति बरकरार

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। भारत की अग्रणी भुगतान ऐप पेटीएम (वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड) ने कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) पर भारतीय रिजर्व बैंक की कार्रवाई का कंपनी पर कोई वित्तीय या व्यावसायिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी ने दोहराया कि बैंकिंग इकाई के साथ उसका कोई महत्वपूर्ण व्यावसायिक समझौता या जोखिम नहीं है। नोएडा स्थित इस दिग्गज फिनटेक कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि पीपीबीएल स्वतंत्र रूप से काम करता है और इसमें पेटीएम का कोई बोर्ड या प्रबंधन हस्तक्षेप नहीं है।

कंपनी ने स्पष्ट किया, ”जैसा कि एक मार्च, 2024 को पहले ही बताया जा चुका है, कंपनी का पीपीबीएल के साथ कोई जोखिम या महत्वपूर्ण व्यावसायिक समझौता नहीं है। कंपनी द्वारा दी जाने वाली कोई भी सेवा पीपीबीएल के साथ साझेदारी में नहीं है। इसके अलावा, पीपीबीएल स्वतंत्र रूप से संचालित होता है।” पेटीएम ने यह भी कहा कि कंपनी पर इसका कोई वित्तीय प्रभाव नहीं है, क्योंकि वह 31 मार्च, 2024 को ही पीपीबीएल में अपने निवेश को बट्टे खाते में डाल चुकी है। कंपनी ने आगे स्पष्ट किया कि उसकी कोई भी सेवा पीपीबीएल से जुड़ी नहीं है और उसकी सहायक कंपनियों सहित सभी पेशकश सामान्य रूप से काम कर रही हैं। 

पेटीएम ने कहा, ”पेटीएम (वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड) और उसकी सेवाएं, बिना किसी रुकावट के चल रही हैं, और आगे भी निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। इनमें पेटीएम ऐप, पेटीएम यूपीआई, पेटीएम गोल्ड और सहायक व सहयोगी कंपनियों की अन्य सेवाएं जैसे पेटीएम क्यूआर, पेटीएम साउंडबॉक्स, पेटीएम कार्ड मशीन, पेटीएम पेमेंट गेटवे और पेटीएम मनी आदि शामिल हैं।” 

Continue Reading

बिज़नस

Hotel Hilton! जहां चलीं ट्रंप की डिनर पार्टी में गोलियां, जानिए यहां एक रात का किराया कितना और इसकी खासियत?

Published

on

वाशिंगठन, एजेंसी। वॉशिंगटन का मशहूर ‘हिल्टन होटल’ इस समय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। ‘व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट्स डिनर’ के दौरान यहां हुई गोलीबारी ने सुरक्षा पर तो सवाल खड़े किए ही हैं साथ ही लोगों की दिलचस्पी इस आलीशान होटल को लेकर भी बढ़ गई है। आइए जानते हैं कि इस ऐतिहासिक होटल में एक रात गुजारने का किराया कितना है और इसकी खासियत क्या है? वाशिंगटन हिल्टन में रुकना हर किसी के बस की बात नहीं है।

PunjabKesari

यहां के कमरों का किराया मांग और सीजन के हिसाब से बदलता रहता है। सामान्यतः यहां एक रात रुकने का खर्च $300 से $400 के बीच आता है जो भारतीय मुद्रा में लगभग रू.25,000 से रू.33,000 के करीब बैठता है। जब भीड़ कम होती है तो किराया घटकर $121 (करीब रू.10,000) तक भी आ जाता है। वहीं कॉरस्पॉन्डेंट्स डिनर जैसे बड़े आयोजनों के वक्त किराया $344 (रू.28,000 से ज्यादा) के पार पहुंच जाता है।

सिर्फ कमरे का किराया ही काफी नहीं!

सिर्फ कमरे का किराया ही काफी नहीं है। बिल में टैक्स के अलावा एक ‘डेली डेस्टिनेशन चार्ज’ भी जुड़ता है। इसके कारण आपके कुल बिल में रू.4,000 से रू.5,000 की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो जाती है।

PunjabKesari

जानिए क्या है इस होटल की खासियत?

यह सिर्फ एक 4-स्टार प्रॉपर्टी नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। 1965 में खुले इस होटल को मशहूर आर्किटेक्ट विलियम बी. टैबलर ने डिजाइन किया था। इसका ‘डबल आर्क’ आकार इसे दुनिया के अन्य होटलों से अलग बनाता है। इसके साथ ही यहां का 30,000 वर्ग फीट का विशाल बॉलरूम बिना किसी खंभे के बना है जो वॉशिंगटन के सबसे बड़े हॉल में गिना जाता है।

PunjabKesari

यही वजह है कि यहां राष्ट्रपतियों और वैश्विक नेताओं के बड़े कार्यक्रम होते हैं। वहीं यहां जिम, स्विमिंग पूल और ‘पेट फ्रेंडली’ कमरों जैसी तमाम लग्जरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पिछले कई दशकों से यह होटल दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं का ठिकाना रहा है। यहां की सुरक्षा बेहद कड़ी रहती है लेकिन ताजा फायरिंग की घटना ने इस ऐतिहासिक इमारत के नाम के साथ एक नया विवाद जोड़ दिया है।

Continue Reading

देश

LPG Booking Rules: 1 मई से बदल सकते हैं नियम, रसोई गैस बुकिंग पर लग सकती है नई पाबंदी

Published

on

मुंबई, एजेंसी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई रूकने का खतरे बढ़ता जा रहा है। जिसे देखते हुए भारत में रसोई गैस को लेकर बड़ी तैयारी चल रही है। आने वाले समय में LPG की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है, जिस लिए देश की तीन बड़ी तेल कंपनियां- Indane, Bharat Gas और HP Gas – सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि ये नए नियम 1 मई 2026 से लागू किए जा सकते हैं।

25 दिनों बाद दूसरा सिलेंडर कर पाएंगे बुक
नए नियमों के अनुसार, सिलेंडर बुकिंग के बीच मिनिमम 25 दिनों का अंतर जरूरी किया जा सकता है। यानी अगर आपने एक बार गैस बुक कर ली है, तो अगली बुकिंग के लिए आपको लगभग एक महीने का इंतजार करना पड़ सकता है। इसका सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो महीने में एक से ज्यादा बार सिलेंडर लेते हैं।

बिना OTP के सिलेंडर डिलीवरी नहीं
इसके अलावा OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम को भी लागू करने की योजना है। यानि जब आपका सिलेंडर डिलीवरी के लिए निकलेगा, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। डिलीवरी के समय यह OTP बताना अनिवार्य होगा, तभी सिलेंडर आपको सौंपा जाएगा। बिना OTP के डिलीवरी नहीं की जाएगी, जिससे फर्जी डिलीवरी और गड़बड़ी पर रोक लगेगी।

भारत को रोजाना करीब 80,000 टन LPG की जरूरत
जानकारी के लिए बता दें कि सप्लाई की स्थिति को देखें तो भारत को रोजाना करीब 80,000 टन LPG की जरूरत होती है, जबकि देश में उत्पादन लगभग 46,000 टन प्रतिदिन है। यानी बाकी जरूरत आयात से पूरी होती है। पहले भारत अपनी लगभग 90% LPG जरूरत खाड़ी देशों से पूरी करता था, लेकिन अब सरकार ने रणनीति बदलते हुए अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से भी गैस खरीदना शुरू कर दिया है।

युद्ध संकट के हालात को देखते हुए भारत ने स्पॉट मार्केट से भी LPG खरीदना शुरू किया है। इसका मतलब है कि जब जरूरत हो, उसी समय बाजार से गैस खरीदी जाए ताकि अचानक आई कमी को तुरंत पूरा किया जा सके। सरकार के मुताबिक, अब तक लाखों टन LPG आयात की जा चुकी है और कई जहाज भारत पहुंच चुके हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677