नई दिल्ली, एजेंसी। यूपी में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर हैं। चंदौली में चंद्रप्रभा नदी में अचानक आई बाढ़ से राजदारी-देवदारी वाटरफॉल में जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव में 3 पर्यटक फंस गए। सभी को बचा लिया गया।
मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर है। आसपास घरों में 5-5 फीट तक कीचड़ भर गया है।
नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार के कोसी बैराज और गंडक बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इससे कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं, भागलपुर में गंगा में कटाव की वजह से सबौर में 8 घर गंगा में समा गए।
हिमाचल में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक कई जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 103 लोगों की मौत हो चुकी है।
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देशभर से मौसम की तस्वीरें
चित्रकूट में वाटरफॉल के तेज बहाव में फंसे 3 पर्यटकों को पुलिस और वन विभाग की टीम ने बचाया।
यूपी के गोबरिया गांव में करीब 4 घंटे पीपल के पेड़ पर बैठे रहे 12 लोगों को सुरक्षित बचाया गया।
चित्रकूट में बाढ़ का पानी उतर गया है, लेकिन अब सड़कों पर मिट्टी और कीचड़ ने लोगों की परेशानियां बढ़ा रखी हैं।
चित्रकूट में तुलसीदास की मूर्ति भी टूट गई है। कंधे के ऊपर का हिस्सा मंदाकिनी नदी की बाढ़ में बह गया है।
बिहार के भागलपुर के सबौर में कटाव के चलते कई घर गंगा नदी में समा गए।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में मिट्टी बहने से शिमला-कालका नैरोगेज रेलवे लाइन बंद हो गई है। 10 ट्रेनें भी रद्द कर दी गई हैं।
बिश्केक,एजेंसी। पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई। यह बैठक करीब 10 मिनट चली। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया। दोनों देशों की द्विपक्षीय बैठक में यूक्रेन युद्ध समेत वैश्विक हालात और भारत-रूस संबंधों पर चर्चा हुई। मोदी ने पुतिन से कहा- दुनिया को कभी न खत्म होने वाले युद्धों से आगे बढ़कर उन्हें खत्म करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। भारत भी शांति की दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है। पुतिन से मुलाकात के दौरान मोदी ने उन्हें सितंबर में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया। इसके बाद दोनों नेता एक ही गाड़ी में बैठकर 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन में पहुंचे। इससे पहले मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान समेत कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकात की। बिश्केक में हो रहे SCO शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता शामिल हो रहे हैं।
SCO समिट में मोदी की प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की तस्वीरें…
SCO समिट में पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने एक-दूसरे को गले लगा लिया।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और मोदी एक ही कार में बैठकर नोमैड गेम्स के लिए रवाना हुए।
अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान ने मोदी से मुलाकात की।
किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जपरोव भी पीएम मोदी से मिले।
मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से मुलाकात की।
मोदी ने पुतिन को ब्रिक्स समिट में शामिल होने का न्योता दिया
पीएम मोदी ने भारत में अगले महीने होने वाली ब्रिक्स समिट के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन को न्योता दिया। मोदी ने कहा- “भारत कुछ दिनों बाद ब्रिक्स समिट का आयोजन कर रहा है। सभी सभी भारतीय आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक हैं।”
मोदी ने कहा- हमें युद्धों को खत्म करने की ओर बढ़ना चाहिए
मोदी बोले- “हमने हमेशा यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा की है। पिछली बार जब हम मिले थे, तब भी आपने मुझे स्थिति के सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी। हमें कभी न खत्म होने वाले युद्धों से हटकर युद्धों को खत्म करने की ओर बढ़ना चाहिए। भारत शांति की दिशा में सभी प्रयासों का समर्थन करता है। शांतिपूर्ण तरीकों से सभी मुद्दों का समाधान करना मानवता की पुकार है।”
पुतिन बोले- रूस में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 7 गुना बढ़ी
राष्ट्रपति पुतिन की बातों को ट्रांसलेट किया जा रहा है। ट्रांसलेटर ने कहा, “रूस में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के मामले में भारत टॉप लिस्ट में शामिल है। पिछले कुछ सालों में यह संख्या 7 गुना बढ़कर 40,000 हो गई है। हम नियमित रूप से भारत और रूस के सांस्कृतिक उत्सव आयोजित करते हैं। हमारे बीच पर्यटकों का आना-जाना भी काफी होता है, जिसमें 16% की वृद्धि देखी गई है। हम संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, G20 और SCO में अपने प्रयासों में करीबी तालमेल रखते हैं। आज हमारे पास रूस-भारत संबंधों के विकास के बारे में विचारों का आदान-प्रदान करने और भविष्य के सहयोग की रूपरेखा तैयार करने का अच्छा मौका है।”
मोदी बोले- दोनों देश लोगों की भलाई के लिए काम कर रहे
मोदी ने कहा- “पिछले साल आपकी भारत यात्रा बहुत सफल और सचमुच यादगार रही। हमारे लिए यह बहुत संतोष की बात है कि हमारा सहयोग नई ऊंचाइयां छू रहा है और हम दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय हित को सबसे ऊपर रखना हमारा साझा दृष्टिकोण रहा है और भविष्य में भी यही हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत बना रहेगा।”
पुतिन बोले- रूस और भारत के संबंध लगातार मजबूत हो रहे
मीटिंग के दौरान पुतिन ने कहा- मैं खुशी के साथ यह कहना चाहूंगा कि रूस और भारत के संबंध एक खास और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के सिद्धांतों के आधार पर लगातार मजबूत हो रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी, रूस-भारत संबंधों पर आपके विशेष ध्यान और हमारे बीच बने व्यापारिक और दोस्ताना रिश्तों से इसमें मदद मिली है। इसके लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं।”
मोदी ने पुतिन से कहा- युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेल रहा
पुतिन और मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से कहा कि वे यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के पक्ष में हैं, क्योंकि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेल रहा है।
पाकिस्तान के पीएम शहबाज और ईरान के राष्ट्रपति पजशकियान की मुलाकात
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बिश्केक में SCO समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पजशकियान से मुलाकात की।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने बिश्केक SCO समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बिना वीजा यात्रा का प्रस्ताव दिया।
पीएम मोदी ने अर्मेनिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात की
पीएम मोदी और अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान से बिश्केक में मुलाकात की। पीएम पशिन्यान के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी और पीएम मोदी की पहली मुलाकात थी।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, माइनिंग, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर चर्चा की।
पीएम पशिन्यान ने मोदी को आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते के लागू होने की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी।
बिश्केक, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान के बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से मुलाकात की है। पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है।
दोनों नेताओं ने बिश्केक में द्विपक्षीय बैठक की। मोदी SCO समिट में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे हैं। पजशकियान भी समिट में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक में मौजूद हैं।
इस समिट की थीम ‘शांति, विकास और समृद्धि के लिए मिलकर आगे बढ़ना’ है, जिसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान सहित 10 सदस्य देशों के नेता भाग लेंगे। मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
पीएम मोदी ने अर्मेनिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात की
पीएम मोदी और अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान से बिश्केक में मुलाकात की। पीएम पशिन्यान के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी और पीएम मोदी की पहली मुलाकात थी।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, माइनिंग, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर चर्चा की।
पीएम पशिन्यान ने मोदी को आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते के लागू होने की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी।
पीएम ने प्रवासी भारतीयों और शिक्षाविदों से मुलाकात की
पीएम मोदी ने किर्गिस्तान में भारत से जुड़े लोगों से मुलाकात की, जिनमें प्रवासी सदस्य, शिक्षाविद, शोधकर्ता, ITEC पूर्व छात्र और योग अभ्यासकर्ता शामिल थे।
10 देशों का समूह है SCO
भारत और पाकिस्तान 2017 में SCO के पूर्ण सदस्य बने थे। फिर 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। वहीं, चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान SCO के संस्थापक देश हैं।
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी
पीएम मोदी ने बिश्केक में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और भारतीय समुदाय से बातचीत की।
4 पॉइंट में जानें भारत के लिए SCO समिट अहम क्यों…
खनिजों का भंडार: भारत लंबे समय से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है।
ऊर्जा जरूरत: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है।
नए बिजनेस रूट: भारत मध्य एशिया के देशों के साथ व्यापार भी बढ़ाना चाहता है। इसके लिए वह नए व्यापार और परिवहन मार्ग विकसित करने पर काम कर रहा है।
आतंकवाद के खिलाफ मुहिम: अफगानिस्तान की स्थिति और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी भारत इन देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है।
शंघाई को-ऑपरेशन समिट (SCO) क्या है…
शंघाई को-ऑपरेशन समिट की स्थापना 15 जून 2001 को चीन के शंघाई शहर में हुई थी। शुरुआत में इसके 6 सदस्य देश थे- चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान।
आज SCO दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठनों में शामिल है, जिसमें 10 पूर्ण सदस्य देश हैं।इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, आतंकवाद का विरोध, आर्थिक सहयोग, संपर्क और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना है।
नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों से जुड़ी एफआईआर रद्द करवाने के लिए याचिका लगाई है। यह जानकारी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दी। उन्होंने बताया कि FIR रद्द कराने के लिए हम अनुच्छेद 142 का सहारा ले रहे हैं।सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई के लिए तैयरा हो गया है।
वह सुप्रीम कोर्ट में वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मार्च पर रोक लगाने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान पेश हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर को दिल्ली में होने वाले इस मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मार्च से कोई अप्रिय घटना होगी, ऐसा मानने की कोई ठोस वजह नहीं है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि प्रशासन से उम्मीद है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखेगा और सभी पक्षों को जिम्मेदारी से और कानून के मुताबिक काम करना सुनिश्चित करेगा।
यह याचिका रिटायर्ड दिल्ली पुलिस अधिकारी राजेंद्र सिंह ने दाखिल की थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में होने वाले BRICS समिट को देखते हुए बड़े जुलूस और प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
CJP का आरोप- सरकार ने चार में से तीन मांगें अभी नहीं मानी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को सरकार पर मांगे पूरी न करने का आरोप लगाया। CJP ने X पर लिखा कि सरकार हर बार अधूरे वादे करके बच नहीं सकती।
सरकार के सामने रखी गईं चार में से तीन मांगें अब भी अधूरी हैं। पहली- छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। दूसरी- छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाए और कोई कार्रवाई न की जाए। तीसरी- RAF और दिल्ली पुलिस माफी मांगे।
कॉकरोच पार्टी 5 सितंबर को फिर से दिल्ली में मार्च निकालने वाली है। उन्होंने लोगों से इसमें शामिल होने की भी अपील की।
CJP ने नीट पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी की मांगों को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया था। 25 जुलाई को सरकार से आश्वासन मिलने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अपना आंदोलन खत्म किया था।
CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ने 25 जुलाई को ही केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ मुलाकात की थी। इसमें सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच मांगों पर सहमति बनी थी।
CJP के मार्च में सुसाइड करने वाले छात्रों के परिजन भी आएंगे
5 सितंबर को मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। इसमें उन स्टूडेंट्स के परिजन भी शामिल होंगे, जिन्होंने NEET पेपर लीक के बाद सुसाइड किया था।
24 अगस्त को CJP ने अपनी वर्किंग कमेटी की वर्चुअल मीटिंग के बाद यह फैसला लिया था। पार्टी ने कहा कि सरकार ने कहा था कि छात्रों पर दर्ज केस खत्म होंगे, पर ऐसा नहीं हुआ। उन्हें हमारे धैर्य को कमजोरी नहीं समझना चाहिए।
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज हुआ था
20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च निकाला था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी परमिशन नहीं दी थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया था।
जंतर-मंतर पर पुलिस एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी बनाई थी
सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त को संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए 5 सदस्यों की हाई पावर्ड कमेटी के नामों का ऐलान किया था। कमेटी का अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आर सुभाष रेड्डी को बनाया गया था।
इसमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शलिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड DGP डॉ. एलआर बिश्नोई शामिल हैं।