छत्तीसगढ़
बुरे काम का सही अंजाम: कान पकड़ 2 आरोपियों को घुमाया
जांजगीर। राहौद में गुरुवार 19 मार्च की सुबह सुदीप कुमार के घर में हुई डकैती के मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। घर का दरवाजा खुलते ही चार बदमाश भीतर घुस आए और कुछ ही मिनटों में लूटपाट शुरू कर दी। विरोध करने पर दंपती को फर्श पर पटककर घसीटा गया और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा।
शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे, लेकिन आरोपी भाग गए। अब राहौद चौकी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रवि निर्मलकर उर्फ बिल्लू और श्यामजी सिन्हा उर्फ बूटी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को इलाके में कान पकड़वाकर पैदल मार्च कराया गया, जिससे अपराधियों में डर और लोगों में विश्वास कायम किया जा सके।

पुलिस के अनुसार पांच आरोपी इस डकैती में शामिल थे। अब तक तीन गिरफ्तार हो चुके हैं और दो फरार हैं। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस राजस्थान तक दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। राहौद डकैती सिर्फ लूट का मामला नहीं है। पुलिस जांच में यह सामने आया कि यह पूरी वारदात पुरानी रंजिश और सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। मास्टरमाइंड करण दिनकर, जो केसला का रहने वाला है, उसका पीड़ित परिवार से विवाद था। कुछ समय पहले उसके परिजन पीड़ित के घर जेवर बेचने गए थे। यहां विवाद के बाद उन्हें भगा दिया गया था।

करण ने इसका बदला लेने अपने साथियों के साथ डकैती की योजना बनाई। वारदात के दिन चार आरोपी घर में घुसे, लूटपाट की और विरोध करने पर दंपती को बेरहमी से पीटा। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पहले भी गंभीर मामलों में शामिल रहा है, जिसमें अपहरण और मारपीट जैसी घटनाएं शामिल हैं। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह पहले भी जेल से आरोपियों को छुड़ाने जैसी घटनाओं में सक्रिय रहा है। अब तक कुल पांच आरोपी इस डकैती में शामिल पाए गए हैं, जिनमें एक मुख्य साजिशकर्ता करण दिनकर फरार है।
छत्तीसगढ़
बिलासपुर : ग्रीन एनेस्थीसिया: सिम्स में इलाज के साथ पर्यावरण संरक्षण की नई पहल
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देते हुए “ग्रीन एनेस्थीसिया” की पहल की जा रही है। इस पहल के तहत मरीजों को सुरक्षित उपचार प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण और चिकित्सकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ऑपरेशन थिएटर में उपयोग होने वाली एनेस्थीसिया गैसों के दुष्प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से सिम्स द्वारा आधुनिक और पर्यावरण हितैषी तकनीकों को अपनाया जा रहा है।

एनेस्थीसिया गैसें: पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा
सर्जरी के दौरान उपयोग की जाने वाली गैसें, जैसे डेसफ्लुरेन और नाइट्रस ऑक्साइड, ग्रीनहाउस गैसों के रूप में जानी जाती हैं। इनका प्रभाव कार्बन डाइऑक्साइड से कई गुना अधिक होता है और ये लंबे समय तक वातावरण में बनी रहती हैं।
हर वर्ष बड़ी संख्या में होने वाली सर्जरी से निकलने वाली ये गैसें ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
चिकित्सकों पर भी पड़ता है प्रभाव
एनेस्थीसिया का प्रभाव केवल मरीज तक सीमित नहीं रहता। जहां एक मरीज को ऑपरेशन के दौरान एक बार एनेस्थीसिया दिया जाता है, वहीं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चिकित्सक दिनभर में 10 से 12 घंटे तक लगातार कई मरीजों को एनेस्थीसिया प्रदान करते हैं।
इस दौरान वे बार-बार इन गैसों के संपर्क में आते हैं, जिससे लंबे समय में उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। ऐसे में ग्रीन एनेस्थीसिया चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

क्या है ग्रीन एनेस्थीसिया
ग्रीन एनेस्थीसिया एक ऐसी पद्धति है, जिसमें मरीज को सुरक्षित बेहोशी देने के साथ-साथ पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को कम किया जाता है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है।
सिम्स में अपनाए जा रहे प्रमुख उपाय
सिम्स में इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं—
टी.आई.वी.ए. (Total Intravenous Anesthesia)
इस तकनीक में प्रोपोफोल, मिडाज़ोलम आदि दवाओं को इंट्रावेनस (रक्त शिरा द्वारा) दिया जाता है, जो बेहद प्रभावी एवं सुरक्षित माना जाता है। इससे गैसों के उपयोग में कमी आती है और पर्यावरण पर दुष्प्रभाव भी कम होता है।
लो फ्लो एनेस्थीसिया तकनीक
कम मात्रा में गैस देकर भी सुरक्षित एनेस्थीसिया दिया जाता है, जिससे गैस की खपत और प्रदूषण दोनों में कमी आती है।
आधुनिक उपकरणों का उपयोग
नई तकनीकों के माध्यम से गैस लीकेज को नियंत्रित कर ऑपरेशन थिएटर के बाहर प्रदूषण को कम किया जा रहा है।
किफायती और प्रभावी प्रणाली
यह पद्धति पर्यावरण के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी लाभकारी (Cost Effective) साबित हो रही है।
निश्चेतना में उपयोग होने वाली गैसों का अत्यधिक प्रयोग ग्लोबल वार्मिंग और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ग्रीन एनेस्थीसिया के माध्यम से इन दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सिम्स इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
ग्रीन एनेस्थीसिया सिम्स की एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल है, जो यह दर्शाती है कि बेहतर इलाज के साथ पर्यावरण और मानव दोनों की सुरक्षा संभव है। यह प्रयास भविष्य में अन्य चिकित्सा संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।
खेल
रायपुर : खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: निकिता ने रचा इतिहास, भारोत्तोलन में कुल 160 किलोग्राम उठाकर छत्तीसगढ़ को दिलाया पहला स्वर्ण



रायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी निकिता ने राज्य को पहला स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में निकिता ने महिला 77 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 160 किलोग्राम वजन उठाकर प्रथम स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता में निकिता ने स्नैच में 70 किलोग्राम तथा क्लीन एंड जर्क में 90 किलोग्राम वजन उठाया। दोनों ही वर्गों में उन्होंने संतुलित और प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। इस शानदार जीत के साथ उन्होंने न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि छत्तीसगढ़ को खेलों में मजबूत शुरुआत भी दिलाई।

प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर ओडिशा की श्रीमती जानी रहीं, जिन्होंने कुल 126 किलोग्राम वजन उठाया, जबकि तीसरा स्थान असम की जॉयश्री पाटिर को मिला, जिनका कुल प्रदर्शन 118 किलोग्राम रहा।
निकिता की इस उपलब्धि से पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई है। खेल प्रेमियों और अधिकारियों ने उनकी मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास की सराहना की है। यह जीत छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और आने वाले मुकाबलों में राज्य के खिलाड़ियों का मनोबल और बढ़ाएगी।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में देशभर के जनजातीय प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में निकिता का यह स्वर्ण पदक न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।

छत्तीसगढ़
कवर्धा : स्वदेशी अपनाने से मजबूत होगी देश की अर्थव्यवस्था– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा में किया स्वदेशी मेला का उद्घाटन
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्वदेशी मेले में स्टॉलों का किया अवलोकन




कवर्धा। उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कवर्धा के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित भव्य स्वदेशी मेला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी मेला स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों ने स्वदेशी मेला में लगे प्रदर्शनी एवं विक्रय स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली और उनके निर्माण एवं विशेषताओं के बारे में विस्तार से जाना। 27 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित इस मेले में स्वदेशी वस्तुओं के कई स्टॉल लगाए गए हैं, जहां स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। भारतीय विपणन विकास केंद्र स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई द्वारा आयोजित यह मेला स्थानीय प्रतिभाओं और स्वदेशी उत्पादों को मंच प्रदान कर रहा है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मेले में लगे सभी स्टॉल भारत में निर्मित उत्पादों के हैं, जो स्वदेशी भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी जनसंख्या के अनुसार हमारा बाजार भी बहुत बड़ा है और यदि हम अपने ही बाजार का सही उपयोग करें, तो अपनी आर्थिक स्थिति के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल सरकार के माध्यम से नहीं, बल्कि समाज के माध्यम से संभव है। समाज एक बहुत बड़ी ताकत है और यदि समाज के लोगों में स्वदेशी अपनाने का भाव जागृत हो जाए, तो बड़े परिवर्तन संभव हैं। उपमुख्यमंत्री ने जापान जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के लोग अपने ही देश में निर्मित वस्तुओं का उपयोग करते हैं, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। इसी प्रकार हमें भी स्वदेशी को अपनाते हुए देश में निर्मित उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्वदेशी का अर्थ है कि किसी भी उत्पाद में भारत के नागरिक का श्रम और पसीना शामिल हो। ऐसे आयोजनों से स्वदेशी के प्रति जागरूकता बढ़ती है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण जवाबदेही के सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत सभापति राम कुमार भट्ट, जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे, मनीराम साहू, मेला प्रमुख मार्गदर्शक सुब्रत चाकी, संयोजक डॉ अतुल जैन, सह संयोजक अमित बरडिया, संदीप अग्रवाल, शेखर बख्सी, राघव साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

स्वदेशी मेले में बॉलीवुड की पार्श्व गायिका ऐश्वर्या पंडित ने बांधा समां
मेला के शुभारंभ अवसर पर बॉलीवुड की पार्श्व गायिका ऐश्वर्या पंडित ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने हिंदी गीतों की मधुर प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया। उल्लेखनीय है कि जिले में स्वदेशी मेला 27 मार्च से 2 अप्रैल तक संचालित किया जायेगा। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है, इसमें विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं के लिए आयोजित प्रतियोगिताएं उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान कर रही हैं। इस आयोजन के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उन्हें सीखने, आगे बढ़ने और आत्मविश्वास विकसित करने का बेहतर अवसर मिल रहा है।
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