छत्तीसगढ़ सरकार का यू-टर्न…जमीन दरों में नई गाइडलाइन जारी:सेंट्रल इवैल्यूएशन बोर्ड ने जिलों से मांगी रिपोर्ट, भूपेश बोले-जबरदस्ती थोपे गए नियम वापस लिए गए
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में नई कलेक्टर गाइडलाइंस के बाद जमीनों की बढ़ी कीमतों के बीच सरकार ने यू-टर्न ले लिया है। रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने शहरों में लागू की गई नई दरों और वैल्यूएशन के प्रावधानों की समीक्षा करने का फैसला किया है। सेंट्रल वैल्यूएशन बोर्ड ने सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है।
सेंट्रल वैल्यूएशन बोर्ड की मीटिंग के बाद इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन और सुपरिटेंडेंट ऑफ स्टैंप्स, छत्तीसगढ़, रायपुर ने नई रिवाइज्ड गाइडलाइंस जारी की हैं। इन गाइडलाइंस में 6 बड़े बदलाव किए गए हैं। डिस्ट्रिक्ट वैल्यूएशन कमेटियों को 31 दिसंबर 2025 तक नए प्रपोजल सबमिट करने का निर्देश दिए गए हैं।
वहीं पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा कि गाइडलाइन दरों में अभी सुधार कहां हुआ? जब तक अनापशनाप बढ़ाई गई गाइडलाइन दरों को नहीं सुधारा जाएगा, काम नहीं बनेगा। सरकार को और संशोधन करना पड़ेगा। वह मजबूर होकर करेगी, लिखकर रखिए।
इसके पहले रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि नई गाइडलाइन से भूमि अधिग्रहण में ज्यादा मुआवजा मिलने की बात भ्रामक है। इससे केवल 1% किसानों को फायदा होगा, जबकि 99% जनता पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।
जिला मूल्यांकन समिति के लिए निर्देश जारी
सेंट्रल वैल्यूएशन बोर्ड की मीटिंग में यह तय किया गया कि डिस्ट्रिक्ट वैल्यूएशन कमेटी को निर्देश दिया जाए। वे हाल ही में रेट बढ़ने के बाद मिले मेमोरेंडम, आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा करें। 31 दिसंबर तक गाइडलाइन रेट में बदलाव के लिए प्रस्ताव जमा करें।
सेंट्रल वैल्यूएशन बोर्ड की मीटिंग के बाद नई गाइडलाइन जारी।
बघेल बोले- जनता को बहुत कम राहत देने वाला सुधार
जमीन की दरों में नई गाइडलाइन को लेकर पूर्व CM भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि गाइड लाइन दरों में अभी सुधार कहां हुआ?। जैसा कि मैंने कहा था कि सरकार को गाइड लाइन की दरों संबंधी आदेश में सुधार करना पड़ा, लेकिन यह सुधार सतही है और जनता को बहुत कम राहत देने वाला है।
भूपेश बघेल ने आगे लिखा कि अभी गाइड लाइन की दरों में सुधार नहीं हुआ है। बस एक जबरदस्ती थोपे गए नियम को वापस लिया गया है। थोड़े बहुत और परिवर्तन हुए हैं। वे बहुत असरकारी नहीं हैं।जब तक अनापशनाप बढ़ाई गई गाइडलाइन दरों को नहीं सुधारा जाएगा, काम नहीं बनेगा।
बघेल ने लिखा कि जनता पर प्रॉपर्टी टैक्स का जो बोझ आने वाला है। वह तो अभी बरकरार दिखता है। सरकार को और संशोधन करना पड़ेगा। वह मजबूर होकर करेगी, लिखकर रखिए।
जमीन की दरों में नई गाइडलाइन को लेकर पूर्व CM भूपेश बघेल ने X पर सरकार को घेरा।
नई जमीन दरों को लेकर क्या-क्या हुआ ?
दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने 9 नवंबर को जमीन की दरों और रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी के बारे में निर्देश जारी किए थे। इससे जमीन की कीमतों में 5-9 गुना बढ़ोतरी हुई। 10 लाख रुपए की जमीन अचानक 70 लाख रुपए की हो गई थी। इससे राज्यभर में व्यापारियों और नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसी बीच 1 दिसंबर को दुर्ग में व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान, दुर्ग पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। जमीन के व्यापारियों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। कुछ पुलिस अधिकारी भी घायल हुए।
दुर्ग में कलेक्ट्रेट और रजिस्ट्रार ऑफिस के बाहर छह पुलिस स्टेशनों की पुलिस तैनात की गई थी। कांग्रेस पार्टी भी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई। पुतले जलाए और काले झंडे दिखाए। उन्होंने व्यापारियों पर लाठीचार्ज के लिए सरकार की आलोचना की।
सरकार के निर्णय पर आंदोलन करते हुए प्रदर्शनकारी।
किस नेता ने क्या कहा था ?
रायपुर से BJP सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने CM को चिट्ठी लिखी थी। इसके दूसरे दिन कहा था कि सरकार बिना अध्ययन, बिना जनसुनवाई के फैसले ले रही है। ये प्रदेश की आर्थिक रीढ़ पर सीधी चोट है। इसका असर जनता, किसानों और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नई कलेक्टर गाइडलाइन पर फैसले को लेकर सरकार पूरी तरह कन्फ्यूज है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को रेवेन्यू डिपार्टमेंट के एक्सपर्ट्स, रियल एस्टेट प्रतिनिधियों और किसानों के संगठनों को मिलाकर एक हाई-लेवल कमेटी बनानी चाहिए।
बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में क्या लिखा ?
रायपुर से बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने CM विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर निर्णय को तत्काल स्थगित करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि नई गाइडलाइन से भूमि अधिग्रहण में ज्यादा मुआवजा मिलने की बात भ्रामक है। इससे केवल 1% किसानों को फायदा होगा, जबकि 99% जनता पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।
अग्रवाल ने कहा था कि प्रदेश में जमीन की खरीद-फरोख्त पहले ही मंद है। किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में गाइडलाइन में बढ़ोतरी से स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क बढ़ जाएगा, जिससे जमीन लेना और मुश्किल हो जाएगा।
सरकार ने छोटे बिजनेस को बर्बाद कर दिया
PCC चीफ दीपक बैज ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। सरकार ने इन नए रेट्स से छोटे बिजनेस को बर्बाद कर दिया है। घर बनाना, जो एक आम आदमी का सपना होता है, अब मुश्किल हो गया है। यह फैसला किसके फायदे के लिए लिया गया था?
दीपक बैज ने कहा था कि नए रेट्स के बारे में PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि जमीन रजिस्ट्रेशन की गाइडलाइन रेट्स काले धन को सफेद करने के लिए बढ़ाए गए हैं। सरकार गैर-कानूनी कमाई को जायज इनकम में बदलना चाहती है।
पिछली सरकार 30% छूट दी थी, जिसे खत्म कर दी गई
बता दें कि पहले सरकार जमीन का मूल्य (बाजार मूल्य) निकालते समय 30% कम कर देती थी। उदाहरण के तौर पर अगर किसी जमीन का बाजार मूल्य 10 लाख है, तो रजिस्ट्री के समय इसे 30% कम कर दिया जाता था। यानी 10 लाख का सिर्फ 70% (7 लाख) माना जाता था।
इसी कम किए गए मूल्य पर जमीन पर 4% और 75 लाख तक के मकानों पर 2% पंजीयन शुल्क लिया जाता था। अब सरकार ने 30% की छूट खत्म कर दी है। जमीन/मकान का पूरा 100% मूल्य ही गिना जाएगा, लेकिन पंजीयन ड्यूटी (4% और 2%) अभी भी वही रखी है, कम नहीं की गई।
व्यापारियों की मांग और समस्या समझिए
जब मूल्य कम किया जाता था (70%), तब 4% पंजीयन शुल्क लेना ठीक था, लेकिन अब मूल्य सीधा 100% गिना जा रहा है, तो लोगों का कहना है कि जब जमीन की कीमत बढ़ाकर 100% कर दी गई है। ऐसे में पंजीयन शुल्क में भी 3.2% कम किया जाए। इसे फिर से 0.8% किया जाए, ताकि भार बराबर रहे।
मंत्री गजेंद्र बोले- देशहित में धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा वापस लें:रमन सिंह ने कहा- फैसला जरूरी था, भूपेश बोले- Gen-Z नरसिंह अवतार, मोदी सरकार हिरण्यकश्यप
रायपुर, एजेंसी।शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। इस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने X पर लिखा- एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है। ये भारत के युवाओं की जीत है।
इसके अलावा भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की तुलना ‘हिरण्यकश्यप’ से की और Gen Z को नरसिंह अवतार बताया। बघेल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों की जीत है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की हार है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी प्रधान के इस्तीफे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को शांत करने के लिए ये फैसला जरूरी था। वहीं प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था।
यादव ने आगे कहा कि बड़े मंत्रालय में हजारों अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में अगर कहीं कोई चूक होती है तो उसके लिए सीधे मंत्री को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। देशहित में धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा वापस लेना चाहिए।
इधर, बिलासपुर में छात्रों और युवा संगठनों ने ‘विजय रैली’ निकाली। रैली के दौरान स्टूडेंट्स ने ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ और ’एनटीए (NTA) रद्द करो’ के नारे लगाए। वहीं, छात्रों का कहना है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, लड़ाई अभी भी बाकी है।
भूपेश बघेल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया।
भूपेल बोले- छात्र नरसिंह के अवतार में आए
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा की ट्रोल टीम ने सोनम वांगचुक को चीन का ऐजेंट बता दिया था और मंत्री उनको जूस पिला रहे थे। इनकी स्थिति यह है कि जब जरूरत पड़े तो ये किसी को भी अपना बाप बना ले। छात्रों के आगे किसी एजेंसी की नहीं चली। छात्र नरसिंह के अवतार में आए हैं।
रमन सिंह बोले- आंदोलन शांत करने जरूरी था फैसला
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जिस विषय को लेकर पूरी दुनिया भर में हल्ला मचाया जा रहा था, उसकी इतिश्री हो गई। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने कहा है कि इस मामले में सख्त से सख्त कानून बनाया जाएगा। 10 करोड़ और 10 साल की सजा जैसे कठोर कानून आने वाले समय में बनाएंगे जाएंगे ताकि किसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं हो।
गजेंद्र यादव बोले- देशहित में इस्तीफा वापस लें प्रधान
डॉ रमन सिंह के बयान के कुछ ही समय बाद प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इससे बिल्कुल अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। जब एक बार जांच के लिए कमेटी गठित हो गई है, फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिया गया है, तो उसके बाद मुझे ऐसा लगता है कि धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए। बल्कि देशहित में इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए।
12 साल में पहली बार विरोध के बाद मंत्री का इस्तीफा
2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि, इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था, लेकिन तब दुनियाभर में ‘मी टू’ आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।
मौजूदा पेपर लीक रोकने का कानून, 4 पॉइंट
जून 2024 तक पेपर लीक के लिए कोई एक सेंट्रल कानून नहीं था। धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होता था। इनमें जमानत की कोई सख्त शर्तें नहीं हैं।
कुछ राज्यों ने अलग से नकल-विरोधी भी कानून बनाए, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट भी शामिल किया। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया।
NEET-UG और UGC के एग्जाम में धांधली के बाद 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने सार्वजानिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया। इसमें पेपर लीक, मदद करना, गलत तरीके से OMR शीट हासिल करना, नकल करवाना, एग्जाम से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने या परीक्षक को धमकी को सजा के दायरे लाया गया।
ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, इनमें दो कैटेगरी में सजा का प्रावधान है। पहला- पेपर लीक वगैरह करने पर 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। दूसरा- एग्जाम करवाने वाली संस्था या एजेंसी के डायरेक्टर या मैनेजमेंट के ऑफिसर्स ने कोई अपराध किया, तो 3 से 10 साल तक की जेल और एक करोड़ का जुर्माना हो सकता है।
बलौदाबाजार, एजेंसी।छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) की संयुक्त टीम ने कारोबारी राजकुमार सराफ के बेटों के घर पर दबिश दी है। राघवेंद्र सराफ और रूपेश सराफ शराब और जमीन कारोबारी है, उनकी पीतल की फैक्ट्री भी है। कार्रवाई के दौरान अफसर दस्तावेज खंगाल रहे हैं।
दरअसल, ईडी अधिकारियों ने 24 जुलाई की रात ही बलौदाबाजार पहुंचकर कारोबारी के घर की निगरानी शुरू कर दी थी। अगले दिन रविवार सुबह टीम ने घर में एंट्री कर तलाशी ली। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ED की रेड के बाद आयकर विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से की है।
बैंक-संपत्ति समेत कई दस्तावेज खंगाल रही टीम
छापेमारी के दौरान अधिकारी घर के हर कमरे की बारीकी से जांच कर रहे हैं। कई दस्तावेज खंगाले गए, जिनमें डायरी, बैंक खातों के विवरण, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं। परिवार के सदस्यों और कारोबार से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
शहर के बड़े कारोबारी थे राजकुमार सराफ
राजकुमार सराफ शहर के जाने-माने कारोबारी थे। उनके कई व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। राजकुमार के निधन के बाद उनके बेटे राघवेंद्र सराफ और रूपेश सराफ कारोबार चला रहे हैं।
अधिकारियों को बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है, जिसके चलते यह कार्रवाई की जा रही है। शनिवार को ED की टीम को कुछ अहम दस्तावेज मिले थे, जिनके आधार पर IT विभाग ने फिर अतिरिक्त कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस जवान तैनात
इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में काफी चर्चा है। कारोबारी के घर के बाहर अधिकारियों के साथ पुलिस जवान भी तैनात है। आसपास के लोग दूर से ही घटनाक्रम को देख रहे थे। फिलहाल, जांच जारी है और टीम पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।
कोई अधिकारिक बयान नहीं आया
हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी तक छापे के कारणों और जांच के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। जांच के दौरान क्या कुछ मिला, इसे लेकर सफाई नहीं दी गई है।
बताया जा रहा है कि छापेमारी में कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
बालोद, एजेंसी।छत्तीसगढ़ के बालोद में महिला और उसका परिवार टीवी पर दिखाए गए ज्योतिष के विज्ञापन के झांसे में आ गया। आरोप है कि ठगों ने पूजा-पाठ से चौथे स्टेज का कैंसर ठीक करने का दावा किया और महिला से अलग-अलग खातों में 13 लाख 13 हजार 673 रुपए जमा करा लिए।
जब पति की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और पत्नी ने पैसे वापस मांगे। ऐसे में आरोपियों ने पुलिस, सीबीआई और हत्या के मामले में फंसाने की धमकी दी। महिला ने पति के इलाज की उम्मीद में अपना सोना गिरवी रखा और परिचितों से कर्ज लेकर यह रकम जुटाई।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, ठगी का यह सिलसिला 28 नवंबर 2024 से 30 मई 2026 तक चलता रहा। मामला रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम सिर्री का है।
पीड़ित महिला का नाम प्रेमलता चंद्राकर (55) है। उनका परिवार खेती-किसानी करता है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पति ऋषि चंद्राकर चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। धार्मिक चैनल पर पं. वेद प्रकाश तिवारी की लक्ष्मी नारायण ज्योतिष संस्था का विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।
आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों से उनके पति पूरी तरह ठीक हो जाएंगे। इसके बाद अलग-अलग पूजा और अनुष्ठानों के नाम पर उनसे पैसे मांगे जाने लगे। आरोपी राहुल तिवारी ने सबसे पहले बारकोड के जरिए 30 हजार रुपए जमा कराए।
इसके बाद 28 नवंबर 2024 को फोन-पे के माध्यम से 18 हजार रुपए और भेजने के लिए कहा गया। पति के स्वस्थ होने की उम्मीद में प्रेमलता चंद्राकर ने अलग-अलग बैंक खातों, फोन-पे, गूगल-पे और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लगातार रकम भेजी।
बेटी और परिचितों के खातों से भी भेजी रकम
प्रेमलता चंद्राकर ने बताया कि बेटी रूही चंद्राकर से 2.30 लाख रुपए, परिचित अमन देवांगन के जरिए 7 लाख 40 हजार 673 रुपए, नेहुल निर्मल से 25 हजार रुपए, तुषार साहू से 40 हजार रुपए, जयंत देशमुख से 73 हजार रुपए और छत्रपाल साहू से 2.05 लाख रुपए आरोपियों के बताए खातों और मोबाइल नंबरों पर ट्रांसफर कराए। इस तरह कुल 13 लाख 13 हजार 673 रुपए भेजे गए।
पैसे लौटाने का झांसा देकर फिर किया संपर्क
आरोप है कि बाद में पं. वेद प्रकाश तिवारी के नाम से फिर फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि संस्था के कुछ लोगों ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर ठगी की है। उसने भरोसा दिलाया कि महिला की पूरी रकम 2 महीने के भीतर वापस करा दी जाएगी।
पुलिस और CBI का डर दिखाकर फिर मांगे रुपए
प्रेमलता चंद्राकर का आरोप है कि बाद में उन्हें बताया गया कि राहुल तिवारी के पिता ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में उसका और वेद प्रकाश तिवारी का नाम लिखा है।
आरोपियों ने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उत्तर प्रदेश पुलिस उसके घर पहुंचेगी, सीबीआई जांच होगी और उसे हत्या के मामले में फंसा दिया जाएगा। डर दिखाकर उससे फिर ऑनलाइन पैसे मांगे गए।
पति की बीमारी का उठाया फायदा
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनके पति चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। उन्हें बचाने की उम्मीद में उसने सोना गिरवी रखा और कई लोगों से कर्ज लेकर पैसे जुटाए। आरोप है कि ठगों ने उनकी मजबूरी और भावनात्मक स्थिति का फायदा उठाया। इस दौरान उन्होंने महिला का फोटो, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी व्हाट्सऐप पर मंगवा लिया।
कई मोबाइल नंबरों पर किए गए ट्रांजेक्शन
एफआईआर में महिला ने नवंबर 2024 से मई 2026 के बीच अलग-अलग मोबाइल नंबरों और यूपीआई आईडी पर किए गए कई ट्रांजेक्शन की जानकारी पुलिस को दी है। सबसे ज्यादा रकम अमन देवांगन के बैंक खातों के जरिए भेजी गई। इसके अलावा बेटी और अन्य परिचितों के माध्यम से भी कई बार पैसे ट्रांसफर किए गए।
ASP बोलीं- केस दर्ज, जांच जारी
एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि महिला की शिकायत पर रनचिरई थाने में वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी और अन्य आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है और जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।