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राजस्थान में वोटिंग खत्म,शाम 5.00 बजे तक 68.24 फीसदी मतदान,

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कई जगह झड़प, बूथ कैप्चर किया, जान बचाकर भागी पोलिंग पार्टी, धौलपुर में भी फायरिंग

जयपुर(एजेंसी)। राजस्थान की 199 विधानसभा सीटों पर शनिवार (25 नवंबर) शाम 6 बजे वोटिंग खत्म हो गई। अभी भी कुछ बूथों पर मतदान चल रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान के अनुसार शाम 5 बजे तक प्रदेश में 68.24 फीसदी मतदान हुआ है। कई जगह झड़प और बवाल हुआ। बूथ कैप्चर किया गया। मतगणना 3 दिसंबर को होगी। भरतपुर जिले की कामां और नगर विधानसभा क्षेत्र में विवाद हुआ। नगर विधानसभा क्षेत्र के सुकेत गांव में राजकीय प्राथमिक स्कूल के बूथ पर हंगामा कर दिया। यहां लतीफ नाम का व्यक्ति दीवार फांदकर बूथ में घुस गया और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मारपीट शुरू कर दी। उसने वीवीपैट में तोडफ़ोड़ की। लतीफ के कुछ साथी पोलिंग बूथ के अंदर पहले से मौजूद थे। विवाद इतना बढ़ गया कि वोट डालने आए लोग पोलिंग बूथ से भागने लगे। सभी लोग दो गुटों में बंट गए। एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। पोलिंग पार्टी जान बचाकर भाग गई। हंगामे की वजह से करीब 30 मिनट तक मतदान बंद रहा। कामां विधानसभा के सांवलेर गांव में भी पुलिस और जाहिदा खान के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। जाहिदा खान के बेटे प्रधान साजिद प्रधान गांव के माध्यमिक स्कूल गांव में बने पोलिंग बूथ पर पहुंचे थे, जहां क्चस्स्न के जवानों ने उन्हें रोक दिया। इसी बात को लेकर विवाद हो गया और बीएसएफ जवान को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान वहां तैनात अन्य सुरक्षाकर्मियों ने साजिद खान के समर्थकों पर लाठियां बरसा दीं। पुलिस ने साजिद खान के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया। सूचना पर एसपी मृदुल कच्छावा मौके पर पहुंचे। इस दौरान करीब 45 मिनट तक मतदान बंद रहा। वहीं नगर विधानसभा के सीकरी में बीजेपी प्रत्याशी जवाहर सिंह बेड़म पर पथराव हुआ। शाम करीब साढ़े पांच बजे बीजेपी प्रत्याशी सीकरी कस्बे के महात्मा गांधी स्कूल के पोलिंग बूथ पर पहुंचे थे। इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इसके बाद बीजेपी प्रत्याशी, वोटर और पोलिंग एजेंट को छुपना पड़ा। पथराव करने वाले लोगों ने बेड़म की कार में तोडफ़ोड़ की। आरोप है कि पथराव करने वाले कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। धौलपुर जिले के बाड़ी विधानसभा क्षेत्र में खुले का पूरा गांव में बूथ कैप्चरिंग करने की कोशिश की गई। यहां लोगों की फ्लाइंग स्क्वॉड के मजिस्ट्रेट हरिओम सिरवार से झड़प हो गई। गाड़ी में तोडफ़ोड़ कर ड्राइवर से मारपीट की। कैमरामैन का कैमरा और फोन छीनकर ले गए। इसके बाद गांव के दो पक्षों के बीच फायरिंग और पत्थरबाजी हुई। घटना में मजिस्ट्रेट के ड्राइवर सहित तीन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। बाड़ी विधानसभा क्षेत्र के रजई कला गांव में भी फायरिंग का मामला सामने आया। कंचनपुर के एक मतदान केंद्र पर बसपा प्रत्याशी जसवंत गुर्जर और भाजपा कैंडिडेट गिर्राज मलिंगा के समर्थक आमने-सामने हो गए। वहीं अब्दुलपुर गांव में दो पक्ष आपस में भिड़ गए और पथराव कर दिया। सीकर के फतेहपुर शेखावाटी में दो गुटों में झगड़ा हो गया। दोनों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके। घटना बोचीवाल भवन के पीछे बूथ संख्या 128 से 200 मीटर दूर मोहल्ले में हुई। पथराव में एक कॉन्स्टेबल समेत 3 लोग घायल हो गए। चूरू के सरदारशहर के एक बूथ पर कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प भी हुई है। जोधपुर के लूणी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी जोगाराम पटेल के कार्यालय पर हमले का आरोप लगाया। सीकर, श्रीगंगानगर जिलों के कई बूथों पर ईवीएम में खराबी के कारण मतदान में देरी हुई। अलवर, झालावाड़, श्रीमाधोपुर सहित कई विधानसभाओं के बूथों पर दूल्हा-दुल्हन भी वोट करने पहुंचे। टोंक की निवाई विधानसभा में 113 साल की वोटर भूली देवी ने भी वोट डाला।

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CBI Raid: सरकारी पैसे की हेराफेरी में CBI का बड़ा एक्शन, दिल्ली-NCR सहित 6 जगहों पर छापे

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नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने सरकारी धन की हेराफेरी और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से जुड़े 661 करोड़ रुपये के एक बहुत बड़े धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई की टीमों ने एक साथ चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर में छह अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। अधिकारियों से रविवार को मिली जानकारी के मुताबिक इस महाघोटाले की आंच हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के कई बड़े विभागों तक पहुंच चुकी है जिसके बाद जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक में जमा धनराशि के कथित दुरुपयोग की जारी जांच के तहत शुक्रवार को हरियाणा कैडर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और नोएडा स्थित विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक से जुड़े परिसरों पर छापे मारे गए। 

सीबीआई के अनुसार इस धोखाधड़ी से हरियाणा सरकार के आठ विभाग और चंडीगढ़ के दो विभाग – चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ नवीकरणीय ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन सोसायटी (सीआरईएसटी) प्रभावित हुए। बयान में कहा गया, जांच के दौरान ऐसे सबूत सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि सरकारी कर्मचारियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके खाते खुलवाए और धन हस्तांतरण किया और फिर उसका इस्तेमाल दूसरे कामों में किया।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारियों ने लेन-देन को सुगम बनाने और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई न करने के बदले अनुचित लाभ प्राप्त किए। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में अपराध से प्राप्त धनराशि जमा हुई जिसे बाद में उसके निदेशक के निजी खाते में स्थानांतरित कर दिया गया। 

सीबीआई ने कहा, छापे के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और अन्य संबंधित सामग्री जब्त की गई। यह जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से लिए गए एक मामले और चंडीगढ़ के आर्थिक अपराध शाखा पुलिस थाने द्वारा मूल रूप से दर्ज किए गए दो मामलों से संबंधित है। 

सीबीआई ने बताया कि ये मामले कथित आपराधिक साजिश, सरकारी धन के दुरुपयोग और बैंक अधिकारियों और लोक सेवकों की मिलीभगत से किए गए संबंधित अपराधों से जुड़े हैं। सीबीआई ने कहा कि उसने पंचकूला की एक विशेष अदालत में अपना पहला आरोप पत्र दाखिल कर दिया है जिसमें हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के लोक सेवकों की कथित भूमिका का विस्तृत विवरण दिया गया है।

आरोपपत्र में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक में जमा सरकारी धन की हेराफेरी के लिए इस्तेमाल किए गए कथित तौर-तरीकों का भी विवरण दिया गया है। जांच जारी है और इस मामले में संलिप्त पाए गए अन्य आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त आरोपपत्र दाखिल किए जाएंगे। 

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‘जो कोर्ट-कचहरी का खर्च नहीं उठा सकते, उन्हें भी मिले न्याय’, CJI सूर्यकांत ने लंदन के मंच से कह दी बड़ी बात, बोले- न्याय केवल अमीरों का हक नहीं

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नई दिल्ली/लंदन, एजेंसी। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा है कि न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल उन लोगों के अधिकारों की रक्षा करना नहीं है जो मुकदमेबाजी का खर्च उठा सकते हैं, बल्कि हर नागरिक को न्याय सुलभ कराना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायपालिका को ऐसा संस्थान होना चाहिए, जिसका संरक्षण समाज के अंतिम व्यक्ति तक महसूस हो।

लंदन के कार्यक्रम में सूर्यकांत ने रखे अपने विचार  
लंदन स्थित क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों से संवाद करते हुए CJI सूर्यकांत ने न्यायपालिका में जनता के विश्वास, न्याय तक पहुंच और कानूनी व्यवस्था के भविष्य जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।

‘जनता का भरोसा पारदर्शिता से मिलता है, पद से नहीं’
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में जनता का भरोसा अपने आप नहीं मिलता, बल्कि पारदर्शिता, निरंतरता और आत्म-सुधार के माध्यम से अर्जित करना पड़ता है। न्यायपालिका संविधान की अंतिम संरक्षक है, लेकिन उसे संविधान और नागरिकों दोनों के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए।

‘अदालतों में एकरूपता से बढ़ेगा न्याय व्यवस्था पर विश्वास’
सीजेआई ने एक समान राष्ट्रीय न्यायिक नीति की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अदालतों के फैसलों में एकरूपता आने से लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है और कानून के शासन को मजबूती मिलती है।

प्रौद्योगिकी की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक ने न्याय तक पहुंच को आसान बनाया है। हालांकि न्यायपालिका की जिम्मेदारी है कि नवाचार को अपनाते समय निष्पक्षता, सुलभता और समान न्याय के संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि एक न्यायाधीश के लिए सबसे संतोषजनक क्षण वह होता है जब किसी व्यक्ति को यह महसूस हो कि उसकी बात सुनी गई और उसे न्याय मिला।

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बंगाल सरकार के आदेश से मदरसा संचालकों की उड़ी नींद, 5 जुलाई तक करना होगा ये काम नहीं तो…

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कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल सरकार ने मदरसों के कामकाज, उनके बुनियादी ढांचे और उनकी कानूनी स्थिति के बारे में व्यापक जानकारी प्राप्त करने के लिए राज्यव्यापी सर्वेक्षण शुरू किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में पांच जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।

भाजपा सरकार ने बदली रणनीति 
अधिकारियों ने कहा कि सर्वेक्षण से सरकार को यह सत्यापित करने में भी मदद मिलेगी कि सभी मदरसे मौजूदा नियमों के अनुसार चल रहे रहे हैं या नहीं और यह भी कि उनके पास आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं। यह घटनाक्रम भाजपा के राज्य में सत्ता में आने के एक महीने बाद सामने आया है। पार्टी ने 15 वर्षों तक राज्य पर शासन करने वाली तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया था। 

पंजीकरण विवरण, वैध दस्तावेजों की मांगी रिपोर्ट 
अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने पांच जून को एक अधिसूचना जारी की जिसके अनुसार, जिला प्रशासनों को मदरसों के स्थान, उनकी स्थापना का वर्ष, पंजीकरण विवरण, वैध दस्तावेजों की उपलब्धता और विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की संख्या के बारे में डेटा एकत्र करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट करना होगा कि संस्थान आवासीय हैं, सहायता प्राप्त निजी संस्थान हैं या गैर-सहायता हैं।

मदरसा शिक्षा क्षेत्र में भविष्य की योजना बनाने का उद्देश्य
 रिपोर्ट में मदरसों में पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रमों का विवरण देना होगा। राज्य सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मदरसा शिक्षा क्षेत्र में भविष्य की योजना बनाने में सहायता के लिए एक अद्यतन डेटाबेस तैयार करना है। प्रशासन के सूत्रों ने संकेत दिया कि समीक्षा के दौरान पाई गई किसी भी अनियमितता या अनधिकृत गतिविधि की अलग से जांच की जाएगी।

‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य 
हालांकि मदरसों द्वारा अपनाए जा रहे मौजूदा शैक्षणिक ढांचे या पाठ्यक्रम में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से राज्य सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में शुरू की गई कई नीतिगत पहलों के बीच यह कदम उठाया गया है। संयोगवश, भाजपा सरकार ने हाल में राज्य में अन्य शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ मदरसों में भी सुबह की प्रार्थना के दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य कर दिया है। 

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