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छत्तीसगढ़

रायपुर में सड़क पर धरने पर बैठीं बिहान की महिलाएं:बोलीं- मंत्री से मुलाकात नहीं होगी,तो सड़क से नहीं हटेंगे, नियमितिकरण-मानदेय बढ़ाने समेत 7 मांगें

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रायपुर,एजेंसी। प्रदेशभर के अलग-अलग जिलों से रायपुर पहुंची एनआरएलएम बिहान योजना से जुड़ी महिलाएं राजीव गांधी चौक पर धरना दे रही हैं। अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर महिलाएं पिछले दो घंटे से प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं का साफ कहना है कि जब तक संबंधित विभाग के मंत्री से सीधी मुलाकात नहीं हो जाती, तब तक वे सड़क से नहीं हटेंगी।

धरने पर बैठी महिलाओं का आरोप है कि वे सालों से सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम कर रही हैं, लेकिन बदले में उन्हें न तो सम्मानजनक मानदेय मिल रहा है और न ही नौकरी की सुरक्षा। महिलाओं ने कहा कि लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा रहा।

मानदेय बेहद कम, गुजारा मुश्किल

प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने बताया कि, उन्हें वर्तमान में मात्र 1910 रुपए मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो आज के दौर में बेहद कम है। महिलाओं का कहना है कि इतनी कम राशि में परिवार चलाना तो दूर, काम से जुड़े खर्च भी पूरे नहीं हो पाते। उन्होंने मांग की कि मानदेय को छत्तीसगढ़ शासन के न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार बढ़ाया जाए, ताकि सम्मानजनक जीवन जिया जा सके।

महिलाओं ने यह भी तुलना की कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में इसी तरह काम करने वाली महिलाओं को 6000 रुपए मासिक दिए जाते हैं, जिसमें 3000 रुपए केंद्र और 3000 रुपए राज्य सरकार की हिस्सेदारी होती है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में इतना कम मानदेय देना अन्याय है।

निजी मोबाइल से कराया जा रहा ऑनलाइन काम

बिहान की महिलाओं ने बताया कि, उनसे लगातार ऑनलाइन काम लिया जा रहा है, लेकिन इसके लिए न तो सरकारी मोबाइल दिया गया है और न ही इंटरनेट खर्च की भरपाई होती है। महिलाएं अपने निजी मोबाइल और अपने पैसे से इंटरनेट रिचार्ज कर सरकारी काम कर रही हैं। उनकी मांग है कि सभी कैडर को सरकारी मोबाइल दिया जाए या फिर मोबाइल भत्ता और नेट खर्च दिया जाए।

राजीव गांधी चौक पर धरना दे रही हैं महिलाएं।

राजीव गांधी चौक पर धरना दे रही हैं महिलाएं।

यात्रा और मीटिंग भत्ता भी नहीं

महिलाओं का कहना है कि उन्हें लगातार मीटिंग, प्रशिक्षण और फील्ड विजिट के लिए बुलाया जाता है, लेकिन इसके बदले न तो यात्रा भत्ता मिलता है और न ही मीटिंग या दैनिक भत्ता। इससे आर्थिक बोझ और बढ़ जाता है।

जबरन हटाने का आरोप

धरने पर बैठी महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई वर्षों से कार्यरत सक्रिय महिलाओं को जबरदस्ती काम से हटाया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि इस तरह की कार्रवाई तुरंत बंद की जाए और अनुभवी महिलाओं को काम पर बनाए रखा जाए।

समय पर नहीं मिलता मानदेय

महिलाओं ने बताया कि कई ब्लॉक और क्षेत्रों में उन्हें 1910 रुपए का मानदेय भी समय पर नहीं मिलता। कहीं 5–6 महीने में एक बार भुगतान किया जाता है और वह भी सीधे बैंक खाते में नहीं दिया जाता। कई बार बिना कारण राशि काट ली जाती है। महिलाओं की मांग है कि मानदेय हर महीने समय पर और सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए।

नियुक्ति पत्र और नियमितीकरण की मांग

प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वर्षों से काम करने के बावजूद उन्हें आज तक नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने नियमितिकरण की भी मांग की है, ताकि भविष्य सुरक्षित हो सके। धरने पर बैठी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया और मंत्री स्तर पर बातचीत नहीं हुई, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगी।

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कोरबा

अवॉर्ड सेरेमनी में लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल को मिला अनेकों सम्मान

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बिलासपुर के होटल इंटरसिटी में आयोजित हुआ भव्य समारोह
कोरबा। द इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ लायंस क्लब्स डिस्ट्रिक्ट 3233सी अवॉर्ड सेरेमनी सत्र 2025-26 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन पीएमजेएफ विजय अग्रवाल ने बिलासपुर के होटल इंटरसिटी में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया, जिसमें डिस्ट्रिक्ट 3233सी के सभी क्लबों ने भाग लिया, जिसमें लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल को समाज सेवा, जनकल्याण, एवं उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

यह सम्मान क्लब द्वारा शिक्षा, स्वास्थ एवं पर्यावरण संरक्षण तथा जनहितकारी गतिविधियों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
संस्थापक पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में मिला सम्मान

लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल के संस्थापक क्लब एडवाजर पीएमजीएफ डॉ राजकुमार अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन विजय अग्रवाल द्वारा आउटस्टैंडिंग क्लब डिस्ट्रिक्ट अवॉर्ड लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल को प्रदान किया गया।

बेस्ट जोन चेयरपर्सन एमजेएफ लायन पवन अग्रवाल आटो सेन्टर को, आउटस्टैंडिंग क्लब अध्यक्ष अवॉर्ड लायंस सुरेंद्र कुमार डनसेना, कैबिनेट मेम्बर सर्विस एक्सीलेंस अवॉर्ड लायंस मनोज कुमार गुप्ता एवं वुमेंस लायंस मेंबरशिप ग्रोथ के लिए लायंस श्रीमती विनीता गुप्ता को सम्मानित किया गया।
पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने दी बधाई

लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के एडवाइजर पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर एवं संस्थापक पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने क्लब को अवार्ड मिलने पर अपनी टीम को बधाई दी और कहा कि यह सम्मान टीम की संयुक्त गतिविधियों के कारण मिला। हम आने वाले सत्र में और बेहतर करने का प्रयास करेंगे और मुझे आशा है कि नए अध्यक्ष लायन दर्शन अग्रवाल और उनकी टीम लायनवाद को नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए प्रयास करेगी।

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कोरबा

झेरिया यादव समाज की कमान अब सैलाना यादव के हाथों में, रायपुर में हुई घोषणा, बधाई देने वालों का उमड़ा जनसैलाब

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कोरबा। झेरिया यादव समाज के संगठनात्मक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। रायपुर में आयोजित समाज के गरिमामय कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष जगनिक यादव ने सैलाना-बाबूलाल यादव को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति मे झेरिया यादव समाज का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की औपचारिक घोषणा की। घोषणा होते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित समाजजनों ने पुष्पमालाओं से उनका भव्य स्वागत किया।

दीपका (जिला कोरबा) निवासी सैलाना-बाबूलाल यादव की प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की सूचना मिलते ही पूरे कोरबा जिले सहित प्रदेशभर के समाजजनों में उत्साह का माहौल बन गया। उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ देने वालों का ताँता लग गया। समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों, युवाओं एवं महिलाओं ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में झेरिया यादव समाज नई ऊर्जा, नई सोच और मजबूत संगठन के साथ आगे बढ़ेगा।इनके पिता श्री रोहित कुमार यादव लवसरा शक्ति मे शिक्षक तथा पति एस ई सी एल मे कर्मचारी रहें है।

समाजजनों ने कहा कि सैलाना-बाबूलाल यादव लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे हैं तथा समाज की एकता, शिक्षा, युवा नेतृत्व और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य करते रहे हैं। उनकी सक्रियता, संगठन क्षमता एवं समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।

समाज के वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सैलाना-बाबूलाल यादव समाज को नई दिशा देंगे, समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलेंगे तथा संगठन को प्रदेश के प्रत्येक जिले तक और अधिक सशक्त बनाने का कार्य करेंगे।

इस ऐतिहासिक नियुक्ति पर कोरबा सहित प्रदेशभर के समाजजनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सैलाना-बाबूलाल यादव को उज्ज्वल एवं सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

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कोरबा

सीएसईबी कोरबा पूर्व के 324 जर्जर मकानों को तोड़ने की फिर कवायद

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पिछले साल ठेकेदार ने कुछ मकानों को तोड़ा और उसके बाद अधूरा छोड़ दिया था
इस बार महाराष्ट्र की कम्पनी मे. के के घरत एण्ड कम्पनी को दिया गया है वर्क आर्डर
कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य उत्पादन कम्पनी सीएसईबी कोरबा पूर्व स्थित कालोनी के 324 जर्जर मकानों को डिस्मेंटल करने की कवायद तेज कर दी गई है। सीएसईबी कालोनी सिविल की कार्यपालन अभियंता श्रीमती तिग्गा ने बताया कि कालोनी के 324 जर्जर मकानों को डिस्मेंटल करने के लिए मे. के के घरत एण्ड कम्पनी महाराष्ट्र को वर्क आर्डर दिया गया है और 05 माह के अंदर कार्य पूर्ण करने की शर्त रखी गई है। पुष्पलता गार्डन सड़क किनारे से लेकर कलेक्ट्रेट के सामने सड़क किनारे के सभी जर्जर मकानों को तोड़ने के लिए एक सप्ताह पूर्व नोटिस भी चस्पा किया गया है।
इन मकानों को किया जाएगा डिस्मेंटल

विभाग ने कई जगह नोटिस बोर्ड लगाया है और उन मकानों को तोड़ने के लिए कब्जाधारियों को मकान खाली करने का निर्देश दिया है। जिन मकानों को डिस्मेंटल किया जाएगा, उसमें एनएफ-209 से एनएफ 304 (96 यूनिट), एसएफ-995 से एसएफ 1042 (48 यूनिट), एसएफ 939 से एसएफ 994 (56 यूनिट), एसएफ 907 से एसएफ 938 (32 यूनिट), एसएफ 891 से एसएफ 906 (16 यूनिट), एसएफ 419 से एसएफ 426 (08 यूनिट), एसएफ 859 से एसएफ 890 (32 यूनिट), एसएफ 459 से एसएफ 466 (08 यूनिट), एसएफ 635 से एसएफ 642 (08 यूनिट), एसएफ 515 से एसएफ 522 (16 यूनिट), एसएफ 851 से एसएफ 858 (09 यूनिट), एसएफ 787 से एसएफ 850 (64 यूनिट), एसएफ 747 से एसएफ 786 (40 यूनिट) एवं एसएफ 743 से एसएफ 746 (04 यूनिट) शामिल हैं।
06 दशक पूर्व बने थे ये मकान
जिन 324 जर्जर मकानों को तोड़ा जाएगा वे करीब 06 दशक पूर्व बनाए गए थे, रख-रखाव के अभाव में ये मकान जर्जर हो चुके हैं। ये सभी मकानों को सीएसईबी कर्मियों को अलाट किया गया था, लेकिन जर्जर होने के कारण कुछ वर्ष पूर्व सीएसईबी कर्मी अन्य जगहों पर बने नए भवनों में चले गए और खाली होने पर अन्य विभाग के कर्मचारियों को अलाट किया गया और कई मकानों में बाहरी लोग कब्जा जमा लिए। रख-रखाव के अभाव में अब ये मकान जर्जर हो चुके हैं।
पिछले ठेकेदार ने छोड़ दिया था अधूरा
पिछले वर्ष भी जर्जर मकानों को तोड़ने का काम एक कम्पनी को दिया गया था, लेकिन उसने बीच में ही कार्य अधूरा छोड़कर काम बंद कर दिया। अब फिर से जर्जर मकानों को तोड़ने का काम प्रारंभ किया जा रहा है।
कलेक्टर से मिले अधिकारी
कार्यपालन अभियंता (सिविल) श्रीमती तिग्गा ने बताया कि जर्जर मकानों को खाली कराने प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग जरूरी है और पुलिस तथा प्रशासन के बगैर मकान खाली कराना टेढ़ी खीर है। अत: वे अपनी टीम के साथ कलेक्टर से मिलकर वस्तुस्थिति की जानकारी दी।

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