कोरबा
महतारी वंदन योजना से महंत परिवार की महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह
सरकारी योजना से बढ़ा आत्मविश्वास, महिलाएं बन रहीं परिवार की ताकत
सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों से परिवार की आय में दे रहीं योगदान
कोरबा। राज्य सरकार की ’महतारी वंदन योजना’ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना महिलाओं की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उनके और उनके परिवार के सुरक्षित भविष्य की नींव भी मजबूत कर रही है।
कोरबा नगर के पोड़ीबहार क्षेत्र में रहने वाले ’महंत परिवार’ की महिलाओं के जीवन में भी इस योजना ने सकारात्मक बदलाव लाया है। पहले सीमित संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण परिवार की महिलाएं अपने कौशल का सही उपयोग नहीं कर पा रही थीं। घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का अवसर नहीं मिल पाता था। परंतु ’महतारी वंदन योजना’ से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। परिवार की मुखिया ’श्रीमती रथबाई महंत, उनकी बेटी ’’राधिका महंत’ तथा बहुएं ’गुरवारी’ और ’उर्मिला देवी’ इस योजना का लाभ लेकर अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

रथबाई महंत बताती हैं कि इस योजना से उनकी बेटी और बहुओं को अपने हुनर को आगे बढ़ाने का मौका मिला है। इससे न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। वे कहती हैं कि यह योजना उनके जैसे अनेक परिवारों की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का माध्यम बन रही है।
परिवार की बहुएं गुरवारी और उर्मिला देवी बताती हैं कि पहले उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि से वे स्वयं अपने खर्चों का प्रबंधन कर रही हैं और परिवार की आय बढ़ाने में भी योगदान दे रही हैं। इससे उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।
उर्मिला देवी का कहना है कि अब घर की सभी महिलाएं मिलकर अपनी आय का एक हिस्सा बैंक में जमा भी कर रही हैं, ताकि भविष्य में परिवार की जरूरतों के समय यह सहारा बन सके। उनके अनुसार इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। वहीं राधिका महंत ने इस योजना से मिली सहायता का उपयोग करते हुए घर पर ही सिलाई-कढ़ाई का काम शुरू कर दिया है। आसपास के लोग उनके पास कपड़े सिलवाने, फॉल पीकू करवाने के लिए आने लगे हैं, जिससे उन्हें नियमित आय होने लगी है। इस काम से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
आज महंत परिवार की महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ’महतारी वंदन योजना’ ने उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता देने के साथ-साथ यह विश्वास भी दिलाया है कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो पूरा परिवार और समाज प्रगति की ओर बढ़ता है।
कोरबा
सड़क दुर्घटना रोकने बालको प्रबंधन और ट्रांसपोर्ट्स की पुलिस ने ली बैठक
कोरबा। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने पुलिस प्रशासन ने सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान के तहत जरूरी कवायद शुरू कर दी है।

इसके तहत बुधवार को एएसपी लखन पटले ने बालको थाना में बालको प्रबंधन और ट्रांसपोर्टरों की संयुक्त बैठक ली। इस दौरान उनके साथ सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी और थाना प्रभारी युवराज तिवारी भी मौजूद रहे। एएसपी पटले ने बैठक में सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क पर भारी वाहनों के कारण होने वाली रात्रि दुर्घटनाओं को रोकने अब सुरक्षा मानकों में कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सभी ट्रांसपोर्टरों को निर्देशित किया कि सभी भारी वाहनों के पीछे रेडियम पट्टी (रिफ्लेक्टिव टेप) लगाना अनिवार्य है, ताकि रात के अंधेरे में वाहन दूर से दिखाई दे सकें। आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर वाहनों की चेकिंग की जाएगी। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों और मालिकों पर भारी जुर्माना ठोका जाएगा।
कोरबा
कोरबा के SECL कुसमुंडा खदान में चलती डम्फर में आग:शॉर्ट सर्किट से लगी, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान
कोरबा। कोरबा में एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के गोदावरी फेंस में बुधवार देर रात एक चलती 100 टन क्षमता वाली डम्फर में आग लग गई। कोयला परिवहन कर रही इस डम्फर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। पीछे चल रही दूसरी गाड़ी के ड्राइवर की सतर्कता से डम्फर ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई।

यह घटना बुधवार रात करीब 11:30 बजे कुसमुंडा खदान के गोदावरी फेंस एरिया में हुई। एसईसीएल की 100 टन डम्फर कोयला लेकर जा रही थी, तभी अचानक उसके इंजन से धुआं उठने लगा।

डम्फर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी।
कुछ ही सेकण्ड्स में आग की लपटें दिखी
पीछे चल रहे दूसरे डम्फर के ड्राइवर ने आग देखकर हॉर्न बजाकर आगे वाले ड्राइवर को सतर्क किया। कुछ ही सेकंड में आग की लपटें निकलने लगीं।
दमकल आते तक गाड़ी का एक हिस्सा जल कर खाक
बताए जाने पर डम्फर ड्राइवर ने तुरंत गाड़ी को साइड में खड़ा किया और कूदकर बाहर निकल आया। इसके तुरंत बाद पूरी डम्फर आग की चपेट में आ गई। खदान में काम कर रहे कर्मचारियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
दमकल के पहुंचने तक डम्फर का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।

दूसरी गाड़ी के ड्राइवर की सतर्कता से डम्फर ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई।

दमकल के पहुंचने तक डम्फर का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
खदान में पहले भी हुई है इसी घटनाएं
कुसमुंडा खदान में डम्फर में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार शॉर्ट सर्किट और तकनीकी खराबी के कारण एसईसीएल के भारी वाहनों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खदान कर्मियों का आरोप है कि वाहनों का नियमित रखरखाव न होने और पुराने डम्फरों के इस्तेमाल से ऐसे हादसे हो रहे हैं।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की बात कही है । मामले की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जा रही है।
कोरबा
शराब के लिए पैसे न देने पर बेटे ने ईंट से हमला कर पिता को मौत के घाट उतारा
कोरबा। कोरबा उरगा थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते अपने पिता की हत्या करने वाले नाबालिग (17) के विरुद्ध पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। आरोपी नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के सामने प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने घटना में उपयोग ईंट भी बरामद कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, उरगा थाना क्षेत्र के एक गांव में 46 वर्षीय व्यक्ति का अपने नाबालिग बेटे से घरेलू बातों और पैसों को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर नाबालिग ने अपने पिता के सिर और चेहरे पर ईंट से हमला कर दिया। इस हमले में पिता को गंभीर चोटें आईं।

पुलिस ने घटना में उपयोग ईंट भी बरामद कर लिया है, जिस से नाबालिग ने अपने पिता को मार डाला।
इलाज के दौरान घायल पिता की मौत हो गई
घटना के बाद परिजनों ने घायल को तुरंत जिला हॉस्पिटल कोरबा पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया। बिलासपुर में इलाज के दौरान 7 अप्रैल को घायल पिता की मौत हो गई। मर्ग डायरी प्राप्त होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
पुलिस की कार्रवाई
मौत की पुष्टि होते ही, थाना उरगा में 28 अप्रैल को अपराध क्रमांक 257/2026, धारा 103 बीएनएस के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बेटा शराब पीने का आदी था
बताया जा रहा है कि नाबालिग बेटा शराब पीने का आदी था। घटना वाले दिन उसने शराब के लिए पैसे मांगे थे और पैसे न मिलने पर उसने पिता पर हमला कर दिया था। मृतक की उम्र लगभग 46 साल बताई जा रही है, जबकि नाबालिग की उम्र करीब 17 साल है।

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