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कोरबा

यूट्यूबर युवती ने पिता का हंसिया से काटा गला, मौत:कैरेक्टर पर सवाल उठाने से भड़की, ट्रैवल करते हुए वीडियो बनाया करती थी

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक यूट्यूबर ने अपने पिता की गला काटकर हत्या कर दी। ग्राम रलिया स्थित लिममुंडा बस्ती में रहने वाले अशोक कुमार केवट (55) की 3 बेटियां थी। जो 8 साल से पिता से अलग रह रही थी। आरोप है कि अशोक अपनी पत्नी और बड़ी बेटी के कैरेक्टर पर शक करता था, जिसके बाद सब अलग रहने चल दिए थे।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार (9 जनवरी) को पत्नी-बेटियां जमीन का हिस्सा लेने गांव आई थी। रात 2 बजे विवाद होने पर पिता ने बड़ी बेटी को अपशब्द कहा जिसके बाद विवाद हो गया। गुस्से में उसने हसिया से पिता का गला काट दिया। मामला हरदी बाजार थाना क्षेत्र का है। मर्डर की आरोपी गीता केवट (27) पर एक शिक्षाकर्मी के निजी वीडियो यूट्यूब पर डालने का आरोप भी लगा है।

युवती यूट्यूब पर ट्रैवल करते हुए अक्सर ब्लॉग बनाया करती थी। एक शिक्षाकर्मी का वीडियो बनाकर डालने पर उसने थाने में शिकायत दी है।

युवती यूट्यूब पर ट्रैवल करते हुए अक्सर ब्लॉग बनाया करती थी। एक शिक्षाकर्मी का वीडियो बनाकर डालने पर उसने थाने में शिकायत दी है।

पति की मौत के बाद रोती रही पत्नी। घर के सामने भीड़ इकट्ठी हुई।

पति की मौत के बाद रोती रही पत्नी। घर के सामने भीड़ इकट्ठी हुई।

पिता का शव खून से लथपथ पड़ा रहा। बगल में हसिया भी रखा था। जिससे बेटी ने पिता को मारा।

पिता का शव खून से लथपथ पड़ा रहा। बगल में हसिया भी रखा था। जिससे बेटी ने पिता को मारा।

पत्नी और 3 बेटियां अलग रहती थी

मृतक की पहचान 55 वर्षीय अशोक कुमार केवट के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अशोक की पत्नी और तीन बेटियां पिछले 8 सालों से कोरबा के आदिले चौक में अलग रहती थीं। उनकी दो बेटियां निजी कंपनी में काम करती हैं, जबकि एक पढ़ाई कर रही है।

9 फरवरी को अशोक की पत्नी और तीनों बेटियां जमीन के मुआवजे का पैसे लेने गांव आई थीं और वहीं रुकी हुई थीं। रात 2 बजे अशोक का अपनी बड़ी बेटी गीता केवट (27) से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान पिता ने बेटी को अपशब्द कह दिया।

मृतका बोली- पिता को मार दिया

अपशब्द सुनते ही विवाद इतना बढ़ गया कि गीता ने घर में रखी हसिया से अपने पिता का गला काट दिया। हत्या करने के बाद गीता खुद घर से बाहर निकली और अपने रिश्तेदारों को बताया कि उसने अपने पिता की हत्या कर दी है।

खून से लतपथ पड़ा था शव

मृतक अशोक केवट के भाई संतोष कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गीता के बताने पर जब वे घर के अंदर गए, तो अशोक खून से लथपथ मृत पड़े थे।

पुलिस के अनुसार, मृतक अशोक केवट आदतन शराबी था। उसकी हरकतों से परेशान होकर ही पत्नी और बच्चे कोरबा में अलग रहते थे। अशोक अपनी पत्नी और बेटियों के चरित्र पर भी सवाल उठाता था, जिससे वे काफी परेशान थीं। यह भी हत्या का एक संभावित कारण बताया जा रहा है।

हरदी बाजार थाना प्रभारी प्रमोद डनसेना ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी बेटी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और हत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

अपने पिता के मर्डर की आरोपी गीता केवट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

अपने पिता के मर्डर की आरोपी गीता केवट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

यूट्यूब पर वीडियो डालती थी युवती

गीता केवट (27) यूट्यूब पर और सोशल मीडिया में एक्टिव थी। वह अक्सर वीडियो डाला करती थी। कुछ दिन पहले उसने एक युवक के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था। जिसमें उसने बताया कि वह लड़का उससे मिलने आया है। युवक पेशे से शिक्षाकर्मी में था। वीडियो वायरल होने के बाद युवक ने इसकी शिकायत साइबर सेल में की थी।

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कोरबा

संस्कृत विषय बचाओ अभियान: घोषणा को अमल में लाने संस्कृत शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी नोयन कुमार बुडेक, मनोज कुमार वर्मा, डॉ नारायण प्रसाद, गंगाराम साहू, हेमंत कुमार हिरवानी, दुर्गेश कुमार साहू, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मंडावी, सुनील महार, ईश्वरी यदु कामिनी पिल्लई, रेणुका लदेर, शारदा साहू, सुरेखा सेन, सोमप्रभा साहू सहित प्रदेश के पांच शिक्षा संभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भारतीय संविधान में आठवीं अनुसूची की भाषा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप संस्कृत विषय के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु उल्लेख किया गया है को ध्यान में रखते हुए गजेंद्र यादव शिक्षा मंत्री द्वारा 30 अप्रैल को विधानसभा से घोषणा किया गया कि संस्कृत भाषा को अनिवार्य कर रहे हैं, जिनका लघु चलचित्र सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित हैं।

इसे देख सुनकर प्रदेश भर के संस्कृत शिक्षकों में शासन की सौहार्द्रपूर्ण निर्णय से हर्ष की लहर है। संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता और संस्कार परक एक राष्ट्रभाषा है, जिनमें सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से समाहित है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 मई एवं 26 मई 2026 को नवा रायपुर स्थित एम -14 आवास में शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए शीघ्र अति शीघ्र शासकीय आदेश जारी करवाने हेतु मांग पत्र सौपा, जिससे शिक्षक आश्वस्त हो जावे तथा मंत्री द्वारा संस्कृत विषय को अनिवार्य करने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस पावन कार्य के लिए निरंतर प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर, विधायकगण, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , राज्यपाल रमेन डेका , संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, सचिव सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम्, प्रदेश संयोजक व अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी फेड़रेशन कमल वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आयुक्त राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा सहित 50 से भी अधिक आवेदन बारंबार संस्कृत विषय को पूर्व की भांति अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में रखने के लिए मांग पत्र ज्ञापन सौपा गया था। 25 अगस्त 2025 को शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में एससीईआरटी रायपुर को कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा दसवीं का संस्कृत विषय को अनिवार्य करने निर्देशित भी किया गया था। इसी क्रम में 07 सितंबर 2025 को सरयू पारिण भवन मठपुरेना में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी मांग पत्र सौपा गया था। वहां पर अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संकल्प का विषय है विकल्प का नहीं। संस्कृत भाषा के साथ अन्याय नहीं होगा। एक तरफ पूरा विश्व संस्कृत भाषा के महत्व को अपना रहा है। अपने देश के विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य शिक्षा कर रहे हैं तथा अनुच्छेद 351 आठवीं अनुसूची की भाषाओं के सम्मान के लिए बनाया गया है।

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कोरबा

सुशासन  तिहार में जनमन सहित अन्य प्रचार समाग्री का किया गया वितरण

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कोरबा। सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य शासन की जन कल्याणकारी और महत्वकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित तथा जिले के विकास कार्यों, उपलब्धियों  एवं नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी के साथ ही जिले के सभी पांच ब्लाक में आयोजित महत्वपूर्ण शिविर स्थल-ग्राम पिपरिया, जल्के, बसीबार, बैरा, चोढ़ा, चुईया, गिधौरी, केराकछार, सिरमिना, लमना, नगोई, मोरगा, निरधी, जटगा, छिंदपुर आदि स्थानों में शिविर के माध्यम से जनमन सहित अन्य पत्रिका का वितरण भी किया गया।

ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिविर का अवलोकन किया। शिविर के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन मे हुए सकारात्मक बदलाव सहित जिले के अनेक विकास कार्यों, उपलब्धियों, नवाचार के संबंध में प्रचार सामग्री सुशासन के नवीन आयाम, तब और अब, विकसित भारत के बढ़ते कदम, बिल्डिंग टूमारो छ.ग.टूडे, अटल निर्माण वर्ष 2 साल (रिपोर्ट कार्ड) आदि का वितरण किया गया।

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कोरबा

31 मई को मनाया जाएगा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

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कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के नेतृत्व में कोरबा जिले में 31 मई 2026 को राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले में तंबाकू सेवन एवं धुम्रपान  से हाने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे जनसामान्य में धुम्रपान और तम्बाकू सेवन करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण, जनजागरूकता अभियान, स्वास्थ्य परामर्श एवं तंबाकू मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने संबंधी गतिविधयां आयोजित की जाएंगी। स्कूलों, महाविद्यालयों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेष जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं एवं आम नागरिकों को तंबाकू सेवन से दूर रहने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि तंबाकू सेवन न केवल व्यक्तिगत स्वाथ्य के लिए हानिकारक है , बल्कि यह हमारे परिवारों और पर्यावरण को भी नुकसान पहॅंुचाता है वर्तमान समय में कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बिमारियॉं एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण तंबाकू सेवन  है।
उन्होंने आमजन से अपील किया है कि वे स्वयं तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके दुष्प्रभावो के प्रति जागरूक करें साथ ही विश्व तंबाकू निषेघ कार्यक्रम में सहभागिता कर तंबाकू मुक्त समाज निर्माण में सहयोग प्रदान करें।

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