नई दिल्ली ,एजेंसी। दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से मिले कैश की तस्वीरें सार्वजनिक हो गई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय ने इंटरनल इन्क्वायरी के बाद सुप्रीम कोर्ट को 21 मार्च को रिपोर्ट सौंपी थी। 22 मार्च की देर रात सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है।
इसके साथ ही तीन तस्वीरें भी जारी की गई हैं। इसमें 500 रुपए के जले हुए नोटों के बंडल दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि 14 मार्च को जस्टिस के घर आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम वहां पहुंची थीं। आग पर काबू पाने के बाद 4-5 अधजली बोरियां मिलीं, उनके अंदर नोट भरे हुए थे।
उधर, रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा का पक्ष भी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि जिस स्टोर रूम में नोटों की गड्डियां मिलने की बात की जा रही है, वहां उन्होंने या उनके परिवार ने कभी कोई पैसा नहीं रखा। वो एक ऐसी खुली जगह है, जहां हर किसी का आना जाना होता है। उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है।
रिपोर्ट के बाद आगे क्या…
CJI संजीव खन्ना के 3 सवाल
घर के परिसर में मिले इतने कैश को जस्टिस वर्मा कैसे जस्टिफाई करेंगे?
जितनी भी रकम मिली है, जस्टिस वर्मा यह भी बताएं कि उसका सोर्स क्या है?
15 मार्च की सुबह किस व्यक्ति ने जले हुए नोटों को कमरे से हटाया था?
CJI के 3 आदेश
जस्टिस वर्मा के घर सिक्योरिटी ऑफिसर्स और गार्ड की डिटेल्स भी दी जाए।
पिछले 6 महीने में जस्टिस वर्मा की ऑफिशियल और पर्सनल कॉल डिटेल निकाली जाए।
जस्टिस वर्मा से अपील की जाती है वो अपने मोबाइल से मैसेज या डेटा डिलीट न करें।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा ने भी अपना पक्ष रखा है।
जस्टिस वर्मा की सफाई- इसमें जो दिखा, ये वैसा नहीं, जैसा मैंने देखा था
जस्टिस वर्मा ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को सौंपे जवाब में कहा- 14/15 मार्च की रात बंगले के स्टाफ क्वार्टर के पास स्टोर रूम में आग लगी। कमरा पुराने फर्नीचर, बोतलें, क्रॉकरी, गद्दे, बागवानी उपकरण, सीपीडब्ल्यूडी की सामग्री रखने के लिए इस्तेमाल होता था। कमरा खुला रहता था। इसमें स्टाफ क्वार्टर के पिछले दरवाजे से भी जा सकते थे। यह मेरे मुख्य आवास से अलग था।
घटना के दिन, पत्नी और मैं भोपाल में थे। मेरी बेटी और वृद्ध मां घर पर थीं। मैं 15 मार्च की शाम पत्नी के साथ दिल्ली लौटा। आग लगने के बाद आधी रात को बेटी और निजी सचिव ने दमकल विभाग को फोन किया।
आग बुझाने के दौरान, सभी स्टाफ और मेरे घर के सदस्यों को सुरक्षा कारणों से घटनास्थल से दूर रहने को कहा गया था। आग बुझाने के बाद वे वहां गए, तो उन्हें वहां कोई नकदी या पैसे नहीं मिले।
मैंने और न मेरे परिवार के किसी सदस्य ने कभी उस स्टोर रूम में नकदी रखी। यह राशि मेरी नहीं है।
15 मार्च की शाम दिल्ली लौटने पर आपका पहला फोन आया था। आपके आग्रह पर आपके पर्सनल प्रोटोकॉल सेक्रेटरी भी घटनास्थल गए। वहां कोई नकदी नहीं मिली। यह बात उस रिपोर्ट से भी स्पष्ट है, जो मुझे सौंपी गई है।
अगले दिन अदालत शुरू होने से पहले आपने पहली बार वह वीडियो और तस्वीरें दिखाईं, जो आपसे पुलिस आयुक्त ने साझा थीं। इन वीडियो को देखकर मैं स्तब्ध रह गया क्योंकि इसमें दिखाया गया दृश्य उस स्थल से मेल नहीं खा रहा था, जिसे मैंने स्वयं देखा था। इसी कारण मैंने पहली बार यह कहा था कि यह मुझे फंसाने और मेरी छवि धूमिल करने की साजिश प्रतीत होती है।
घटना ने मुझे यह विश्वास दिलाया है कि यह केवल षड्यंत्र का हिस्सा है, जो दिसंबर 2024 में सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ लगाए गए निराधार आरोपों से जुड़ा हो सकता है।
मैं आरोप को नकारता हूं कि हमने स्टोर रूम से नकदी हटाई। हमें कभी कोई जली हुई नकदी नहीं दिखाई गई और न ही हमें जली हुई नकदी दी गई। वहां से केवल कुछ मलबा हटाया गया।
एक जज के लिए उसकी प्रतिष्ठा और चरित्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। यह घटना मेरी वर्षों की मेहनत और साख को नुकसान पहुंचाने वाली है।
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध इंटरनल इन्क्वायरी रिपोर्ट का एक हिस्सा।
दिल्ली HC के चीफ जस्टिस ने ये जानकारियां दीं….
दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय ने 21 और 22 मार्च को सीजेआई को भेजी रिपोर्ट में ये जानकारियां दीं-
15 मार्च को मैं होली की छुट्टी के चलते लखनऊ में था। शाम 4:50 बजे दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने फोन पर बताया कि 14 मार्च की रात 11:30 बजे जस्टिस वर्मा के बंगले में आग लग गई थी। कॉल जस्टिस वर्मा के निजी सचिव ने की थी।
सचिव को आग लगने की जानकारी आवास पर कार्यरत नौकर ने दी। जिस कमरे में आग लगी वह गार्ड रूम के बगल है। स्टोर रूम आमतौर पर बंद रहता था। मैंने अपने रजिस्ट्रार को मौके पर भेजा, उन्होंने बताया- जिस कमरे में आग लगी वहां ताला नहीं था।
16 मार्च की शाम दिल्ली पहुंचने पर मैं आपसे (सीजेआई) मिला और रिपोर्ट दी। फिर जस्टिस वर्मा से संपर्क किया। उन्होंने 17 मार्च सुबह 8:30 बजे हाई कोर्ट गेस्ट हाउस में अपना पक्ष रखा और षड्यंत्र की आशंका जताई।
मेरी जांच के मुताबिक प्रथम दृष्टया जिस कमरे में आग लगी वहां किसी बाहरी का प्रवेश संभव नहीं दिखता। केवल वहां रहने वाले व्यक्ति, नौकर, और सीपीडब्ल्यूडी कर्मी ही जा सकते थे। इसलिए, मेरी राय है कि मामले की गहराई से जांच हो।
पुलिस की रिपोर्ट: जज के पीए ने दी आग लगने की सूचना
भारतीय मुद्रा पुलिस ने हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को दी रिपोर्ट में कहा है कि 14 मार्च रात 11:45 बजे पीसीआर को जस्टिस वर्मा के 30, तुगलाक क्रेसेंट बंगले में आग लगने की जानकारी मिली। दो दमकल वाहनों को बुलाया गया। आग कोठी की चारदिवारी के कोने में स्थित कमरे में लगी। इन्हीं से लगे कमरे में सुरक्षाकर्मी रहते हैं। शॉर्ट सर्किट से लगी आग पर तुरंत काबू पाया गया। आग बुझने के बाद कमर में अधजले नोट से भरी 4-5 अधजली बोरियां मिलीं। आग की जानकारी जज के निजी सचिव ने दी।
जस्टिस वर्मा को कोई भी काम न सौंपने का आदेश
22 मार्च को CJI संजीव खन्ना ने जस्टिस वर्मा पर लगे आरोपों की इंटरनल जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट चीफ जस्टिस से जस्टिस वर्मा को कोई भी काम न सौंपने को कहा है।
2018 में भी 97.85 करोड़ रुपए के घोटाले में नाम जुड़ चुका
इससे पहले 2018 में गाजियाबाद की सिम्भावली शुगर मिल में गड़बड़ी के मामले में जस्टिस वर्मा के खिलाफ CBI ने FIR दर्ज की थी। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने मिल में गड़बड़ी की शिकायत की थी। शिकायत में कहा था कि शुगर मिल ने किसानों के लिए जारी किए गए 97.85 करोड़ रुपए के लोन का गलत इस्तेमाल किया है।
जस्टिस वर्मा तब कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे। इस मामले में CBI ने जांच शुरू की थी। हालांकि जांच धीमी होती चली गई। फरवरी 2024 में एक अदालत ने CBI को बंद पड़ी जांच दोबारा शुरू करने का आदेश दिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को पलट दिया और CBI ने जांच बंद कर दी।
संसद में उठा था जज के बंगले पर भारी कैश मिलने का मामला
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने 14 मार्च को यह मामला राज्यसभा में उठाया था। उन्होंने न्यायिक जवाबदेही का मसला उठाते हुए सभापति से इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जज के खिलाफ महाभियोग के संबंध में लंबित नोटिस का जिक्र किया था।
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर लिखा, जस्टिस वर्मा 2012 से अगस्त 2013 तक यूपी के मुख्य स्थायी अधिवक्ता थे। तब अखिलेश यादव सीएम थे। क्या किसी ने यूपी के पूर्व सीएम से इस बारे में सवाल किया?
देहरादून, एजेंसी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत 2016 में एक भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए शनिवार को यहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कार्यालय पहुंचे। इस दौरान रावत ने अपनी मां की तस्वीर अपने गले में पहन रखी थी जिस पर ‘मां’ लिखा था।
हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर कहा कि कि अपनी मां, मां जगदंबा और धरती माता का स्मरण कर मां का आशीर्वाद लेकर वह ईडी कार्यालय पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी को नहीं बुलाया है और केवल अपनी मां को लेकर आए हैं। यह मामला उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 2016 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है जिसके संबंध में हाल में ईडी ने उनके ओएसडी चंदन सिंह जीना के घर पर भी छापे मारे थे और बड़ी मात्रा में नकदी और गहने बरामद किए थे।
एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में रावत ने कहा कि ईडी ने दो दिन पहले उन्हें नोटिस दिया जो शायद 2016 के प्रकरण से संबंधित हैं तथा उस सिलसिले में चंदन जीना के घर पर भी छापा मारा गया है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले हाजिर होने को कहा गया और बहुत सारे दस्तावेज मांगे गए हैं जिनमें उनके पुराने आईटीआर और उनकी तथा परिवार के सदस्यों की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए हैं। रावत ने सवाल उठाया, ”अब परिवार का क्या आशय है, उसके अंदर कौन-कौन लोग आएंगे, कुछ जानकारी नहीं है। हमारा बड़ा विस्तृत परिवार है। लड़कियों की शादियां हो चुकी हैं, ऐसे में सबके दस्तावेज इतने कम समय में कैसे जुटाए जाएंगे?” इस माह की शुरूआत में जीना के घर पर छापा पड़ने के बाद, रावत ने अपने सभी पार्टी पदों को छोड़ने की इच्छा व्यक्त की थी ।
कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने और विपक्ष की रणनीति तय करने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन की अगली बैठक दिल्ली में होने की संभावना है।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने हुगली जिले के श्रीरामपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संदेश भेजकर कहा है कि विपक्षी दलों को साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने यह बात मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच कही। ममता ने कहा, “मैंने राहुल गांधी को संदेश भेजकर कहा है कि हमें साथ बैठना चाहिए।
‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक 30 सितंबर को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने की संभावना है।” प्रस्तावित बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी दल निर्वाचन आयोग के कामकाज और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया को लेकर आपसी समन्वय की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि ममता ने राहुल गांधी से फोन पर भी बात की और उनसे जल्द से जल्द ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक बुलाने का आग्रह किया। उन्होंने माकपा महासचिव एमए बेबी से भी बातचीत की।
कोल्लम, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के विजन के अनुरूप तथा सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और महिला-नेतृत्व वाले विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज केरलम के कोल्लम स्थित पवित्रम कन्वेंशन सेंटर में महिला सशक्तीकरण और सहकारिता से जुड़ी विभिन्न पहलों का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।
अपने संबोधन की शुरुआत में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने केरल से ‘केरलम’ की यात्रा के लिए सभी मलयाली भाइयों और बहनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृतकाल में किसानों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों की लंबे समय से यह मांग थी कि केंद्र में अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र में सहकारिता मंत्रालय का गठन करके देश के ग्रामीण विकास, कृषि विकास और महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है, जिससे सहकारिता क्षेत्र में नई ऊर्जा और नई गति आई है।
केरलम की समृद्ध सहकारी विरासत का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि केरलम ऐसे राज्यों में शामिल है, जहां आजादी से पहले से ही सहकारिता आंदोलन मजबूत और व्यवस्थित रूप से चलता रहा है। त्रावणकोर, कोच्चि और मालाबार जैसे क्षेत्रों में स्वतंत्रता से पहले से ही सहकारिता की मजबूत परंपरा रही है और इसलिए केरलम का सहकारिता आंदोलन पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र में ‘शी मार्ट’ (She-Mart) की जिस पहल की आज शुरुआत हो रही है, उसकी घोषणा केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट में की थी और इसका शुभारंभ केरलम से होना प्रसन्नता की बात है।
आम लोगों और किसानों को किफायती खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई पहलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि NAFED की मोबाइल वैन के माध्यम से प्याज तथा भारत आटा और भारत चावल किसानों एवं आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने की पहल भी केरलम में शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर दलहन मिशन के अंतर्गत महिला किसानों को उड़द और चने के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी प्रकार NAFED-कल्याण छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग दो हजार परिवारों की बालिकाओं को छात्रवृत्ति देने का कार्य भी किया गया है।
महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए ‘शी मार्ट’ के महत्व को रेखांकित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज के कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ‘शी मार्ट’ की शुरुआत है। शी मार्ट की अवधारणा महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों को बाजार तथा उपभोक्ताओं से सीधे जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि NAFED, केंद्रीय भंडार और अमूल जैसे संस्थानों के माध्यम से महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को व्यापक स्तर पर विस्तार देने में भी सहायता मिलेगी।
‘शी मार्ट’ के विस्तार और इससे किसानों तथा महिला उद्यमियों के लिए बनने वाले नए अवसरों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 300 से अधिक शी मार्ट स्टोर स्थापित करने की योजना है, जहां भारत ब्रांड के साथ-साथ स्थानीय उत्पाद भी उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और सीधे रिटेल मार्केट तक पहुंच—इन सभी स्तरों पर किसानों और महिला उद्यमियों को लाभ मिलेगा।
केरलम के मजबूत सहकारी तंत्र की सराहना करते हुए अमित शाह ने कहा कि केरलम का सहकारी ढांचा बहुत पुराना, विशाल और मजबूत है तथा यहां 23 हजार से अधिक सहकारी संस्थाएं अच्छी तरह से कार्य कर रही हैं। उन्होंने केरलम के सहकारिता मंत्री को दिल्ली आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि भारत सरकार की सभी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ केरलम को मिले, इसमें केंद्र सरकार को प्रसन्नता होगी। उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर और अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी केंद्र सरकार केरलम को आवश्यक सहयोग प्रदान कर सकती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन में महिला सशक्तीकरण की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से महिला सशक्तीकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है और यह प्रधानमंत्री के सबसे बड़े सपनों और मूल उद्देश्यों का एक महत्वपूर्ण आधार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन है कि अगर घर की महिला समृद्ध होगी तो पूरा परिवार समृद्ध होगा। जब घर की महिला सशक्त होती है तो उसका प्रभाव पूरे परिवार को सशक्त बनाने में दिखाई देता है। इसीलिए ‘सहकार से समृद्धि’ का सबसे बड़ा लाभ देश की ग्रामीण और गरीब महिलाओं तक पहुंचाना सरकार का उद्देश्य है।
राष्ट्रीय स्तर पर सहकारिता को मजबूत करने में NAFED और NCCF की भूमिका का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि NAFED और NCCF दोनों राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने वाली महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। आज लगभग 8 लाख किसान NAFED से जुड़े हुए हैं और लगभग 6 लाख महिला किसान NCCF से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस संख्या को और बढ़ाने तथा दोनों संस्थाओं को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में पिछले वर्षों में उठाए गए कदमों और उनके परिणामों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। वर्ष 2017-18 में महिला श्रम बल भागीदारी लगभग 23 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लगभग 36 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं।
महिलाओं के अधिकारों, गरिमा और अवसरों के विस्तार के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए तीन तलाक को प्रतिबंधित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। पहले मुस्लिम महिलाओं के अकेले हज पर जाने को लेकर प्रतिबंध था, लेकिन अब मुस्लिम महिलाएं अकेले भी हज यात्रा पर जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय सेना में 11 हजार से अधिक महिला अधिकारी अपनी सेवाएं दे रही हैं और महिलाओं को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का प्रावधान भी केंद्र सरकार द्वारा किया गया है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को और व्यापक बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि लगभग 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य वर्ष 2024 से पहले ही पूरा कर लिया गया और अब वर्ष 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
केरलम की ब्लू इकॉनमी में निहित व्यापक आर्थिक संभावनाओं को रेखांकित करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्य की लंबी तटरेखा, बैकवाटर्स, नदियां और समृद्ध समुद्री परंपरा इसे ब्लू इकॉनमी के क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला राज्य बनाती हैं। मत्स्य क्षेत्र में बड़े ट्रॉलर उपलब्ध कराने से लेकर उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात तक के लिए अनेक योजनाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने केरलम के सहकारिता मंत्री से आग्रह किया कि वे इस दिशा में आगे आएं, इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और केरलम इनका अधिक से अधिक लाभ उठाए। मत्स्य और समुद्री क्षेत्र की इन संभावनाओं को बड़े आर्थिक अवसर में बदलने के लिए केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों पर बल देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि केरलम में मत्स्य और समुद्री क्षेत्र में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं और केंद्र तथा राज्य मिलकर इन संभावनाओं को आगे बढ़ाएं तो मत्स्य एवं समुद्री क्षेत्र को एक बड़े आर्थिक अवसर में बदला जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी दर पर प्याज उपलब्ध कराने वाली NCCF और NAFED की मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई तथा विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर NCCF और द सेंट्रल फाइनेंशियल क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट को-ऑपरेटिव (इंडिया) लिमिटेड (CFCICI) के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। इसके साथ ही NCCF के ‘जनः’ ब्रांड के साथ भारतीय मत्स्य प्रवर्तक संघम के मत्स्य उत्पादों के सप्लाई चेन लॉजिस्टिक्स इंटीग्रेशन के लिए तथा NCCF और भारत लझना सहकारी समिति के बीच केरलम, तमिलनाडु, कर्नाटक में 300 शी मार्ट शॉप्स खोलने के लिए भी समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया।
अमित शाह ने इस अवसर पर NCCF के ‘जनः’ उत्पादों की बिक्री का शुभारंभ किया और NCCF तथा CFCICI के सहयोग से निर्मित ‘वनिथम शी मार्ट शॉप्स’ का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण किया। उन्होंने ‘वनिथम शी मार्ट शॉप्स’ के माध्यम से महिला ग्राहकों को ‘भारत आटा’ और ‘भारत चावल’ की बिक्री का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत महिला किसानों को मुफ्त उड़द और चना बीज किट वितरित किए गए तथा NAFED-कल्याण छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पंजीकृत किसानों की बालिकाओं को छात्रवृत्ति राशि के चेक प्रदान किए।