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छत्तीसगढ़

पीएम मोदी बोले-कांग्रेस खुद को श्रीराम से बड़ा मानती है: छत्तीसगढ़ में कहा- तुष्टीकरण की राजनीति इनके डीएनए में, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों का हक छीना

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सक्ती/धमतरी/ रायपुर, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक कांग्रेस खुद को भगवान श्रीराम से बड़ा मानती है। धर्म के नाम पर देश को बांटने वाली कांग्रेस आजादी के बाद पहले दिन से तुष्टीकरण में लगी हुई है। ये कांग्रेस की डीएनए में हैं। दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का हक छीनना पड़े तो एक सेकेंड भी नहीं लगाएंगे। भाजपा सबका साथ सबका विकास के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि 60 साल तक एक ही परिवार ने खुद या रिमोट से सरकार चलाई। इस दौरान कांग्रेस के नेता सिर्फ अपना तिजोरी भरने का काम किया। कांग्रेसी पूछते थे कि राम मंदिर कब बनाएंगे? हमने मंदिर बनवा दिया। हमने निमंत्रण भी भिजवाया, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया। क्या ये भगवान राम का अपमान नहीं है? क्या ये छत्तीसगढ़ के लोगों का अपमान नहीं है? उन्होंने ये बातें सक्ती और धमतरी में सभा के दौरान कही।

प्रधानमंत्री ने कहा- आज मैं आपको गारंटी दे रहा हूं कि 4 जून को चुनाव नतीजे आने के बाद, तीसरी बार मेरी सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में रोड, रेल, सिंचाई और इंटरनेट कनेक्टिविटी का और तेजी से विस्तार किया जाएगा। भाषण के बीच में माइक खराब हुआ। इसके चलते करीब एक मिनट से ज्यादा समय तक माइक बंद रहा।

प्रधानमंत्री मोदी अगले दिन यानी 24 अप्रैल की सुबह 10.30 बजे सरगुजा लोकसभा के अंबिकापुर में सभा को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी आज (23 अप्रैल) की रात रायपुर में राजभवन में गुजारेंगे। संभवत: वह देश के पहले प्रधानमंत्री हैं, जो छत्तीसगढ़ के राजभवन में रुकेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी धमतरी से रायपुर पहुंचे
पीएम मोदी धमतरी की सभा के बाद रायपुर लौट आए हैं। एयरपोर्ट से पीएम मोदी का काफिला राजभवन की ओर निकला हैं। प्रधानमंत्री राजभवन में ही रात बिताएंगे। कल अंबिकापुर में उनकी सभा होनी है। वे भाजपा प्रत्याशियों के लिए प्रचार कर उन्हें जिताने की अपील कर रहे हैं।

आपको सांसद नहीं देश का उज्जवल भविष्य चुनना है- मोदी

कांग्रेस के शाही परिवार के करनी का फल है कि जो गरीब जहां था, वहीं रहा। कांग्रेस के दशकों के राज में यही रहा। उनके राज में गरीब, आदिवासी, दलित पिछड़े रह गए।
अब देश में एक आदिवासी बेटी राष्ट्रपति है, छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री है, छत्तीसगढ़ के ओबीसी उप मुख्यमंत्री है, जब मध्य प्रदेश में एक ओबीसी मुख्यमंत्री है। जब ये ऐसे पदों पर पहुंच रहे हैं तो कांग्रेस को लोकतंत्र खतरे में दिखाई देने लगा है। यह लोग देश में आग लगाने का काम कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में नक्सली माओवादी हिंसा बढ़ती रही। आखिर ये कांग्रेस और हिंसा का कौन सा कनेक्शन है? जवाब है भ्रष्टाचार। अपना भ्रष्टाचार छिपाने के लिए कांग्रेस इसे बढ़ावा देती रही। लोग जान गंवाते रहे, लेकिन कांग्रेस अपनी तिजोरी भरने में लगी रही।
भाजपा सरकार ने नक्सली हिंसा और भ्रष्टाचार दोनों को काबू किया है। मैं छत्तीसगढ़ को गारंटी देता हूं कि माओवाद को, नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करके रहूंगा। मैं उन हर माता को आश्वासन देता हूं कि आपके बच्चों की जिंदगी बर्बाद न हो, वो बंदूकें लेकर जंगल में भटकने को मजबूर न हो जाएं, मैं वादा करता हूं कि नक्सवाद को जड़ से उखाड़ दूंगा।
कांग्रेस की वजह से ही इतनी बड़ी आबादी पिछड़ी रह गई, वंचित रह गई, शोषित रह गई। कांग्रेस ने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया, मेडिकल की परीक्षाओं में ओबीसी आरक्षण तक नहीं दिया।
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 3 लाख करोड़ रुपया किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित किया गया है। अगर देश में कांग्रेस सरकार होती, तो इसमें ये करीब ढाई लाख करोड़ रुपये पर कोई न कोई पंजा मार लेता। जब तक देश में भाजपा सरकार है, तब तक आपके हक का पैसा सीधे आपके खाते में पहुंचता रहेगा।

छत्तीसगढ़ में रोड, रेल, सिंचाई और इंटरनेट कनेक्टिविटी का और तेजी से विस्तार होगा- मोदी

आज मैं आपको गारंटी दे रहा हूं कि 4 जून को चुनाव नतीजे आने के बाद, तीसरी बार मेरी सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में रोड, रेल, सिंचाई और इंटरनेट कनेक्टिविटी का और तेजी से विस्तार किया जाएगा।

सोने की चम्मच लेकर पैदा हुए लोग गरीब मां का दर्द क्या समझेंगे- मोदी

भाजपा ने गरीब कल्याण योजना चालू किया क्योंकि गरीबों का दर्द सिर्फ भाजपा ही समझ सकती है। कांग्रेस को कभी चिंता नहीं हुई गरीब, आदिवासी, दलित परिवारों के पास इलाज का पैसा कहां से आएगा। ये दर्द और पीड़ा मेरे दिल में थी।
भाजपा ने अपना सभी वादा पूरा किया। धान का 31 सौ रुपए और दो सालों का बकाया बोनस दिया। महतारी वंदन का 1 हजार रुपए महिलाओं को दे रहे हैं।

माओवाद को जड़ से समाप्त करने का वादा करता हूं- मोदी

छत्तीसगढ़ में नक्सली माओवादी हिंसा बढ़ती रही। आखिर ये कांग्रेस और हिंसा का कौन सा कनेक्शन है? जवाब है भ्रष्टाचार। अपना भ्रष्टाचार छिपाने के लिए कांग्रेस इसे बढ़ावा देती रही। लोग जान गंवाते रहे, लेकिन कांग्रेस अपनी तिजोरी भरने में लगी रही।
भाजपा सरकार ने नक्सली हिंसा और भ्रष्टाचार दोनों को काबू किया है। मैं छत्तीसगढ़ को गारंटी देता हूं कि माओवाद को, नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करके रहूंगा। मैं उन हर माता को आश्वासन देता हूं कि आपके बच्चों की जिंदगी बर्बाद न हो, वो बंदूकें लेकर जंगल में भटकने को मजबूर न हो जाएं, मैं वादा करता हूं कि नक्सवाद को जड़ से उखाड़ दूंगा।
जब नीयत सही होती है तो नतीजे भी सही मिलते हैं। कांग्रेस सरकार कहती थी कि एक रुपए दिल्ली से चलेगा तो 15 पैसा पहुंचेगा। उनके प्रधानमंत्री कहते थे। जब एक रुपए चलते थे तो रास्ते में 85 पैसे कौन सा पंजा लूट लेता था। जब आपने मोदी को अवसर दिया तो मैंने इनकी लूट की दुकान पर ताला लगा दिया।

छत्तीसगढ़ मैं अपने लिए कुछ मांगने आया हूं- मोदी

पीएम मोदी बोले- छत्तीसगढ़ के पास स्टील की ताकत और कोयले की शक्ति है। यहां की खनिज संपदा से राज्य के साथ देश के विकास में तेजी आएगी। छत्तीसगढ़ ने कभी निराश नहीं किया, मेरी झोली भर दी।
10 साल में महासमुंद सहित छत्तीसगढ़ में 5 नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए हैं। भाजपा ने हर घर तक बिजली पहुंचाई है। सस्ते गैस सिलेंडर वाला कनेक्शन दिया है।
बैलसोंडा, महासमुंद, अरण्य के बीच रेलवे का दोहरीकरण हो रहा है। रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट से होते हुए इकोनॉमी कॉरिडोर बन रहा है।

जनता जनार्दन का भरोसा सिर्फ भाजपा पर- मोदी

प्रधानमंत्री मोदी बोले- देश में एक मजबूत सरकार बनानी है। इसके लिए आपका सहयोग अपेक्षित है। जनता जनार्दन का भरोसा सिर्फ भारतीय जनता पार्टी पर है।
शाही परिवार का खुद का वोट कांग्रेस को नहीं जाएगा। लेकिन लोगों को वोट करने के लिए कहते हैं। कांग्रेस से देशभर का भरोसा उठ गया है उस पर छत्तीसगढ़ कैसा भरोसा करेगा।

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छत्तीसगढ़

रायगढ़ : पीएम श्री योजना के तहत विद्यार्थियों ने कोलकाता में लिया ज्ञान-विज्ञान का अनुभव

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6 दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक सम्पन्न

साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण

व्यवहारिक शिक्षा से विद्यार्थियों में बढ़ा आत्मविश्वास और जिज्ञासा

साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण
साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण

रायगढ़। पीएम श्री योजना अंतर्गत राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत रायगढ़ जिले के पीएम श्री विद्यालयों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का 6 दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण कोलकाता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण

           कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी के. वी. राव एवं जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार के मार्गदर्शन में 13 मार्च को एपीसी अभय कुमार पांडेय के नेतृत्व में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का दल शैक्षणिक भ्रमण हेतु रवाना हुआ। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने साइंस सिटी, कोलकाता का अवलोकन किया, जहां विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों ने उन्हें विज्ञान के प्रति प्रेरित किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने कोलकाता मेट्रो की यात्रा कर आधुनिक परिवहन व्यवस्था को समझा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने दक्षिणेश्वर काली मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा बिरला तारामंडल में अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।  

         ऐतिहासिक धरोहरों के अध्ययन हेतु विद्यार्थियों ने विक्टोरिया मेमोरियल एवं भारतीय संग्रहालय का भ्रमण किया, जहां उन्होंने भारत की समृद्ध विरासत को करीब से जाना। इसके अलावा बेलूर मठ, अलीपुर चिड़ियाघर, राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता तथा आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने विविध शैक्षणिक एवं  सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त किए। विद्यार्थियों ने ईडन गार्डन एवं हावड़ा ब्रिज का भी अवलोकन किया, जिससे उन्हें देश की प्रमुख धरोहरों की जानकारी मिली। इस प्रकार यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अनुभवात्मक सिद्ध हुआ। इससे उनके शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास का भी विकास हुआ।

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कोरबा

डीएमएफ परियोजनाओं में परिणाम आधारित कार्य करें सुनिश्चितः- कलेक्टर कुणाल दुदावत

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जिले में कृषि विकास को गति व कृषक हितों को सशक्त बनाने कलेक्टर ने कृषि एवं संबद्ध विभागो की ली बैठक

विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता व जवाबदेही के साथ काम करने हेतु किया निर्देशित

सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारम्भ करने प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

लाख पालन विकास हेतु ठोस रूपरेखा के साथ प्रस्ताव बनाने के निर्देश

पपीता व ऑयल पाम प्लांटेशन के लिए स्थान सुनिश्चित करने हेतु किया निर्देशित
जिले में द्विफसली क्षेत्र विस्तार, मिलेट, दलहन तिलहन के उत्पादन बढ़ाने हेतु किया निर्देशित

कोरबा। जिले में कृषि विकास को गति देने व कृषक हितों को सशक्त बनाने हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों की  बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति, आगामी वर्ष की रणनीति और डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की।  कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ काम करने हेतु निर्देशित किया, जिससे योजनाओं का प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो और निर्धारित लक्ष्यों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा सके और किसानों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से किसानों के उत्पादन में सुधार सुनिश्चित करने  एवं उनकी  आय में बढ़ोत्तरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जिले में द्विफसली क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।  किसानों को खरीफ मौसम में फसल विविधीकरण और रबी के फसलों का क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित करने निर्देशित किया। जिले में मक्का, रागी, कोदो जैसे मिलेट एवं दलहन- तिलहन फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा देने की बात कही।
कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत शत-प्रतिशत किसानों को लाभान्वित करने एवं ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग एवं एग्रीस्टेक पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति हेतु जमीनी स्तर पर एसएडीओ और आरईओ की जवाबदेही तय करने एवं आने वाले दिनों में कैम्प लगाकर लक्ष्य हासिल करने निर्देश दिए। उन्होंने नए एफपीओ गठन में वृद्धि लाने की बात कही। उन्होंने खरीफ सीजन के लिए अग्रिम खाद एवं बीज के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी शासकीय रोपणियों की स्थिति और रोपित पौधों की अद्यतन जानकारी ली तथा उनसे होने वाली आय में वृद्धि के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने ऑयल पाम के पौधारोपण के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्थान चिन्हांकन करने, जिले के एक ब्लॉक में वृहद स्तर पर पपीता प्लांटेशन विकसित करने, मधुमक्खी पालन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने तथा मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पशु नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को जागरूक एवं प्रेरित करने की बात कही।  कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के तहत बैकयार्ड कुक्कुट, नर बकरा एवं सुकरत्रयी वितरण की प्रगति की जानकारी लेते हुए पशु टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूनिट के माध्यम से सेवाओं का विस्तार और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। मत्स्य संपदा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में संचालित हैचरी की स्थिति, स्पान उत्पादन एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्पान उत्पादन में वृद्धि कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने  मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड  से जोड़ने हेतु निर्देशित किया। इससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को मछली पालन के लिए प्रेरित कर उनकी आय वृद्धि के अवसर सृजित करने के निर्देश भी दिए।
रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नर्सरियों की स्थिति एवं संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने टसर एवं मलबरी रेशम उत्पादन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके क्षेत्र विस्तार के लिए सर्वे कर उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारंभ करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया, साथ ही कार्यरत स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए ठोस पहल करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिले में लाख उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि इस क्षेत्र में आय सृजन के नए अवसर विकसित किए जा सकें।
कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को जिले में कृषि विकास की संभावनाओं पर गंभीरता व व्यक्तिगत रुचि के साथ कार्य करने तथा नवाचारों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ठोस और परिणाममुखी कार्ययोजना तैयार करने तथा परंपरागत योजनाओं के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु अभी से तैयारी शुरू कर आवश्यक प्रकरण तैयार करने को कहा।

कलेक्टर श्री दुदावत ने डीएमएफ अंतर्गत आउटपुट एवं आउटकम आधारित कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने, फील्ड स्तर पर वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। साथ ही उन्होंने डीएमएफ से स्वीकृत एवं अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का तत्काल पूर्णता प्रमाण पत्र प्रेषित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी विभाग, रेशम, नोडल कोआपरेटिव बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

केंद्रीय विद्यालय संगठन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया 20 मार्च से

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 कोरबा। केंद्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय), नई दिल्ली द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। कक्षा-1 और बालवाटिका-1, 2 एवं 3 (चयनित विद्यालयों में) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 20 मार्च 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से प्रारंभ होगी और 02 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक अभिभावक आधिकारिक पोर्टल https://admission.kvs.gov.in  के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी संगठन की वेबसाइट https://kvsangathan.nic.in पर उपलब्ध है।
  केंद्रीय विद्यालय क्रमांक दो एनटीपीसी के प्राचार्य सुनील कुमार साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।  प्रवेष के लिए आयु की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी। कक्षा-1 में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 06 वर्ष होनी अनिवार्य है। इसी प्रकार, बालवाटिका-1 के लिए आयु 3 से 4 वर्ष, बालवाटिका-2 के लिए 4 से 5 वर्ष और बालवाटिका-3 के लिए 5 से 6 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सीटों का आरक्षण केवीएस के प्रवेश दिशा-निर्देशों 2026-27 के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा।
कक्षा-2 और उससे ऊपर की कक्षाओं (कक्षा-XI को छोड़कर) तथा बालवाटिका-2 व 3 (जहाँ ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध नहीं है) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया रिक्तियां होने की स्थिति में ही संचालित की जाएगी। इसके लिए ऑफलाइन मोड में आवेदन 02 अप्रैल 2026 प्रातः 10ः00 बजे से 08 अप्रैल 2026 सायं 4ः00 बजे तक किया जा सकेगा। विधिवत भरे हुए फॉर्म संबंधित केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य कार्यालय में जमा करने होंगे। इन कक्षाओं के लिए पंजीकरण प्रपत्रों और अन्य विवरणों की जानकारी संबंधित विद्यालयों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन पत्र में कोई भी गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो प्रवेश प्रक्रिया के दौरान या उसके पश्चात भी प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। अभिभावकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राचार्य या प्रवेश प्रभारी से केवल विद्यालय द्वारा बुलाए जाने पर ही निर्धारित समय अंतराल में संपर्क करें।

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