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छत्तीसगढ़

1 करोड़ गार्ड्स बनेंगे फर्स्ट रिस्पांडर:बिलासपुर में केप्सी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले- नए कानून के तहत प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स का वेतन एक समान होगा

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बिलासपुर,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए 15 हजार करोड़ रुपए सिविल डिफेंस ट्रेनिंग के लिए स्वीकृत किए हैं। यह राशि राज्यों को आवंटित की जा रही है, जिससे प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स को प्रशिक्षण दिया जा सके।

यह जानकारी सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री (केप्सी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर विक्रम सिंह ने बिलासपुर में दी। वे छत्तीसगढ़ की प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों के संचालकों की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे।

कुंवर विक्रम सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के नए कानून से छत्तीसगढ़ सहित देशभर के प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स का वेतन बढ़ेगा। इस नए कानून के तहत पूरे देश में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स का वेतन एक समान होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि देश में लगभग एक करोड़ प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स हैं। किसी भी घटना की स्थिति में वे ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के तौर पर सबसे पहले नागरिकों की मदद करेंगे, क्योंकि वे मौके पर मौजूद होते हैं।

सिविल डिफेंस और होम गार्ड के साथ एमओयू

केप्सी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि एसोसिएशन ने डायरेक्टोरेट ऑफ सिविल डिफेंस और होम गार्ड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एमओयू के तहत देशभर के सिक्योरिटी गार्ड्स को सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी। केंद्र सरकार इसके लिए राज्यों को धनराशि आवंटित कर रही है।

एनडीएमए के साथ भी समझौता

इसके अलावा एसोसिएशन ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) के साथ भी एक एमओयू किया है। इसके तहत यदि देश में कभी युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो एक करोड़ प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स नागरिकों की सुरक्षा में सहयोग करेंगे। इसके लिए गार्ड्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

पुलिस के सहयोगी हैं प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स

कुंवर विक्रम सिंह ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स पुलिस के सहयोगी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिक्योरिटी एजेंसियों के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को त्वरित और सुगम बनाया जा रहा है।

कोड ऑफ वेजेस लागू, समय पर मिलेगा वेतन

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने ‘कोड ऑफ वेजेस’ का नया अधिनियम लागू किया है। इसके तहत सर्विस टेकर को सात दिन के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा, और सिक्योरिटी एजेंसियां भी अपने गार्ड्स को हर माह 7 तारीख से पहले वेतन का भुगतान करेंगी। पहले ऐसी स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी।

देशभर में गार्ड्स का समान वेतन होगा लागू

नए एक्ट के तहत अब पूरे देश में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स का वेतन एक समान होगा। अभी छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, पंजाब, दक्षिण भारत और अन्य राज्यों में वेतन अलग-अलग है। नए कानून से छत्तीसगढ़ सहित देशभर के गार्ड्स का वेतन बढ़ेगा, जिससे वे सम्मानजनक जीवन यापन कर सकेंगे।

प्राइवेट सिक्योरिटी 22 फीसदी ग्रोथ

केप्सी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि उनकी संस्था अपेक्स बॉडी है और पूरे देश में प्रत्येक राज्य में इसकी इकाइयां है। उन्होंने कहा कि हम होम मिनिस्ट्री के साथ , उसका एक हिस्सा बन चुके हैं। देश भर में एक करोड़ सिक्योरिटी गार्ड कार्यरत हैंऔर इसकी ग्रोथ 22 परसेंट है।

कुंवर विक्रम सिंह ने बताया कि देश में सबसे ज्यादा नौकरी प्राइवेट सिक्योरिटी के सेक्टर में दी जा रही है। प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों के नियंत्रण के लिए भारत सरकार ने प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी रेग्यूलेशन एक्ट लागू किया है।

सिटीजन सिक्योरिटी कल्चर

कुंवर विक्रम सिंह ने बताया कि एसोसिएशन नेशनल सिटीजन सिक्योरिटी कल्चर के कई कार्यक्रम चला रहा है। हम देश में एक नई संस्कृति पैदा करने चाहते हैं, जिसके अंदर सुरक्षा केवल पुलिस का ही काम नहीं है बल्कि सिक्योरिटी गार्ड का भी काम है, जो आज के समय में अपने आप को देश का सैनिक समझे ।

स्कूल, कालेज में ट्रेनिंग देंगे

उन्होंने बताया कि अंदरूनी सुरक्षा देश का सबसे बड़ा चैलेंज बन चुका है। कब कहां दंगे या अन्य अराजक घटना हो जाए, ऐसी स्थिति में हम सरकार के साथ मिल कर सुरक्षा के कार्य में लगे हुए हैं। एसोसिएशन आम नागरिकों स्कूल, कालेज के स्टुडेंट्स को देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने की ट्रेनिंग देगा।

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छत्तीसगढ़

महासमुन्द : बारनावापारा अभयाण्य में “बर्ड सर्वे 2026” का आयोजन,200 से अधिक पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज

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देश के 11 राज्यों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा,अभयारण्य क्षेत्र में जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, बर्डिंग कल्चर एवं इको पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

महासमुन्द। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में 16 से 18 जनवरी 2026 तक “बर्ड सर्वे 2026” का आयोजन किया गया। सर्वे के दौरान पक्षियों की अच्छी विविधता देखने को मिली। अब तक प्राप्त डेटा के अनुसार इस सर्वे में लगभग 202 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।

इस सर्वे में देश के 11 राज्यों महाराष्ट्र, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, केरल एवं कर्नाटक से आए 70 प्रतिभागियों, 12 वॉलंटियर्स, विशेषज्ञों एवं फोटोग्राफर्स सहित लगभग 100 लोगों की सहभागिता रही।यह बर्ड सर्वे केवल बारनवापारा अभ्यारण्य तक सीमित न होकर उसके आसपास से जुड़े कोठारी, सोनाखान एवं देवपुर परिक्षेत्रों में भी किया जा रहा है। सर्वे के दौरान प्रतिभागियों द्वारा संग्रहित पक्षी आंकड़े वैश्विक डाटाबेस का हिस्सा बनेंगे।अभयारण्य क्षेत्र में जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, बर्डिंग कल्चर एवं इको पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक होग़ा। सर्वे में प्रमुख विशेषज्ञों  में डॉ. हकीमुद्दीन एफ. सैफी, डॉ. जागेश्वर वर्मा,  मोहित साहू एवं सोनू अरोरा की सहभागिता रही।

सर्वे के आकर्षण बने प्रमुख प्रजातियां-इस सर्वे में विशेष रूप से कुछ प्रजातियाँ प्रतिभागियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें बार-हेडेड गूज उल्लेखनीय रही, जो प्रायः मध्य एशिया के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्रजनन करती है तथा सर्दियों में भारत सहित दक्षिण एशिया के जलाशयों और खेतों में देखी जाती है। इसी प्रकार आर्द्र घासभूमि, धान के खेतों, दलदली क्षेत्रों एवं नदी किनारे पाए जाने वाले ग्रे-हेडेड लैपविंग, शिकारी पक्षी प्रजाति पेरेग्रिन फाल्कन, ब्लू-कैप्ड रॉक थ्रश, यूरेशियन स्पैरोहॉक,वन पारिस्थितिकी में बीज प्रसार के लिए महत्वपूर्ण माना जाने वाला ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन का अवलोकन भी आकर्षण का केंद्र बना।

बर्ड सर्वे के सबंध में वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील  ने बताया कि बारनवापारा सेंट्रल छत्तीसगढ़ की जैव विविधता का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ मिश्रित एवं साल वनों के साथ विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिक परिदृश्य मौजूद हैं। इस सर्वे से प्राप्त डेटा आगे चलकर अभयारण्य में आवश्यक प्रबंधन कार्ययोजनाओं की पहचान में सहायक होगा, खासतौर पर उन पक्षी प्रजातियों के संरक्षण कार्य में जिनकी संख्या में गिरावट देखी जा रही है।

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छत्तीसगढ़

वीबी-जी राम जी योजना से करमरी में आत्मनिर्भरता को मिली नई दिशा

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डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा

मोहला-मानपुर-अम्बागढ़। आदिवासी बहुल एवं कृषि आधारित आजीविका वाले मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले की ग्राम पंचायत करमरी में वीबी-जी राम जी (विकसित भारत ग्राम गारंटी) योजना के अंतर्गत आज जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और विकासोन्मुख नारों के साथ योजना का स्वागत किया। ग्रामीणों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर “आत्मनिर्भर गांव-विकसित भारत” का संदेश भी दिया गया। 

कार्यक्रम के अंतर्गत कन्वर्जेंस आधारित आजीविका डबरी जैसे कृषि, मछली तालाब निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। ये कार्य कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, सीआरईडीए एवं वन विभाग के आपसी समन्वय से तैयार कार्य योजना के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं। इन आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आदिवासी एवं सीमांत किसानों को स्थायी आजीविका, खाद्य सुरक्षा और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने वीबी-जी राम जी योजना के उद्देश्यों, स्थानीय रोजगार सृजन और कन्वर्जेंस मॉडल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सक्रिय सहभागिता, पारदर्शिता और सामुदायिक स्वामित्व के बिना किसी भी योजना की सफलता संभव नहीं है, और  वीबी-जीराम जी इन मूल सिद्धांतों पर आधारित है।

कार्यक्रम के दौरान हितग्राही विनोद कुमार एवं दलपत साई मेहरू राम को मछली जाल का वितरण किया गया। इससे मछली पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीणों में स्वरोजगार के प्रति उत्साह बढ़ेगा। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से प्राप्त सहयोग के माध्यम से वे मछली पालन के साथ-साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करेंगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी।ग्रामीणों ने वीबी-जीराम जी योजना को आदिवासी बहुल, कृषि-आधारित जिले के लिए सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। गांव आत्मनिर्भर होंगे, तभी भारत विकसित बनेगा के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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खेल

केंद्रीय खेल मंत्री से मिले ओलिंपिक संघ के सचिव सिसोदिया:40वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन छत्तीसगढ़ में किए जाने का किया आग्रह

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ ओलिंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया ने नई दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया।

बैठक में डॉ. सिसोदिया ने छत्तीसगढ़ में चल रही खेल गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की। सिसोदिया ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जो छत्तीसगढ़ ओलिंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, लगातार खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रयासरत हैं।

महासचिव ने केंद्रीय खेल मंत्री से आग्रह किया कि मेघालय में प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों के बाद 40वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन फरवरी 2028 में छत्तीसगढ़ को सौंपा जाए। इससे राज्य के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर मंच मिलेगा।

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