छत्तीसगढ़
राइस मिल से 16 करोड़ का धान जब्त:कस्टम मिलिंग के लिए 58 हजार क्विंटल उठाया, 4,577 क्विंटल गायब, संचालक पर FIR, मिल भी सील
बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल की ओर से धान उठाव में गड़बड़ी पाई गई। इस मामले में शनिवार को SDM मनीष साहू की टीम ने राइस मिल सील कर दिया है। इसके अलावा टीम ने मौके से 54 हजार क्विंटल धान जब्त किया है, जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपए आंकी है।
मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, राइस मिल की ओर से कस्टम मिलिंग के लिए 58,600 क्विंटल धान उठाव किया था। जांच में 54,082.8 क्विंटल धान पाया गया। जबकि 4,577.2 क्विंटल धान गायब मिला। वहीं संचालक पर FIR दर्ज की गई है। खाद्य नियंत्रक के अनुसार जिले में अब तक 56 करोड़ से ज्यादा का धान जब्त किया गया है।
इससे पहले 16 जनवरी को प्रशासन ने 2 राइस मिल से 2890 क्विंटल और 3152 क्विंटल धान गायब पाया गया था, जिसकी कीमत 89 लाख 62 हजार रुपए आंकी गई थी। वहीं, दोनों मिलों से कुल 46,257 क्विंटल धान जब्त किया था, जिसकी कीमत 14 करोड़ 33 लाख रुपए आंकी गई थी।

अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल की ओर से 58,600 क्विंटल धान उठाव किया था।

जांच में 54,082.8 क्विंटल धान पाया गया, जबकि 4,577.2 क्विंटल धान गायब मिला।

SDM की जांच में टीम ने राइस मिल सील करते ही 54 क्विंटल धान भी जब्त कर लिया।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, धान उठाव में अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन एक्शन मोड पर है। लगातार टीम राइस मिलों में दबिश देकर रिकॉर्ड की जांच में रही है। ऐसे में SDM मनीष साहू की टीम ने 16 जनवरी को संजीत मित्तल के सिरगिट्टी स्थित अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल पर दबिश दी।
SDM मनीष साहू, तहसीलदार प्रकाश साहू, खाद्य निरीक्षक मंगेश कांत और ललिता शर्मा ने 16 और 17 जनवरी को 2 दिनों तक राइस मिल की गहन जांच की। इस दौरान मिल परिसर से 4,577 क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसके बाद अधिकारियों ने तत्काल मिल को सील करने की कार्रवाई की।

जांच के दौरान रिकॉर्ड में 11,443 बोरी धान कम पाया गया।
16.76 करोड़ रुपए का धान जब्त
जांच में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत उठाए गए धान का भौतिक सत्यापन किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार, राइस मिल की ओर से कुल 1,46,650 बोरा (58,600 क्विंटल) धान का उठाव किया गया था, लेकिन मौके पर केवल 1,35,207 बोरा (54,082.8 क्विंटल) धान ही उपलब्ध मिला।
संचालक संजीत मित्तल के खिलाफ केस दर्ज
इस तरह 11,443 बोरा यानी 4,577.2 क्विंटल धान कम पाया गया। उपलब्ध 54,082.8 क्विंटल धान, जिसकी कीमत 16.76 करोड़ रुपए आंकी गई है, उसे जब्त कर लिया गया। प्रशासन ने इस मामले को छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 का उल्लंघन मानते हुए संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। धान की हेराफेरी की आशंका को देखते हुए मिल को सील कर दिया गया है।

टीम ने 2 दिनों तक राइस मिल की गहन जांच करने के बाद सीलबंद की कार्रवाई की।
किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने सख्त कार्रवाई
फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने बताया कि समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के परिवहन और भंडारण में अनियमितता बरतने वाली अन्य राइस मिलों में भी इसी तरह जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों को उनके धान का समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने, कोचिया और अन्य बिचौलियों की ओर से मंडियों में अवैध धान खपाने से रोकने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।
कोरबा
अगले तीन घंटे में तूफानी बारिश के आसार
कोरबा। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले तीन घंटों में कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के रायगढ़, सक्ती और सरगुजा के कुछ इलाकों में तूफानी बारिश के आसार हैं। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश एवं बिजली गिरने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

कोरबा
संस्कृत विषय बचाओ अभियान: घोषणा को अमल में लाने संस्कृत शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन
कोरबा। प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी नोयन कुमार बुडेक, मनोज कुमार वर्मा, डॉ नारायण प्रसाद, गंगाराम साहू, हेमंत कुमार हिरवानी, दुर्गेश कुमार साहू, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मंडावी, सुनील महार, ईश्वरी यदु कामिनी पिल्लई, रेणुका लदेर, शारदा साहू, सुरेखा सेन, सोमप्रभा साहू सहित प्रदेश के पांच शिक्षा संभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भारतीय संविधान में आठवीं अनुसूची की भाषा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप संस्कृत विषय के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु उल्लेख किया गया है को ध्यान में रखते हुए गजेंद्र यादव शिक्षा मंत्री द्वारा 30 अप्रैल को विधानसभा से घोषणा किया गया कि संस्कृत भाषा को अनिवार्य कर रहे हैं, जिनका लघु चलचित्र सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित हैं।

इसे देख सुनकर प्रदेश भर के संस्कृत शिक्षकों में शासन की सौहार्द्रपूर्ण निर्णय से हर्ष की लहर है। संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता और संस्कार परक एक राष्ट्रभाषा है, जिनमें सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से समाहित है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 मई एवं 26 मई 2026 को नवा रायपुर स्थित एम -14 आवास में शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए शीघ्र अति शीघ्र शासकीय आदेश जारी करवाने हेतु मांग पत्र सौपा, जिससे शिक्षक आश्वस्त हो जावे तथा मंत्री द्वारा संस्कृत विषय को अनिवार्य करने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस पावन कार्य के लिए निरंतर प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर, विधायकगण, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , राज्यपाल रमेन डेका , संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, सचिव सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम्, प्रदेश संयोजक व अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी फेड़रेशन कमल वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आयुक्त राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा सहित 50 से भी अधिक आवेदन बारंबार संस्कृत विषय को पूर्व की भांति अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में रखने के लिए मांग पत्र ज्ञापन सौपा गया था। 25 अगस्त 2025 को शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में एससीईआरटी रायपुर को कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा दसवीं का संस्कृत विषय को अनिवार्य करने निर्देशित भी किया गया था। इसी क्रम में 07 सितंबर 2025 को सरयू पारिण भवन मठपुरेना में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी मांग पत्र सौपा गया था। वहां पर अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संकल्प का विषय है विकल्प का नहीं। संस्कृत भाषा के साथ अन्याय नहीं होगा। एक तरफ पूरा विश्व संस्कृत भाषा के महत्व को अपना रहा है। अपने देश के विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य शिक्षा कर रहे हैं तथा अनुच्छेद 351 आठवीं अनुसूची की भाषाओं के सम्मान के लिए बनाया गया है।
कोरबा
सुशासन तिहार में जनमन सहित अन्य प्रचार समाग्री का किया गया वितरण
कोरबा। सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य शासन की जन कल्याणकारी और महत्वकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित तथा जिले के विकास कार्यों, उपलब्धियों एवं नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी के साथ ही जिले के सभी पांच ब्लाक में आयोजित महत्वपूर्ण शिविर स्थल-ग्राम पिपरिया, जल्के, बसीबार, बैरा, चोढ़ा, चुईया, गिधौरी, केराकछार, सिरमिना, लमना, नगोई, मोरगा, निरधी, जटगा, छिंदपुर आदि स्थानों में शिविर के माध्यम से जनमन सहित अन्य पत्रिका का वितरण भी किया गया।

ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिविर का अवलोकन किया। शिविर के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन मे हुए सकारात्मक बदलाव सहित जिले के अनेक विकास कार्यों, उपलब्धियों, नवाचार के संबंध में प्रचार सामग्री सुशासन के नवीन आयाम, तब और अब, विकसित भारत के बढ़ते कदम, बिल्डिंग टूमारो छ.ग.टूडे, अटल निर्माण वर्ष 2 साल (रिपोर्ट कार्ड) आदि का वितरण किया गया।
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