काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में 26 अगस्त की बाढ़ के दौरान सिर्फ 10 सेकेंड कई लोगों के लिए जिंदगी और मौत का फर्क बन गए। रसुवा कस्टम ऑफिस के अधिकारी करबीर गैरे ने बाढ़ का पानी आते देखा और लोगों को ऊंचाई की ओर भागने को कहा।
करीब 10 सेकेंड बाद तेज बहाव ने आसपास के ढांचे बहा दिए। नेपाल के फ्लड फोरकास्टिंग डिविजन के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की तरफ से भोटेकोशी में बाढ़ की सूचना मिली।
इसके 15-16 मिनट बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन में करीब 6 लाख SMS अलर्ट भेजे गए। समय पर चेतावनी मिलने से कई लोग सुरक्षित जगह पहुंच सके।
नेपाल-तिब्बत में बाढ़ से 919 लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले नेपाल में 903 मौते हुई हैं, जबकि तिब्बत में मरने वालों का आंकड़ा 16 पहुंच गया है 4200 से ज्यादा लोग लापता हैं।
नेपाल त्रासदी की ताजा तस्वीरें…
नेपाल के नुवाकोट में 32 साल की प्रबिता रोइला का उनके परिवार ने सूर्यामती नदी किनारे अंतिम संस्कार किया।
चितवन के जंगल में सामूहिक दफन स्थल पर शवों को कब्र तक ले जाते सशस्त्र पुलिस बल के जवान।
पुलिसकर्मी ने बाढ़ प्रभावित इलाके से एयरलिफ्ट किए गए शव से भरे बैग पर केमिकल डाला।
लापता लोगों के परिजनों से DNA सैंपल मांगे गए
नेपाल में लापता लोगों की पहचान के लिए उनके परिजनों से DNA सैंपल मांगे गए हैं। पुलिस ने माता-पिता और बच्चों से DNA देने के साथ लापता व्यक्ति की आखिरी बार देखे जाने की जगह और समय की जानकारी देने को कहा है।
नेपाल के बाहर रहने वाले ऐसे लोग, जिनके रिश्तेदार नेपाल में लापता हैं, उन्हें अपने देश में DNA प्रोफाइलिंग कराकर रिपोर्ट ईमेल से नेपाल पुलिस को भेजने को कहा गया है।
नेपाल के काठमांडू में त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल की दीवारों पर लगी शवों की तस्वीरें देखते हुए परिवार और रिश्तेदार।
नेपाल बाढ़ में बहे 4 शव उत्तर प्रदेश में मिले
नेपाल में आई बाढ़ के बाद 4 अज्ञात शव बहकर उत्तर प्रदेश पहुंच गए। ये शव नारायणी-गंडक नदी से यूपी के महाराजगंज जिले में मिले थे। इन्हें नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, शवों में 3 महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पहचान नहीं होने के कारण पोस्टमॉर्टम के दौरान DNA सैंपल लिए गए हैं। ये सैंपल नेपाल प्रशासन के साथ साझा किए जाएंगे, ताकि लापता लोगों के परिजनों के DNA से उनका मिलान किया जा सके।
चीन ने नेपाल को डेटा न देने के आरोप को खारिज किया
चीन ने नेपाल के उन आरोपों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि चीन ने ग्लेशियरों की गतिविधियों और पानी के स्तर से जुड़े डेटा नहीं दिए। चीन ने कहा कि उसने नेपाल के साथ जरूरी जानकारी समय पर साझा की है।
रॉयटर्स के मुताबिक, नेपाल और चीन के अधिकारियों ने 27 मई को काठमांडू में बैठक की थी। इसमें बाढ़, मौसम और ग्लेशियर से जुड़े खतरों पर चर्चा हुई थी। नेपाल ने ग्लेशियरों में होने वाली शुरुआती हलचल और संभावित खतरे की जानकारी पहले देने की मांग की थी।
नेपाल के एक सरकारी हाइड्रोलॉजिस्ट ने कहा कि चीन भारी बारिश का अनुमान तो साझा करता है, लेकिन हिमस्खलन, पानी के स्तर, भूस्खलन और दूसरे बड़े प्राकृतिक खतरों की जानकारी नहीं देता।
हालांकि, चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक जानकारी खुले और पारदर्शी तरीके से जारी की गई थी। चीन के वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल सेंटर ने 26 अगस्त की आपदा से 12 दिन पहले नेपाल को भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसे खतरों की चेतावनी भी ईमेल से भेजी थी।
नेपाल की मदद के लिए कई देश आगे आए
नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा है कि भीषण बाढ़ से हुए नुकसान का आंकड़ा अरबों डॉलर तक पहुंच सकता है। इस बीच कई देशों ने नेपाल के लिए आर्थिक और मानवीय मदद का ऐलान किया है।
भारत: विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने शवों की DNA जांच के लिए फोरेंसिक टीम और सुरंगों से कर्माचारियों को सुरक्षित निकालने में मदद के लिए टनल रेस्क्यू टीम तैनात की है। साथ ही भारत ने 10 टन मानवीय सहायता के साथ 11 सदस्यीय मेडिकल और सुरंग बचाव टीम भी भेजीं है।
ब्रिटेन: प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने 50 लाख पाउंड की मदद का ऐलान किया है। उन्होंने नेपाल की स्थिति को बेहद चिंताजनक और भयावह बताया।
यूरोपीय संघ: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 20 लाख यूरो की तत्काल मानवीय सहायता देने की घोषणा की है। इस मदद का इस्तेमाल लोगों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में किया जाएगा।
कनाडा: विदेश मंत्री अनिता आनंद ने 50 लाख कनाडाई डॉलर की मदद का ऐलान किया है। यह राशि संयुक्त राष्ट्र, रेड क्रॉस और अन्य गैर-सरकारी संगठनों के जरिए राहत कार्यों में खर्च की जाएगी।
अमेरिका: अमेरिकी विदेश विभाग ने 5 लाख डॉलर की मदद देने की घोषणा की है। इससे आपातकालीन आश्रय, पानी, स्वच्छता और दूसरी जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
चीन: नेपाल में चीन के राजदूत के मुताबिक, चीन ने भी आपातकालीन राहत सामग्री और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
नेपाल में सोमवार को सेना के एक ट्रेनिंग सेंटर में चीन के टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट पहुंचे।
सुरंगों में फंसे लोगों का रेस्क्यू जारी
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। त्रिशूली-3A समेत कई प्रोजेक्ट्स की सुरंगों के मुहाने पर जमा मलबा और कीचड़ हटाकर अंदर पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
रेस्क्यू टीमों में नेपाल के सुरक्षा बलों के साथ भारत और चीन के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। टीमें सुरंगों के अंदर मौजूद लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
बाढ़ के बाद सुरंगों के रास्ते मलबे से बंद हो गए हैं। ऐसे में भारी मशीनों और दूसरे उपकरणों की मदद से रास्ता खोलने का काम किया जा रहा है।
सद्गुरु का नेपाल के राहत कोष में रू.1 करोड़ देने का ऐलान
सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में 1 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है। उन्होंने रविवार को काठमांडू में ‘इन सॉलिडैरिटी विद नेपाल’ कार्यक्रम में यह घोषणा की।
सद्गुरु ने कहा कि इतनी बड़ी आपदा से निपटने की जिम्मेदारी अकेले नेपाल की नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए भारत, चीन, पाकिस्तान, नेपाल और भूटान का साझा हिमालयी बोर्ड बनाने का सुझाव भी दिया।
नेपाल-चीन का अहम व्यापारिक रास्ता बाढ़ में तबाह
बाढ़ ने नेपाल-चीन के अहम व्यापारिक रास्ते रासुवागढ़ी-केरुंग बॉर्डर को भारी नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ में सीमा चौकी, नेपाल-चीन को जोड़ने वाला फ्रेंडशिप ब्रिज और तिमुरे का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।
यह रास्ता नेपाल के लिए इसलिए अहम है क्योंकि चीन से आने वाला बड़ी मात्रा में सामान इसी रूट से देश में पहुंचता है। रास्ता बंद होने से सामान की आवाजाही प्रभावित हुई है और कारोबारियों की मुश्किल बढ़ गई है।
नेपाल-चीन सीमा पर स्थित रासुवागढ़ी बॉर्डर पॉइंट की आपदा से पहले और बाद की तस्वीर।
नेपाल में बाढ़ के बाद जन-जीवन अस्त-व्यस्त
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद धादिंग के एक स्कूल में मलबे के बीच अपना बैग तलाशती छात्रा।
सैलाब के बाद घर में बचे सामान को समेटने की कोशिश करता स्थानीय निवासी।
बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी तट पर कीचड़ में पड़ा नेपाली झंडा।
बाढ़ के बाद सरस्वती प्रतिमा के आसपास जमा मलबा।
90% प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल
बाढ़ से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के बाद मंत्रालय ने बिजली बहाल करने के साथ वैकल्पिक ऊर्जा की व्यवस्था पर भी काम शुरू किया है। मंत्रालय के मुताबिक, नुवाकोट के करीब 90% प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल हो चुकी है। रसुवा में भी बिजली बहाली का काम तेजी से चल रहा है।
बिजली और रोशनी की समस्या से निपटने के लिए मंत्रालय ने 2 किलोवाट के संस्थागत सोलर सिस्टम और 20 वाट के 500 सोलर सेट की व्यवस्था शुरू की थी। इन्हें दूसरे दिन ही वन-डोर सिस्टम के जरिए प्रभावित इलाकों में भेज दिया गया था।
नेपाल में तबाही के बाद की तस्वीरें…
नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट मेंभीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद पेड़ उखड़ा और मकान क्षतिग्रस्त।
नुवाकोट में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद कीचड़ में दबा क्षतिग्रस्त मंदिर।
नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद क्षतिग्रस्त मकान का जायजा लेते लोग। तस्वीर 31 अगस्त की है।
तिब्बत बॉर्डर पर बनी झील का पानी निकला, बाढ़ का खतरा टला
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बनी बैरियर झील का पानी प्राकृतिक बहाव से निकल गया है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, झील में जमा पानी लगभग पूरी तरह बाहर निकल चुका है। इससे डाउनस्ट्रीम इलाकों में झील के फटने से अचानक बाढ़ आने का खतरा फिलहाल टल गया है।
यह झील पिछले हफ्ते ग्लेशियर टूटने के बाद चोचेन खोला और चीन की पुरेपु त्सांगपो नदी के संगम के पास बनी थी। इसके पीछे करीब 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा हो गया था।
नेपाल में भारतीय फोरेंसिक टीम तैनात, DNA जांच में करेगी मदद
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत ने फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें भेजी हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम काठमांडू पहुंचकर काम शुरू कर चुकी है। यह टीम बाढ़ में मारे गए लोगों की पहचान के लिए DNA सैंपल की जांच में नेपाली अधिकारियों की मदद करेगी।
वहीं, भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने चिलिमे और लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में नेपाल सेना के सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद की। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रोजेक्ट्स में करीब 898 कर्मचारी अब भी फंसे हुए हैं।
बिश्केक,एजेंसी। पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई। यह बैठक करीब 10 मिनट चली। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया। दोनों देशों की द्विपक्षीय बैठक में यूक्रेन युद्ध समेत वैश्विक हालात और भारत-रूस संबंधों पर चर्चा हुई। मोदी ने पुतिन से कहा- दुनिया को कभी न खत्म होने वाले युद्धों से आगे बढ़कर उन्हें खत्म करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। भारत भी शांति की दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है। पुतिन से मुलाकात के दौरान मोदी ने उन्हें सितंबर में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया। इसके बाद दोनों नेता एक ही गाड़ी में बैठकर 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन में पहुंचे। इससे पहले मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान समेत कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकात की। बिश्केक में हो रहे SCO शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता शामिल हो रहे हैं।
SCO समिट में मोदी की प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की तस्वीरें…
SCO समिट में पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने एक-दूसरे को गले लगा लिया।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और मोदी एक ही कार में बैठकर नोमैड गेम्स के लिए रवाना हुए।
अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान ने मोदी से मुलाकात की।
किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जपरोव भी पीएम मोदी से मिले।
मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से मुलाकात की।
मोदी ने पुतिन को ब्रिक्स समिट में शामिल होने का न्योता दिया
पीएम मोदी ने भारत में अगले महीने होने वाली ब्रिक्स समिट के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन को न्योता दिया। मोदी ने कहा- “भारत कुछ दिनों बाद ब्रिक्स समिट का आयोजन कर रहा है। सभी सभी भारतीय आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक हैं।”
मोदी ने कहा- हमें युद्धों को खत्म करने की ओर बढ़ना चाहिए
मोदी बोले- “हमने हमेशा यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा की है। पिछली बार जब हम मिले थे, तब भी आपने मुझे स्थिति के सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी। हमें कभी न खत्म होने वाले युद्धों से हटकर युद्धों को खत्म करने की ओर बढ़ना चाहिए। भारत शांति की दिशा में सभी प्रयासों का समर्थन करता है। शांतिपूर्ण तरीकों से सभी मुद्दों का समाधान करना मानवता की पुकार है।”
पुतिन बोले- रूस में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 7 गुना बढ़ी
राष्ट्रपति पुतिन की बातों को ट्रांसलेट किया जा रहा है। ट्रांसलेटर ने कहा, “रूस में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के मामले में भारत टॉप लिस्ट में शामिल है। पिछले कुछ सालों में यह संख्या 7 गुना बढ़कर 40,000 हो गई है। हम नियमित रूप से भारत और रूस के सांस्कृतिक उत्सव आयोजित करते हैं। हमारे बीच पर्यटकों का आना-जाना भी काफी होता है, जिसमें 16% की वृद्धि देखी गई है। हम संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, G20 और SCO में अपने प्रयासों में करीबी तालमेल रखते हैं। आज हमारे पास रूस-भारत संबंधों के विकास के बारे में विचारों का आदान-प्रदान करने और भविष्य के सहयोग की रूपरेखा तैयार करने का अच्छा मौका है।”
मोदी बोले- दोनों देश लोगों की भलाई के लिए काम कर रहे
मोदी ने कहा- “पिछले साल आपकी भारत यात्रा बहुत सफल और सचमुच यादगार रही। हमारे लिए यह बहुत संतोष की बात है कि हमारा सहयोग नई ऊंचाइयां छू रहा है और हम दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय हित को सबसे ऊपर रखना हमारा साझा दृष्टिकोण रहा है और भविष्य में भी यही हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत बना रहेगा।”
पुतिन बोले- रूस और भारत के संबंध लगातार मजबूत हो रहे
मीटिंग के दौरान पुतिन ने कहा- मैं खुशी के साथ यह कहना चाहूंगा कि रूस और भारत के संबंध एक खास और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के सिद्धांतों के आधार पर लगातार मजबूत हो रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी, रूस-भारत संबंधों पर आपके विशेष ध्यान और हमारे बीच बने व्यापारिक और दोस्ताना रिश्तों से इसमें मदद मिली है। इसके लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं।”
मोदी ने पुतिन से कहा- युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेल रहा
पुतिन और मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से कहा कि वे यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के पक्ष में हैं, क्योंकि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेल रहा है।
पाकिस्तान के पीएम शहबाज और ईरान के राष्ट्रपति पजशकियान की मुलाकात
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बिश्केक में SCO समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पजशकियान से मुलाकात की।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने बिश्केक SCO समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बिना वीजा यात्रा का प्रस्ताव दिया।
पीएम मोदी ने अर्मेनिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात की
पीएम मोदी और अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान से बिश्केक में मुलाकात की। पीएम पशिन्यान के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी और पीएम मोदी की पहली मुलाकात थी।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, माइनिंग, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर चर्चा की।
पीएम पशिन्यान ने मोदी को आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते के लागू होने की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी।
बिश्केक, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान के बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से मुलाकात की है। पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है।
दोनों नेताओं ने बिश्केक में द्विपक्षीय बैठक की। मोदी SCO समिट में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे हैं। पजशकियान भी समिट में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक में मौजूद हैं।
इस समिट की थीम ‘शांति, विकास और समृद्धि के लिए मिलकर आगे बढ़ना’ है, जिसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान सहित 10 सदस्य देशों के नेता भाग लेंगे। मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
पीएम मोदी ने अर्मेनिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात की
पीएम मोदी और अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान से बिश्केक में मुलाकात की। पीएम पशिन्यान के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी और पीएम मोदी की पहली मुलाकात थी।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, माइनिंग, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर चर्चा की।
पीएम पशिन्यान ने मोदी को आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते के लागू होने की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी।
पीएम ने प्रवासी भारतीयों और शिक्षाविदों से मुलाकात की
पीएम मोदी ने किर्गिस्तान में भारत से जुड़े लोगों से मुलाकात की, जिनमें प्रवासी सदस्य, शिक्षाविद, शोधकर्ता, ITEC पूर्व छात्र और योग अभ्यासकर्ता शामिल थे।
10 देशों का समूह है SCO
भारत और पाकिस्तान 2017 में SCO के पूर्ण सदस्य बने थे। फिर 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। वहीं, चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान SCO के संस्थापक देश हैं।
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी
पीएम मोदी ने बिश्केक में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और भारतीय समुदाय से बातचीत की।
4 पॉइंट में जानें भारत के लिए SCO समिट अहम क्यों…
खनिजों का भंडार: भारत लंबे समय से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है।
ऊर्जा जरूरत: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है।
नए बिजनेस रूट: भारत मध्य एशिया के देशों के साथ व्यापार भी बढ़ाना चाहता है। इसके लिए वह नए व्यापार और परिवहन मार्ग विकसित करने पर काम कर रहा है।
आतंकवाद के खिलाफ मुहिम: अफगानिस्तान की स्थिति और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी भारत इन देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है।
शंघाई को-ऑपरेशन समिट (SCO) क्या है…
शंघाई को-ऑपरेशन समिट की स्थापना 15 जून 2001 को चीन के शंघाई शहर में हुई थी। शुरुआत में इसके 6 सदस्य देश थे- चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान।
आज SCO दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठनों में शामिल है, जिसमें 10 पूर्ण सदस्य देश हैं।इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, आतंकवाद का विरोध, आर्थिक सहयोग, संपर्क और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना है।
नई दिल्ली, एजेंसी। यूपी में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर हैं। चंदौली में चंद्रप्रभा नदी में अचानक आई बाढ़ से राजदारी-देवदारी वाटरफॉल में जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव में 3 पर्यटक फंस गए। सभी को बचा लिया गया।
मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर है। आसपास घरों में 5-5 फीट तक कीचड़ भर गया है।
नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार के कोसी बैराज और गंडक बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इससे कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं, भागलपुर में गंगा में कटाव की वजह से सबौर में 8 घर गंगा में समा गए।
हिमाचल में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक कई जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 103 लोगों की मौत हो चुकी है।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
चित्रकूट में वाटरफॉल के तेज बहाव में फंसे 3 पर्यटकों को पुलिस और वन विभाग की टीम ने बचाया।
यूपी के गोबरिया गांव में करीब 4 घंटे पीपल के पेड़ पर बैठे रहे 12 लोगों को सुरक्षित बचाया गया।
चित्रकूट में बाढ़ का पानी उतर गया है, लेकिन अब सड़कों पर मिट्टी और कीचड़ ने लोगों की परेशानियां बढ़ा रखी हैं।
चित्रकूट में तुलसीदास की मूर्ति भी टूट गई है। कंधे के ऊपर का हिस्सा मंदाकिनी नदी की बाढ़ में बह गया है।
बिहार के भागलपुर के सबौर में कटाव के चलते कई घर गंगा नदी में समा गए।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में मिट्टी बहने से शिमला-कालका नैरोगेज रेलवे लाइन बंद हो गई है। 10 ट्रेनें भी रद्द कर दी गई हैं।