देश
पेपर लीक-चीटिंग पर 10 साल जेल, 1 करोड़ रुपए जुर्माना
पब्लिक एग्जामिनेशन बिल लोकसभा से पास, अब राज्यसभा में भेजा जाएगा
नई दिल्ली, एजेंसी। सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल करने पर आरोपियों को 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपए जुर्माना देना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने मंगलवार (6 फरवरी) को इन पर रोक लगाने के लिए पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत साधनों की रोकथाम) बिल पास कर दिया गया। अब इसे राज्यसभा में भेजा जाएगा।
यह बिल कानून बनाता है तो पुलिस बिना किसी वारंट के संदिग्धों को गिरफ्तार करने का अधिकार होगा। आरोपी को जमानत नहीं मिलेगी और इन अपराधों को समझौते से नहीं सुलझाया जा सकेगा।
इसके पहले संसद के बजट सत्र के पांचवें दिन यानी मंगलवार को सदन की कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के स्थानीय चुनावों (नगर निगम और पंचायत) में आरक्षण पर चर्चा से शुरू हुई। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सोमवार 5 फरवरी को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर लोकल बॉडीज लॉज (अमेंडमेंट) बिल 2024 पेश किया था।
इधर, राज्यसभा में कंसीडरेशन द कॉन्स्टीट्यूशन (शेड्यूल्ड ट्राइब्स) ऑर्डर (अमेंडमेंट) बिल 2024 और कॉन्स्टीट्यूशन (शेड्यूल्ड कास्ट्स एंड शेड्यूल्ड ट्राइब्स) ऑर्डर्स (अमेंडमेंट) बिल 2024 पर चर्चा शुरू हुई।
वहीं, लोकसभा में एक सवाल के जवाब में नित्यानंद राय ने बताया कि हमारी सरकार लगातार महिलाओं को प्रोत्साहन दे रही है। सेंट्रल आम्र्ड पुलिस फोर्सेस और असम राइफल्स में 41 हजार 606 महिला जवान तैनात है।
00सरकार ने अब तक जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव की तारीख नहीं बताई- नेशनल कॉन्फ्रेंस00
बिल पर चर्चा करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता हसनैन मसूदी ने कहा कि सरकार ने अब तक जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तारीख तय नहीं की है। आर्टिकल 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराए जाने की अंतिम सीमा तय कर दी थी, लेकिन सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया, ये शर्म की बात है।
उधर,टीएमसी के सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि भाजपा को स्थानीय निकाय चुनावों पर विश्वास ही नहीं है। सरकार को जम्मू-कश्मीर में जल्दी चुनाव कराने चाहिए। चंडीगढ़ मेयर चुनाव में जो हुआ, उसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में बात कही है।
संसद में ईडी के एक्शन की भी गूंज
विपक्षी सांसदों के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) की कार्रवाई की भी चर्चा रही। मंगलवार 6 फरवरी को अरविंद केजरीवाल के प्राइवेट सेक्रेटरी,आप सांसद समेत पार्टी के 10 ठिकानों पर ईडी की रेड हुई। हाल ही में झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को ईडी ने गिरफ्तार किया था।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा- ईडी जरूरत से ज्यादा काम कर रही है। उन्हें डिपार्टमेंट में नई भर्तियां भी करनी चाहिए, ताकि चुनाव से पहले हर विपक्षी नेता पर छापा मारा जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार 5 फरवरी को लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद देने पहुंचे। 100 मिनट की स्पीच में पीएम ने कांग्रेस, परिवारवाद, भ्रष्टाचार, रोजगार, महंगाई, राम मंदिर, पर्यटन, महिला, किसान, युवा, विपक्षी गठबंधन और 10 साल के यूपीए बनाम एनडीए सरकार के काम-काज पर बात की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान सबसे ज्यादा 85 बार देश, 43 बार कांग्रेस, 31 बार भारत, 19 बार विपक्ष, 14 बार महंगाई, 9 बार परिवारवाद, 8 बार किसान-युवा, 7 बार भ्रष्टाचार, 7 बार नेहरू, 5 बार बेटियों और 2 बार इंदिरा गांधी का नाम लिया। पीएम ने कहा- एक ही प्रोडक्ट को कई बार लॉन्च करने के चक्कर में कांग्रेस की दुकान पर ताला लगने की नौबत आ गई है।
देश
महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम
नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए
पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026
सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।
12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।
बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया
- राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
- प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
- शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
- एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।
संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।
सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की
सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।
पीएम की 3 अपील
- 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
- 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
- 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी
17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

देश
‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

थरुर ने अपने भाषण में कहा
शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”


थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ ब्लास्ट हादसा: धमाके में 20 श्रमिकों की मौत के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन, कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
सक्ती,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सक्ती जिले में वेदांता के विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत की घटना के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया, ”डाभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धमाका 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दाब वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए। ठाकुर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यदि जांच के दौरान और लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम भी प्राथमिकी में जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट सहित कई रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धमाके के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ”सभी रिपोर्ट मिलने के बाद, अगर जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी में और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।” इस घटना के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी।

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