देश
मिजोरम में लैंडस्लाइड से 17 की मौत, इनमें 2 बच्चे:रेमल तूफान के कारण बारिश से पत्थर की खदान ढही; असम में भी दो की मौत
आइजोल,एजेंसी। पश्चिम बंगाल में रविवार (26 मई) को आए रेमल तूफान का असर अब नॉर्थ-ईस्ट में दिखने लगा है। मिजोरम में तूफान के कारण लगातार हो रही बारिश की वजह से मंगलवार सुबह 6 बजे आइजोल में एक पत्थर की खदान ढह गई। अब तक इसमें 17 लोगों की मौत हुई है। इनमें 4 साल का लड़का और 6 साल की लड़की शामिल है। दो लोगों का रेस्क्यू भी किया गया है।
मिजोरम के DGP अनिल शुक्ला ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि अब तक 17 शव निकाले गए हैं। इनमें में 8 स्थानीय लोगों के हैं, जबकि 4 दूसरे राज्यों के हैं। बाकी शवों की पहचान की जा रही है। मलबे में 6-7 लोगों के दबे होने की आशंका है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन तेज बारिश के कारण इसमें दिक्कतें आ रही हैं।
इसके अलावा नॉर्थ-ईस्ट के एक अन्य राज्य असम में भी आज तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। मोरीगांव जिले में ऑटो रिक्शा पर पेड़ गिरने से एक कॉलेज स्टूडेंट की मौत हो गई। चार लोग घायल हो गए। जबकि, लखीमपुर में लैंडस्लाइड के चलते एक व्यक्ति की जान चली गई। सोनितपुर जिले में एक स्कूल बस पर पेड़ गिर गया, इसमें 12 बच्चे घायल हो गए।
ल-सरकारी दफ्तर बंद, CM ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई
लगातार बारिश के कारण मिजोरम के सभी स्कूल और सरकारी दफ्तर आज बंद कर दिए गए हैं। प्राइवेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों से घर से काम करवाने के लिए कहा गया है।
राज्य में कई और जगह भी लैंडस्लाइड हुए हैं। इसमें दो लोगों की मौत हुई। आइजोल के सलेम वेंग में लैंडस्लाइड के बाद एक इमारत पानी के साथ बह गई, जिसके बाद तीन लोग लापता हैं।
पुलिस ने बताया कि हुनथर में नेशनल हाईवे-6 पर लैंडस्लाइड के कारण आइजोल देश के बाकी हिस्सों से कट गया है। राज्य के भीतर कई स्टेट हाईवे भी बंद हैं।
लगातार बारिश से नदियों का जल स्तर भी बढ़ रहा है। नदी के किनारे के इलाकों में रहने वाले कई लोगों को हटा दिया गया है।
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने राज्य में खराब मौसम को लेकर इमरजेंसी बैठक बुलाई है। इसमें गृह मंत्री के सपडांगा, मुख्य सचिव रेनू शर्मा और दूसरे बड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने बारिश के कारण हुए हादसों में जान गंवाने वालों के परिवार को 4 लाख रुपए की मदद का ऐलान किया है।
असम में एक की मौत, CM ने लोगों से घरों में रहने की अपील की
असम में मंगलवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश ने तबाही मचाई। मोरीगांव जिले में ऑटो रिक्शा पर पेड़ गिरने से एक कॉलेज स्टूडेंट की मौत हो गई। चार लोग घायल हुए हैं। सोनितपुर जिले में एक स्कूल बस पर एक पेड़ गिर गया और 12 बच्चे घायल हो गए।
लखीमपुर के गेरुकामुख में बन रहे NHPC के हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के इलाके में लगातार बारिश के चलते लैंडस्लाइड में पुतुल गोगोई नाम के व्यक्ति की जान चली गई। कामरूप जिले के पलाशबाड़ी इलाके में गिरते हुए पेड़ से बचने के चक्कर में एक व्यक्ति घायल हो गया।
दिमा हसाओ जिले में भारी बारिश के बाद नदी का पानी बढ़ने से हाफलोंग-सिलचर लिंक रोड का एक बड़ा हिस्सा बह गया। दिमा हसाओ जिले के डिप्टी कमिश्नर सिमंता कुमार दास ने बताया कि हाफलोंग-सिलचर कनेक्टिंग रोड को 1 जून तक बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य के लोगों से घरों में रहने की अपील की है। NDRF, SDRF और सेना भी अलर्ट पर हैं।
IMD ने 30 मई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया
मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार दोपहर तक तूफान रेमल कमजोर होकर गहरे दबाव क्षेत्र में बदल गया। हालांकि, भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में सोमवार से साइक्लोन का असर शुरू हो गया। असम सहित पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में सोमवार से बारिश जारी है। गुवाहाटी में कल 14 और त्रिपुरा में 11 उड़ानें रद्द हुईं।
IMD ने पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम में 30 मई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। असम और मेघालय में 29 और 30 मई को बहुत भारी बारिश की आशंका है।
रविवार रात में बांग्लादेश और बंगाल के तटों से टकराया था तूफान
बंगाल की खाड़ी से उठा रेमल तूफान रविवार रात 8.30 बजे पश्चिम बंगाल के कैनिंग और बांग्लादेश के मोंगला में 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टकराया था। करीब 4 घंटे लैंडफॉल के दौरान तूफान ने बहुत तबाही मचाई। बंगाल में 6 और बांग्लादेश में 10 लोगों की मौत हो गई।
देश
महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम
नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए
पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026
सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।
12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।
बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया
- राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
- प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
- शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
- एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।
संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।
सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की
सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।
पीएम की 3 अपील
- 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
- 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
- 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी
17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

देश
‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

थरुर ने अपने भाषण में कहा
शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”


थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ ब्लास्ट हादसा: धमाके में 20 श्रमिकों की मौत के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन, कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
सक्ती,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सक्ती जिले में वेदांता के विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत की घटना के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया, ”डाभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धमाका 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दाब वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए। ठाकुर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यदि जांच के दौरान और लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम भी प्राथमिकी में जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट सहित कई रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धमाके के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ”सभी रिपोर्ट मिलने के बाद, अगर जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी में और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।” इस घटना के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी।

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