छत्तीसगढ़
उद्योगपतियों को 253 एकड़ जमीन 5 लाख लीज पर दी:विधानसभा में नारेबाजी, हंगामा, शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने बालोद में हुए जंबूरी कार्यक्रम में अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्कूल शिक्षामंत्री से सवाल पूछा कि आयोजन के लिए टेंडर से पहले काम कैसे शुरू हुआ और 4 दिन के अंदर काम कैसे पूरा हो गया।
जवाब में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शायरी पढ़ी और कहा कि नेशनल का काम अलग है और हमारा काम अलग है। वहीं, स्कूलों के युक्तियुक्तकरण पर सरकार से जवाब मांगा गया। अतिथि शिक्षकों के मुद्दे पर विपक्ष ने वॉकआउट किया।
इसके साथ ही उद्योगों को कम दर पर जमीन आवंटन के मुद्दे पर सदन में विपक्ष ने हंगामा किया। खल्लारी विधायक द्वारकाधीश यादव ने उद्योग मंत्री से सवाल किया कि उद्योगपतियों को 253 एकड़ जमीन महज 4 लाख 82 हजार 302 प्रति हेक्टेयर की दर पर 99 साल के लिए दिया गया है। यह किस नियम के तहत आवंटित किए गए हैं।
लखनलाल देवांगन ने जवाब दिया कि राज्य सरकार ने नवीन ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सौर विद्युत परियोजना लगाई जा सकती है। इस जवाब पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया।

शिक्षा विभागों से जुड़े सवाल का मंत्री गजेन्द्र यादव ने जवाब दिया।

वहीं, 140 आत्मसमर्पित नक्सली भी आज विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे हैं। इनमें 54 महिला, 86 पुरुष पूर्व नक्सली शामिल है।

1. जंबूरी कार्यक्रम में अनियमितता का मुद्दा
- विधायक राघवेन्द्र सिंह ने बालोद में हुए जंबूरी में अनियमितता की शिकायतों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया
- राघवेन्द्र सिंह – स्कूल शिक्षामंत्री भारत स्काउट गाइड के पदेन अध्यक्ष हैं, इसके लिए नियमों में क्या संशोधन किया गया और कब किया गया।
- गजेन्द्र यादव – स्काउट गाइड को लेकर यह सवाल दूसरी बार आया है। जवाब देने से पहले शायरी कही
वफा जानते जब तुम, तो मेरी वफा समझा पाता प्रेम में कितना समर्पण था मेरे, यह तुझे मैं बता पाता बार-बार बेगुनाही की अपनी, कितना भरोसा दिलाऊं ऐ हमदम रूठकर बैठ जाते हो हर बार, कैसे मनाऊं ऐ हमदम जानते हो तुम बेदाग हैं हम, तुम्हारी इस महफिल में फिर भी इतने सवालात, ज़हन में क्यों आते हैं हमदम
- गजेन्द्र यादव – छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद पहले शिक्षामंत्री सत्यनारायण शर्मा थे। मध्यप्रदेश से अलग होने के बाद राज्य सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव पारित किया कि स्काउट गाइड एक स्वतंत्र संस्था है और इसका चुनाव होना चाहिए।
- सत्यनारायण शर्मा के अनुमोदन के बाद पहली बार चुनाव हुआ और वे निर्वाचित अध्यक्ष बने। आयुक्त के रूप में तरुण चटर्जी नियुक्त हुए। इसके बाद डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी यह प्रक्रिया जारी रही।
- बाद में जब भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने, तब प्रस्ताव पारित किया गया कि चुनाव के बजाय स्कूल शिक्षामंत्री पदेन अध्यक्ष होंगे और मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्त व्यक्ति राज्य मुख्य आयुक्त बनाया जाएगा। इसमें भारत स्काउट गाइड ने अलग से कंडिका जोड़ी।
- राघवेन्द्र सिंह – 13 दिसंबर 2025 को आपको मनोनीत किया गया। 10 दिसंबर को पहला टेंडर निकला था। उससे पहले वह कौन सी समिति थी और उसके अध्यक्ष कौन थे, जिसके अनुसार जंबूरी आयोजन तय किया गया।
- गजेन्द्र यादव – छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन की बैठक हुई थी। इसमें राष्ट्रीय मुख्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष नया रायपुर और बालोद के दोनों स्थलों का निरीक्षण करने आए थे। उन्होंने बालोद का चयन किया। मेरे अध्यक्ष बनने से पहले ही यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। टेंडर मेरे कहने पर नहीं हुआ, बल्कि राज्य कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया गया।
- राघवेन्द्र सिंह – 10 दिसंबर को निकला पहला टेंडर निरस्त कर नया टेंडर किया गया, जिसे 4 जनवरी 2026 को खोला जाना था। लेकिन टेंडर खुलने से पहले ही काम शुरू हो गया और टेंडर खुलने के चार दिन के भीतर ही सारे काम पूरे हो गए। यह कैसे संभव है।
- MLA सुशांत शुक्ला – वैसे ही संभव है, जैसे बोरे-बासी दिवस पर भेंट-मुलाकात में होता है।
- राघवेन्द्र सिंह – आप मुद्दे को डायवर्ट मत कीजिए। यह बोरे-बासी का सवाल नहीं है। मेरा सीधा सवाल है कि टेंडर खुलने से पहले काम शुरू हुआ। क्या इस पर विधानसभा की समिति से जांच कराई जाएगी।
- गजेन्द्र यादव – नेशनल का काम अलग था और हमारा काम अलग। उनका काम पहले पूरा हो गया था। हमारा काम 10 तारीख के बाद का था। जांच वहीं होती है, जहां कोई घोटाला हुआ हो।
- चरणदास महंत – पहले भी जब यह सवाल आया था, तब भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला था। आज भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है। मंत्री गुमराह कर रहे हैं, इसलिए हम बहिर्गमन करते हैं।

विपक्ष ने आज सदन में कई मुद्दे उठाए।
2. MLA सुनील सोनी ने उठाया युक्तियुक्तकरण का मुद्दा
- सुनील सोनी – स्कूलों के युक्तियुक्तकरण के बाद जो भवन खाली हुए हैं, उनका आवश्यकतानुसार उपयोग किए जाने की बात उत्तर में कही गई है। जहां-जहां स्कूल खाली हुए हैं, उनका क्या उपयोग किया गया है।
- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव – इसी वर्ष युक्तियुक्तकरण किया गया है। कुल 10538 शालाओं का युक्तियुक्तकरण हुआ है, जिसमें 10372 स्कूलों को एक ही परिसर में मर्ज किया गया है। केवल 166 स्कूल ऐसे हैं जिनकी बिल्डिंग का उपयोग अभी नहीं हो पाया है। नए सत्र से इसके लिए योजना बनाई जाएगी।
- सुनील सोनी – विभाग की ओर से उत्तर में कहा गया था कि रिक्त भवनों में कम्प्यूटर कक्ष और लैब बनाए जाएंगे। जो स्कूल मर्ज हुए हैं, वहां क्या बनाया जाएगा।
- गजेन्द्र यादव – टीम जाकर मूल्यांकन करेगी। जो स्कूल मर्ज किए गए हैं, वहां स्मार्ट क्लास और ई-क्लास बनाए जाएंगे।
- सुनील सोनी – मेरे पास जानकारी और फोटो हैं। मठपुरैना का स्कूल, गणपत सिंधी स्कूल और आरडी तिवारी स्कूल की हालत काफी जर्जर है। शिक्षा के क्षेत्र में भवनों की स्थिति ही खराब है। क्या इनके मरम्मत के लिए राशि दी जाएगी।
- गजेन्द्र यादव – जहां-जहां जरूरत होगी, प्राथमिकता के आधार पर राशि जारी की जाएगी।
- सुनील सोनी – अब तक कितनी राशि जारी की गई है। क्या अनुदान बढ़ाया जाएगा।
- गजेन्द्र यादव – अनुदान निर्धारित है। संख्या के अनुसार ही अनुदान दिया जाएगा।
- राजेश मूणत – रायपुर नगर निगम के माध्यम से 3 करोड़ रुपए की एक बिल्डिंग बनाई गई, लेकिन वहां मिडिल स्कूल शिफ्ट कर दिया गया और बैठने के लिए दरी तक नहीं है। मैंने डीईओ और डायरेक्टर को पत्र लिखा और खुद दरी खरीदकर दी। युक्तियुक्तकरण के तहत यदि स्कूलों की यह स्थिति है, तो फर्नीचर, लैब और शिक्षकों की जरूरत को भी पूरा किया जाना चाहिए।
- गजेन्द्र यादव – 30 मार्च से पहले जहां-जहां जरूरत होगी, वहां व्यवस्थाएं की जाएंगी।
- 3. विधायक विक्रम मंडावी ने उठाया अतिथि शिक्षकों का मुद्दा
- विक्रम मंडावी – अतिथि शिक्षकों को सरकार प्रतिमाह कितना वेतन दे रही है।
- गजेन्द्र यादव – 20 हजार रुपए प्रतिमाह निर्धारित है, जो उनकी उपस्थिति के आधार पर दिया जाता है।
- विक्रम मंडावी – क्या अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए कोई योजना बनाई जा रही है।
- गजेन्द्र यादव – ऐसी कोई योजना नहीं है। हम नियमित शिक्षकों की भर्ती कर रहे हैं, अतिथि शिक्षक अलग श्रेणी में आते हैं।
- विक्रम मंडावी – आपने कहा था कि सरकार बनने के बाद नियमितीकरण किया जाएगा।
- गजेन्द्र यादव – ऐसा कहीं नहीं कहा गया था।
- विक्रम मंडावी – मोदी की गारंटी में नियमितीकरण का वादा किया गया था।
- गजेन्द्र यादव – सदन में ऐसा कुछ भी नहीं कहा गया है।
- उमेश पटेल – आपने 20 हजार रुपए प्रतिमाह और उपस्थिति के आधार पर भुगतान की बात कही है। यदि एक दिन अनुपस्थित रहते हैं तो कितना वेतन काटा जाता है। अतिथि शिक्षकों को एक दिन की भी छुट्टी नहीं मिलती।
- गजेन्द्र यादव – नियमितीकरण उन लोगों का किया जाता है जो डेली वेजेस पर कार्य करते हैं।
- उमेश पटेल – ये भी डेली वेजेस की तरह ही है, क्योंकि भुगतान प्रतिदिन के हिसाब से किया जा रहा है। नियमित कर्मचारियों को छुट्टी मिलती है और उनका वेतन नहीं कटता। मोदी की गारंटी को पूरा करेंगे या नहीं।
- गजेन्द्र यादव – मोदी जी की सभी गारंटी पूरी की जा रही हैं और आगे भी की जाएगी।
- उमेश पटेल – कब तक पूरी करेंगे, इसकी समय सीमा बताएं।
- विपक्ष का हंगामा, सदन में नारेबाजी के बीच मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉकआउट किया।
4. कम दर पर जमीन आवंटन का मुद्दा
- कांग्रेस विधायक चातुरी नंद – उद्योग मंत्री ने सीएसआईडीसी से मिली जानकारी के मुताबिक बताया है कि महासमुंद जिले के ग्राम जंगलबेड़ा मेसर्स गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड को 1.93 हेक्टेयर शासकीय जमीन को महज 4 लाख 82 हजार 300 रू. में 99 साल के लिए लीज पर दे दी गई। 253 एकड़ जमीन कारखाना की क्षमता से बहुत ज्यादा है। सोलर प्लांट के लिए इतनी ज्यादा जमीन का निर्धारण किस स्तर से किया गया।
- उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन – जैसे-जैसे उद्योग की स्थापना की जरूरत होती है, उसके अनुसार जमीन आवंटिंत की जाती है। पूरी जमीन उनको नियमानुसार आवंटित की गई है।
- चातुरी नंद – क्या जमीन का आवंटन नियम कानून को ताक में रखकर किया गया है।
- लखनलाल देवांगन – जमीन का आबंटन पूरी नियम प्रक्रिया के तहत हुआ है। अगर सदस्य जानना चाहेंगे तो मैं डिटेल में बता देता हूं कि किस तारीख को कलेक्टर की अनुमति हुई। कैसे सीएसआईडी में आया, कैसे उद्योग में आया और उद्योग में आया तारीखवार बता देता है।
- चातुरी नंद – मंत्री जी कह रहे हैं कि नियम के तहत कलेक्टर के आदेश के तहत ये आवंटन हुआ है। जो की सरासर झूठ है और सदन को गुमराह करने की बात है। कलेक्टर महासमुंद उद्योग विभाग को औद्योगिक क्षेत्र के स्थापना के लिए जमीन दी थी। ना कि किसी विशेष औद्योगिक प्रयोजन के तहत दिया गया था। नए उद्योग की जगह किसी ईकाई विशेष को जमीन आवंटित करने के लिए क्या शासन से अनुमति ली गई।
- लखनलाल देवांगन – गोदावरी इस्पात 4 दिसंबर 2024 को अनुबंध किया गया। 30 दिसंबर 2024 को समान्य सभा द्वारा कलेक्टर महासमुंद द्वारा एनओसी दी गई। 102 हेक्टेयर शासकीय भूमि 25 फरवरी 2025 को उद्योग विभाग को दी गई। 6 मार्च 2025 को उद्योग विभाग ने सीआईडीसी को दी गई। 22 मई 2025 को सीआईडीसी ने गोदावरी पावर एंड इस्पात को दी गई। इस तरह पूरी प्रक्रिया के अनुसार दिया गया है।
- चातुरी नंद – कलेक्टर का आदेश तो मंत्री जी के पास होगा। उसमें पहली कंडीका में लिखा है। कि जमीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए दिया जा रहा है। अगर इससे अलग कोई दूसरा प्रयोजन यहां होता है। तो लीज स्वतः निरस्त हो जाएगा लेकिन सीएसआईडी के अधिकारी किस नियम के तहत निजी संयंत्र को शासकीय भूमि में लीज पर दी गई है।
- लखनलाल देवांगन – औद्योगिक नीति के तहत दिया गया है।
- MLA द्वारकाधीश यादव – 253 एकड़ जमीन को महज 5-6 लाख में आप किस नियम के तहत आवंटित किए हैं।
- लखनलाल देवांगन – 102 हेक्टेयर जमीन को 4 लाख 82 हजार 302 प्रति हेक्टेयर की दर पर 99 साल के लिए दिया गया है। जिसके साल का 4 करोड़ 77 लाख रू. होता है।प्रति वर्ष निर्धारित समय पर 28 लाख 644 रू. वार्षिक लीज रेंट भी भुगतान करना होगा।
- द्वारकाधीश यादव – इतनी कम दर पर किस प्रक्रिया के तहत भूमि का आवंटन किया गया है।
- लखनलाल देवांगन – राज्य सरकार द्वारा नवीन ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सौर विद्युत परियोजना लगाई जा सकती है। औद्योगिक नीति के तहत छूट भी मिलेगा।
- चातुरी नंद – पेड़ काट दिए गए, तालाब पाट दिए। क्या नियम खिलाफ शासकीय जमीन को लीज पर देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे।
- लखनलाल देवांगन – वहां से जो 3 शिकायतें मिली थी। उस पर कार्रवाई भी हुई है। कलेक्टर ने एक उच्च स्तरीय समिति का भी गठन किया गया है। इस पर सदन में हंगामा हुआ।
5. अवैध पेड़ कटाई मामला, दोषी पर होगी कार्रवाई
पूर्व वन मंत्री और विधायक विक्रम मंडावी ने ध्यानाकर्षण के जरिये वन मंडल भानुप्रतापपुर के तहत अवैध पेड़ कटाई का मामला उठाया।
जवाब में वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा- केंद्र सरकार ने खनन का परमिशन मेसर्स गोदावरी को दिया गया है। 33 हजार 40 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई है, कटाई वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में कराई गई।
इस तरह अवैध कटाई नहीं हुई है। 2890 पेड़ों की कटाई के बावजूद उसके काष्ठ नहीं पाए गए। 11 कर्मचारी-अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
विक्रम मंडावी ने कहा कि वन विभाग के अधिकारी ने ही रिपोर्ट भेजा था कि करीब 5 हजार पेड़ कटे हैं। मामला साल 2021 का है, अब तक कार्रवाई हो जाना चाहिए था।
वन मंत्री ने कहा- जो भी दोषी होगा विधि सम्मत उस पर कार्रवाई होगी।

कोरबा
24 जून को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में होगी विशेष ग्राम सभा
आवास प्लस 2.0 की सूची का होगा सार्वजनिक वाचन एवं अनुमोदन
ग्राम सभा की मंजूरी के बाद फाइनल सूची आवास सॉफ्टवेयर में होगी अपलोड
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम एवं रोजगार संबंधी प्रावधानों की दी जाएगी जानकारी
कोरबा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से तैयार हितग्राहियों की सूची का सत्यापन एवं अनुमोदन किया जाएगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पात्र एवं प्रतीक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन भी किया जाएगा।
ग्राम सभा में आवास प्लस 2.0 के तहत तैयार की गई सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची ग्रामीणों के समक्ष पढ़कर सुनाई जाएगी। यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम दर्ज है, तो ग्रामीण मौके पर ही अपनी दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे। ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित सूची को अंतिम रूप देकर आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।

बैठक में पंचायतों के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत कर अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा तथा पूर्व में पारित प्रस्तावों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की जाएगी। ग्राम पंचायतों की परिसंपत्तियों के रखरखाव, नए विकास कार्यों की प्राथमिकताओं तथा स्थानीय आवश्यकताओं पर भी चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
ग्राम सभा में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के उद्देश्यों एवं विभिन्न प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी। इसके अंतर्गत ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार गारंटी अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने, मजदूरी भुगतान की व्यवस्था, बेरोजगारी भत्ते के प्रावधानों तथा आजीविका संवर्धन से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
ग्राम सभा में स्थानीय विकास योजनाओं के निर्माण, श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था तथा ग्राम स्तर पर जनभागीदारी को सुदृढ़ बनाने के विषय में भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
जिला प्रशासन एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी ग्रामीणों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने अधिकारों एवं गांव के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है।
कोरबा
कोरबा में शराब दुकान शिफ्टिंग पर विवाद:आबकारी इंस्पेक्टर के व्यवहार से भड़के स्थानीय लोग, हंगामा बढ़ने पर बिना निरीक्षण लौटी टीम
कोरबा। कोरबा जिले के दीपका नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-1 में प्रस्तावित शराब दुकान के स्थल निरीक्षण के दौरान गुरुवार को विवाद हो गया। तहसील कार्यालय के पास दुकान खोलने के प्रस्ताव पर स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद अधिकारी बिना निरीक्षण पूरा किए लौट गए।
यह विवाद आबकारी विभाग द्वारा तहसील कार्यालय के समीप शराब दुकान संचालित करने के प्रस्ताव को लेकर था। स्थल की स्थिति का जायजा लेने के लिए कटघोरा एसडीएम तन्मय खन्ना, नगर पालिका सीएमओ नेतराम रत्नेश, नपा अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत और आबकारी इंस्पेक्टर सुकांत पांडे सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।

निरीक्षण की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल अपने समर्थकों और स्थानीय निवासियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रस्तावित स्थल पर शराब दुकान खोलने का कड़ा विरोध किया।
पार्षद ने तर्क दिया कि आवासीय क्षेत्र और तहसील कार्यालय के पास दुकान खुलने से कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल बिगड़ सकता है, जिससे स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और महिलाओं को परेशानी होगी।

पार्षद और एसडीएम के बीच तीखी बहस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्षद कमलेश जायसवाल और एसडीएम तन्मय खन्ना के बीच तीखी बहस हुई। एसडीएम ने पार्षद को कार्यालय आकर चर्चा करने का सुझाव दिया, जिस पर पार्षद ने जवाब दिया कि वे कार्यालय में भी आपत्ति दर्ज कराएंगे, लेकिन वार्ड में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलने देंगे।
इसी दौरान आबकारी इंस्पेक्टर सुकांत पांडे और पार्षद के बीच भी विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने ऊंची आवाज में चिल्लाते हुए और उंगली उठाकर बात की, जिससे स्थानीय लोग और भड़क गए। लोगों ने जनप्रतिनिधि से इस तरह के व्यवहार को अनुचित बताया।

हंगामा बढ़ने पर बिना निरीक्षण लौटी टीम
हंगामा और नारेबाजी बढ़ने पर, एसडीएम सहित पूरी टीम बिना निरीक्षण पूरा किए ही वापस लौट गई। बाद में, एसडीएम तन्मय खन्ना ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण केवल प्रस्तावित स्थल की स्थिति जानने के लिए था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जमीन वन विभाग की पाई जाती है, तो वहां शराब दुकान नहीं खोली जा सकती।
छत्तीसगढ़
महादेव ऐप के सौरभ से भूपेश की कथित चैट वायरल:पूर्व सीएम ने बताया फर्जी, बोले- छवि खराब करने की कोशिश, 2 यूट्यूबर्स पर FIR
दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के कथित मैसेज का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 2 यूट्यूबर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वायरल कंटेंट को फर्जी बताते हुए नाराजगी जताई है। साथ ही भूपेश कहा कि फर्जी जानकारी वायरल करने वालों के खिलाफ मेरी लीगल टीम कानूनी कार्रवाई करेगी।

दरअसल, वायरल चैट में सीएम भूपेश बघेल के नाम से एक मैसेज दिख रहा है। इसमें कथित तौर पर सौरभ चंद्राकर को कहा गया है कि नंबर भेजो अपना, बात करना चाहते हैं। इन यूट्यूबर्स ने इसे लेकर खबरें चलाई थी।
वहीं आरोपी बनाए गए यूट्यूबर पुष्पराज सिंह का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कहता है मैं किसी पर आरोप लगाने नहीं आ रहा हूं। सबूत के साथ आएंगे धांधली कहां से होती है, कैसे होती है और क्यों होती है? सबूत पहले सामने रखेंगे। इसके बाद वह आत्महत्या की बात भी कह रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भिलाई-3 थाने में मामले की शिकायत की।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 2 यूट्यूबर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

आरोपी बनाए गए पुष्पराज सिंह का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो 3 दिन पहले पोस्ट किया गया है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया है कि महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट और भूपेश बघेल के नाम से जुड़े एक कथित यूजरनेम के बीच मैसेज में बातचीत हुई है।

वायरल चैट के स्क्रीनशॉट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि सुबह से फोटोशॉप की गई फर्जी तस्वीरों के आधार पर खबरें चलाई जा रही हैं।
भूपेश बघेल ने दावा किया कि वायरल चैट पूरी तरह फर्जी है और इसमें दिखाए गए यूजरनेम के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कथित फर्जी चैट के स्क्रीनशॉट भी साझा किए और कहा कि यह लोगों को गुमराह करने की कोशिश है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की फर्जी खबरें फैलाने वालों और इसके पीछे जुड़े लोगों की जानकारी उनके पास पहुंच चुकी है। साथ ही उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है।

बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे थे।
भिलाई-3 थाने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता, किया प्रदर्शन
इधर, इस कथित मैसेज का स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की छवि खराब करने की एक सुनियोजित कोशिश है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
यूट्यूबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह पर FIR
छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर यूट्यूबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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