छत्तीसगढ़
कंपनी बनाकर होम-लोन के नाम पर ठगे 3 करोड़:60% अमाउंट लेकर पूरी किस्त जमा करने का देता झांसा, लोन मंजूर कराकर हड़प लेता था पैसे
सरगुजा, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में महिला टीचर समेत 9 लोगों से करीब 3 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को बैंक से होम लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था। इस मामले में महिला टीचर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

आरोपी ने एक कंपनी बनाई और उसी के जरिए लोगों को होम लोन दिलाने का काम करने लगा। वह लोगों से कहता था कि जितना भी लोन मिलेगा, उसका 60 प्रतिशत पैसा कंपनी में जमा करना होगा। इसके बदले कंपनी हर महीने बैंक की पूरी किस्त खुद भर देगी।
वहीं, लोन लेने वाले को 40 प्रतिशत रकम मिल जाएगी और उसे खुद कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। इसके बाद वो लोन की राशि अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लेता और किस्त जमा नहीं करता।
इस तरह आरोपी अब तक नौ लोगों से कुल 3 करोड़ की ठगी कर चुका है। यह मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है।

9 लोगों से करीब 3 करोड़ रुपए की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार।
जानकारी के अनुसार, सरगवां की रहने वाली दिव्या एक्का ने 12 मई को गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। दिव्या राजपुर ब्लॉक में टीचर के पद पर हैं।
उन्होंने बताया कि जुलाई 2024 में जमीन खरीदकर घर बनाने के लिए उन्हें 15 लाख रुपए के लोन की जरूरत थी। इस बारे में उन्होंने अपने जीजा से बात की। जीजा ने उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताया, जो लोन दिलाने का काम करता था।
इसके बाद वह व्यक्ति दिव्या एक्का के घर पहुंचा और उसने अनशिवआर्या फाउंडेशन ग्रुप कंपनी के संचालक शिवशंकर दास, निवासी चंगोरी बरियों, जिला बलरामपुर के बारे में जानकारी दी।

पूरी किस्त जमा करने का झांसा देकर ठगी
शिवशंकर दास ने दिव्या एक्का से कहा कि वह बैंक से लोन दिलाने में मदद करेगा। उसने बताया कि जितना भी लोन मिलेगा, उसका 60 प्रतिशत पैसा कंपनी में जमा करना होगा। बदले में कंपनी हर महीने लोन की पूरी किस्त भरेगी। वहीं, लोन लेने वाले व्यक्ति को 40 प्रतिशत राशि मिलेगी और उसे खुद कोई पैसा जमा नहीं करना पड़ेगा।
शिवशंकर दास ने दिव्या एक्का का पैन कार्ड, आधार कार्ड, फॉर्म नंबर 16, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट और अन्य आवश्यक दस्तावेज ले लिया। पीड़िता केवल बैंक ऑफ इंडिया के फार्म ही साइन करने गई थी। इसके अलावा वह कहीं नहीं गई थी।
शिवशंकर दास ने मनमाने ढंग से आईसीआईसीआई बैंक से 15 लाख रुपए, बैंक ऑफ इंडिया से 13.40 लाख रुपए और एचडीएफसी बैंक से 12.68 लाख रुपए का लोन मंजूर करवाया। इस तरह पीड़िता के खाते में कुल 41.08 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए।
इसके बाद शिवशंकर दास ने अलग-अलग खातों में कुल 28 लाख रुपए अपने पास ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद किस्त जमा नहीं किए। महिला टीचर ने इसकी शिकायत थाने में की। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिवशंकर दास के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
तीन करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा
पुलिस ने शिवशंकर दास को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि वह किराए पर क्रशर चलाता था। कारोबार में नुकसान होने के बाद उसने अनशिवआर्या फाउंडेशन ग्रुप कंपनी बनाई।
आरोपी ने दिव्या एक्का के नाम पर 41.08 लाख रुपए का लोन मंजूर करवाया और उसमें से 28 लाख रुपए की ठगी कर ली। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 9 अन्य लोगों से भी करीब 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी की है।
थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी शिवशंकर दास (40 वर्ष) निवासी किशुनपुर थाना धौरपुर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। आरोपी को न्यायालय से जेल भेज दिया गया है।
कोरबा
दीपका में होटल अंजनी इन का भव्य शुभारंभ
कोरबा/दीपका। महानगरों की तर्ज पर नगर पालिका परिषद दीपका नगर में भी एक भव्य, आकर्षक एवं सर्वसुविधायुक्त वातानुकूलित होटल अंजनी इन का भव्य शुभारंभ 08 जून को छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, तखतपुर के पूर्व विधायक आशीष सिंह ठाकुर उपस्थित रहे और इनके अलावा कई बड़ी हस्तियों की उपस्थिति और आशीर्वाद के साथ होटल अंजनी इन लोगों की सेवा के लिए लोकार्पित किया गया।

इस भव्य शुभारंभ के बाद होटल अंजनी इन के डायरेक्टर अजय जायसवाल ने उपस्थित अतिथियों का आभार जताया और पूरे जिलेवासियों को इस भव्य होटल अंजनी इन में सेवा के लिए आमंत्रित किया है। होटल की भव्यता आकर्षक है, जहां यहां आने वाले गेस्ट अपने आपको ऐसा महसूस करेंगे, जैसे महानगरों की होटलों में सेवा प्रदान की जाती है।

सभी प्रकार का स्वादिष्ट व्यंजन मिलेगा रेस्टोरेंट में

होटल अंजनी इन के विशाल ग्राउंड फ्लोर में भव्यता के साथ रेस्टोरेंट खोला गया है, जहां पर सभी तरह के मनपसंद व्यंजन की उपलब्धता होगी और ग्राहकों की चाहत और पसंद को ध्यान में रख कर हर तरह का स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध कराया जा रहा है। डायरेक्टर अजय जायसवाल ने बताया कि ग्राहकों की संतुष्टि के लिए हर तरह का संसाधन और स्वच्छता तथा क्वालिटी का ध्यान रखा गया है, ताकि जो ग्राहक एक बार यहां पधारे, उन्हें बार-बार आने की इच्छा हो।
होटल अंजनी इन में उपलब्ध सुविधाएं

डायरेक्टर अजय जायसवाल ने बताया कि रेस्टोरेंट में जहां स्वादिष्ट व्यंजनों का ग्राहक लुफ्त उठा सकेंगे, वहीं रेस्टोरेंट का नाम कोल किचन रेस्टोरेंट रखा गया है, जहां पर 100 लोगों के लिए बेंकेट हॉल की आरामदायक व्यवस्था है, वहीं 200 लोगों के लिए शानदार स्काई व्युव लॉन एवं 25 लोगों के लिए क्रिस्टल लॉन की शानदार व्यवस्था बनाई गई है।
अतिथियों का ह्दय से स्वागत


होटल अंजनी इन के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित अतिथियों सहित विशिष्टजनों, आगंतुकों का डायरेक्टर अजय जायसवाल, श्रीमती रीना जायसवाल, बजरंग जायसवाल, अमित जायसवाल, सुमित जायसवाल सहित व्यवस्थापकों ने ह्दय से स्वागत किया और अजय जायसवाल ने अतिथियों की अगुवानी की।
लॉन एवं कमरे देखकर अतिथियों ने की प्रशंसा

अतिथियों को अजय जायसवाल ने होटल अंजनी इन एवं रेस्टोरेंट कोल किचन का भ्रमण कराया और स्वादिष्ट व्यंजनों को चखाया भी। सभी अतिथियों ने लॉन, कमरों का अवलोकन किया और शानदार डिजायनिंग एवं व्यवस्था की प्रशंसा की।














छत्तीसगढ़
रायपुर : राज्यपाल से परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सुब्रत साहू के नेतृत्व में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की।
राज्यपाल श्री डेका ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी और कहा कि अपना कर्तव्य भली-भांति निभाते हुए देश और समाज की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहें और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करें। आम आदमी को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग के कल्याण को प्राथमिकता दें साथ ही अपने अधीनस्थों के प्रति भी संवेदनशील रहें।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, संचालक छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी टी सी महावर, प्रशिक्षण निदेशक प्रणव सिंह सहित परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी गोकुल आर. के., वदथ्यवथ यशवंत नाइक एवं इशांत जायसवाल उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़
रायपुर : बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी
नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का विजन
बस्तर में आमदनी दोगुनी करने का बड़ा संकल्प: तीन साल में हर परिवार की आय 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाने का लक्ष्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में नक्सलवाद से मुक्त बस्तर की नई तस्वीर देश के सामने रखी। उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनेगा।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, दुग्ध क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, पर्यटन को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने तथा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। वहां दूध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, खेतों तक पानी पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, गांवों में डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार खेती, पशुपालन, वन उपज, छोटे उद्योग और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में “डेयरी मॉडल” को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य गांवों में स्थायी आय का स्रोत तैयार करना है। इस पहल से महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा गांवों में डेयरी केंद्र, दूध संग्रहण, परिवहन और स्थानीय बाजार जैसी नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इंद्रावती नदी क्षेत्र में सालभर पानी उपलब्ध होने से खेती बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसान धान के साथ-साथ सब्जियां, फल तथा अन्य नकदी फसलें भी उगा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे मरीजों के इलाज, बीमारी और दवाओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा तथा डॉक्टरों को समय पर सही जानकारी मिल सकेगी। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि बस्तर में बने लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चित्रकोट और बौद्ध धर्म से जुड़े तीर्थस्थल सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है, जबकि सिरपुर में ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर, संग्रहालय और महानदी तट के विकास पर कार्य जारी है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। पर्यटकों के आने से होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, दुकानदारों और स्थानीय उद्यमियों को रोजगार मिलता है। बस्तर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेश, सुशासन और तकनीक आधारित विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है। राज्य में 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत बनाकर निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक के जरिए विकास का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके साथ ही 341 पीएमश्री स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत 33 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार ने एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन शुरू किए हैं। इन मिशनों से युवाओं को रोजगार, तकनीक और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे तथा छत्तीसगढ़ को नवाचार और निवेश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत छत्तीसगढ़ में उद्योग, निवेश और निर्यात को नई गति मिली है। खेल सामग्री, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल, गारमेंट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन इंडस्ट्रीज को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना से राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा। इससे किसानों, कारीगरों और उद्यमियों की आय में वृद्धि हो रही है।
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