छत्तीसगढ़
5.11 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए काम की खबर:डिजिलॉकर में इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान जैसे कई दस्तावेज मिलेंगे,मोबाइल ऐप पर कर्मचारियों की होगी पूरी डिटेल
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के दस्तावेजों को डिजिलॉकर और उनके काम-काज की पूरी जानकारी को मोबाइल ऐप से कनेक्ट कर दिया है। साय सरकार ने राज्य के वित्त विभाग एवं पेंशन संचालनालय के साथ डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश (ePPO) और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट की डिजिटली अवेलेबिलिटी को पुख्ता किया है।
राज्य के लगभग 3.61 लाख सरकारी कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनभोगी अब डिजिलॉकर के माध्यम से अपने जीपीएफ स्टेटमेंट, अंतिम भुगतान आदेश, पेंशन प्रमाण पत्र और पेंशन भुगतान आदेश जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कहीं से भी, कभी भी, सुरक्षित और प्रमाणिक रूप में डाउनलोड कर सकते हैं। इससे दस्तावेजों की फिजिकल प्रतियों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी और कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
कर्मचारियों की कुंडली मोबाइल ऐप पर
प्रदेश सरकार ने अब कर्मचारियों की सेवा जानकारी को मोबाइल ऐप के माध्यम से अपडेट करने की पहल की है। प्रदेश के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की सीआर के लिए अब फाइलों को पलटने का झंझट समाप्त हो गया है।कर्मचारियों की प्रोफाइल अब एम्प्लॉई कॉर्नर मोबाइल ऐप पर अपडेट की जाएगी।
नई व्यवस्था के अनुसार, अब कर्मचारियों की प्रोफाइल को कार्मिक संपदा पोर्टल पर लोड और अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एम्प्लॉई कॉर्नर मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं। संचालनालय कोष एवं लेखा की इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कर्मचारियों की सेवा संबंधी “कुंडली” को अपडेट रखने में यह व्यवस्था मददगार साबित होगी।
संचालक कोष एवं लेखा रितेश अग्रवाल ने कहा कि यह पाया गया है कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर अधिकांश कर्मचारी अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते हैं, जिसके कारण रिटायरमेंट के समय उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्मिक संपदा मॉड्यूल में व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख की होती है, लेकिन इसमें समय लगने के कारण असुविधाएं उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए एम्प्लॉई कॉर्नर मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जो कर्मचारियों को खुद लॉगिन कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा देता है।
ये फायदा होगा
अब सेवा संबंधी जानकारी, नॉमिनी परिवर्तन, बैंक खाता परिवर्तन आदि के लिए कार्यालय प्रमुख पर निर्भरता नहीं रहेगी, जिससे अनावश्यक विलंब की स्थिति में भी कमी आएगी। स्थानांतरण, वेतन निर्धारण, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक कामों में इससे पारदर्शिता आएगी। सेवा के दौरान और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभ जैसे पेंशन, जीपीएफ, उपादान, अवकाश नगदीकरण आदि प्रकरणों का शीघ्र निराकरण संभव होगा।
कर्मचारियों के प्रोफाइल अपडेट करने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह ऐप और पोर्टल तैयार किया गया है। इसके इस्तेमाल के लिए एसओपी (Standard Operating Procedure) की जानकारी https://ekoshonline.cg.gov.in/Advertisement/sop_karmik_website_merged.pdf में दी गई है।
कोरबा
जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कलेक्टर ने दिए निर्देश
सुशासन तिहार में ग्रामीण क्षेत्रों में लगेंगे शिविर
ग्रामीण युवाओं को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से रोजगारमूलक प्रशिक्षण प्रदान करने के दिए निर्देश
समय सीमा की बैठक
कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन इस वर्ष “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन व्यापक स्तर पर कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर अभियान के प्रभावी संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और त्वरित निराकरण सुशासन की नींव है तथा शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक को सरल और सुलभ सेवाएं उपलब्ध हों। पिछले वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष इसे और अधिक विस्तृत स्वरूप में लागू किया जा रहा है।

समय सीमा की बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि अभियान के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 15 ग्राम पंचायतों के समूहों के आधार पर तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के अनुसार शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आम नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करने के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि पात्र हितग्राहियों को यथास्थान योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए तथा शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण अधिकतम एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की अद्यतन स्थिति से अवगत कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों का निरीक्षण करेंगे और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी।
कलेक्टर ने विभिन्न विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि राजस्व संबंधी सभी लंबित प्रकरणों, जैसे सीमांकन, फौती, नामांतरण आदि का 30 अप्रैल तक पूर्ण निराकरण किया जाए। मनरेगा की लंबित मजदूरी भुगतान, खराब बिजली ट्रांसफार्मरों के बदलीकरण, हैंडपंपों की मरम्मत, पेंशन तथा राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान करने को भी कहा गया है। इसके साथ ही सभी हितग्राही मूलक योजनाओं के पात्रता चयन, सामग्री वितरण और ग्रामवार जानकारी संकलन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जनसमस्याओं के तत्पर समाधान के लिए जिला पंचायत सीईओ को एक कंट्रोल रूम स्थापित करने को भी कहा गया है। सुशासन तिहार अवधि में शासकीय कर्मचारियों के अनावश्यक अवकाश पर रोक रहेगी तथा ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विशेष बल दिया गया है।
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने जनपद सीईओ से बेसलाइन सर्वे और ग्राम विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को निर्माण पोर्टल में मांगी गई जानकारी फ़ोटो सहित एक सप्ताह के भीतर अपलोड करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पूर्ण हो चुके आवासों में हितग्राहियों का गृह प्रवेश जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित कराने को कहा गया है। महतारी वंदन योजना के ई-केवाईसी सत्यापन के लिए अधिकृत सीएससी केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों में निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही जनगणना 2027 के लिए सभी अधिकारियों को स्वगणना फार्म ऑनलाइन भरने के लिए कहा गया है। पीडीएस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने माह के अंत तक सभी सोसायटियों में मई माह के खाद्यान्न का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने निर्देश दिए।
कौशल विकास पर विशेष ध्यान देते हुए कलेक्टर ने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने लाइवलीहुड कॉलेज में प्रशिक्षण के दौरान दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं के लिए भोजन और आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीण युवाओं के चयन हेतु राष्ट्रीय आजीविका मिशन और महिला स्व-सहायता समूहों की सहायता लेने को कहा गया। 24 अप्रैल को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में कौशल प्रशिक्षण संबंधी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने तथा रोजगार अधिकारी और एसडीएम को समन्वय स्थापित कर इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी प्रदान किए गए।
बैठक में कलेक्टर ने “ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” की समीक्षा, 275(क) के तहत जानकारी प्रेषित करने, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्यघर योजना सहित समय-सीमा के लंबित प्रकरणों पर प्रगति लाते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन, मानवाधिकार आयोग, कलेक्टर जनदर्शन सहित अन्य महत्वपूर्ण लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़
भूपेश बोले- कौशल्या भाभी को सीएम बना दीजिए:महिला आरक्षण बिल पर छत्तीसगढ़ सरकार बुलाएगी विशेष सत्र, विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी
रायपुर,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि विष्णु जी, अगर आपको तकलीफ है तो कौशल्या भाभी को मुख्यमंत्री बना दीजिए। बघेल ने आरोप लगाया कि जनसंघ, RSS, विहिप और भाजपा ने कभी महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में मौका नहीं दिया।

महिलाओं को आरक्षण देने की पहल सबसे पहले राजीव गांधी ने की थी, लेकिन भाजपा ने उस समय अड़ंगा लगाया, नहीं तो 1989 में ही यह कानून पास हो जाता। पंचायत राज व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में इसे लागू किया गया, जिसके बाद 1995 में पहला चुनाव हुआ।
इससे लाखों महिलाएं राजनीति में आईं और आज बड़ी संख्या में महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है। भूपेश ने ये बातें अपने घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही हैं।
बता दें कि लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने पर भाजपा ने आक्रोश रैली निकाली थी। साय सरकार एक दिन का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है, जो इसी महीने आयोजित हो सकता है। सीएम साय के मुताबिक विपक्ष के रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा।
विशेष सत्र बुलाने की प्रक्रिया में पहले मुख्यमंत्री और कैबिनेट सत्र आयोजित करने का निर्णय लेते हैं। इसके बाद प्रस्ताव को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाता है, और उनकी स्वीकृति के बाद ही सत्र बुलाया जाता है।

आक्रोश रैली निकलने से पहले सीएम विष्णुदेव साय ने सभा को संबोधित किया था।

‘नारी शक्ति जाग गई’ के नारों के साथ स्टेडियम से निकली आक्रोश रैली।

हाथों में तख्ती-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरीं महिलाएं।

प्रदर्शन से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।
27 अप्रैल तक चलेगा प्रदर्शन
नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं होने के बाद बीजेपी अब कांग्रेस के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई है। इसी कड़ी में लगातार छत्तीसगढ़ में भी विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन की शुरूआत सोमवार 20 अप्रैल से हो गई।
- 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में जन आक्रोश महिला सम्मेलन रखे जाएंगे।
- 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन किया जाएगा।
कांग्रेस फूट डालो और राज करो की नीति अपनाती है- साय
19 अप्रैल को रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीएम साय ने कहा था कि, वे बहुत दुखी मन से मीडिया के बीच आए हैं। 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण विपक्ष के रवैये की वजह से नहीं मिल पाया। इंडी गठबंधन ने 70 करोड़ महिला शक्ति की उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया है।
छत्तीसगढ़ में पंचायती राज में महिलाओं का आरक्षण 57 प्रतिशत है और विधानसभा में भी 21-22 प्रतिशत नारी शक्ति है। इंडी गठबंधन के लोग अंग्रेजों की तरह “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाते हैं और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टी धर्म के नाम पर आरक्षण की बात कहकर लोगों को बरगलाती है।
उन्होंने कहा कि, आने वाले वक्त में इंडी गठबंधन को इसका खामियाजा भुगतना होगा। कांग्रेस और इंडी गठबंधन का वास्तविक चेहरा सामने आ चुका है और देश की माता-बहनें सच्चाई जान चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश की महिलाओं की उम्मीदों पर पानी नहीं फिरने दिया जाएगा।

पीएम मोदी ने शनिवार शाम देश को सम्बोधित करते हुए बिल पास नहीं होने पर महिलाओं से माफी मांगी।
लोकसभा में पास नहीं हो सका महिला आरक्षण बिल
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। इसे पारित करने के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी। इस बिल में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान शामिल था।
PM मोदी ने माफी मांगी, विपक्ष पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार शाम देश को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाने पर माताओं-बहनों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि इस बिल में संशोधन नहीं हो पाया और इसके लिए वे क्षमा चाहते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन कुछ दलों के लिए दलहित देशहित से बड़ा हो गया, जिसका नुकसान नारी शक्ति को उठाना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी राजनीति के कारण महिलाओं के अधिकारों को झटका लगा है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण प्रस्ताव गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा खुशी जताई गई, जबकि देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अपने अपमान को नहीं भूलती और इस पूरे घटनाक्रम को देश की महिलाएं याद रखेंगी।
विशेष सत्र में लाया गया था प्रस्ताव
महिला आरक्षण से जुड़े इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए केंद्र सरकार ने संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया था। मतदान के दौरान आवश्यक बहुमत नहीं मिलने के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका।
छत्तीसगढ़
रायपुर : नगरीय निकायों के कार्यों की मैराथन समीक्षा का दूसरा दिन, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा
शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से लगाएं रोक, उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ को दिए निर्देश
नई सोच और नई कार्य पद्धति से शहरों तथा शहरवासियों के कल्याण के लिए काम करने कहा
साव ने नगर पंचायतों के कार्यों और व्यवस्थाओं में कसावट लाने के दिए निर्देश, कहा काम में लापरवाही और कोताही बर्दाश्त नहीं, जवाबदेही तय कर की जाएगी कड़ी कार्रवाई
शहरों को स्वच्छ व सुंदर बनाने तथा नागरिकों के लिए पर्याप्त जन सुविधाएं विकसित करने के दिए निर्देश
31 मई तक नई संपत्तियों पर करारोपण का कार्य पूर्ण करने कहा





रायपुर। प्रदेशभर के नगरीय निकायों की समीक्षा का दौर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में आज दिनभर चली बैठक में सभी नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को बेतरतीब निर्माणों, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पंचायतों के कार्यों और व्यवस्थाओं में कसावट लाने को कहा। श्री साव ने कहा कि काम में लापरवाही और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय कर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी सीएमओ को नई सोच और नई कार्य पद्धति से शहरों तथा शहरवासियों के कल्याण के लिए काम करने को कहा। उन्होंने राज्य के उभरते शहरों को सुव्यवस्थित, सुनियोजित, स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ ही नागरिकों के लिए पर्याप्त जन सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पांचों संभागों के विभागीय क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को हर तिमाही में प्रत्येक नगर पालिका और नगर पंचायत का व्यक्तिगत निरीक्षण कर संचालक को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी सीएमओ को आगामी 31 मई तक नगर पंचायतों की नई संपत्तियों पर करारोपण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व संग्रहण बढ़ाने संपत्ति कर, जल कर, यूजर चार्ज जैसे करों की वसूली गंभीरता और कड़ाई से करने को कहा। उन्होंने एनर्जी ऑडिट के माध्यम से गैर-जरूरी विद्युत कनेक्शनों की पहचान कर इसके विच्छेदन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकाय के सभी कार्मिकों को हर माह समय पर वेतन और बिजली बिल का भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा।
श्री साव ने जल संरक्षण के लिए विशेष प्रयास करने के लिए निर्देशित करते हुए शत-प्रतिशत भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स का निर्माण कराने को कहा। उन्होंने 31 मई तक बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। श्री साव ने सभी सीएमओ को मुख्यालय में ही निवास करते हुए प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर शहर की साफ-सफाई और विकास कार्यों की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने भ्रमण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अपने साथ रखने को कहा। उन्होंने सीएमओ द्वारा प्रातः भ्रमण में की जा रही कोताही पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए रोजाना अनिवार्यतः कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए।
श्री साव ने शहरों में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए बच्चों के लिए खेल के मैदानों और उद्यानों के लिए जगहों का चिन्हांकन करने को कहा। उन्होंने कुनकुरी और अंबागढ़-चौकी में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों का निर्माण इस साल दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री साव ने पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पर दूरदर्शिता से काम करते हुए अगले दस वर्षों के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता में रखते हुए इसके लिए 15वें वित्त आयोग की राशि से पुख्ता व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने वर्षा ऋतु के पहले सभी नाला, नालियों, ड्रेनेज और तालाबों की सफाई करने को कहा। उन्होंने पाइपलाइन्स के लीकेज ठीक करते हुए सभी घरों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण एक साल के भीतर पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि शहर के जरूरतमंदों के लिए पीएम आवास स्वीकृत करना और बनवाना सीएमओ की जिम्मेदारी है। इस पर सक्रियता और गंभीरता से काम करते हुए आवास स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर भवन निर्माण अनुज्ञा जारी करने को कहा। उन्होंने आवास की स्वीकृति के बाद लाभार्थियों को बुलाकर मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान सहित योजना से संबंधित सभी नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी देने को कहा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में प्रदेशभर में आगामी 1 मई से शुरू हो रहे सुशासन तिहार के अंतर्गत शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शहरवासियों को लाभान्वित करने की तैयारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा और नगर पंचायतों के अभियंता भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।
इन कार्यों और योजनाओं की हुई समीक्षा
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिनभर चले मैराथन बैठक में नगर पंचायतों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा की।
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