Connect with us

देश

8th Pay Commission JOB: सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका, 1.80 लाख तक सैलरी और शानदार पद, ऐसे करें अप्लाई

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। 8वें वेतन आयोग के गठन के साथ ही अब इसके रिसर्च विभाग में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगर आप केंद्र सरकार की नीतियों और सैलरी स्ट्रक्चर पर काम करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए बेहतरीन अवसर है।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर देश भर के केंद्रीय कर्मचारियों में उत्साह है। लेकिन इस बीच एक बड़ी खबर उन लोगों के लिए आई है जो इस आयोग का हिस्सा बनकर काम करना चाहते हैं। बता दें कि वेतन आयोग ने अपनी Research & Analysis टीम को मजबूत करने के लिए विभिन्न पदों पर आवेदन मांगे हैं। यह भर्तियां पूरी तरह कॉन्ट्रैक्ट (Contract Basis) पर होंगी, जिसमें फुल-टाइम और पार्ट-टाइम दोनों के विकल्प मौजूद हैं।

इन पदों पर निकली है वैकेंसी
आयोग ने मुख्य रूप से 3 कैटेगरी में भर्ती:

सीनियर कंसल्टेंट (Senior Consultant): 5 पद

कंसल्टेंट (Consultant): 5 पद

यंग प्रोफेशनल (Young Professional): 10 पद

योग्यता और आयु सीमा (Eligibility & Age Limit)
पद का नाम               अनुभव (Experience)    अधिकतम आयु
सीनियर कंसल्टेंट              10 साल से अधिक         45 वर्ष
कंसल्टेंट                          6 साल से अधिक           40 वर्ष
यंग प्रोफेशनल                   4 साल से अधिक          32 वर्ष

सैलरी का पूरा गणित (Salary Structure)
इस भर्ती की सबसे खास बात इसकी आकर्षक सैलरी है, जिसे काम के दिनों के आधार पर बांटा गया है:

1. सीनियर कंसल्टेंट
फुल टाइम:
 रू.1.80 लाख प्रति माह

पार्ट टाइम (12 दिन/महीना): रू.90,000

पार्ट टाइम (6 दिन/महीना): रू.45,000

2. कंसल्टेंट
फुल टाइम:
 रू.1.20 लाख प्रति माह

पार्ट टाइम (12 दिन/महीना): रू.60,000

पार्ट टाइम (6 दिन/महीना): रू.30,000

3. यंग प्रोफेशनल
फुल टाइम: 
रू.90,000 प्रति माह

पार्ट टाइम (12 दिन/महीना): रू.45,000

पार्ट टाइम (6 दिन/महीना): रू.22,500

क्या करना होगा काम?
चुने गए उम्मीदवारों को कोई रूटीन ऑफिस वर्क नहीं करना होगा। उनका मुख्य काम रिसर्च और डेटा एनालिसिस का होगा। उन्हें केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों (Allowances) और पेंशन से जुड़ी नई सिफारिशें तैयार करने में आयोग की मदद करनी होगी।

कैसे होगा चयन?
भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता पर आधारित है:

सबसे पहले प्राप्त आवेदनों (Applications) की छंटनी (Screening) की जाएगी।

शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

चयन समिति का निर्णय अंतिम होगा और आयोग किसी भी आवेदन को बिना कारण बताए रद्द करने का अधिकार रखता है।

Continue Reading

देश

अमित शाह ने दुर्गापुर में किया रोड शो, कहा- भाजपा सरकार बनने पर बंगाल में खत्म होगा ‘गुंडाराज’

Published

on

बीरभूम,एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को शाह ने बीरभूम के बोलपुर में एक रैली को संबोधित किया। उसके बाद उन्होंने प्रत्याशियों के पक्ष में रोड शो कर जन समर्थन मांगा। शो के दौरान उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पर के जाने के बाद पश्चिम बंगाल से ‘गुंडाराज’और भ्रष्टाचार का खात्मा होगा। उन्होंने कहा कि चार मई के बाद राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शाह ने बीरभूम के बोलपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि 2021 के चुनावों के बाद इस क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं पर भारी अत्याचार किए गए। उन्होंने मतदाताओं से ममता बनर्जी सरकार को विदा करने का आह्वान करते हुए वादा किया कि गिरोह और‘कमीशन’प्रथाओं में शामिल लोगों से कड़ाई से निपटा जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘हम उन्हें उल्टा लटकाकर सीधा कर देंगे।’ उन्होंने दावा किया कि‘डबल इंजन सरकार’राज्य में विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगी।

शाह ने कथित उपद्रवियों को चेतावनी दी कि वे 23 अप्रैल यानी मतदान के दिन घरों के अंदर रहें, अन्यथा पांच मई के बाद उन्हें गिरफ्तारी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल की जनता बमों का जवाब मतपत्रों से देगी और डर का जवाब भरोसे से देगी।’ शाह ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर दावा किया कि जल जीवन मिशन जैसी केंद्रीय योजनाओं का पैसा लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने तृणमूल नेताओं पर धन की हेराफेरी का आरोप लगाया और मयूरेश्वर जैसे क्षेत्रों में खराब बुनियादी ढांचे की ओर इशारा किया। उन्होंने भर्ती, राशन वितरण, मनरेगा और आवास योजनाओं में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया। 

केंद्रीय मंत्री ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार की आलोचना की और वादा किया कि बंगाल को महिलाओं के लिए इतना सुरक्षित बनाया जाएगा कि वे रात में भी बेखौफ बाहर निकल सकें। उन्होंने भाजपा के सत्ता में आने पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का वादा किया और घुसपैठ रोकने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि चार मई के बाद घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जाएगा। इससे पहले, बोलपुर के पल्लीमंगल क्लब मैदान में अपनी पहली रैली के दौरान शाह ने सुरक्षाकर्मियों से लोगों को बिना जांच के प्रवेश करने देने के लिए कहकर एक विशेष संदेश दिया। 

Continue Reading

देश

बंगाल में इतने लाख लोग नहीं डाल सकेंगे वोट- SIR प्रक्रिया पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

Published

on

नई दिल्ली/कलकत्ता,एजेंसी। उच्चतम न्यायालय ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR ) प्रक्रिया के तहत पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से अपने नाम हटाए जाने के खिलाफ 13 लोगों द्वारा दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जिनका नाम स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू के दौरान वोटर लिस्ट से कट गया था। अदालत को सूचित किया गया था कि 11 अप्रैल तक पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नामों को खारिज किए जाने या हटाए जाने के खिलाफ 34 लाख 35 हजार 174 अपीलें दायर की गई थीं. याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि मतदाताओं को बिना किसी उपाय के नहीं छोड़ा जाना चाहिए, खासकर ये है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिका को ”समय पूर्व” करार देते हुए पीड़ित पक्षों को स्थापित अपीलीय न्यायाधिकरणों से संपर्क करने का निर्देश दिया।

 इसने कहा, ”चूंकि याचिकाकर्ता (कुरैशा यास्मीन और अन्य) पहले ही अपीलीय न्यायाधिकरणों से संपर्क कर चुके हैं… हमारी राय में, याचिका में व्यक्त आशंकाएं समय पूर्व हैं।” पीठ ने यह भी कहा कि उसने याचिका के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि निर्वाचन आयोग ने उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना मनमाने ढंग से नाम हटाए हैं, और इसके खिलाफ दायर अपील पर समय पर सुनवाई नहीं की जा रही। 

कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ अपील पर निर्णय लेने के लिए उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की अध्यक्षता में 19 न्यायाधिकरणों का गठन किया है। निर्वाचन आयोग की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता डी एस नायडू ने अदालत को सूचित किया कि वर्तमान में लगभग 30 से 34 लाख अपील लंबित हैं। पीठ ने कहा, ”प्रत्येक न्यायाधिकरण के पास अब निपटाने के लिए एक लाख से अधिक अपील हैं।

याचिकाकर्ताओं के वकील ने तर्क दिया कि निर्वाचन आयोग संबंधित न्यायिक अधिकारियों के समक्ष आवश्यक आदेश प्रस्तुत करने में विफल रहा है और मतदाता सूची के लिए ”अंतिम तिथि” को बढ़ाया जाना चाहिए। वकील ने कहा, ”अगर मुझे बहस करने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो फिर इसका क्या फायदा? क्या इन अपील का फैसला एक निश्चित समयसीमा के भीतर होगा या इन्हें बस आगे बढ़ाया जाता रहेगा?” सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने चुनावी प्रक्रिया की शुचिता का जिक्र करते हुए कहा कि मतदान का अधिकार केवल एक संवैधानिक औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र का एक ”भावनात्मक” स्तंभ है।

न्यायमूर्ति बागची ने कहा, ”जिस देश में आपका जन्म हुआ है, वहां वोट देने का अधिकार न केवल संवैधानिक है, बल्कि भावनात्मक भी है। यह लोकतंत्र का हिस्सा होने और सरकार चुनने में मदद करने से जुड़ा है।” हालांकि, उन्होंने कहा कि पूर्व न्यायाधीशों वाले न्यायाधिकरणों पर निर्णयों के लिए समयसीमा निर्धारित करके अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जा सकता। उन्होंने कहा, ”हमें उचित प्रक्रिया के अधिकारों की रक्षा करनी होगी। मतदाता को दो संवैधानिक प्राधिकरणों के बीच फंसा हुआ नहीं होना चाहिए।

” उन्होंने यह भी कहा कि इस स्तर पर चुनाव प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। न्यायमूर्ति बागची ने उल्लेख किया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने अपील की प्रक्रिया और प्रारूप पहले ही तैयार कर लिया था, जिसकी सोमवार से शुरुआत हो गई। पीठ ने कहा, ”जब तक बड़ी संख्या में मतदाताओं को मतदान से बाहर नहीं कर दिया जाता या इससे चुनाव पर महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ता… तब तक चुनाव रद्द नहीं किया जा सकता।” इसने कहा कि न्यायिक हस्तक्षेप का उद्देश्य ”चुनावों को बढ़ावा देना है, न कि उन्हें रोकना।” प्रधान न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि याचिकाकर्ताओं को अपीलीय न्यायाधिकरणों के समक्ष अपने सभी कानूनी उपायों का उपयोग करना चाहिए। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा तथा मतों की गिनती चार मई को होगी। 

Continue Reading

देश

दुनिया का सबसे बड़ा रेस्क्यू आप्रेशन:भारत ने ईरान-अमेरिका जंग के बीच अपने 9 लाख नागरिक सुरक्षित निकाले

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। भारत (India) ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। विदेश मंत्रालय Ministry of External Affairs (MEA) के अनुसार अब तक 9 लाख 27 हजार से ज्यादा भारतीयों को वापस देश लाया जा चुका है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव Aseem R. Mahajan ने दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया है, जो 24 घंटे काम कर रहा है और विदेशों में भारतीय दूतावासों के साथ लगातार संपर्क में है। सरकार ने कई देशों से फ्लाइट ऑपरेशन शुरू किए हैं।

  • United Arab Emirates से एक दिन में लगभग 100 उड़ानें चल रही हैं
  • Saudi Arabia और Oman से भी नियमित फ्लाइट्स जारी हैं
  • Qatar से 8–10 फ्लाइट्स चलने की उम्मीद है
  • Bahrain से सीमित उड़ानें शुरू की जा रही हैं

Iran से भी भारतीयों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है। अब तक 2230 लोगों को Armenia और Azerbaijan के रास्ते भारत भेजा गया है, जिनमें 987 छात्र और 657 मछुआरे शामिल हैं। Israel से भी भारतीयों को Jordan और Egypt के जरिए वापस लाया जा रहा है। वहीं Iraq से उड़ानें शुरू हो चुकी हैं, जबकि Kuwait का एयरस्पेस अभी बंद है, इसलिए वहां से लोगों को Saudi Arabia के रास्ते लाया जा रहा है। सरकार ने बताया कि भारतीय दूतावास न केवल नागरिकों की वापसी में मदद कर रहे हैं, बल्कि जहाजों पर काम कर रहे भारतीय क्रू की भी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।

यह पूरा अभियान ऐसे समय चल रहा है जब United States और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और Strait of Hormuz पर नाकेबंदी जैसी स्थिति बन गई है। भारत ने संकट के समय अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। बदलते हालात के बीच सरकार लगातार निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677