Connect with us

छत्तीसगढ़

समीर विश्नोई के ससुराल-रानू साहू के मायके पहुंची ACB:छत्तीसगढ़ सहित 4 राज्यों में 24 ठिकानों पर रेड; बेनामी संपत्ति मिली, भिलाई से 1 गिरफ्तार

Published

on

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ ACB/EOW टीम ने निलंबित IAS समीर विश्नोई, रानू साहू और राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया के 24 ठिकानों पर छापे मारे हैं। इनमें छत्तीसगढ़ सहित राजस्थान, झारखंड और बेंगलुरु शामिल है। यह कार्रवाई कोल लेवी केस में आय से अधिक संपत्ति मामले में की गई है।

टीम ने इस दौरान चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए हैं। इनसे भारी मात्रा में बेनामी संपत्ति का पता चला है। वहीं भिलाई से एक आरोपी मनीष उपाध्याय को गिरफ्तार किया गया है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था। ACB ने उसे कोर्ट में पेश कर 23 अगस्त तक रिमांड पर लिया है।

तीनों अफसर फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। सूत्रों के मुताबिक, तीनों राज्यों में रेड की कार्रवाई के लिए 12 से ज्यादा टीमें तैयार की गई थीं। दूसरे राज्य जाने वाली कई टीमों को 14 अगस्त को ही रवाना कर दिया था।

तस्वीरों में देखिए अलग-अलग जगह ACB की कार्रवाई…

राजस्थान के अनूपगढ़ में निलंबित IAS समीर विश्नोई के रिश्तेदार व्यापारी गौरव गोदारा के घर में छापेमारी कर सर्च अभियान चलाया।

राजस्थान के अनूपगढ़ में निलंबित IAS समीर विश्नोई के रिश्तेदार व्यापारी गौरव गोदारा के घर में छापेमारी कर सर्च अभियान चलाया।

छत्तीसगढ़ एसीबी की टीम ने राजस्थान पुलिस की मदद से अनूपगढ़ में सर्च अभियान चलाया। सुबह 7 बजे से शुरू हुई जांच दोपहर करीब 1.30 बजे खत्म हुई है।

छत्तीसगढ़ एसीबी की टीम ने राजस्थान पुलिस की मदद से अनूपगढ़ में सर्च अभियान चलाया। सुबह 7 बजे से शुरू हुई जांच दोपहर करीब 1.30 बजे खत्म हुई है।

भिलाई के नेहरू नगर ईस्ट निवासी अनिल कुमार पाठक के घर EOW और ACB की टीम पहुंची।

भिलाई के नेहरू नगर ईस्ट निवासी अनिल कुमार पाठक के घर EOW और ACB की टीम पहुंची।

कोरबा ठेकेदार एमएस पटेल के घर पर EOW और ACB की टीम ने छापेमारी।

कोरबा ठेकेदार एमएस पटेल के घर पर EOW और ACB की टीम ने छापेमारी।

रायगढ़ में ट्रांसपोर्टर कारोबारी के घर में ताला लगा होने के कारण नोटिस चस्पा किया गया।

रायगढ़ में ट्रांसपोर्टर कारोबारी के घर में ताला लगा होने के कारण नोटिस चस्पा किया गया।

राजस्थान में समीर विश्नोई का ससुराल, गरियाबंद में रानू का मायका

ACB अफसरों के मुताबिक, राजस्थान, रायगढ़ में 2-2 स्थानों, बेंगलुरु, झारखंड (जमशेदपुर), कोरबा, गरियाबंद में 1-1, महासमुंद में 3, दुर्ग में 8 और रायपुर में 5 स्थानों पर छापा मारा गया। सर्च ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में बेनामी संपत्तियों का पता चला है।

मौके से वाहनों से संबंधित बहुत से दस्तावेज, अनेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, लैपटॉप, मोबाइल, पेन ड्राइव बरामद किए गए हैं। ​​​​​​​​​​​​​​राजस्थान के अनूपगढ़ में समीर विश्नोई का ससुराल है। वहीं गरियाबंद में रानू साहू के मायके में भी दबिश दी गई थी।

राजस्थान : घर बंद साढ़े 6 घंटे चला सर्च ऑपरेशन

ACB टीम ने सुबह करीब 7 बजे राजस्थान के अनूपगढ़ में के व्यापारी गौरव गोदारा के घर में छापा मारा। यह कार्रवाई दोपहर करीब डेढ़ बजे तक चली। गौरव, समीर के रिश्तेदार हैं। सर्च अभियान के दौरान एसीबी के डीएसपी राहुल शर्मा ने अपनी टीम के साथ मौजूद थे। टीम ने घर को पूरी तरह से बंद कर दिया था।

रानू साहू के गरियाबंद स्थित मायके में भी ACB टीम पहुंच गई है। मैनपुर में जमीन खरीद, तालाब निर्माण भी रडार पर है।

रानू साहू के गरियाबंद स्थित मायके में भी ACB टीम पहुंच गई है। मैनपुर में जमीन खरीद, तालाब निर्माण भी रडार पर है।

गरियाबंद : रानू साहू के मायके में 3 माह में दूसरी बार छापा

वहीं गरियाबंद में निलंबित IAS रानू साहू के मायके में भी ACB टीम ने छापा मार दिया है। 2 गाड़ियों में 10 से 12 सदस्यों की टीम उनके पांडुका स्थित मायके पहुंची है। घर के अंदर दस्तावेजों और 4 साल में खरीदी गई चल-अचल संपत्ति जांच के दायरे में है। टीम ने 3 माह में दूसरी बार रानू साहू के मायके में छापा मारा है।

होटल व्यवसायिक अनिल कुमार पाठक के ठिकाने पर EOW और ACB की टीम पहुंची।

होटल व्यवसायिक अनिल कुमार पाठक के ठिकाने पर EOW और ACB की टीम पहुंची।

भिलाई : होटल कारोबारी के ठिकाने पर छापा

इसके अलावा ACB की टीम छत्तीसगढ़ में भी कार्रवाई कर रही है। भिलाई में टीम ने होटल कारोबारी अनिल कुमार पाठक के नेहरू नगर ईस्ट स्थित घर में छापा मारा। आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में कार्रवाई की गई है। पहले अनिल पाठक के होटल और अब निवास पर टीम पहुंची है। बताया जा रहा है कि 4 गाड़ियों में अधिकारी पहुंचे हैं।

कोरबा में कार्रवाई के दौरान ACB की टीम 2 गाड़ियों में दबिश देने के लिए पहुंची थी।

कोरबा में कार्रवाई के दौरान ACB की टीम 2 गाड़ियों में दबिश देने के लिए पहुंची थी।

कोरबा : ठेकेदार के मकान में सुबह से कार्रवाई जारी

कोरबा के टीपी नगर स्थित आशीर्वाद पॉइंट के पास ठेकेदार एमएस पटेल के घर भी ACB की टीम पहुंची है। बताया जा रहा है कि यहां तड़के सुबह 2 गाड़ियों में 10 सदस्यीय टीम ने दबिश दी है। टीम सुबह से ही दस्तावेजों की खोजबीन कर रही है।

ट्रांसपोर्टर नवनीत तिवारी के घर में ताला लटका मिला है। उनके बारे में पड़ोसियों से भी जानकारी नहीं मिल सकी है।

ट्रांसपोर्टर नवनीत तिवारी के घर में ताला लटका मिला है। उनके बारे में पड़ोसियों से भी जानकारी नहीं मिल सकी है।

रायगढ़ : ट्रांसपोर्टर के घर में लटका मिला ताला

वहीं एक टीम रायगढ़ में बंदे अली फातमी नगर स्थित ट्रांसपोर्टर नवनीत तिवारी के घर भी दबिश देने पहुंची, लेकिन वहां ताला लटका मिला। इस पर टीम ने घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है। साथ ही घर को सील कर दिया गया है। पड़ोसियों से भी पूछताछ की गई, लेकिन ट्रांसपोर्टर के परिवार के बारे में जानकारी नहीं मिली।

इसके बाद टीम ने बैंकुठपुर राम मंदिर गली में रहने वाले सूरज उपाध्याय के घर पहुंची। बताया जा रहा है कि सूरज उपाध्याय ट्रांसपोर्टर नवनीत तिवारी का चचेरा भाई है। वह प्रिंटिंग प्रेस का काम करता है। हालांकि टीम सुबह ही उसके घर से लौट गई।

छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस समीर विश्नोई को साइकिलिंग पसंद है। वह अपनी पत्नी प्रीति विश्नोई के साथ अक्सर साइकिलिंग करते देखे जाते थे। (फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस समीर विश्नोई को साइकिलिंग पसंद है। वह अपनी पत्नी प्रीति विश्नोई के साथ अक्सर साइकिलिंग करते देखे जाते थे। (फाइल फोटो)

समीर विश्नोई : ED ने 2 साल पहले गिरफ्तार किया

छत्तीसगढ़ सरकार ने करीब 2 साल पहले भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी समीर विश्नोई को निलंबित किया था। EDने विश्नोई के यहां छापा मारकर 47 लाख रुपए कैश और दो करोड़ रुपए कीमत के गहने बरामद किए थे। उसके बाद 13 अक्टूबर 2022 को विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया गया था।

समीर विश्नोई को कोयला कारोबारियों से मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी की भूमिका 2020 में खुद विश्नोई के हस्ताक्षर से जारी एक अधिसूचना से रखी गई। ED ने अदालत में पेश अपने दस्तावेजों में उस अधिसूचना को ‘भ्रष्टाचार का पेंडोरा बॉक्स’ बताया।

कहा गया है, इस अधिसूचना ने ही खनिज परिवहन में अवैध वसूली का रास्ता खोला। इसे खनिज संसाधन विभाग के तत्कालीन संचालक समीर विश्नोई ने जारी किया था। इस अधिसूचना ने किसी भी तरह के खनिज के परिवहन की अनुमति के लिए चल रही ऑनलाइन व्यवस्था को खत्म कर दिया।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

‘सेवा सेतु’- छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजीटल प्रशासन का नया अध्यायआम नागरिक डिजीटल सेवा का उठा सकते हैं लाभ-कलेक्टर

Published

on

कोरबा। छत्तीसगढ़ में शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में “सेवा सेतु” एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल,त्वरित और डिजिटल माध्यम से पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी सोच का परिणाम है कि अब आय,जाति, निवास प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीयन, राशन कार्ड, भू-नकल सहित 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सेवा सेतु अन्तर्गत उपलब्ध सेवाओं का आन लाईन माध्यम में लाभ उठा सकते हैं। इसमें समय सीमा निर्धारित है।

डिजिटल सुशासन का प्रभावी माध्यम

 पहले नागरिकों को अलग-अलग विभागों की सेवाओं के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। प्रमाण-पत्र बनवाने जैसी मूलभूत सेवाओं में समय, श्रम और आर्थिक संसाधनों की बड़ी खपत होती थी। “सेवा सेतु” ने इस पारंपरिक व्यवस्था को बदलते हुए नागरिकों को “वन स्टॉप सॉल्यूशन” उपलब्ध कराया है। अब लोग ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर रहे हैं और निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

राज्य शासन की यह पहल केवल तकनीकी परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति में बदलाव का भी संकेत है। यह व्यवस्था नागरिकों को यह भरोसा दिला रही है कि शासन उनकी सुविधा और अधिकारों को प्राथमिकता दे रहा है।

86 से बढ़कर 441 सेवाएं

छत्तीसगढ़ में पहले ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म के माध्यम से केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थीं। समय की आवश्यकता को देखते हुए इसका उन्नत संस्करण “सेवा सेतु” विकसित किया गया,जिसमें अब 441 सेवाएं जोड़ी जा चुकी हैं। इनमें 54 नई सेवाएं शामिल हैं, जबकि विभिन्न विभागों की 329 री-डायरेक्ट सेवाओं का भी सफल एकीकरण किया गया है। तीस से अधिक विभाग इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं, जिससे नागरिकों को अलग-अलग पोर्टल या कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनी हैं।

समयबद्ध सेवा का भरोसा

    छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है। “सेवा सेतु” इसी अधिकार को व्यवहारिक रूप से मजबूत कर रहा है। पिछले 28 महीनों के आंकड़े इस व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं। इस अवधि में 75 लाख 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 68 लाख 41 हजार से अधिक मामलों का निराकरण किया गया। इनमें 95 प्रतिशत से अधिक आवेदन तय समय-सीमा में निपटाए गए। यह आंकड़ा प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

प्रमाण-पत्र सेवाओं की सबसे अधिक मांग

    चिप्स कार्यालय के अनुसार सबसे अधिक आवेदन आय प्रमाण-पत्र के रहे, जिनकी संख्या 32 लाख से अधिक है। इसके अलावा मूल निवास प्रमाण-पत्र, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण-पत्र, अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र और भू-नकल संबंधी सेवाओं का भी बड़े पैमाने पर उपयोग हुआ है।

    यह दर्शाता है कि नागरिकों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल माध्यम में लाना कितना आवश्यक था। अब ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोग भी कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और इंटरनेट आधारित सेवाओं के माध्यम से सुविधाओं का लाभ उठा पा रहे हैं।

    व्हाट्सएप तक पहुंची सरकारी सेवाएं तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए अब “सेवा सेतु” की सेवाओं को व्हाट्सएप से भी जोड़ा गया है। इससे लोगों को जानकारी प्राप्त करने और सेवाओं तक पहुंचने में और अधिक सुविधा मिल रही है। अब तक 3.3 करोड़ से अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जा चुके हैं। यह कदम डिजिटल इंडिया की अवधारणा को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

पारदर्शिता और विश्वास का नया मॉडल

    “सेवा सेतु” केवल एक पोर्टल नहीं, बल्कि नागरिक और शासन के बीच भरोसे का नया सेतु बनता जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक वर्कफ्लो प्रणाली के कारण आवेदन प्रक्रिया की निगरानी संभव हुई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और अनावश्यक विलंब में कमी आई है। राज्य सरकार की यह पहल प्रशासनिक सुधार, तकनीकी नवाचार और नागरिक सुविधा का समन्वित उदाहरण है। यदि इसी गति से सेवाओं का विस्तार और गुणवत्ता सुधार जारी रहा, तो “सेवा सेतु” आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।

    डिजिटल युग में सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर और सरल तरीके से जनता तक पहुंचाना है। “सेवा सेतु” इसी सोच को साकार कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म छत्तीसगढ़ में प्रशासन को अधिक मानवीय, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। निश्चित रूप से “सेवा सेतु” आने वाले वर्षों में राज्य की डिजिटल प्रशासनिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीबीएसई 12वीं में पलक अग्रवाल के 96.02% अंक

Published

on

सक्ती। शहर के दीपक अग्रवाल की बेटी पलक अग्रवाल ने 13 मई को घोषित सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में 96.02% अंक हासिल किए। पलक इस समय इंदौर में पढ़ाई कर रही हैं। वह शुरुआत से ही मेधावी रही हैं। पलक की सफलता से परिवार में खुशी है। सक्ती और रायगढ़ जिले के लोगों ने भी इस सफलता पर खुशी जताई है। पलक ने कहा कि वह आगे और मेहनत करेगी। वह उच्च शिक्षा की ओर बढ़ना चाहती है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल बोर्ड के रिजल्ट जारी:12वीं में 71% और 10वीं में 58.39% स्टूडेंट्स पास, दोनों कक्षाओं में लड़कियां आगे रहीं

Published

on

रायपुर,एजेंसी। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बुधवार को छत्तीसगढ़ स्टेट ओपन स्कूल की ओर से आयोजित हाई स्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) मुख्य परीक्षा मार्च-अप्रैल 2026 के परिणाम घोषित किए।

इस साल 12वीं का ओवरऑल रिजल्ट 71% रहा, जबकि 10वीं में 58.39% स्टूडेंट्स पास हुए। दोनों ही परीक्षाओं में छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए लड़कों से अधिक पास प्रतिशत दर्ज किया।

12वीं में लड़कियों का रिजल्ट 72.17% और लड़कों का 70.01% रहा। वहीं 10वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 59.82% और लड़कों का 57.43% दर्ज किया गया।

12वीं में कुल 40 हजार से ज्यादा ने कराया था रजिस्ट्रेशन

12वीं में कुल 40,256 स्टूडेंट्स ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 38,683 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें कुल 24,823 स्टूडेंट्स पास हुए और ओवरऑल पास प्रतिशत 71% दर्ज किया गया।

लड़कियों का रिजल्ट 72.17% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 70.01% दर्ज हुआ। यानी लड़कियां 2.16% की बढ़त के साथ आगे रहीं।

40 हजार में से 38 हजार स्टूडेंट्स परीक्षा में बैठे

इस बार परीक्षा के लिए कुल 40,256 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें 21,725 लड़के और 18,531 लड़कियां थीं। हालांकि 161 स्टूडेंट्स का परीक्षा फॉर्म निरस्त हो गया। इसके बाद 38,683 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए।

वर्गलड़केलड़कियांकुल
रजिस्टर्ड21,72518,53140,256
परीक्षा में शामिल20,85117,83238,683
रिजल्ट घोषित19,00215,95934,961

24,823 स्टूडेंट्स पास, 9,594 ने हासिल की फर्स्ट डिवीजन

रिजल्ट में सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स ने फर्स्ट और सेकंड डिवीजन हासिल की। कुल 9,594 स्टूडेंट्स ने फर्स्ट डिवीजन प्राप्त की, जबकि 10,368 स्टूडेंट्स सेकंड डिवीजन से पास हुए।

डिवीजनसंख्या
फर्स्ट डिवीजन9,594
सेकंड डिवीजन10,368
थर्ड डिवीजन4,738
पास123
कुल पास24,823

लड़कियां फर्स्ट डिवीजन में भी आगे

फर्स्ट डिवीजन हासिल करने वाले विद्यार्थियों में भी लड़कियों का प्रदर्शन मजबूत रहा। 4,756 लड़कियों ने फर्स्ट डिवीजन प्राप्त की, जबकि लड़कों की संख्या 4,838 रही। कुल परीक्षार्थियों की तुलना में लड़कियों का सफलता अनुपात ज्यादा दिखाई दिया।

वहीं सेकंड डिवीजन में 5,643 लड़के और 4,725 लड़कियां सफल रहीं। थर्ड डिवीजन में 2,748 लड़के और 1,990 लड़कियां शामिल रहीं।

3,682 विद्यार्थियों का रिजल्ट RTD

परीक्षा परिणाम में 3,682 विद्यार्थियों का रिजल्ट RTD श्रेणी में गया। इसमें लड़कों की संख्या 1,821 और लड़कियों की संख्या 1,861 रही। वहीं 40 विद्यार्थियों का रिजल्ट RWI/RWC/RWS श्रेणी में रखा गया

10वीं में भी लड़कियों ने मारी बाजी

12वीं की तरह 10वीं में भी इस बार लड़कियों ने रिजल्ट में बाजी मारी है। लड़कियों का पास प्रतिशत 59.82% रहा, जबकि लड़कों का रिजल्ट 57.43% दर्ज किया गया। यानी छात्राएं 2.39% की बढ़त के साथ आगे रहीं।

परीक्षा के लिए कुल 33,693 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 31,852 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। कुल 18,578 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए। ओवरऑल रिजल्ट 58.39% रहा।

33 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने कराया था रजिस्ट्रेशन

इस बार परीक्षा के लिए 20,163 लड़कों और 13,530 लड़कियों सहित कुल 33,693 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। हालांकि 177 विद्यार्थियों का फॉर्म निरस्त हो गया। इसके बाद 31,852 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।

वर्गलड़केलड़कियांकुल
रजिस्टर्ड20,16313,53033,693
परीक्षा में शामिल18,99712,85531,852
रिजल्ट घोषित18,97412,83931,813

18,578 विद्यार्थी पास, सबसे ज्यादा सेकंड डिवीजन

इस बार सबसे ज्यादा विद्यार्थियों ने सेकंड डिवीजन हासिल की। कुल 7,700 विद्यार्थियों ने सेकंड डिवीजन प्राप्त की, जबकि 5,874 विद्यार्थियों ने फर्स्ट डिवीजन हासिल की।

डिवीजनसंख्या
फर्स्ट डिवीजन5,874
सेकंड डिवीजन7,700
थर्ड डिवीजन4,947
पास57
कुल पास18,578

लड़कियां हर वर्ग में मजबूत प्रदर्शन में आगे

फर्स्ट डिवीजन में 3,404 लड़के और 2,470 लड़कियां सफल रहीं। वहीं सेकंड डिवीजन में 4,520 लड़के और 3,180 लड़कियां पास हुईं। थर्ड डिवीजन में 2,932 लड़के और 2,015 लड़कियां शामिल रहीं।

हालांकि संख्या में लड़के ज्यादा रहे, लेकिन कुल परीक्षार्थियों के अनुपात में लड़कियों का प्रदर्शन बेहतर रहा। यही वजह है कि उनका पास प्रतिशत लड़कों से अधिक दर्ज किया गया।

39 विद्यार्थियों का रिजल्ट रोका गया

रिजल्ट में 39 विद्यार्थियों को RWI/RWC/RWS श्रेणी में रखा गया है। इनमें 23 लड़के और 16 लड़कियां शामिल हैं। बोर्ड की ओर से इन मामलों की अलग से समीक्षा की जाएगी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677