खेल
पाकिस्तान वल्र्ड कप से बाहर
40 बॉल में नहीं चेज कर पाए 338 रन, अब नजर नंबर-5 पोजिशन पर, बाबर आउट
कोलकाता (एजेंसी)। पाकिस्तान की टीम वल्र्ड कप 2023 से बाहर हो चुकी है। 338 रन का टारगेट चेज कर रही पाकिस्तानी टीम इस मुकाबले को जीतकर भी सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकती है। टॉप-4 के लिए टीम को 40 बॉल के अंदर यह टारगेट चेज करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब टीम की नजरें टॉप-5 फिनिश करने पर हैं। पाकिस्तानी टीम ने 17 ओवर में 3 विकेट पर 74 रन बना लिए हैं। मोहम्मद रिजवान और सऊद शकील क्रीज पर हैं। कप्तान बाबर आजम 14 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें गस एटकिंसन ने आदिल राशिद के हाथों कैच कराया। इससे पहले, डेविड विली ने फखर जमान (1 रन) और अब्दुल्लाह शफीक (0 रन) को आउट किया।
पाकिस्तान सेमीफाइनल की रेस से क्यों बाहर?
इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 338 रन का टारगेट दिया। पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 7वां ओवर खेलते ही अपने सेमीफाइनल में क्वालिफाई करने की उम्मीदों को भी खत्म कर लिया। मैच से पहले पाकिस्तान की टीम 4 जीत से 8 अंक लेकर पॉइंट्स टेबल में 5वें नंबर पर थी। 10 पॉइंट्स के साथ नंबर-4 पर मौजूद न्यूजीलैंड से आगे निकलने के लिए पाकिस्तान को 6.4 ओवर में टारगेट चेज करना था। टीम इस टारगेट को 7 ओवर में हासिल नहीं कर सकी। इसीलिए मैच का नतीजा आने से पहले ही टीम नॉकआउट से बाहर हो गई।
पावरप्ले में बेरंग दिखी पाकिस्तानी टीम, ओपनर्स 10 रन पर आउट
338 रन का टारगेट चेज करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत फीकी रही। टीम ने 10 रन पर ओपनर्स के विकेट गंवा दिए। अब्दुल्लाह शफीक जीरो और फखर जमान एक रन बनाकर आउट हुए। दोनों को डेविड विली ने पवेलियन लौटाया। टीम को सेमीफाइनल में प्रवेश करने के लिए 40 बॉल पर 338 रन का टारगेट चेज करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शुरुआती 10 ओवर में पाकिस्तानी टीम ने दो विकेट पर 43 रन बनाए।
इंग्लैंड ने दिया 338 रन का टारगेट, बेयस्टो, रूट और स्टोक्स के अर्धशतक
कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 337 रन बनाए। ओपनर जॉनी बेयरस्टो ने 59, जो रूट ने 60 और बेन स्टोक्स ने 84 रन की अर्धशतकीय पारियां खेलीं। कप्तान जोस बटलर ने 27 और हैरी ब्रूक ने 30 रन का योगदान दिया। पाकिस्तान की ओर से हारिस रऊफ ने 3 विकेट लिए, जबकि शाहीन शाह अफरीदी और मोहम्मद वसीम जूनियर को 2-2 विकेट मिले। इफ्तिखार अहमद को एक विकेट मिला।
मिडिल ओवर में स्टोक्स-रूट की शतकीय साझेदारी, दोनों की फिफ्टी
मिडिल ओवर्स में पाकिस्तानी गेंदबाज जो रूट और बेन स्टोक्स से पार नहीं पा सके। इन दोनों के बीच 132 रन की शतकीय साझेदारी हुई। 11वें से 40 ओवर के बीच इंग्लिश बैटर्स ने 2 विकेट गंवाकर 168 रन बनाए। स्टोक्स 84 और रूट 60 रन बनाकर आउट हुए। रूट ने वल्र्ड कप के मौजूदा सीजन में तीसरी फिफ्टी जमाई। वे वल्र्ड कप में एक हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं। रूट ऐसा करने वाले पहले इंग्लिश बैटर बने, वहीं स्टोक्स मौजूदा वल्र्ड कप में दूसरी फिफ्टी बनाकर आउट हुए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 132 रन की पार्टनरशिप हुई। 14वें ओवर में डेविड मलान और 19वें ओवर में जॉनी बेयरस्टो आउट हुए। मिडिल ओवर्स में हारिस रऊफ और इफ्तिखार अहमद को विकेट मिले।
पावरप्ले में इंग्लैंड की मजबूत शुरुआत
पावरप्ले में इंग्लैंड की शानदार शुरुआत रही। ओपनर डेविड मलान और जॉनी बेयरस्टो ने टीम को मजबूती दी। पाकिस्तान ने पहले फास्ट बॉलर्स के स्पैल से शुरुआत की। दोनों ओपनर्स ने फास्ट बॉलिंग को सावधानी से खेला और खराब गेंदो पर बाउंड्री भी निकाली। इस बीच पाकिस्तान ने विकेट निकालने के लिए 8वां और 10वां ओवर स्पिनर इफ्तिखार अहमद से भी कराया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
दोनों टीमों की प्लेइंग-1100 पाकिस्तान: बाबर आजम (कप्तान), फखर जमान, अब्दुल्लाह शफीक, मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), सऊद शकील, इफ्तिखार अहमद, सलमान अली आगा, शाहीन शाह अफरीदी, शादाब खान, मोहम्मद वसीम जूनियर और हारिस रऊफ। इंग्लैंड: जोस बटलर (कप्तान और विकेटकीपर), जॉनी बेयरस्टो, डेविड मलान, जो रूट, बेन स्टोक्स, हैरी ब्रूक, मोइन अली, क्रिस वोक्स, डेविड विली, आदिल राशिद और गस एटकिंसन।
वल्र्ड कप में होता है बराबरी का मुकाबला
वनडे वल्र्ड कप में दोनों टीमों के बीच 10 मुकाबले हुए, 5 में पाकिस्तान और 4 में इंग्लैंड को जीत मिली। एक मैच नो रिजल्ट रहा। वनडे में दोनों के बीच 91 मुकाबले हुए, 31 में पाकिस्तान और 56 में इंग्लैंड को जीत मिली। 3 मुकाबले बेनतीजा भी रहे। हाल के फॉर्म के आधार पर पाकिस्तान का पलड़ा भारी है लेकिन इंग्लैंड भी पिछले मैच में जीत के बाद आत्मविश्वास से लबरेज होगी।
पाकिस्तान पिछले दोनों मैच जीता
वनडे वल्र्ड कप 2023 में पाकिस्तान ने नीदरलैंड को हराकर अपने सफर का शानदार आगाज किया। इसके बाद दूसरे मैच में श्रीलंका को हराया। उसके बाद लगातार चार मैच में हार का सामना करना पड़ा। उसे भारत, ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका ने हराया। हालांकि बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ उसे पिछले दो मैच में उसे लगातार जीत मिली।
रिजवान टीम के टॉप रन स्कोरर
पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उनके नाम 8 मैचों में एक शतक है। उन्होंने 359 रन बनाए हैं। वहीं पेसर शाहीन शाह अफरीदी टीम के टॉप विकेट टेकर हैं, उनके नाम 16 विकेट हैं।
इंग्लैंड ने 8 में से केवल 2 मुकाबले जीते
मौजूदा चैंपियन इंग्लैंड की इस वल्र्ड कप में शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसे पहले ही मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। दूसरे मैच में उसने बांग्लादेश को हराया। उसके बाद लगातार पांच मैच में हार मिली। पिछले मैच में इंग्लिश टीम ने नीदरलैंड को हराया।
मलान टीम के टॉप रन स्कोरर

इंग्लैंड से डेविड मलान ने सबसे ज्यादा 373 रन बनाए हैं। वहीं 13 विकेट लेने वाले आदिल रशीद टीम के टॉप विकेटटेकर हैं।
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पहली बार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी का इंडिया A में चयन:आयुष पांडेय श्रीलंका के खिलाफ खेलेंगे, 25 जून से होने वाले 4 दिवसीय-सीरीज में दिखेंगे
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। प्रदेश के रणजी खिलाड़ी और बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज आयुष पांडे का चयन भारतीय ए टीम में हुआ है। राज्य में यह पहली बार है, जब किसी खिलाड़ी का चयन भारतीय ए टीम के लिए हुआ है।

आयुष 25 जून 2026 से शुरू होने वाली श्रीलंका ए के खिलाफ चार दिवसीय सीरीज में भारत ए टीम का हिस्सा होंगे। आयुष पांडे ने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में छत्तीसगढ़ की ओर से शानदार प्रदर्शन किया था।
उन्होंने 7 मैचों की 13 पारियों में 57.30 की औसत से 573 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 2 अर्धशतक निकले। उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन रहा। रणजी ट्रॉफी में लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर आयुष का चयन दलीप ट्रॉफी के लिए भी हुआ था।
वहां भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। दलीप ट्रॉफी में 2 मैचों की 3 पारियों में उन्होंने 53.92 की औसत से 102 रन बनाए।
भारत A टीम क्या है?
भारत A टीम को भारतीय क्रिकेट की “दूसरी राष्ट्रीय टीम” या राष्ट्रीय टीम की फीडर टीम कहा जाता है। इसमें घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, विजय हजारे आदि) में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मौका दिया जाता है।
इसका मुख्य उद्देश्य सीनियर भारतीय टीम के संभावित खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसी प्रतिस्पर्धा में परखना होता है।

भारत A टीम का रोल क्या होता है?
- सीनियर भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों की तैयारी करना।
- घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच की खाई को कम करना।
- चयनकर्ताओं को यह देखने का मौका देना कि खिलाड़ी विदेशी या मजबूत विपक्ष के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करता है।
- टेस्ट क्रिकेट के संभावित खिलाड़ियों को लंबे प्रारूप के मैचों में परखना।
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कवर्धा: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राष्ट्रीय पदक विजेता बेसबॉल खिलाडि़यों का किया सम्मान
कवर्धा के पांच खिलाडि़यों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते 3 स्वर्ण और 2 रजत पदक


कवर्धा। ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित 31वीं राष्ट्रीय सब जूनियर बेसबॉल बालक एवं बालिका प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले कवर्धा के खिलाडि़यों से उप मुख्यमंत्री एवं विधायक कवर्धा विजय शर्मा ने अपने कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

एमेच्योर बेसबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में 24 से 29 मई तक आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रयास स्पोर्ट्स अकादमी कवर्धा के पांच खिलाडि़यों का छत्तीसगढ़ टीम में चयन हुआ था। इनमें बालक वर्ग से चंद्रेश कोर्राम, पंकज मेरावी और शुभम सेन तथा बालिका वर्ग से चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे शामिल थीं। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि बालिका टीम ने रजत पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खिलाडि़यों को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। खिलाडि़यों की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी।
अकादमी के प्रशिक्षक राजा जोशी ने बताया कि खिलाडि़यों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली जैसी मजबूत टीमों को हराकर फाइनल में महाराष्ट्र को 6-2 से पराजित कर राष्ट्रीय खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में चंद्रेश कोर्राम ने शानदार होमरन लगाकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में तीन होमरन लगाए।
वहीं बालिका वर्ग में छत्तीसगढ़ टीम ने दिल्ली, तेलंगाना और मेजबान ओडिशा को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र के खिलाफ टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रजत पदक जीतकर खिलाडि़यों ने शानदार प्रदर्शन किया। चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे ने टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। खिलाडि़यों की इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, अभिभावकों और जिलेवासियों में उत्साह का माहौल है। सभी ने खिलाडि़यों एवं उनके प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए भविष्य में और बड़ी सफलताओं की शुभकामनाएं दी हैं।
खेल
20 साल के प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास, प्रतिष्ठित ‘नार्वे शतरंज’ का खिताब जीतने वाले बने पहले भारतीय
ओस्लो/नई दिल्ली/चेन्नई, एजेंसी। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा (R Praggnanandhaa) ने वैश्विक शतरंज की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने सबसे कड़े और प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में से एक ‘नार्वे शतरंज’ (Norway Chess) का खिताब अपने नाम कर लिया है। वह इस महामुकाबले को जीतने वाले देश के पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। अंतिम दौर (लास्ट राउंड) के करो या मरो के मुकाबले में चेन्नई के इस 20 वर्षीय युवा खिलाड़ी ने जर्मनी के दिग्गज विन्सेंट कीमर को क्लासिकल बाजी में मात देकर पूरे 3 अंक बटोरे और एलीट शतरंज की सबसे चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम कर ली। प्रज्ञानानंदा ने आखिरी दिन की शुरुआत 15 अंक के साथ तीसरे स्थान से की।

उन्होंने सबसे अहम मौके पर बेहतरीन खेल दिखाया और क्लासिकल बाजी में जीत हासिल करके पूरे तीन अंक बटोरे। इस तरह वे 18 अंक पर पहुंचे और एलीट शतरंज की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफियों में से एक अपने नाम की। चेन्नई के इस 20 वर्षीय खिलाड़ी ने वह उपलब्धि हासिल की जो 2013 में टूर्नामेंट की शुरुआत के बाद से भारतीय शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद और मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश जैसे खिलाड़ी भी हासिल नहीं कर पाए थे।

नार्वे शतरंज में दूसरी बार हिस्सा ले रहे प्रज्ञानानंदा की शुरुआत धीमी रही थी लेकिन टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में उन्होंने रफ्तार पकड़ी और लगातार चार जीत हासिल की। प्रज्ञानानंदा के अभियान की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने नार्वे शतरंज के सात बार के चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल बाजी में दो बार हराया। मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश के अंतिम चरण में खिताब की दौड़ से बाहर होने के बाद प्रज्ञानानंदा ने भारत की उम्मीदों को जीवंत रखा और आखिरकार खिताब अपने नाम किया।
अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो आखिरी दौर से पहले 15.5 अंक के साथ सबसे आगे थे लेकिन अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ उनकी क्लासिकल बाजी ड्रॉ रही जिससे मुकाबला आर्मागेडन टाईब्रेक में चला गया। इस नतीजे ने प्रज्ञानानंदा के लिए रास्ता खोल दिया। उन्हें पता था कि कीमर के खिलाफ क्लासिकल बाजी में जीत उन्हें अंक तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा देगी और यादगार खिताब दिला देगी।

हालांकि वेस्ली सो ने टाईब्रेक जीत लिया लेकिन उस जीत से उन्हें सिर्फ डेढ़ अंक मिला जिससे उनके कुल अंक 17 रहे जबकि प्रज्ञानानंदा ने 18 अंक के साथ खिताब जीता। खिताब जीतने की उम्मीद के साथ आखिरी दौर में उतरे अलीरेजा 15.5 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। मैच के बाद प्रज्ञानानंदा ने बताया कि चेन्नई में अपनी मां से हुई बातचीत ने उनका हौसला बढ़ाया था।
उन्होंने कहा, उन्होंने मेरे से कहा था कि जून का महीना मेरे लिए अच्छा रहेगा और उनकी यह भविष्यवाणी सच साबित हुई। प्रज्ञानंदा ने कहा, मैं एक जून को अलीरेजा के खिलाफ मुकाबले से पहले अपनी मां से बात कर रहा था और वह मुझे कह रही थी, ‘यह नया महीना है, तुम अच्छा खेलोगे।’ यह वैसी ही बात है जो मां हमेशा कहती हैं और फिर मैंने ये चार बाजी जीतीं। मुझे लगता है कि उन्हें कुछ पता था।
इसके बाद प्रज्ञानानंदा ने लगातार चार जीत हासिल कीं। यहां तक कि कार्लसन ने भी प्रज्ञानानंदा की जमकर तारीफ की और पूरे टूर्नामेंट में इस युवा भारतीय खिलाड़ी के प्रदर्शन को ‘शानदार’ बताया। कार्लसन ने प्रसारणकर्ता से कहा, ”यह वाकई कमाल की बात है। यह बहुत ही निर्णायक और जबरदस्त प्रदर्शन था और इससे पता चलता है कि अगर मैं भी इसी तरह का नतीजा हासिल करता तो मेरे लिए भी यह मुमकिन हो सकता था लेकिन हां यह अविश्वसनीय है।

वह एक जबरदस्त फाइटर है और उसे इसका इनाम मिलते देखना अच्छा लगता है। इस बीच गुकेश का निराशाजनक सफर जारी रहा। टूर्नामेंट में उनकी तीसरी मौजूदगी भी उस कामयाबी के बिना खत्म हुई जिसकी उन्हें उम्मीद थी विशेषकर ऐसे साल में जब उन्हें चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ अपने विश्व खिताब का बचाव करना है।
आखिरी दौर में सफेद मोहरों से खेलते हुए कार्लसन ने क्लासिकल बाजी में 20 साल के गुकेश को हराकर तीन अंक हासिल किए। नार्वे का यह दिग्गज हालांकि इस जीत के बावजूद 13 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहा।
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