छत्तीसगढ़
भूपेश बघेल का काफिला रोकने वालों की होगी पहचान:सुरक्षा अधिकारी VIDEO देखकर आरोपियों को करेंगे चिन्हित, बजरंग दल के नेताओं पर है आरोप
भिलाई,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुरक्षा सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के बाद अब भिलाई तीन पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस ने प्लाटून कमांडर डामन सिंह देशमुख से घटना स्थल का वीडियो मांगा है। उनसे कहा कि वह उन लोगों की पहचान करें, जिन्होंने पूर्व CM से बदसलूकी और सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की की है।
छावनी CSP हरीश पाटिल ने बताया कि 24 अगस्त की दोपहर भिलाई तीन सिरसा गेट के पास भूपेश बघेल के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया था। भूपेश के सामने गलत नारेबाजी की। जब वह जाने लगे तो सुरक्षा घेरा तोड़ने का प्रयास किया। जेड सिक्योरिटी सुरक्षा पर लगे सुरक्षाकर्मियों से भी धक्का-मुक्की की।
20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने भूपेश बघेल के सुरक्षा अधिकारी प्लाटून कमांडर डामन सिंह देशमुख से कहा कि वह मामले की शिकायत लिखित रूप में थाने आकर दें। डामन सिंह ने मामले की शिकायत रात में दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने शिकायत पर 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस ने घटना स्थल का वीडियो और CCTV फुटेज मंगाया है। साथ ही डामन सिंह देशमुख को कहा गया है कि वो घटना के समय का वीडियो पुलिस को उपलब्ध कराएं। वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान करें कि किन लोगों ने उनके और सीएम के साथ गलत व्यवहार किया है। डामन की पहचान के बाद पुलिस मामले में आरोपियों का नाम पंजीबद्ध करेगी।
गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया गया मामला
पुलिस ने इस प्रकरण में कई गंभीर धाराएं दर्ज की हैं। इसमें कई गैर जमानती भी हैं। पुरानी भिलाई पुलिस ने मामले में धारा 126 लगाई है। यह धारा तब लगाई जाती है, जब कोई भारत सरकार के साथ संधि या शांति संबंध रखने वाली किसी शक्ति के राज्य क्षेत्र पर लूटपाट करेगा या लूटपाट करने की तैयारी करेगा।
ऐसा करने वाले को एक से सात साल कैद की सजा हो सकती है। पुलिस ने मामले में धारा 189 (2) लगाया है। यह धारा तब लगती है, जब कोई किसी लोक सेवक को क्षति पहुंचाने की धमकी देता है। या फिर वह उसे उसके कार्यों में देरी से पहुंचाने की कोशिश करता है।
इस धारा में एक से डेढ़ साल तक की कैद की सजा है। पुलिस ने मामले में धारा 221 लगाया है। इस धारा के तहत आरोपी की न्यायालय से दस साल तक की कैद की सजा सुनाई जा सकती है।
यह है पूरा मामला
विधायक देवेंद्र यादव और सतनामी समाज के युवाओं को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने 24 अगस्त 2024 को दुर्ग में एक दिन का धरना प्रदर्शन आयोजित किया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उस प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। वह भिलाई तीन स्थित अपने आवास से दोपहर एक बजे निकले थे।
रास्ते में सिरसा गेट के पास बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के लोग विशेष संप्रदाय के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। सुरक्षा अधिकारी का आरोप है कि पूर्व सीएम के काफिले को सिरसा गेट में प्रदर्शनकारियों द्वारा रुकवाया गया।
जब वो गाड़ी से उतर प्रदर्शनकारियों से बात करने उनके पास पहुंचे तो उनके द्वारा अभद्र प्रकार के नारे लगाए जाने लगे। जब सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोका तो वो लोग उनसे धक्का-मुक्की करने लगे। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने पूर्व सीएम को सुरक्षित तरीके से उनकी गाड़ी में बैठाया और वहां से दुर्ग के लिए रवाना हो गए।
दो पक्षों में झगड़े के बाद बढ़ा मामला
भिलाई तीन थाना अंतर्गत दो विशेष संप्रदाय के लोगों के बीच झगड़ा हो गया था। इस मामले को कुछ लोगों ने सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की। मामला बढ़ने पर शुक्रवार रात को बजरंग दल के कार्यकर्ताओ ने पुरानी भिलाई थाने का घेराव कर दिया।
उन्होंने मामले में विशेष संप्रदाय के युवकों के खिलाफ FIR दर्ज करने का दबाव बनाया। पुलिस ने भी FIR दर्ज किया। इसके बाद इस मामले ने आज राजनीतिक रंग ले लिया। बजरंग दल के नेता अरुण शर्मा के नेतृत्व में उनके लोग सिरसा गेट में प्रदर्शन कर रहे थे। पूर्व CM भूपेश बघेल ने उनके ऊपर उनकी गाड़ी को रोकने और सुरक्षा को तोड़ने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि बजरंग दल ने उनका रास्ता रोककर दुर्ग के प्रदर्शन स्थल पर जाने से रोका। उन्हें कल रात हुई घटना की जानकारी नहीं थी। इसके बाद भी 50 से 60 लड़कों ने उनका रास्ता रोका और उनके सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। उन्हें जेड सिक्योरिटी मिली है, इसके बाद भी उसमें चूक की गई है।
यह हुई थी घटना
शुक्रवार 23 अगस्त की रात साढ़े 11 बजे भिलाई-3 में राम मंदिर के पास सामान्य दुर्घटना के चलते एक ट्रक खड़ा था। वहां जाम की स्थिति बन रही थी। इसलिए एकता नगर निवासी पुष्पराज सिंह राजपूत ट्रक ड्राइवर से बात कर रहा था।
वहां शकील नाम का युवक नशे की हालत में आया और पुष्पराज से विवाद करने लगा। इसके बाद दोनों ने फोन करके अपने-अपने साथियों को बुला लिया। शकील के साथी आरिफ और असरफ वहां पहुंचे और पुष्पराज पीट दिया। जिसके बाद बजरंग दल ने आधी रात को भिलाई-3 थाना घेरकर हंगामा शुरू कर दिया।
कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख भिलाई-3 थाना परिसर को छावनी में बदल दिया गया। कई थानों की पुलिस को देर रात वहां बुलाया गया था। पुलिस ने मामला तो दर्ज किया, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज बजरंगियों ने शनिवार दोपहर सिरसा गेट पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया था।
कोरबा
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा निलंबित
कोरबा। कार्यालय उप पुलिस अधीक्षक, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), बिलासपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीबी/ईओडब्ल्यू इकाई बिलासपुर द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 0/2026 की कार्रवाई में कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा को 29 मई 2026 को प्रार्थी अमृत बघेल से 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी मिश्रा को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा द्वारा यह माना गया कि उनका यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत है।
फलस्वरूप, प्रदीप मिश्रा, सहायक ग्रेड-02, कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, कटघोरा निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
कोरबा
अगले तीन घंटे में तूफानी बारिश के आसार
कोरबा। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले तीन घंटों में कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के रायगढ़, सक्ती और सरगुजा के कुछ इलाकों में तूफानी बारिश के आसार हैं। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश एवं बिजली गिरने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

कोरबा
संस्कृत विषय बचाओ अभियान: घोषणा को अमल में लाने संस्कृत शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन
कोरबा। प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी नोयन कुमार बुडेक, मनोज कुमार वर्मा, डॉ नारायण प्रसाद, गंगाराम साहू, हेमंत कुमार हिरवानी, दुर्गेश कुमार साहू, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मंडावी, सुनील महार, ईश्वरी यदु कामिनी पिल्लई, रेणुका लदेर, शारदा साहू, सुरेखा सेन, सोमप्रभा साहू सहित प्रदेश के पांच शिक्षा संभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भारतीय संविधान में आठवीं अनुसूची की भाषा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप संस्कृत विषय के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु उल्लेख किया गया है को ध्यान में रखते हुए गजेंद्र यादव शिक्षा मंत्री द्वारा 30 अप्रैल को विधानसभा से घोषणा किया गया कि संस्कृत भाषा को अनिवार्य कर रहे हैं, जिनका लघु चलचित्र सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित हैं।

इसे देख सुनकर प्रदेश भर के संस्कृत शिक्षकों में शासन की सौहार्द्रपूर्ण निर्णय से हर्ष की लहर है। संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता और संस्कार परक एक राष्ट्रभाषा है, जिनमें सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से समाहित है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 मई एवं 26 मई 2026 को नवा रायपुर स्थित एम -14 आवास में शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए शीघ्र अति शीघ्र शासकीय आदेश जारी करवाने हेतु मांग पत्र सौपा, जिससे शिक्षक आश्वस्त हो जावे तथा मंत्री द्वारा संस्कृत विषय को अनिवार्य करने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस पावन कार्य के लिए निरंतर प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर, विधायकगण, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , राज्यपाल रमेन डेका , संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, सचिव सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम्, प्रदेश संयोजक व अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी फेड़रेशन कमल वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आयुक्त राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा सहित 50 से भी अधिक आवेदन बारंबार संस्कृत विषय को पूर्व की भांति अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में रखने के लिए मांग पत्र ज्ञापन सौपा गया था। 25 अगस्त 2025 को शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में एससीईआरटी रायपुर को कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा दसवीं का संस्कृत विषय को अनिवार्य करने निर्देशित भी किया गया था। इसी क्रम में 07 सितंबर 2025 को सरयू पारिण भवन मठपुरेना में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी मांग पत्र सौपा गया था। वहां पर अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संकल्प का विषय है विकल्प का नहीं। संस्कृत भाषा के साथ अन्याय नहीं होगा। एक तरफ पूरा विश्व संस्कृत भाषा के महत्व को अपना रहा है। अपने देश के विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य शिक्षा कर रहे हैं तथा अनुच्छेद 351 आठवीं अनुसूची की भाषाओं के सम्मान के लिए बनाया गया है।
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