देश
राहुल बोले- जम्मू-कश्मीर में एक राजा बैठा है, नाम एलजी:राज्य को UT बनाकर लोगों का हक छीना, हम इसे वापस दिलाएंगे
श्रीनगर,एजेंसी। राहुल गांधी ने बुधवार (4 सितंबर) को जम्मू-कश्मीर के रामबन और अनंतनाग में चुनावी रैली की। राहुल ने कहा- जम्मू-कश्मीर से स्टेटहुड छीना गया, हम इसे वापस देंगे। यहां राजा का शासन है। यहां के राजा LG हैं। पहले केंद्र शासित प्रदेश को राज्य बनाते थे। मोदी जी राज्यों को केंद्र शासित प्रदेश बना रहे हैं।
राहुल ने पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत अंबानी-अडाणी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा- पीएम मोदी पहले छाती फैलाकर चलते थे। अब वे कंधे झुकाकर आते हैं। इस बार संसद में सिर पर संविधान रखकर घुसे।
कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने गठबंधन किया है। 90 सीटों में से 51 पर NC और 32 सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी। 5 सीटों पर फ्रेंडली फाइट होगी। 2 सीटें CPI (M) और पेंथर्स पार्टी को मिली हैं।
जम्मू-कश्मीर चुनाव 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को 3 फेज में होने वाले हैं। कांग्रेस ने 40 स्टार प्रचारकों का नाम तय किया है। इनमें मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया और प्रियंका का नाम भी शामिल है।
राहुल की 2 रैली, 4 बड़े बयान
- स्टेटहुड की वापसी का वादा: राहुल ने कहा 1947 के बाद से पहली बार एक स्टेट से उनका अधिकार छीना गया है। सिर्फ कांग्रेस पार्टी और नेशनल कॉन्फ्रेंस की नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि जम्मू-कश्मीर को स्टेटहुड दिया जाए। भाजपा-संघ कुछ भी कह ले, हम जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनका स्टेटहुड वापस देने जा रहे हैं।
- जम्मू-कश्मीर में भी कर्जमाफी होगी: देश में 22 से 25 अरबपति हैं। मोदी जी ने इनका 16 लाख करोड़ का कर्जा माफ किया है, लेकिन किसानों या स्टूडेंट्स का एक रुपया माफ नहीं हुआ। देश सिर्फ दो-तीन लोगों के लिए नहीं चलता है। सरकार बनने पर कर्ज माफी को हम जम्मू-कश्मीर में भी लागू करेंगे।
- दिल्ली में INDIA ब्लॉक की सरकार बनेगी: कांग्रेस सांसद बोले- पीएम मोदी ने पहले कहा कि जाति जनगणना नहीं होगी। अब RSS ने कहा- होनी चाहिए। लेटरल एंट्री पर भी वे बैकफुट पर आए। हमने मोदी को साइकोलॉजिकली उड़ा दिया है। उनका कॉन्फिडेंस गायब हो गया है। नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान की जनता से डरते हैं। अब हम इन्हें सरकार से भी हटा देंगे।
- नफरत के खिलाफ मोहब्बत की दुकान खोलेंगे: पूरे देश में बीजेपी RSS के लोग हिंसा फैला रहे हैं। लड़ाई दो विचारधाराओं में है। एक तरफ नफरत दूसरी तरफ मोहब्बत। हम कन्याकुमारी से चले। हमने नारा दिया, नफरत के खिलाफ मोहब्बत की दुकान खोलनी है। नफरत की काट मेाहब्बत से होती है। नफरत को मोहब्बत से हराया जा सकता है।
- जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए मेरे दरवाजे हमेशा खुले हैंराहुल ने कहा- ये लोग एक जाति को दूसरी से, एक धर्म को दूसरे से लड़ाएंगे। तमिलनाडु में जाकर कहते हैं तमिल नहीं बोल सकते। इनका मकसद जनता को लड़ाओ और हिंदुस्तान को लूट लो। हमने क्या किया, नफरत के बाजार मोहब्बत की दुकान खोल ली।
22 से 25 अरबपति हैं, मोदीजी ने 16 लाख करोड़ का कर्जा माफ किया है। लेकिन किसानों स्टूडेंट्स का एक रुपया माफ नहीं हुआ। सरकार चले तो सबकी सरकार हो। हम ऐसी ही सरकार चलाना चाहते हैं। मैं जानता हूं जम्मू-कश्मीर ने मन बना लिया है। सच्चाई यही है कि INDIA ब्लॉक की सरकार बन रही है।
फारूक साहब ने कहा कि बहुत से लोग कन्फ्यूजन करने आए हैं। लेकिन मैं कहूंगा कि ये जम्मू-कश्मीर के लोगों की सेल्फ रिस्पैक्ट का मामला है। इसलिए कांग्रेस और NC एक-दूसरे का पूरा सपोर्ट करें। आप जानते हैं आपका मेरा रिश्ता क्या है। मेरे दरवाजे आपके लिए हमेशा खुले हैं। मैं आपकी सेवा करना चाहता हूं। - जिसने कभी बैट नहीं उठाया वो क्रिकेट के इंचार्ज बन गएअमित शाह के बेटे हैं, कभी बैट नहीं उठाया वो क्रिकेट के इंचार्ज बन गए। 6 या 7 लोग देश चला रहे हैं और सोचते हैं देश की जनता चुप रहेगी। लेकिन मोदी में अब दम नहीं रहा, जो विपक्ष चाहता है वही करते हैं। आजकल विपक्ष ही सरकार चला रहा है।
दिल्ली में अगली सरकार I.N.D.I.A गठबंधन की आएगीराहुल ने कहा- हम चाहते थे कि चुनाव से पहले मामला तय हो जाए और स्टेटहुड मिल जाए। भाजपा नहीं चाहती थी, उन्होंने कहा कि पहले चुनाव करो। हमें मंजूर है, मगर स्टेटहुड मिलेगा। मैं गारंटी देता हूं। या ये स्टेटहुड देंगे, नहीं तो अगली सरकार दिल्ली में इंडिया गठबंधन की आएगी तो वो आपको स्टेटहुड देगी।
हिंदुस्तान के हर नागरिक की जिम्मेदारी है जम्मू-कश्मीर को स्टेटहुड वापस मिले1947 में हिंदुस्तान ने राजाओं को महराजाओं को परे करके लोकतांत्रिक अधिकार जनता को दिया था। पहली बार एक स्टेट से उनका अधिकार छीना गया है। हमारा कर्तव्य बनता है, जिम्मेदारी बनती है। सिर्फ कांग्रेस पार्टी और नेशनल कॉन्फ्रेंस की नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि जम्मू-कश्मीर को स्टेटहुड दिया जाए। भाजपा-संघ कुछ भी कह ले, हम जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनका स्टेटहुड वापस देने जा रहे हैं।
मीडिया को मैं मित्र कहता हूं, लेकिन ये मित्र नहीं हैंमीडिया को मैं मित्र कहता हूं, लेकिन ये मेरे मित्र नहीं हैं। आजादी के बाद हिंदुस्तान में UT से राज्य बनाए गए। मगर पहली बार इतिहास में एक राज्य को UT बना दिया। जब हम राज्यों को बांटते हैं तब हम लोकतंत्र को गहरा करते हैं। मगर जब स्टेट को UT बनाते हैं, तो अधिकारों को छीना जाता है। जम्मू-कश्मीर के साथ ऐसा हुआ है।
राज्य और UT में बहुत फर्क होता है। स्टेट में असेंबली होती है, लोगों की आवाज होती है उनके अधिकार होते हैं।
राहुल गांधी अनंतनाग पहुंचेराहुल गांधी की दूसरी रैली अनंतनाग में शुरू हो चुकी है। उनके साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद हैं।
राहुल का वादा जम्मू-कश्मीर में कर्जमाफी करेंगेराहुल ने कहा- हम चाहते हैं देश में भाई चारा हो। सबका सम्मान हो। एक दूसरे के साथ इज्जत से बात हो। जो कमजोर लोग हैं, उनको लगे कि देश में हमारी भी भागीदारी है। कर्जमाफी हमारी भी होती है। देश सिर्फ दो तीन लोगों के लिए नहीं चलता है। यही काम हम जम्मू-कश्मीर में करेंगे।
पीएम मोदी जनता से डरते हैं, हम उन्हें सरकार से हटा देंगेराहुल बोले- आपने देखा होगा कि नरेंद्र मोदी को कोई हरा नहीं सकता। नरेंद्र मोदी ने कहा था कि मैं भगवान से सीधी बात करता हूं। कांग्रेस का कोई नेता आए और कहे कि मैं डायरेक्ट भगवान से बात करता हूं तो मैं उनसे कहूंगा कि यह बात बाहर मत कहना। लेकिन देश का प्रधानमंत्री कहता है कि मैं नॉन बायोलॉजिकल हूं। इस चुनाव में भगवान ने नरेंद्र मोदी को डायरेक्ट मैसेज दे दिया।
आपको लगता है कि आप भगवान से डायरेक्ट बात करते हो, लेकिन भगवान जनता की राय सुनकर काम करता है। हमने मोदी को साइकोलॉजिकली उड़ा दिया है। उनका कॉन्फिडेंस गायब हो गया है।
उन्होंने पहले कहा- जाति जनगणना नहीं होगी। अब आरएसएस ने कहा- होना चाहिए। लेटरल एंट्री पर भी वे बैकफुट पर आए। नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान की जनता से डरते हैं। हम इन्हें सरकार से हटा देंगे।
जो हालत देश की, उससे ज्यादा खराब जम्मू-कश्मीर की हैराहुल ने रामबन में कहा- पूरी सरकार दो अरबपतियों के लिए चलाई जा रही है। आपका जो स्टेट हुड छीना गया है, उसका फायदा इन्हीं दोनों को दिया गया है। जो हालात देश में है, उससे खराब हालत जम्मू-कश्मीर में है। यहां पर कांग्रेस पार्टी की सरकार आ रही है। जो डेली वेजेस का काम करते हैं, उनको हम परमानेंट करेंगे। उनकी आमदनी बढ़ाएंगे।
हम सबको लेकर एकसाथ जम्मू-कश्मीर की सरकार चलाएं, सबकी रिस्पेक्ट हो। जैसा मैंने बाकी देश में कहा- नफरत को मिटाना है, जहां भी यह नफरत की दुकान खोलेंगे, वहां हम मोहब्बत की दुकान खोलेंगे। आखिरी बात यह कहना चाहता हूं। इतनी सुंदर जगह है। चुनाव के बाद यहां आना पड़ेगा।
पीएम मोदी के 2 दोस्त- अंबानी और अडाणीराहुल ने कहा- हम सब जानते हैं, बिजली के प्रोजेक्ट यहां बनाए जा रहे हैं। सच्चाई है कि इसका फायदा आपको नहीं मिलता। प्रोजेक्ट के पांच किमी के रेडियस में फ्री बिजली की बात की जाती है। मिलती नहीं। हम सरकार बनाएंगे और यह सुविधा देंगे। आप बिजली के ज्यादा रेट देते हो, यह अन्याय है। हम इसे ठीक करेंगे।
नरेंद्र मेादी ने पूरे देश में बेरोजगारी फैलाई है। आपने अडाणी जी का नाम सुना है। मोदी जी के मित्र है। संसद में मुझसे कहा गया कि मैं अडाणी और अंबानी का नाम नहीं ले सकते। तो मैंने उन्हें ए1 और ए2 नाम दिया।
हम दो, हमारे दो। नरेंद्र मोदी-अमित शाह और अंबानी-अडाणी की सरकार चल रही है। जो छोटे बिजनेस करता है उसके लिए मोदी जी नोटबंदी जीएसटी लाते हैं।
पहले राजा-महाराजाओं का समय था, आज कश्मीर का राजा LG हैराहुल ने कहा- आपका सिर्फ स्टेट नहीं छीना गया, आपके अधिकार आपका धन आपसे छीना जा रहा है। 1947 में हमने राजाओं को हटाकर लोकतांत्रिक सरकार बनाई। आज जम्मू कश्मीर में राजा बैठा है। उसका नाम एलजी है। आपका धन छीनकर बाहर के लोगों को दिया जा रहा है। हमारा पहला कदम जम्मू-कश्मीर को स्टेटहुड वापस देने का होगा। बीजेपी चाहे या न चाहे, इंडिया गठबंधन दबाव बनाएगा।
जम्मू-कश्मीर को स्टेटहुड वापस दिलाना है
हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार स्टेट हुड छीना गया है। स्टेट को बांट कर दो स्टेट बनाए गए। तेलंगाना बना, छत्तीसगढ़ बना, झारखंड बनाया गया। पहली बार राज्य को यूनियन टेरेटरी बनाया गया। भारत में पहले ये काम कभी नहीं किया गया। जम्मू-कश्मीर को स्टेटहुड वापस दिलाना है। हमारा पहला कदम यही होगा। हम चाहते थे कि चुनाव से पहले स्टेटहुड मिले और इसके बाद चुनाव हो। BJP ये नहीं चाहती है। वह चाहती है पहले चुनाव हो।
रामबन में फिर पीएम मोदी पर निशाना साधा
राहुल ने रैली के दौरान एक बार फिर पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- पहले नरेंद्र मोदी छाती फुलाकर आते थे, अब कंधे झुकाकर आते हैं।
राहुल ने कहा – नफरत को केवल मोहब्बत से काटा जा सकता हैपूरे देश में बीजेपी आरएसएस के लोग हिंसा फैला रहे हैं। लड़ाई दो विचारधाराओं में है। एक तरफ नफरत दूसरी तरफ मोहब्बत। हम कन्याकुमारी से चले। हमने नारा दिया, नफरत के खिलाफ मोहब्बत की दुकान खोलनी है। नफरत की काट मेाहब्बत से होती है। नफरत को मोहब्बत से हराया जा सकता है।
राहुल गांधी बोले- ऐसी सुंदर जगह है, अगली मीटिंग में जाने का मन नहींरामबन पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने वहां मौजूद लोगों से कहा कि ऐसी सुंदर जगह है, लग रहा है कि यहीं रुक जाऊं। मेरा अगली मीटिंग में जाने का मन नहीं कर रहा है
देश
राज्यसभा चुनाव से पहले 26 नेता निर्विरोध निर्वाचित:इनमें शरद पवार, रामदास आठवले, विनोद तावड़े, अभिषेक मनु सिंघवी शामिल, 11 सीटों पर मुकाबला
नई दिल्ली,एजेंसी। 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में 7 राज्यों के 26 उम्मीदवार बिना मुकाबले (निर्विरोध) के ही निर्वाचित हो गए हैं। इनमें एनसीपी (शरद) प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
कई राज्यों में विपक्षी दलों ने उम्मीदवार नहीं उतारे, जिसके कारण ये नेता बिना मतदान के ही राज्यसभा पहुंच गए। हालांकि बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर मुकाबला होना तय है। इन राज्यों में अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में होने के कारण चुनाव कराया जाएगा।
- शरद पवार (NCP-शरद)
- रामदास आठवले (आरपीआई-आठवले)
- विनोद तावड़े (बीजेपी)
- रामराव वडुकुटे (बीजेपी)
- माया इवनाते (बीजेपी)
- ज्योति वाघमारे (शिवसेना -शिंदे)
- पार्थ पवार (एनसीपी)
तमिलनाडु (6)
- तिरुची शिवा (DMK)
- जे कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन (DMK)
- एम क्रिस्टोफर तिलक (कांग्रेस)
- एल के सुदीश (DMDK)
- एम थंबीदुरई (AIADMK)
- अंबुमणि रामदास (PMK)
पश्चिम बंगाल (5)
- राहुल सिन्हा (BJP)
- बाबुल सुप्रियो (TMC)
- पूर्व डीजीपी राजीव कुमार (TMC)
- सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी (TMC)
- कोएल मलिक (TMC)
असम (3)
- जोगेन मोहन (BJP)
- तेरोस गोवाला (BJP)
- प्रमोद बोरो (UPPL)
तेलंगाना (2)
- अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस)
- वेम नरेंद्र रेड्डी (कांग्रेस)
छत्तीसगढ़ (2)
- लक्ष्मी वर्मा (BJP)
- फूलो देवी नेताम (कांग्रेस)
हिमाचल प्रदेश (1)
- अनुराग शर्मा (कांग्रेस)
अब 11 सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में
नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि के बाद बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटों पर चुनाव 16 मार्च को होंगे।
इन चुनावों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
कुल 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए 40 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। अब 11 सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसके कारण बिहार, ओडिशा और हरियाणा में एक-एक सीट पर मुकाबला होगा।
देश
सुप्रीम कोर्ट बोला- UCC लागू करने का समय आ गया:संसद फैसला करे, शरियत कानून में सुधार की जल्दबाजी न करें, इससे नुकसान की संभावना
नई दिल्ली,एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का समय आ गया है। इस पर फैसला करना कोर्ट के बजाय संसद का काम है।
कोर्ट शरियत कानून 1937 की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इन धाराओं से मुस्लिम महिलाओं के साथ भेदभाव का आरोप था।
CJI सूर्यकांत,जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा- शरियत कानून की धाराएं रद्द कर दी गईं तो मुस्लिम समुदाय में संपत्ति के बंटवारे को लेकर कोई स्पष्ट कानून नहीं बचेगा। इससे कानूनी खालीपन पैदा हो सकता है।
कोर्टरूम LIVE:
- CJI: सुप्रीम कोर्ट पहले भी कई बार सरकार से समान नागरिक संहिता लागू करने को कह चुका है। अलग-अलग समुदायों के लिए अलग नियम हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम सीधे किसी कानून को असंवैधानिक घोषित कर दें।
- याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण: कोर्ट यह घोषित कर सकती है कि मुस्लिम महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए। अगर शरियत कानून की कुछ धाराएं रद्द होती हैं, तो ऐसे मामलों में भारतीय उत्तराधिकार कानून लागू किया जा सकता है।
- बेंच: इस मुद्दे का स्थायी समाधान समान नागरिक संहिता ही है। लेकिन इसे लागू करने का फैसला संसद को लेना होगा। यह नीतिगत मामला है, और कानून बनाना संसद का अधिकार है।
मुसलमानों के परिवारिक मामलों में लागू होता है शरियत कानून 1937
शरियत कानून 1937, जिसे मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरियत) एप्लीकेशन एक्ट कहा जाता है, ब्रिटिश शासन के समय बनाया गया एक कानून है। इसका उद्देश्य यह तय करना था कि भारत में मुसलमानों के निजी और पारिवारिक मामलों में इस्लामी कानून यानी शरियत लागू होगा।
इससे पहले अलग-अलग क्षेत्रों में अलग परंपराएं चलती थीं, जिससे फैसलों में एकरूपता नहीं थी। इस कानून के लागू होने के बाद शादी (निकाह), तलाक, गुजारा भत्ता, विरासत यानी संपत्ति का बंटवारा, वक्फ और परिवार से जुड़े अन्य मामलों में शरियत के नियम मान्य माने गए।
इसका मतलब यह है कि अगर किसी मुस्लिम परिवार में संपत्ति या शादी से जुड़ा विवाद होता है, तो अदालत शरियत के आधार पर फैसला कर सकती है। हालांकि, यह कानून केवल निजी मामलों पर लागू होता है।
चोरी, हत्या या अन्य आपराधिक मामलों में देश का सामान्य कानून ही लागू होता है। समय-समय पर इस कानून को लेकर बहस होती रही है, खासकर महिलाओं के अधिकारों को लेकर, क्योंकि कुछ मामलों में महिलाओं को पुरुषों के बराबर हिस्सा नहीं मिलता।
भारत में केवल उत्तराखंड में UCC लागू
भारत में अभी केवल उत्तराखंड में UCC लागू है। वहां 28 जनवरी 2025 को UCC लागू किया गया। मुख्यमंत्री आवास में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इसका ऐलान किया था। यूसीसी लागू होने से राजय में 5 नियम सख्ती से लागू हुए-
- शादी चाहे किसी भी धर्म के रीति-रिवाज से हो, लेकिन उसका रजिस्ट्रेशन जरूरी है। 60 दिन में रजिस्ट्रेशन न होने पर 20 हजार रुपए तक जुर्माना लग सकता है।
- शादी के लिए लड़कों की उम्र 21 साल और लड़कियों के लिए 18 साल जरूरी है।
- शादी और तलाक के नियम सभी समुदायों पर एक जैसे लागू होंगे। यानी अलग-अलग धर्मों में अलग कानून नहीं रहेगा।
- लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है। इसमें पहचान छिपाने या धोखाधड़ी करके लिव-इन में रहने पर जेल भी हो सकती है।
- परिवार की संपत्ति पर बेटा-बेटी को समान अधिकार मिलेगा।
देश
सुप्रीम कोर्ट बोला-सरकार कोविड वैक्सीन से नुकसान का मुआवजा दे:एरर-फ्री पॉलिसी बनाए, साइड इफेक्ट्स की जांच के लिए एक्सपर्ट पैनल की जरूरत नहीं
नई दिल्ली,एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को कोविड वैक्सीनेशन से जुड़ी याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकार वैक्सीनेशन के साइड इफेक्ट्स का मुआवजा दे। इसके लिए वह नो-फॉल्ट कंपनसेशन पॉलिसी बनाए।
नो-फॉल्ट कम्पनसेशन पॉलिसी का मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति को दवा या वैक्सीन से नुकसान हो जाए, तो उसे मुआवजा मिल सकता है, भले ही इसमें किसी की गलती साबित न हुई हो।
जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने यह भी कहा कि वैक्सीनेशन के साइड इफेक्ट्स की मॉनिटरिंग के लिए मौजूदा सिस्टम जारी रहेगा। इसके लिए अलग से एक्सपर्ट पैनल बनाने की जरूरत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने रचना गंगू और वेणुगोपालन गोविंदन की 2021 में दायर याचिका पर यह फैसला सुनाया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनकी बेटियों की मौत कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के कारण हुई थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की 3 बड़ी बातें…
मुआवजा नीति का यह मतलब नहीं होगा कि सरकार या किसी दूसरी अथॉरिटी ने अपनी गलती मान ली है।
वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स से जुड़े आंकड़े समय-समय पर पब्लिक डोमेन में रखा जाएगा।
इस फैसले का मतलब यह नहीं होगा कि व्यक्ति दूसरे कानूनी उपायों का सहारा नहीं ले सकता।
नंवबर 2025 में फैसला सुरक्षित रखा था
पिछले साल 13 नवंबर को इन याचिकाओं पर लंबी बहस हुई थी। इसके बाद जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा था कि कोर्ट के साथ-साथ दूसरे मुद्दों पर भी फैसला करेगा। जस्टिस नाथ ने आदेश सुरक्षित रखते हुए कहा था-“हम तय करेंगे कि समिति का गठन किया जाना है या नहीं, क्या निर्देश जारी किए जाने हैं। हम हर चीज की बारीकी से जांच करेंगे।”
इससे पहले सरकार ने केरल हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के खिलाफ याचिका लगाई थी, जिसमें सईदा के.ए.की याचिका पर मुआवजे की नीति तैयार करने का आदेश दिया गया था।
2022 में सरकार ने जवाबी हलफनामे में तर्क दिया था कि वह मुआवजे के लिए उत्तरदायी नहीं है क्योंकि वैक्सीन अपनी मर्जी से लगवाई जाती है। यह लोगों का जोखिम जानने के बावजूद लिया गया फैसला होता है।
मई 2024 में वैक्सीन से मौत के दो दावे सामने आए
परिवार का दावा- कोवीशील्ड लगवाने के 7 दिन बाद बेटी की मौत

करुण्या की जुलाई 2021 में मौत हो गई थी।
वेणुगोपाल गोविंदन का कहना था कि उनकी बेटी करुण्या की जुलाई 2021 में कोवीशील्ड वैक्सीन लेने के महीने भर बाद मौत हो गई थी। सीरम इंस्टीट्यूट ने ब्रिटेन की फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका के बनाए फॉर्मूले पर कोवीशील्ड बनाई है और एस्ट्राजेनेका ने ब्रिटिश हाईकोर्ट में स्वीकार किया कि उनकी कोविड-19 वैक्सीन से खतरनाक साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। करुण्या की मौत मामले में परिवार की शिकायत पर सरकार ने राष्ट्रीय समिति का गठन किया था। बाद में समिति ने निष्कर्ष निकाला था कि करुण्या की मौत का कारण वैक्सीन है इसके पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे।
दूसरा परिवार बोला- बेटी को कोविड डोज के बाद TTS हुआ, फिर मौत
8 साल की श्री ओमत्री की मई 2021 में मौत हो गई थी। परिवार के मुताबिक, रितिका ने मई में कोवीशील्ड की पहली डोज लगवाई थी। इसके 7 दिनों के अंदर रितिका को तेज बुखार और वॉमिट की शिकायत हुई। MRI में सामने आया कि रितिका को ब्रेन में ब्लड क्लोटिंग हुई और उसे ब्रेन हेमरेज हो गया था। दो हफ्ते बाद ही बेटी की मौत हो गई थी।
परिवार ने आगे बताया था कि हमें बेटी की मौत का सही कारण जानने के लिए दिसंबर 2021 में RTI के जरिए पता चला कि बेटी को थ्रोम्बोसिस विथ थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम हुआ था। जो भी वैक्सीन के सामना करना पड़ा था और ‘वैक्सीन उत्पाद संबंधी प्रतिक्रिया’ के कारण उनकी मृत्यु हो गई थी।
PM ने कोवैक्सिन के 2 डोज लगवाए थे

पीएम ने 8 अप्रैल 2021 को कोवैक्सिन का दूसरा डोज लिया था।

पीएम नरेंद्र मोदी ने 1 मार्च 2021 को कोवैक्सिन का पहला डोज लिया था।
जुलाई 2025: कोविड के बाद अचानक मौतों पर स्टडी: ICMR का दावा- वैक्सीन से इसका संबंध नहीं
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने अपनी स्टडी में बताया कि देश में हार्ट अटैक से होने वाली अचानक मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं है।
यह स्टडी 18 से 45 साल के लोगों की अचानक मौत पर आधारित है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टडी में कहा गया है कि भारत की कोविड वैक्सीन सेफ और इफेक्टिव है। इससे होने वाले गंभीर साइडइफेक्ट के मामले रेयर हैं।
स्टडी में बताया गया है कि अचानक हुई मौतों की अन्य वजहें हो सकती हैं। इनमें जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल, पहले से मौजूद बीमारी और कोविड के बाद के कॉम्प्लिकेशन शामिल हैं।
भारत में दो कोविड वैक्सीन विकसित हुई थीं। भारत बायोटेक ने ICMR के सहयोग से कोवैक्सिन का निर्माण किया था। वहीं, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका के फॉर्मूले से कोवीशील्ड बनाई थी।
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