कोरबा
साहब मुझे न्याय चाहिए’: बच्चों के साथ एसपी ऑफिस पहुंची महिला, बोली- पति ने घर से निकाला, सामान भी छीन लिया
कोरबा। एक पति ने अपनी पत्नी और बच्चों को किराये के मकान से बेदखल कर दिया। आरोप है कि पति ने पत्नी का सामान भी छीन लिया। परेशान महिला चार बच्चों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
भदरापारा बालको नगर क्षेत्र की संतोषी महंत ने अपने चार बच्चों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय दिलाने की मांग की। वह किसी और से नहीं बल्कि अपने पति से परेशान हैं। हरतालिका तीज से ठीक पहले पति ने उसे किराए के घर से भी बेघर कर दिया और उसका सामान छीन लिया। वह आए दिन शराब पीने के लिए रुपये मांगता है। पीड़ित संतोषी ने कहा कि उसको उसका सामान वापस चाहिए, ताकि वह बच्चों के साथ गुजर बसर कर सके।
संतोषी ने बताया कि वह रोजी मजदूरी करती है और चार बच्चों का भरण पोषण करती है। उसके पति उसके साथ मारपीट करते हैं। शराब पीने के लिए पैसे की मांग करता है। नहीं देने पर सरेआम जमकर पिटाई करता है, जिससे वह परेशान है। पिछले चार माह से पति से अलग बच्चों को लेकर किराये के मकान में रहती है। गुरुवार की रात किराये वाले घर पर पहुंचा और तमाशा करने लगा। घर से भी सामान सहित बाहर निकाल दिया। रात भर अपने बच्चों को लेकर बस स्टैंड पर खुले में बिताने को मजबूर हो गई। बिना खाए पिए रात गुजारी। यहां तक बच्चों के आधार कार्ड और कुछ रकम भी वह ले गया। हरतालिका तीज को लेकर पूछा गया तो उसने कहा कि किसके लिए वह यह सब करेगी। जिस प्रकार का पति का व्यवहार है, उस स्थिति में किसी प्रकार की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। उसकी हरकतों से वह तंग आ चुकी है। बालको पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला के पति से संपर्क किया और उसे बालको थाना बुलाया, जहां आगे की कार्रवाई की जा रही है। महिला ने पुलिस अधिकारी को अपनी समस्या से अवगत करा दिया है। देखना होगा कि समस्या का समाधान किस प्रकार से होता है, ताकि महिला और उसके बच्चों को सामाजिक संरक्षण प्राप्त हो सके।
कोरबा
आरटीओ कार्यालय के सामने संचालित दुकानों, ठेलों को यथावत रखा जाए या हटाने से पूर्व उनके विस्थापन की व्यवस्था की जाए – महापौर
संबंधित दुकानदारों ने निगम कार्यालय साकेत भवन पहुंचकर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत से की भेंट, दिया आवेदन पत्र, महापौर ने उन्हें किया आश्वस्त

कोरबा। महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने आरटीओ कार्यालय के सामने संचालित दुकानों, ठेलों को यथावत रखने या उन्हें हटाने से पूर्व उनके विस्थापन की व्यवस्था किये जाने की कार्यवाही के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। महापौर श्रीमती राजपूत से निगम कार्यालय में भेंट कर संबंधित व्यवसायियों ने उन्हें अपना आवेदन पत्र दिया तथा उन्हें स्थल से न हटाने का आग्रह किया, जिस पर महापौर श्रीमती राजपूत ने दुकानदारों को आश्वस्त किया कि उन्हें यथावत रखा जाएगा, अथवा हटाने से पूर्व उनके व्यवस्थापन की व्यवस्था की जायेगी।

आरटीओ कार्यालय के सामने बनी दुकानों, ठेलों के संचालकों ने अपना आवेदन पत्र महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत को प्रस्तुत कर आग्रह किया है कि हम सब विगत 12-13 वर्षो से आरटीओ कार्यालय कोरबा के समीप ठेला व दुकान के माध्यम से लोगों की सुविधा हेतु आनलाईन वाहनों का इंश्योरेंस आदि का कार्य अपने-अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं तथा हमारे द्वारा आनलाईन कार्य करने से लोगों को अनेक प्रकार की सुविधा भी मिल रही है। उन्होने अपने आवेदन पत्र में बताया कि हमें उक्त ठेला दुकानों को हटाने का नोटिस मिला है तथा 03 दिन के अंदर हटाने को कहा गया है, किन्तु यदि हमें उक्त स्थान से ठेला, दुकान हटा दिया जाता है तो हमारे परिवार के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो जायेगा, आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पडे़गा तथा हम सभी दुकानदार बेरोजगार हो जायेंगे, उन्होने आग्रह किया कि हमारी दुकानों, ठेलों को स्थल से न हटाया जाए। महापौर श्रीमती राजपूत ने संबंधित दुकानदारों की बातों को ध्यान से सुना तथा कहा कि चूंकि वहॉं पर लगभग इन ठेलों, दुकानों के माध्यम से 25 परिवार के 100 से ज्यादा लोगों का जीवन यापन हो रहा है और चूंकि वे विगत 12-13 वर्षो से वहॉं अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं, अतः उन्हें वहॉं पर यथावत रखा जाए तथा यदि हटाना अत्यंत आवश्यक है तो हटाने से पूर्व उनके व्यवस्थापन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए, महापौर श्रीमती राजपूत ने इन ठेला, दुकान संचालकों को आश्वस्त किया कि उनके साथ न्याय किया जाए। इस अवसर पर पार्षद अब्दुल रहमान भी उपस्थित थे।
कोरबा
नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला आरक्षक गिरफ्तार:भर्ती में सेटिंग का दिया झांसा, दो लोगों से 1.25 लाख ठगे, बालको-पुलिस ने भेजा जेल
कोरबा। कोरबा में पुलिस भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले एक आरक्षक को गिरफ्तार किया गया है। बालको थाना पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी राजनांदगांव में पदस्थ था और खुद को प्रभावशाली बताकर लोगों से पैसे वसूलता था।

यह मामला बालको थाना क्षेत्र का है। आरोपी आरक्षक डिगम्बर प्रसाद कंवर कोरकोमा का रहने वाला है। उसने गणेशी राठिया और उमाशंकर नामक दो व्यक्तियों से पुलिस भर्ती के नाम पर 1,25,000 रुपए की ठगी की। आरोपी ने यह रकम अपने भाई के बैंक खाते में जमा करवाई थी।
जब पीड़ितों को नौकरी नहीं मिली और उनके पैसे भी वापस नहीं हुए, तो उन्होंने बालको थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की।

जांच के दौरान आरोपी के बयान और अन्य साक्ष्यों से ठगी की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने आरक्षक डिगम्बर प्रसाद कंवर को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसके पास से एटीएम, पासबुक और अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। पूछताछ में सामने आया कि वह खुद को विभाग में अच्छी पहुंच वाला बताता था।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। राजनांदगांव पुलिस को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है, जहां आरोपी के खिलाफ पहले भी कार्रवाई होने की बात सामने आई है।
पुलिस को आशंका है कि इस घटना के बाद कोरबा और राजनांदगांव में ठगी के अन्य मामले भी सामने आ सकते हैं। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और कॉल डिटेल की गहन जांच कर रही है, ताकि अन्य पीड़ितों का पता लगाया जा सके।
कोरबा
सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 का आयोजन
कोरबा। न्याय को सरल एवं सुलभ तरीक से घर-घर तक पहंचाने तथा आपसी सहभाविता और सहमति से न्याय की भावना को मूर्त रूप देने के लिए भारत के सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह 2026 का आयोजन 21 अप्रैल 2026 से शुरू किया गया है जिसकी परिणति 21, 22 तथा 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत के आयोजन के साथ होगी। जिसमें सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित मामले शामिल किया जायेगा। विशेष लोक अदालत पूर्व सुलह बैठकों का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समिति स्थित मध्यस्थता केन्द्र में किया जा रहा है इस सुलह वार्ता का आयोजन 21 अप्रैल 2026 को समाधान समारोह के आरम्भ के साथ शुरू किया गया है।

इस समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) के आयोजन का उद्देश्य सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का सुलह एवं आपसी सहमति से निष्पादन करना है। जिसमें अधिक से अधिक संख्या में संबंधित पक्षकारों/अधिवक्तागणों को सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित कर समाधान समारोह में आपसी सहमति एवं वार्ता से समाधान तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। इन सुलह-बैठकों का आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के निर्देशन में गठित न्यायाधीशों की कमेटी (प्रशिक्षित मध्यस्थ) द्वारा पक्षकारों को सुलह-प्रयास हेतु बैठकों/वार्ताओं में व्यक्तिगत रूप से अथवा विडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से शामिल कर आपसी सुलह/वार्ता से प्रयास किया जा रहा है। श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा द्वारा प्रकरणों में आज प्री-सिटिंग हेतु भौतिक रूप से उपस्थित एवं विडियों कॉन्फ्रेसिंग से उपस्थित पक्षकारों के मध्य आपसी सुलह-वार्ता व राजीनामा के आधार पर प्रकरण का निराकरण किये जाने के संबंध में सहमति दी गई है।
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