कोरबा
एसईसीएल असीम संभावनाओं की कम्पनी : डा. प्रेम सागर मिश्रा
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Divya Akashएसईसीएल मे 39 वाँ स्थापना दिवस सोल्लासपूर्ण मनाया गया
गेवरा क्षेत्र को उत्कृष्ट शील्ड
कोरबा/ बिलासपुर। एसईसीएल प्रशासनिक भवन प्रांगण में दिनांक 25.11.2023 को 39वाँ स्थापना दिवस अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. प्रेम सागर मिश्रा के मुख्य आतिथ्य, निदेशक (वित्त) जी. श्रीनिवासन, निदेशक तकनीकी संचालन सह योजना-परियोजना एस.एन. कापरी, निदेशक (कार्मिक) देबाशीष आचार्या, मुख्य सतर्कता अधिकारी जयंत कुमार खमारी, पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक आर.बी. माथुर,व्ही.के. सहगल, एम.पी. दीक्षित, पूर्व निदेशक तकनीकी संचालन एन.के. सिंह, सीएल श्रीवास्तव, पूर्व निदेशक (कार्मिक) के.के. श्रीवास्तव, टी. विनायक राव पूर्व आईएफएस, एसईसीएल संचालन समिति के सुजीत कुमार सिंह (बीएमएस), गोपाल नारायण सिंह (एसईकेएमएसी), वी.एम. मनोहर (सीटू), ए. के. पाण्डेय (सीएमओएआई) के विशिष्ट आतिथ्य, एसईसीएल कल्याण बोर्ड, एसईसीएल सुरक्षा समिति, सिस्टा, कौंसिल एवं ओबीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए अधिकारी-कर्मचारीगण, विभिन्न विभागाध्यक्षों व स्थानीय अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में एसईसीएल का 39वॉं स्थापना दिवस सोल्लास मनाया गया। अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. प्रेम सागर मिश्रा एसईसीएल असीम संभावनाओं की कम्पनी है तथा इसकी विकास यात्रा में भूतपूर्व खनन मनीषीयों एवं भूतपूर्व नेतृत्व शक्तियों व कर्मवीरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 38 वर्षों में एसईसीएल ने उत्पादन में 500 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। निदेशक (वित्त) जी. श्रीनिवासन ने स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमें इसी प्रकार टीम भावना से मिलकर कार्य करना है। निदेशक तकनीकी संचालन सह योजना परियोजना एस.एन. कापरी ने कम्पनी के इस वित्तीय वर्ष की उपलब्धियों को बताते हुए कहा कि आज का दिन हमें पुन: प्रगति पथ पर आगे बढऩे के लिए प्रेरणा लेने का दिन है। निदेशक कार्मिक देबाशीष आचार्या ने सीएसआर व भूमि अधिग्रहण के प्रकरणों में कम्पनी की सफलता का उल्लेख करते हुए स्थापना दिवस की बधाई दी। मुख्य सतर्कता अधिकारी जयंत कुमार खामारी ने स्थापना दिवस के अवसर पर सभी को शुभकामनाएँ दी। यहॉं के अधिकारी-कर्मचारी, श्रमसंघ प्रतिनिधिगण एकजुटता से दिए गए निर्धारित लक्ष्य को अवश्य ही हासिल कर लेंगे। उन्होंने अपने उद्बोधन में भविष्य की कार्ययोजनाओं पर सविस्तार प्रकाश डाला। पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक आर.बी. माथुर, व्ही.के. सहगल, एम.पी. दीक्षित, पूर्व निदेशक तकनीकी संचालन एन.के. सिंह, सीएल श्रीवास्तव, पूर्व निदेशक (कार्मिक) के.के. श्रीवास्तव ने कहा कि प्रारंभ से ही एसईसीएल की गौरवमयी उपलब्धियॉं रही हैं। एसईसीएल कम्पनी एवं उसके अधिकारी-कर्मचारी सभी की मेहनत और लगन से दिन-प्रतिदिन प्रगति की ओर अग्रसर होते रहें यही कामना है । अंत में उन्होंने इस आयोजन पर आमंत्रण के लिए प्रबंधन को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर एसईसीएल संचालन समिति के सुजीत कुमार सिंह (बीएमएस), गोपाल नारायण सिंह (एसईकेएमएसी), वी.एम. मनोहर (सीटू), ए. के. पाण्डेय (सीएमओएआई) ने कहा कि एसईसीएल स्थापना दिवस के अवसर पर हम यहॉं उपस्थित हुए हैं, आज कम्पनी जिस शिखर पर है उसमें एसईसीएल के अगुवा डॉ. प्रेम सागर मिश्रा एवं निदेशक मण्डल एवं मेहनतकश मजदूर भाइयों का श्रम है जिन्हें शत्-शत् नमन करते हैं। कार्यक्र्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि एवं समस्त मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप-प्रज्ज्वलन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहित विशिष्ट अतिथियों व मंचस्थ अतिथियों, एसईसीएल संचालन समिति, कल्याण समिति, सुरक्षा समिति, सिस्टा, कौंसिल एवं ओबीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों का शाल, श्रीफल व पुष्पहार से आत्मीय सम्मान किया गया। इस अवसर पर एसईसीएल मुख्यालय प्रांगण में विशेष आकर्षण के रूप में प्रसिद्ध विचारक व लेखक एवं पूर्व सीईओ प्राक्टर एण्ड गेम्बल गुरूचरण दास ने समारोह में उपस्थित सभी जनों के समक्ष मोटिवेशनल टाक दिया जिसमें उन्होंने मैनेजमेंट के अपने अनुभवों को साझा किया जिससे उपस्थितजन मंत्रमुग्ध हुए। इसके पूर्व मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. प्रेम सागर मिश्रा ने साथी निदेशकगणों, विशिष्ट अतिथियों, विभिन्न विभागाध्यक्षो, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में ध्वज फहराया एवं शहीद स्मारक, भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की स्थापित प्रतिमा एवं खनिक प्रतिमा पर माल्यार्पण किए। स्वागत उद्बोधन महाप्रबंधक (विक्रय-विपणन) सीबी सिंह ने दिया, अंत में उपस्थितों को धन्यवाद ज्ञापित महाप्रबंधक (गुणवत्ता नियंत्रण) आरपी सिंह ने दिया। कार्यक्रम में सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व जाकिर हुसैन मुख्य प्रबंधक (पर्यावरण) ने निभाया ।
श्रमवीर पुरस्कृत हुए
एसईसीएल मुख्यालय प्रशासनिक भवन प्रांगण में दिनांक 25.11.2023 को एसईसीएल स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम सागर मिश्रा के मुख्य आतिथ्य, निदेशक (वित्त) जी. श्रीनिवासन, निदेशक तकनीकी संचालन सह योजना-परियोजना एस.एन. कापरी, निदेशक (कार्मिक) देबाशीष आचार्या, मुख्य सतर्कता अधिकारी जयंत कुमार खमारी के विशिष्ट आतिथ्य, पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक आर.बी. माथुर,व्ही.के. सहगल, एम.पी. दीक्षित, पूर्व निदेशक तकनीकी संचालन एन.के. सिंह, सीएल श्रीवास्तव, पूर्व निदेशक (कार्मिक) के.के. श्रीवास्तव, एसईसीएल संचालन समिति के नाथूलाल पाण्डे (एचएमएस), हरिद्वार सिंह (एटक), मजरूल हक अंसारी (बीएमएस), गोपाल नारायण सिंह (एसईकेएमएसी), वी.एम. मनोहर (सीटू), ए. के. पाण्डेय (सीएमओएआई) के करकमलों से निम्न श्रमवीरों को पुरस्कृत किया गया। ओव्हरआल परफारमेन्स आफ एरिया-प्रथम-रायगढ़ एरिया, द्वितीय-सोहागपुर एरिया, तृतीय-हसदेव एरिया रहा । ओव्हरआल परफारमेन्स आफ ओपनकास्ट माईन-प्रथम-बरौद ओसी, द्वितीय-जामपाली ओसी, तृतीय-आमगांव ओसी रहा। ओव्हरआल परफारमेन्स ऑफ अण्डरग्राउण्ड माईन-प्रथम-रानीअटारी यूजी चिरमिरी एरिया, द्वितीय-विजय वेस्ट यूजी चिरमिरी एरिया, तृतीय-खैरहा यूजी सोहागपुर एरिया रहा। अण्डरग्राऊण्ड माईन-बेस्ट एसडीएल आपरेटर-प्रथम-बजरंग प्रसाद बल्गी यूजी कोरबा, द्वितीय-चरन सिंह उमरिया यूजी जोहिला, तृतीय-मैनेजर राम कटकोना 1/2 यूजी बैकुण्ठपुर रहे। बेस्ट एलएचडी आपरेटर-प्रथम-राजनाथ कुरासिया यूजी चिरमिरी, द्वितीय-निर्मल दास झिलमिली यूजी बैकुण्ठपुर, तृतीय-राजकुमार झिलमिली यूजी बैकुण्ठपुर रहे। बेस्ट ड्रिलर-प्रथम-सुनिल हल्दीबाड़ी यूजी हसदेव, द्वितीय-करिमन भटगांव यूजी भटगांव, तृतीय-शिवशंकर दामिनी यूजी सोहागपुर रहे। बेस्ट यू.डी.एम. आपरेटर-प्रथम-रामभवन बगदेवा यूजी कोरबा, द्वितीय-चैतू भद्रा यूजी जमुना-कोतमा, तृतीय जुगेश भटगांव यूजी भटगांव रहे। बेस्ट अण्डरग्राउण्ड वर्कर-प्रथम-रामनाथ बरतराई यूजी जमुना-कोतमा, द्वितीय-मुन्ना सिंह पाली यूजी जोहिला, तृतीय-गुण्डीचा कुरजा यूजी हसदेव रहे। ओपनकास्ट माईन-बेस्ट शावेल आपरेटर-प्रथम-मुन्ना राम साहू गेवरा ओसी गेवरा, द्वितीय-नीरज मिश्रा दीपका ओसी दीपका, तृतीय ओपी मिश्रा अमलाई ओसी सोहागपुर रहे। बेस्ट डम्पर आपरेटर-प्रथम-जीतन राम दीपका ओसी दीपका, द्वितीय-शैलेन्द्र अमलाई ओसी सोहागपुर, तृतीय-सुरेश कुमार कौशिक कुसमुण्डा ओसी कुसमुण्डा रहे। बेस्ट ड्रेगलाईन आपरेटर-प्रथम-रामलाल पटेल चिरमिरी ओसी चिरमिरी, द्वितीय-दारा सिंह चिरमिरी ओसी चिरमिरी रहे। बेस्ट ड्रिल आपरेटर-प्रथम-रवि अग्रवाल कंचन ओसी जोहिला, द्वितीय-विनोद कुमार सर्खवड़े गेवरा ओसी गेवरा, तृतीय-लिम्बेश्वर प्रसार साहू दीपका ओसी दीपका रहे। बेस्ट डोजर ऑपरेटर-प्रथम-प्रताप सिंह कुसमुण्डा ओसी कुसमुण्डा, द्वितीय-बिरबल छाल ओसी रायगढ़, तृतीय पुनीराम मानिकपुर ओसी कोरबा रहे। इस अवसर पर मंचस्थ अतिथियों के करकमलों से विभिन्न वर्गों में 30 कर्मियों को उत्कृष्ठ पुरस्कार से नवाजा गया साथ ही भारत सरकार के विशेष अभियान 3.0 में उल्लेखनीय योगदान के लिए गेवरा क्षेत्र, जमुना कोतमा क्षेत्र एवं मुख्यालय के जनसंपर्क विभाग को भी पुरस्कृत किया गया।
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कोरबा
एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश
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5 hours agoon
February 11, 2026By
Divya Akashकोरबा। गोद में शव…हाथ में सिगरेट…और होंठों पर वही गीत, जो कभी सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था-“तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…”। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने जो बयान दिया, उसने अदालत कक्ष को सन्न कर दिया।
गवाह के मुताबिक, साल 2018 में सलमा सुल्तान की गला घोंटकर हत्या करने के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने शव को बाएं हाथ से गोद में लिया हुआ था। दाएं हाथ से वह सिगरेट के कश ले रहा था और वही गीत गा रहा था। यह वही गाना था, जिसे सलमा बेहद पसंद करती थी।
2018 में हुई सलमा सुल्तान की हत्या की सुनवाई कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह डिंपल को सोमवार को पेश किया। डिंपल ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था।
गवाह ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया कि मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। हालांकि, जब उसने कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश की। इस पर मधुर ने उसे आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाता रहा।
बाद में डिंपल को पता चला कि मधुर साहू के सलमा सुल्ताना सहित कई दूसरी लड़कियों से भी संबंध थे। गवाह ने बताया कि सलमा सुल्ताना और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

क्या है पूरा मामला
25 साल की सलमा सुल्ताना कुसमुंडा के एसईसीएल कॉलोनी में रहती थी। वो धीरे-धीरे न्यूज के फील्ड में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही थी। उसका करियर तो परवान चढ़ ही रहा था, साथ ही जिम ट्रेनर मधुर साहू के साथ उसकी नजदीकियां भी। इसके बाद अचानक 2018 से वो लापता हो गई। यहां तक कि 20 जनवरी 2019 को जब उसके पिता की मौत हुई, तो उसमें भी वो शामिल नहीं हुई।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।
युवती लापता, परिजनों ने जिम ट्रेनर पर जताया संदेह
युवती की स्कूटी स्टेशन पर मिली थी, वहीं उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उससे संपर्क करने की हर कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से खोजबीन की गुहार लगाते हुए जिम संचालक मधुर साहू पर संदेह जताया था, लेकिन पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर देता था।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।
पार्टनर ने खोला हत्याकांड का राज
कई साल तक सलमा का किसी को पता नहीं चला तो मधुर साहू का एक राजदार भी ओवर कॉन्फिडेंस में आ गया था। उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया था। मधुर और उसके पार्टनर का भी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।
लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने के लिए पुलिस के पास पहुंचकर हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक तब एक बैंक से सलमा के नाम से लोन होने और अब तक उसकी किस्त जमा होने का पता चला।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मधुर फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों और परिचितों से बयान लिया। 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस किया, जिसमें अक्टूबर 2018 में शारदा विहार के एक मकान में मधुर साहू और सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा का गला घोंटकर हत्या करने और लाश को अतुल शर्मा की मदद से कोहड़िया पुल के आसपास दफनाने का पता चला।
इसके बाद पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।
साल 2023 में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का सहारा लिया। इसके बाद सड़क को खोदकर सलमा का कंकाल बरामद किया गया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल सलमा का ही था। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी मधुर ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई। आरोपी के पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किया गया है। इसकी जांच में कुछ ऑडियो क्लिप के बारे में पता चला। जिस वाहन का इस्तेमाल लाश को दफनाने में किया गया था, उसे भी जब्त किया जा चुका है।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।
सलमा ने यूनियन बैंक से लिया था लोन
मार्च 2023 में राज्य स्तरीय ऑपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में थाना कुसमुंडा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी की भी बारीकी से जांच की गई। परिजनों का बयान लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना ने लोन लिया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से पुलिस ने जानकारी ली, तो पता चला कि लोन की EMI समय पर भरी जा रही है।
यह पैसा EMI के तौर पर गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर मधुर साहू भर रहा था। पुलिस ने जांच तेज की, तो मधुर साहू फरार हो गया। इसके बाद सलमा के दोस्तों और परिचितों का बयान भी लिया गया। साथ ही उसके 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस भी किया गया।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।
पूछताछ में 2 महिलाओं औ 3 पुरुषों के बयान में विरोधाभाष मिलने पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्याकांड का राज खुल गया। 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू और कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुल्ताना की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला।

कोरबा
आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा
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5 hours agoon
February 11, 2026By
Divya Akashकोरबा। कोरबा में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां सावित्री श्रीवास (45) की मौत हो गई। मां सावित्री श्रीवास सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास रहती थी और बताया जा रहा है कि वह पहले से बीमार थी। पुलिस ने मंगलवार शाम को गोविंदा को जेल भेजा था।
बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बस्ती के लोग और वार्ड पार्षद बड़ी संख्या में गोविंदा के घर पहुंचे। उन्होंने अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पैरोल पर रिहा करने और मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की मांग की। इस मांग को लेकर वार्डवासी एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।

आरोपी पैरोल पर हुआ रिहा, मां की अंतिम यात्रा में हुआ शामिल
पुलिस अधीक्षक से गुहार के बाद कोर्ट से अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। वह अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ और मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
इस मामले पर वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब बेची जा रही है और गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट में हुई थी कार्रवाई
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भेजा गया था। परिजनों की पैरोल की मांग पर उसे जेल से लाकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।
सीएसपी ने यह भी बताया कि सीतामणी में कुछ दिनों पहले हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।

कोरबा
कोरबा में सजेगा श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार— धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सान्निध्य में श्री हनुमंत कथा, आयोजक स्वयं बजरंग बली
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5 hours agoon
February 11, 2026By
Divya Akashप्रथम दिन की प्रथम आरती सफाई कर्मीयों द्वारा होगी
कोरबा। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक, हनुमान जी के अनन्य भक्त संत धीरेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में कोरबा की पावन धरा पर आयोजित होने जा रही दिव्य श्री हनुमंत कथा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को जश्न रिसॉर्ट में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में इस विराट आध्यात्मिक आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। बैठक में समाजसेवी राणा मुखर्जी ने भावुक स्वर में बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन के आयोजक स्वयं श्री बजरंग बली होंगे, जबकि समाज की सेवा में समर्पित कोरबा के सफाई कर्मी इस महायज्ञ में मुख्य यजमान की भूमिका निभाएंगे— जो सामाजिक समरसता और सेवा-भाव का अद्भुत संदेश देगा।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि 28 मार्च से 1 अप्रैल तक दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके पूर्व 27 मार्च को 21 हजार माताओं-बहनों के साथ भव्य कलश यात्रा निकालने का संकल्प लिया गया है, जिससे पूरे नगर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बनेगा।

इस अवसर पर मंच से मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संभागीय सर संघचालक एवं विद्या भारती (मध्य क्षेत्र) के उपाध्यक्ष जुड़ावन सिंह ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीराम के भक्त हनुमान जी ने भक्ति, सेवा और समर्पण का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वही आज के समाज का मार्गदर्शन है। बजरंग बली के अनन्य भक्त धीरेंद्र शास्त्री अपनी वाणी से भारतवर्ष ही नहीं, बल्कि विश्व को सनातन संस्कृति और राष्ट्रभाव की प्रेरणा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “राम से बड़ा राम का नाम है और हम से बड़ा हमारा संगठन है। हम सब एक ही विचारधारा के यात्री हैं। श्री हनुमंत कथा का उद्देश्य समाज में समरसता, संगठन और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना है।” उन्होंने इस पावन कार्य के लिए सभी को चुने जाने पर ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आयोजन को भव्य बनाने का आह्वान किया।
समाजसेवी सुबोध सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसहभागिता का महायज्ञ है। कोई समय देगा, कोई आर्थिक सहयोग करेगा, कोई अपने अनुभव और श्रम से योगदान देगा— तभी यह आयोजन ऐतिहासिक बनेगा। बैठक में नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, ऋतु चौरसिया, सुबोध सिंह शिव कश्यप, विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष गौरव मोदी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे और अपने सुझाव दिए।


आयोजन की संगठनात्मक रूपरेखा भी घोषित की गई। संयोजक के रूप में अमरजीत सिंह, सचिव डॉ. पवन सिंह तथा कोर टीम में ऋषभ केशरवानी, तपिश, रवि गिडवानी, नवल गुप्ता, ऋषभ शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई। श्रद्धालुओं के लिए “भारत मां की रसोई” को सतत एवं निर्बाध रूप से संचालित रखने की जिम्मेदारी समाजसेवी प्रेम मदान ने ग्रहण की।
नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने भावुक अपील करते हुए कहा कि कोरबा में श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार सजने जा रहा है और वे प्रतिदिन अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन के लिए अनुमानित बजट लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये है। यदि एक लाख धर्मपरायण श्रद्धालु मात्र 280 रुपये का सहयोग दें, तो यह महायज्ञ सहज रूप से सफल हो सकता है। उन्होंने स्वयं जन-जन तक पहुंचकर सहयोग जुटाने का संकल्प लिया।

इस महाआयोजन के प्रमुख समन्वयक अपना घर सेवा आश्रम के अध्यक्ष राणा मुखर्जी ने बताया कि पूरी समय-सारणी तय कर ली गई है और आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए सभी विभागों में जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार एवं कमला नेहरू महाविद्यालय समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा ने सुझाव दिया कि सहयोग के सभी मार्ग खुले रखे जाएं— बड़ी राशि देने वालों से लेकर सामान्य श्रद्धालु तक अपनी सामर्थ्य अनुसार सहयोग कर सकें। इसके लिए डिजिटल माध्यम (क्यूआर कोड) जैसी सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती वैशाली रत्नपारखी ने महिलाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की संपूर्ण जिम्मेदारी संभालने का दायित्व लेते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक के समापन पर यह संकल्प लिया गया कि दिव्य श्री हनुमंत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समरसता और सनातन चेतना का विराट अभियान बनेगी— जिसमें कोरबा का हर श्रद्धालु सहभागी बनेगा और यह आयोजन आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा।


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