कोरबा
धारदार चट्टान, ले सकती हैं जान: देवपहरी, परसखोला,केंदई, फुटहामुड़ा पिकनिक स्पॉट में जरूरी है एहतियात बरतना

असावधानी से हो सकता है हादसा, पानी कितना है और खतरा कितना है अनुमान लगाना मुश्किल
विशेष-लेख-कमलज्योति।
कोरबा। उगते सूरज के समय बिखरती सूरज की किरणे हो या फिर अस्त होने के समय सुनहरी रोशनी और बादलों के बीच झिलमिलाती किरणे। बहते पानी में आधा बाहर तो आधा भीतर की ओर डूबा चट्टान जब बाहर से चमकता हुआ दिखाई देता है तो यह देखने वालों को बरबस ही अपनी ओर खींच लेता है। पानी की धार से तराशे गए इन चट्टानों में सूरज निकलने से लेकर सूरज के डूबने तक चमक ही नहीं होती, नुकीले और धारदार चट्टान कई स्थानों पर किसी को काटने, खरोंच पहुंचाने से लेकर उन्हें अपनी गुफानुमा जगहों में कैद करने की क्षमता भी रखती है। बेशक यह कोरबा जिले का प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट देवपहरी, परसखोला, फुटहामुड़ा ही है, जो अपनी खूबसूरती तथा आसपास के मनोरम दृश्य के लिए सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है।
पर्यटन और सैर सपाटे के इस मौसम में हल्की ठण्ड, चटक धूप के साथ मनोरम दृश्य हमें मजबूर करते हैं कि हम भी मस्ती और मनोरंजन के लिए परिवार तथा दोस्तों के साथ इन जगहों में जाएं। चूल्हा बनाकर आग जलाये, पसंद का खाना बनाये और आसपास के खूबसूरत सा नजारों को देखकर कुछ गाते,गुनगुनाते, नाचते हुए हमेशा के लिए अपनी यादगार तस्वीर कैमरों में कैद करें। मस्ती और मनोरंजन की यह ख्वाहिश यादगार लम्हों में तब तक कैद होती है, जब तक हम ऐसे स्थानों पर सुरक्षित जाये और सुरक्षित लौट आए, वर्ना जरा सी असावधानी और लापरवाही हमें कभी न भूल पाने वाली वह गम दे जाती है, जो किसी के मस्ती और मनोरंजन के समय बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। कुछ ऐसा ही हादसा जिले के इस देवपहरी जलप्रपात, परसखोला और बालको के फुटहामुड़ा पिकनिक स्पॉट पर बीते माह सिलसिलेवार घटित हुआ। आपस में तय कर नाबालिग छात्र यहां चले तो आए, किसी अनहोनी या हादसों की परवाह किए बगैर पानी में उतरकर नहाने लगे। दूर-दूर तक फैले हुए खतरनाक चट्टानों में पानी कितना है और खतरा कितना है ? इसकी परवाह किए बिना पानी में उतरना उनके लिए मस्ती या मनोरंजन नहीं बल्कि मौत साबित हुआ। जिले में ऐसी कुछ घटनाएं भी है, जिसमे आपस में मस्ती करते हुए और एक दूसरे को पानी में उतरने-कूदने के चैलेज करते हुए छात्र सूझबूझ से काम नहीं लेते और जोखिमों के बीच पानी में उतर जाते हैं। इन स्थानों में छात्र पानी में बह चुके हैं। चीखते चिल्लाते और देखते ही देखते पानी में समाहित होकर लापता हुए छात्रों को उनके दोस्त भी बचा नहीं पाए, क्योंकि ऐसे हादसों के वक्त डरना, सहमना लाजिमी है और सूझबूझ के साथ कोई उपाय भी दिमाग में नहीं आ पाता। जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पिकनिक स्थलों पर सावधानी बरतने संबंधी बोर्ड भी लगाये जाते हैं लेकिन मस्ती में चूर अनेक लोग ऐसे सूचनाओं का अनदेखी कर खतरनाक स्थानों पर चले जाते हैं। हादसे की सूचना पर अलर्ट प्रशासन और पुलिस, नगर सेना, एसडीआरएफ तथा ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर पूरी कोशिश करते हैं लेकिन मस्ती और लापरवाही की वजह से तत्काल किसी को मौत के मुंह से खीच लाना सम्भव नहीं हो पाता, क्योंकि देरी से सूचना मिलने, अंधेरा हो जाने,पानी का स्तर बढ़ जाने और अटपटे चट्टानों से रेस्क्यू में रोड़ा इन स्थानों पर हुए हादसों का परिणाम आखिरकार जिंदगी के उम्मीदों के बीच नदी के पानी और चमकते चट्टानों के खोह से सिर्फ लाशे ही निकली है। ऐसे हादसों में किसी परिवार का एकलौता चिराग बुझ गया तो किसी परिवार में सबसे बड़ी उम्मीदें भी बिखर गई। खैर अब जो होना था सो हो गया। इसे लापरवाही कहें, हादसा या चूक कहें, लेकिन आगे किसी के साथ ऐसे हादसे न हों, इस दिशा में सतर्क होना भी जरूरी है। जिले में कई ऐसे पिकनिक स्पॉट है और इन पिकनिक स्पॉट के खूबसूरत नजारे आपको आकर्षित जरूर करेंगे। देवपहरी का पिकनिक स्पॉट जलप्रपात की वजह से सभी को आने के लिए मजबूर करती है। बड़े-बड़े चट्टानों से होकर पानी बहती तो है लेकिन यह खतरनाक भी है और यहाँ तेज गति से बहती पानी की धारा को छूना,बिना सतर्कता के साथ चट्टानों में चलना आपके लिए जोखिम भरा हो सकता है,क्योंकि यहाँ मौजूद भारी भरकम चट्टानों में सिर्फ चमक ही नहीं है, तेज फिसलन भी है, जिसमे असावधानीवश चलकर और गिरकर आप अपनी हड्डियां भी तुड़वा सकते हैं। बालको क्षेत्र के परसखोला, फुटहामुड़ा के जलप्रपात और पिकनिक स्पॉट में उतरकर चट्टानों में जाने और फंसकर फिसल जाने का खतरा है। जगह-जगह मौजूद चट्टानें आपको कभी भी हादसों का शिकार बना सकते हैं, इसलिए कोशिश करिये कि आपके बच्चे ऐसी जगहों में न जाए, उसके लिए सचेत रहे। ऐसी जगहों में कुछ सुरक्षा के इंतजाम व सावधानी और सतर्कता आपके खतरे को टालने में बहुत हद तक मददगार बन सकते हैं।
पंछियों की कलरव सुने,कलकल बहती पानी की आवाजें सुने…
आप जहां भी पिकनिक स्पॉट देखने जाए तो आसपास के मनोरम दृश्य को देखे। शांत वातावरण में कलकल, झर-झर बहती पानी की आवाज तो उनकी तरंगों को सुने, बादलों के साथ नीले आसमानों की पानी में बनती तस्वीरों को देखे, चमकते चट्टानों को हीरे के चमक के रूप में दूर से देखे। पक्षियों की चहचहाहट, कलरव को सुने। दूर तक फैले रेत में नंगे पांव चले। गुनगुनी धूप का आंनद लें और कभी धूप लगने पर पेड़ों की छांव में बैठकर देखे। कुछ देर खुद को यहां चलती हवाओं के साथ महसूस करके देखेंगे तो निःसंदेह प्रकृति का अनुपम दृश्य आपकों भावविभोर कर देंगे। प्रकृति ने नदी व पहाड़, झरने, जंगल का मनोरम दृश्य आपके हृदय में खूबसूरती और सुकून का भाव उत्पन्न करने के लिए दिए हैं, न कि ऐसे जगहों में जाकर जोखिम लेने और जिंदगी गंवा देने के लिए दिए हैं।
घर का सूरज जैसे काले बादलों में खो गया…
कुछ युवा मित्रों के साथ बालको के गहनिया पिकनिक स्पॉट में गए सूरज दास ने देखा देखी में पानी में छलांग लगा दी। पानी में नुकीले चट्टान से उसके सिर पर गहरा चोट लगा। अचानक बेसुध हुए सूरज को किसी तरह अस्पताल लाया गया। गरीब परिवार अपने बेटे के इलाज के लिए अस्पताल तक दौड़ लगाते रहे। मस्तिष्क में चोट लगने से याददाश्त और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव की वजह से वह कई साल तक व्हीलचेयर में ही रहा। लगभग 6 फीट का हष्टपुष्ट युवा सूरज ने जरा सी गलती कर न सिर्फ खुद की अच्छी खासी जिंदगी बर्बाद कर ली अपितु अपने गरीब माता-पिता के लिए भी अनेक मुश्किलें खड़ी कर दी..। जुलाई 2023 में एक शिक्षक देवपहरी में डूब गया। अप्रैल और अक्टूबर 24 में परसखोला में नाबालिग छात्र पानी में छलांग लगाकर वापस जिंदा नहीं लौटे। निर्मला स्कूल का नाबालिग छात्र फुटहामुड़ा में पानी और सुरंगनुमा पत्थरो के बीच समा गया। इन घटनाओं से यह भी सीख मिलती है कि शिक्षक हो या छात्र,सभी के लिए जरा सी चूक या लापरवाही उनकी जान ले सकती है।
अनावश्यक पानी में न उतरे, दृश्य निहारे और लौट आएं –
देवपहरी, परसखोला, फुटहामुड़ा, केंदई, सतरेंगा, नकिया जैसे स्थानों पर पानी का भराव, पत्थरो की खतरनाक श्रृंखला है,यहाँ मुझे तैरना आता है यह सोच कर पानी में बिल्कुल भी न उतरे। सैर सपाटे के लिए पहुँचने के पश्चात आसपास के मनोरम दृश्यों को निहारे,कैमरे में इन दृश्यों को कैद कर खुद की भी तस्वीर ले लेकिन पानी में उतर कर नहाने का साहस न करें। आप बहुत ही सावधानी से वाहन चलाते हुए ऐसे स्थानों पर जाए। शराब का सेवन न करे और पिकनिक मनाने आने पर यहाँ गंदगी न फैलाए। पिकनिक जाने के दौरान अपने साथ एहतियात के तौर पर रस्सी, टॉर्च और अन्य सुरक्षा उपकरण भी अवश्य रखे। कोशिश करें कि आप दिन के उजाले में घर से बाहर निकले और अंधेरा होने से पहले ही लौट आएं।


कोरबा
सीईओ ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ली समीक्षा बैठक
लखपति दीदी की ऑनलाइन एंट्री शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
बैंक लोन के लंबित प्रकरण एक सप्ताह में करें निराकृत
कोरबा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा दिनेश कुमार नाग ने मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा बैठक लेकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सीईओ श्री नाग ने निर्देशित किया कि ‘लखपति दीदी’ योजना के अंतर्गत सभी पात्र हितग्राहियों की ऑनलाइन एंट्री शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि उन्हें समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

बैठक में सीईओ ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत परिवार समावेशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने समूह एवं व्यक्तिगत बैंक लोन वितरण के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर एक सप्ताह के भीतर निराकृत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

इसके साथ ही सीईओ श्री नाग ने आईएफसी तथा एफपीओ के अंतर्गत फसलों के रकबे में वृद्धि करने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को संगठित कर उन्हें अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के नियमित मॉनिटरिंग एवं फील्ड स्तर पर सतत अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला अधिकारी एवं जनपद स्तरीय मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा
जनहित में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन ने लाया रंग, झुका एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन, 20 अप्रैल से पूर्व फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने पर हुआ लिखित समझौता
काेरबा। आम जनता को हो रही भारी परेशानियों को मद्देनजर रख, जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के द्वारा पूर्व घोषणा के अनुसार 24 मार्च मंगलवार को तय समय पर शुरू हुआ धरना प्रदर्शन ने सुखद रंग लाया है । प्रात 9 बजे से सायं 4 तक क्षेत्रवासियों के साथ धरने पर डटे कांग्रेसियों ने आखिरकार एसईसीएल प्रबंधन के साथ साथ जिला प्रशासन को झुकने विवश कर दिया और 20 अप्रैल से पूर्व फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करा देने के लिखित आश्वासन एवं समझौते के बाद ही धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया । इस दौरान धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेताओं को अवगत कराया गया कि फिलहाल ओव्हरब्रिज का निर्माण न्यायालय में लंबित है । जिसका निराकरण होते ही इसका भी निर्माण कार्य तत्काल शुरू करा दिया जाएगा ।

गौरतलब है कि सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचेना मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण एवं कुसमुण्डा के इमलीछापर चौक पर ओव्हरब्रिज निर्माण पुन: प्रारंभ कराने और राहगीरों को राहत दिलाने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के द्वारा जिला कांग्रेस के शहर अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर के नेतृत्व मे एकदिवसीय धरना प्रदर्शन मंगलवार को किया गया । इस आंदोलन को कुसमुण्डा व्यापारी संघ एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित क्षेत्रवासियों का व्यापक समर्थन मिला जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे । जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने बताया कि पिछले 2 साल से भी अधिक समय से सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य ठप पड़ा है, वहीं कुसमुण्डा के ईमलीछापर चौक पर ओव्हरब्रिज का निर्माण कार्य भी अधुरा पड़ा है, इस कारण से 2 सालों से लोंगो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।

श्री राठौर ने बताया कि इस संबंध में पिछले दो वर्षों से स्थानीय जनप्रतिनिधि पार्षद गीता गभेल पत्राचार के माध्यम से आवाज उठाती रही हैं, बावजूद प्रशासन ने कोई कारगर कदम नहीं उठाया, तब पार्षद श्रीमती गीता गभेल ने विगत दिनों प्रशासन को पत्र प्रेषित कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का ऐलान किया था, लेकिन प्रदर्शन के एक दिन पहले पार्षद गीता गभेल के पुत्र एवं पुत्री का सड़क दुर्घटना में घायल हो जाने के कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल के बजाए एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें स्वर्स्फुत ही क्षेत्रवासी जुड़ते गये। देखते ही देखते लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई और चक्का जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई थी, हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया था । इस संदर्भ में कांग्रेस के कुसमुण्डा ब्लाॅक अध्यक्ष बसंत चंद्रा ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों से इमलीछापर रेल्वे फाटक के पास ओव्हरब्रिज बनाने का काम अटका हुआ है। वहीं पिछले साल वर्षा ऋतु के दौरान भरे बारिश में एसईसीएल प्रबंधन ने ओव्हरब्रिज बनाने के लिए एक दर्जन अवैध मकानों को तोड़ दिया था, लेकिन दस माह गुजरने के बाद भी इस स्थान पर ओव्हरब्रिज निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं कराया जा सका है ।
धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर, मनोज चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष बसंत चंद्रा, पूर्व अध्यक्ष नत्थुलाल यादव, उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ठाकुर, राजेन्द्र तिवारी, ए डी जोशी, पार्षद गीता गभेल, नवीन कुकरेजा, ब्लाॅक अध्यक्ष संजय आजाद, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु, व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक राठौर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, जिला महामंत्री रवि चंदेल, ब्लॉक अध्यक्ष गोरेलाल यादव, पूर्व पार्षद सनीष कुमार, मधुसुदन दास, रवि बरेठ, ममता अग्रवाल, भुनेश्वरी महंत, तेज प्रताज सिंह, दीपक कुमार, गिरधारी बरेठ, ललिता यादव, विक्की ललित यादव, हरा बाई, रजनी श्रीवास, सुमन मरावी, चित्ररेखा, विजय अग्रवाल एवं गौतम ठाकुर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे ।
पूर्व मंत्री के प्रयासों से मिली थी बड़ी राशि
मंगलवार को हुए धरना प्रदर्शन के दौरान निगम में नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी । उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान क्षेत्रिय विधायक और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने न केवल सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने में अपनी महती भूमिका निभाई थी बल्कि शहर की कई महत्वपूर्ण जर्जर सड़काें का भी अपने प्रयासों से राशि उपलब्ध कराकर जीर्णोध्दार कराया था । खासकर सर्वमंगला चौक से ईमलीछापर कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के लिए एसईसीएल प्रबंधन से एक बड़ी राशि जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई थी ताकि इसका कार्य जल्द से जल्द पूर्ण हो सके और लोंगो को परेशानियों से राहत मिले
समझौते में कहा गया निर्माण प्रारंभ होते तक दी जाएगी राहत
धरना प्रदर्शन के दौरान एसईसीएल प्रबंधन, पीडब्लयुडी विभाग, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने निम्न विषयों पर वार्ता कर लिखित समझौता किया जिसमें 20 अप्रैल 2026 से पहले फोरलेन सड़क निर्माण प्रारंभ करा देने की बात पर हस्ताक्षर किये गये तथा ओव्हरब्रिज के निर्माण के बारे में बताया गया यह मामला न्यायालय में लंबित है जैसे ही न्यायालय का निर्णय आवेगा उसी आधार पर आगे का कार्य योजना बनाया जावेगा, इसके अलावा प्रतिदिन की जाम से राहत दिलाने के लिए भारी वाहनों को ऊपर के रास्तों से भेजा जावेगा, इसके लिए एसईसीएल प्रबंधन की ओर से पांच कर्मचारी तैनात रहेंगे । समझौता वार्ता के दौरान बताया गया कि 10 अप्रैल 2026 तक कुचैना मोड़ से ईमलीछापर ओव्हरब्रिज तक डामरीकरण का कार्य पूरा हो जावेगा, वहीं कुचैना मोड़ से सर्वमंगला चौक तक स्ट्रीट लाईट एवं साईन बोर्ड पीडब्ल्युडी विभाग द्वारा 10 अप्रैल 2026 तक लगाया जावेगा । समझौता में इस बात पर भी संज्ञान लाया गया कि यह आंदोलन जनहित के लिए जरूरी हो गया था, इसलिए किसी व्यक्ति विशेष पर अपराध दर्ज नहीं किया जावेगा । समझौता पत्र पर प्रशासन की ओर से दीपका तहसीलदार अमित केरकेट्टा, पीडब्ल्युडी के एसडीओ प्रदीप कुमार मरकाम एवं इंजीनियर प्रदीप कुमार कश्यप, कुसमुण्डा एसईसीएल के एच आर हेड सुनील कुमार एवं ठाकुर आलोक सिंह ने हस्ताक्षर किये हैं।


कोरबा
खतरनाक एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्यवाही, थार जप्त
- वाहन जप्त – वाहन क्रमांक CG 04 NG 8300 (थार कार)
कोरबा। पुलिस अधीक्षक कोरबा Siddharth Tiwari के निर्देशन में जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सतत कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में थाना सिविल लाइन रामपुर क्षेत्रांतर्गत दिनांक 19.03.2026 को दोपहर लगभग 03:30 बजे से 04:00 बजे के मध्य घंटाघर ओपन थियेटर मैदान में कुछ वाहन चालकों द्वारा लापरवाहीपूर्वक एवं खतरनाक तरीके से वाहन चलाने की सूचना प्राप्त हुई। उक्त कृत्य से वहां उपस्थित आम नागरिकों के लिए दुर्घटना की स्थिति निर्मित हो रही थी। - प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध क्रमांक 236/2026 धारा Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 की धारा 281, 3(5) तथा Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 184 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

जांच के दौरान वाहन क्रमांक CG 11 AA 6166 (स्कॉर्पियो), CG 12 BJ 2975 (बोलेरो), CG 12 BF 3890 (स्विफ्ट) एवं CG 04 NG 8300 (थार) के चालकों के विरुद्ध प्रथम सूचना पत्र दर्ज किया गया।
- जांच के दौरान वाहन क्रमांक CG 04 NG 8300 (थार) का चालक रामकृष्ण साहू निवासी डेंगू नाल, कोरबा पाया गया तथा वाहन का स्वामी नंदूलाल साव निवासी दर्री, कोरबा होना पाया गया। वाहन मालिक का पता लगाकर उक्त वाहन को जप्त कर लिया गया है तथा अन्य वाहनों की तलाश जारी है। वाहनों की जप्ती के उपरांत मोटर व्हीकल एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

- उक्त प्रकरण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध थाना सिविल लाइन रामपुर में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है, जिनमें—
हिमांशु बैरागी, निवासी बुधवारी, बजरंग चौक के पास, रामपुर, जिला कोरबा।
मुकेश कुमार बैगा, निवासी रामकिशन साहू के पास, नागपुर बस्ती, आईटीआई रामपुर, जिला कोरबा।
रामकिशन साहू, पिता अरुण साहू, उम्र 20 वर्ष, निवासी रामपुर बस्ती, जिला कोरबा।
उक्त तीनों के विरुद्ध **Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 की धारा 170 एवं 126/135 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है।
पुलिस द्वारा ऐसे लापरवाह वाहन चालकों के विरुद्ध सतत अभियान चलाकर निगरानी रखी जा रही है तथा भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
जिला पुलिस कोरबा आम नागरिकों से अपील करती है कि यातायात नियमों का पालन करें, तेज गति एवं स्टंट जैसे खतरनाक कृत्यों से बचें तथा सुरक्षित ड्राइविंग अपनाएं। किसी भी प्रकार की संदिग्ध या खतरनाक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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