कोरबा
अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की पहल : 437 करोड़ से 1.73 करोड़ लोगों के जीवन में आया बड़ा बदलाव
छत्तीसगढ़ के विकास में वेदांता के प्रमुख सीएसआर योगदानों को उजागर करते हुए, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन ने वित्त वर्ष 2024 की सोशल इम्पैक्ट रिपोर्ट जारी की
बालको के कैंसर देखभाल केंद्र, स्थायी आजीविका सृजन और महिला सशक्तिकरण की सफलता पर प्रकाश डाला गया

बालकोनगर / रायपुर। भारत के विकास में योगदान के लिए वेदांता लिमिटेड की सामाजिक पहल शाखा,अनिल अग्रवाल फाउंडेशन द्वारा वित्त वर्ष 2023-24 में 437 करोड़ रुपये का निवेश किया गया जिससे 1.73 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। इसमें भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) और बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में महत्वपूर्ण योगदान शामिल है। फाउंडेशन की वार्षिक सोशल इम्पैक्ट रिपोर्ट, “नर्चरिंग, ट्रांसफॉर्मिंग, लीडिंग: इंडिया’स ग्रोथ स्टोरी”, में 153 उच्च प्रभावशाली परियोजनाओं का उल्लेख किया गया है, जो 1,200 से अधिक गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, महिला एवं बाल विकास, कौशल व आजीविका, पशु कल्याण और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं।
बालको, वेदांता की सहायक कंपनी है, जो छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित एक प्रतिष्ठित एल्युमीनियम निर्माता है। यह अपने परिचालन क्षेत्रों और आसपास के समुदायों के जीवन को बेहतर बनाने और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। बालको अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से इन समुदायों को सशक्त और सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके तहत इन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा, कवर्धा, सरगुजा और रायपुर जिलों के 123 गाँवों में लगभग 1.7 लाख लोगों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य बनाया है। वर्षभर में, स्थायी आजीविका, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य देखभाल और सामुदायिक बुनियादी ढाँचे जैसी विभिन्न सामाजिक प्रभाव पहलों के माध्यम से कुल 1,69,056 ज़िंदगियों को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया गया है।
वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड की चेयरपर्सन, प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा, “वेदांता में, हमारी मूल विचारधारा ‘अर्थ’ (जो मूल्य हम उत्पन्न करते हैं) और ‘धर्म’ (जो मूल्य हम वापस देते हैं) हमें समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को मार्गदर्शन प्रदान करती है। हमारी हर पहल — चाहे वह बच्चों का पोषण और स्वास्थ्य देखभाल हो, कौशल विकास और आजीविका, खेलों का प्रचार, सांस्कृतिक संरक्षण या अन्य कोई पहल — ये सभी हमारे समावेशी और सशक्त भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।”
नया रायपुर में स्थित बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की प्रमुख पहल है और यह कैंसर देखभाल की पहुँच को सुगम और सुलभ बनाने में अग्रणी के रूप में स्थापित हो चुका है। इसकी स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी, और तब से अब तक इसने 170-बेड वाली तृतीयक देखभाल ऑन्कोलॉजी सुविधा के माध्यम से 38,500 से अधिक मरीजों का इलाज किया है। बीएमसी अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक और थेराप्यूटिक सेवाएँ प्रदान कर रहा है। वर्ष 2023 में, बीएमसी को अर्ली-ऑनसेट कोलोरेक्टल कैंसर पर शोध के लिए 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रतिष्ठित “कैंसर ग्रैंड चैलेंजेस” अनुदान प्राप्त हुआ। यह अनुदान कैंसर रिसर्च यूके और यूएस नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के सहयोग से प्रदान किया गया।
मुंगेली, छत्तीसगढ़ की 7 वर्ष की एक लड़की की कहानी काफी प्रेरणादायक है, जो बालको मेडिकल सेंटर से जुड़ी है। उसे पैर और जांघ की हड्डी में गंभीर हड्डी का कैंसर था, जिसे इविंग्स सारकोमा कहते हैं। बीएमसी में उसे जीवनरक्षक इलाज मिला। सामान्य तौर पर अगर धातु प्रत्यारोपण का इस्तेमाल करके पारंपरिक पुनर्निर्माण किया जाता, तो पैर की लंबाई में अंतर आ सकता था, जिससे पैर लगभग अनुपयोगी हो जाता। पैर को अलग करने पर भी विचार किया गया, लेकिन वह भी उपयुक्त नहीं था। इसके बजाए, बीएमसी की मेडिकल टीम ने रोटेशनप्लास्टी नामक एक अनोखी और दुर्लभ सर्जरी करने का निर्णय लिया। इस लड़की की कीमोथेरेपी और सर्जरी का पूरा खर्चा आयुष्मान भारत योजना के तहत उठाया गया, जिससे उसके परिवार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। इलाज के 6 महीने बाद, अब यह बच्ची आराम से चलने लगी है और अब अपने दैनिक जीवन को सहजता से जीने लगी है।
बालको का ‘मोर जल मोर माटी’ प्रोजेक्ट अपने समुदाय कल्याण और सतत आजीविका के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस परियोजना ने जल प्रबंधन में सुधार और नवाचारी खेती के तरीकों को अपनाकर किसानों को पूरे वर्ष भर आय अर्जित करने में सक्षम बनाया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बालको ने 107 जल संरचनाओं का निर्माण किया, जिससे 1,06,061 क्यूबिक मीटर की कुल जल भंडारण क्षमता उत्पन्न हुई। जिन किसानों ने आधुनिक तकनीकों को अपनाया है, उनकी उत्पादकता में 1.4 गुना और आय में 50% की वृद्धि हुई है। अब तक, इस परियोजना से 4,749 किसानों को लाभ पहुँचा है, जो 32 गाँवों में 1,800 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए सुरक्षित करके 85% खेती करने वाले परिवारों की जरूरतों को पूरा करती है।
एक अन्य प्रेरणादायक सफलता की कहानी बुंदेली गांव के एक किसान तुलसी मांझवार की है। वे आय की सीमितता के चलते काफी परेशान थे। बालको के मार्गदर्शन में उन्होंने लाख की खेती की ओर रुख किया। परिणामस्वरूप, उनके खेत में 130 किलो लाख का उत्पादन हुआ और उन्होंने 65,000 रुपए की अतिरिक्त आय अर्जित की। यह मार्गदर्शन उनके परिवार की आजीविका में उल्लेखनीय सुधार करने में अहम कारक साबित हुआ। यह पहल ग्रामीण समुदायों में स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में बालको की भूमिका को दर्शाती है।
प्रोजेक्ट उन्नति महिलाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। इसके माध्यम से उन्हें एसएचजी में शामिल किया जाता है, और उनकी क्षमताओं और कौशल को निखारा जाता है, ताकि वे उद्यमिता एवं स्थायी आजीविका के लिए तैयार हो सकें। इस परियोजना के तहत 531 स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) में 5,741 महिलाओं को सशक्त किया गया और 2,087 महिलाओं को आर्थिक रूप से शामिल किया गया, जिन्होंने मिलकर 12 लाख रुपए की बचत करने में योगदान दिया। परियोजना ने 7 माइक्रो एंटरप्राइजेस के तहत 1,400 महिलाओं को प्रशिक्षित किया और 44 उत्पादों को प्रस्तुत करते हुए 10 लाख रुपए का राजस्व उत्पन्न किया।
अपनी सामाजिक प्रभाव शाखा के माध्यम से, वेदांता भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है और स्वदेशी कारीगरों को सशक्त बना रहा है। दिल्ली हाट में वेदांता संस्कृति महोत्सव में बालको के प्रोजेक्ट उन्नति की महिलाओं को उनके उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री का अवसर मिला, जिसके परिणामस्वरूप उनकी पहुँच छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर भी विस्तारित हुई।
अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की प्रमुख महिला और बाल परियोजना ‘नंद घर’ के तहत 14 राज्यों में आरंभ से अब तक 6,044 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ में बालको द्वारा संचालित 262 केंद्र शामिल हैं। ये नंद घर भारत भर में 2,38,161 बच्चों और 1,78,620 महिलाओं को प्रारंभिक बाल शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सेवाएँ और महिलाओं के लिए कौशल विकास जैसी महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।
वेदांता लिमिटेड खनिज, ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी कंपनियों में से एक है। यह अपनी 19 सहायक सब्सिडियरी के माध्यम से भारत के विभिन्न राज्यों में अपना सामाजिक प्रभाव स्थापित कर रही है। कंपनी ने 5 वर्षों में अपने सीएसआर पहलों को और बेहतर करने के लिए 5,000 करोड़ रुपए का निवेश करने का संकल्प लिया है, ताकि एक सतत और समावेशी भविष्य का निर्माण किया जा सके।
आफ की सामाजिक पहलों से जुड़े प्रमुख आँकड़े (वित्त वर्ष 2023-24):
• 437 करोड़ रुपए का निवेश भारत में 153 सामाजिक परियोजनाओं में किया गया
• 1,200 से अधिक गाँवों में 1.73 करोड़ लोगों को लाभ पहुँचाया
• 6,044 नंद घरों के माध्यम से 238,161 बच्चों और 178,620 महिलाओं का सहयोग किया गया
• पशु कल्याण परियोजनाओं से 1.48 लाख पशुओं को लाभ मिला
• 140 से अधिक महिला फुटबॉलर्स की सफलता में योगदान दिया; 13वीं ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप 2024 में 11 राष्ट्रीय स्तर के पदक जीते
• स्वास्थ्य पहलों के जरिए 17 लाख लोगों को सहायता प्रदान की गई
• सामुदायिक बुनियादी संरचना को सुधारकर 5.22 लाख लोगों के जीवन को बेहतर बनाया
छत्तीसगढ़ राज्य में वेदांता के बालको और बालको मेडिकल सेंटर के प्रमुख योगदान:
• बालको ने विभिन्न सामाजिक प्रभाव पहलों के माध्यम से 1,69,056 लोगों को लाभ पहुँचाया
• बीएमसी ने अर्ली-ऑनसेट कोलोरेक्टल कैंसर पर शोध के लिए 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रतिष्ठित कैंसर ग्रांड चैलेंजेस अनुदान प्राप्त किया
• बालको मेडिकल सेंटर के 77,025 प्रत्यक्ष लाभार्थी
• प्रोजेक्ट उन्नति के तहत 531 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) में 5,741 महिलाओं को सशक्त किया गया और 2,087 महिलाओं को 1.2 करोड़ रुपए की संयुक्त बचत के साथ आर्थिक रूप से सशक्त किया गया
• ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के तहत, जिन किसानों ने आधुनिक तकनीकों को अपनाया, उनकी उत्पादकता 1.4 गुना और आय में 50% का वृद्धि हुई
• वेदांता स्किल स्कूल के तहत 6 व्यवसायों में 1,241 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें से 81% ने रोजगार प्राप्त किया या फिर खुद का व्यवसाय शुरू किया
• बालको के प्रोजेक्ट आरोग्य के तहत 49,000 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला और 8,500 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से सहायता मिली
आफ की पहल के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां जाएं: www.vedantalimited.com
किताब पढ़ने के लिए: https://heyzine.com/flip-book/3190307616.html
अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के बारे में:
अनिल अग्रवाल फाउंडेशन वेदांता की सामुदायिक और सामाजिक पहलों के लिए एक मुख्य संगठन है। यह संस्था स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पशु कल्याण प्रोजेक्ट्स तथा खेलों से जुड़ी पहलों पर काम करती है। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन का लक्ष्य स्थायी और समावेशी विकास के जरिये समुदायों को सशक्त बनाना, लोगों के जीवन को बेहतर बनाना और राष्ट्र निर्माण में मदद करना है।
अधिक जानकारी के लिए: https://www.vedantalimited.com/eng/social_impact_csr.php
कोरबा
सीईओ ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ली समीक्षा बैठक
लखपति दीदी की ऑनलाइन एंट्री शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
बैंक लोन के लंबित प्रकरण एक सप्ताह में करें निराकृत
कोरबा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा दिनेश कुमार नाग ने मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा बैठक लेकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सीईओ श्री नाग ने निर्देशित किया कि ‘लखपति दीदी’ योजना के अंतर्गत सभी पात्र हितग्राहियों की ऑनलाइन एंट्री शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि उन्हें समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

बैठक में सीईओ ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत परिवार समावेशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने समूह एवं व्यक्तिगत बैंक लोन वितरण के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर एक सप्ताह के भीतर निराकृत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

इसके साथ ही सीईओ श्री नाग ने आईएफसी तथा एफपीओ के अंतर्गत फसलों के रकबे में वृद्धि करने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को संगठित कर उन्हें अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के नियमित मॉनिटरिंग एवं फील्ड स्तर पर सतत अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला अधिकारी एवं जनपद स्तरीय मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा
जनहित में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन ने लाया रंग, झुका एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन, 20 अप्रैल से पूर्व फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने पर हुआ लिखित समझौता
काेरबा। आम जनता को हो रही भारी परेशानियों को मद्देनजर रख, जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के द्वारा पूर्व घोषणा के अनुसार 24 मार्च मंगलवार को तय समय पर शुरू हुआ धरना प्रदर्शन ने सुखद रंग लाया है । प्रात 9 बजे से सायं 4 तक क्षेत्रवासियों के साथ धरने पर डटे कांग्रेसियों ने आखिरकार एसईसीएल प्रबंधन के साथ साथ जिला प्रशासन को झुकने विवश कर दिया और 20 अप्रैल से पूर्व फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करा देने के लिखित आश्वासन एवं समझौते के बाद ही धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया । इस दौरान धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेताओं को अवगत कराया गया कि फिलहाल ओव्हरब्रिज का निर्माण न्यायालय में लंबित है । जिसका निराकरण होते ही इसका भी निर्माण कार्य तत्काल शुरू करा दिया जाएगा ।

गौरतलब है कि सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचेना मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण एवं कुसमुण्डा के इमलीछापर चौक पर ओव्हरब्रिज निर्माण पुन: प्रारंभ कराने और राहगीरों को राहत दिलाने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के द्वारा जिला कांग्रेस के शहर अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर के नेतृत्व मे एकदिवसीय धरना प्रदर्शन मंगलवार को किया गया । इस आंदोलन को कुसमुण्डा व्यापारी संघ एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित क्षेत्रवासियों का व्यापक समर्थन मिला जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे । जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने बताया कि पिछले 2 साल से भी अधिक समय से सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य ठप पड़ा है, वहीं कुसमुण्डा के ईमलीछापर चौक पर ओव्हरब्रिज का निर्माण कार्य भी अधुरा पड़ा है, इस कारण से 2 सालों से लोंगो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।

श्री राठौर ने बताया कि इस संबंध में पिछले दो वर्षों से स्थानीय जनप्रतिनिधि पार्षद गीता गभेल पत्राचार के माध्यम से आवाज उठाती रही हैं, बावजूद प्रशासन ने कोई कारगर कदम नहीं उठाया, तब पार्षद श्रीमती गीता गभेल ने विगत दिनों प्रशासन को पत्र प्रेषित कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का ऐलान किया था, लेकिन प्रदर्शन के एक दिन पहले पार्षद गीता गभेल के पुत्र एवं पुत्री का सड़क दुर्घटना में घायल हो जाने के कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल के बजाए एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें स्वर्स्फुत ही क्षेत्रवासी जुड़ते गये। देखते ही देखते लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई और चक्का जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई थी, हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया था । इस संदर्भ में कांग्रेस के कुसमुण्डा ब्लाॅक अध्यक्ष बसंत चंद्रा ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों से इमलीछापर रेल्वे फाटक के पास ओव्हरब्रिज बनाने का काम अटका हुआ है। वहीं पिछले साल वर्षा ऋतु के दौरान भरे बारिश में एसईसीएल प्रबंधन ने ओव्हरब्रिज बनाने के लिए एक दर्जन अवैध मकानों को तोड़ दिया था, लेकिन दस माह गुजरने के बाद भी इस स्थान पर ओव्हरब्रिज निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं कराया जा सका है ।
धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर, मनोज चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष बसंत चंद्रा, पूर्व अध्यक्ष नत्थुलाल यादव, उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ठाकुर, राजेन्द्र तिवारी, ए डी जोशी, पार्षद गीता गभेल, नवीन कुकरेजा, ब्लाॅक अध्यक्ष संजय आजाद, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु, व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक राठौर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, जिला महामंत्री रवि चंदेल, ब्लॉक अध्यक्ष गोरेलाल यादव, पूर्व पार्षद सनीष कुमार, मधुसुदन दास, रवि बरेठ, ममता अग्रवाल, भुनेश्वरी महंत, तेज प्रताज सिंह, दीपक कुमार, गिरधारी बरेठ, ललिता यादव, विक्की ललित यादव, हरा बाई, रजनी श्रीवास, सुमन मरावी, चित्ररेखा, विजय अग्रवाल एवं गौतम ठाकुर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे ।
पूर्व मंत्री के प्रयासों से मिली थी बड़ी राशि
मंगलवार को हुए धरना प्रदर्शन के दौरान निगम में नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी । उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान क्षेत्रिय विधायक और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने न केवल सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने में अपनी महती भूमिका निभाई थी बल्कि शहर की कई महत्वपूर्ण जर्जर सड़काें का भी अपने प्रयासों से राशि उपलब्ध कराकर जीर्णोध्दार कराया था । खासकर सर्वमंगला चौक से ईमलीछापर कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के लिए एसईसीएल प्रबंधन से एक बड़ी राशि जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई थी ताकि इसका कार्य जल्द से जल्द पूर्ण हो सके और लोंगो को परेशानियों से राहत मिले
समझौते में कहा गया निर्माण प्रारंभ होते तक दी जाएगी राहत
धरना प्रदर्शन के दौरान एसईसीएल प्रबंधन, पीडब्लयुडी विभाग, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने निम्न विषयों पर वार्ता कर लिखित समझौता किया जिसमें 20 अप्रैल 2026 से पहले फोरलेन सड़क निर्माण प्रारंभ करा देने की बात पर हस्ताक्षर किये गये तथा ओव्हरब्रिज के निर्माण के बारे में बताया गया यह मामला न्यायालय में लंबित है जैसे ही न्यायालय का निर्णय आवेगा उसी आधार पर आगे का कार्य योजना बनाया जावेगा, इसके अलावा प्रतिदिन की जाम से राहत दिलाने के लिए भारी वाहनों को ऊपर के रास्तों से भेजा जावेगा, इसके लिए एसईसीएल प्रबंधन की ओर से पांच कर्मचारी तैनात रहेंगे । समझौता वार्ता के दौरान बताया गया कि 10 अप्रैल 2026 तक कुचैना मोड़ से ईमलीछापर ओव्हरब्रिज तक डामरीकरण का कार्य पूरा हो जावेगा, वहीं कुचैना मोड़ से सर्वमंगला चौक तक स्ट्रीट लाईट एवं साईन बोर्ड पीडब्ल्युडी विभाग द्वारा 10 अप्रैल 2026 तक लगाया जावेगा । समझौता में इस बात पर भी संज्ञान लाया गया कि यह आंदोलन जनहित के लिए जरूरी हो गया था, इसलिए किसी व्यक्ति विशेष पर अपराध दर्ज नहीं किया जावेगा । समझौता पत्र पर प्रशासन की ओर से दीपका तहसीलदार अमित केरकेट्टा, पीडब्ल्युडी के एसडीओ प्रदीप कुमार मरकाम एवं इंजीनियर प्रदीप कुमार कश्यप, कुसमुण्डा एसईसीएल के एच आर हेड सुनील कुमार एवं ठाकुर आलोक सिंह ने हस्ताक्षर किये हैं।


कोरबा
खतरनाक एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्यवाही, थार जप्त
- वाहन जप्त – वाहन क्रमांक CG 04 NG 8300 (थार कार)
कोरबा। पुलिस अधीक्षक कोरबा Siddharth Tiwari के निर्देशन में जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सतत कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में थाना सिविल लाइन रामपुर क्षेत्रांतर्गत दिनांक 19.03.2026 को दोपहर लगभग 03:30 बजे से 04:00 बजे के मध्य घंटाघर ओपन थियेटर मैदान में कुछ वाहन चालकों द्वारा लापरवाहीपूर्वक एवं खतरनाक तरीके से वाहन चलाने की सूचना प्राप्त हुई। उक्त कृत्य से वहां उपस्थित आम नागरिकों के लिए दुर्घटना की स्थिति निर्मित हो रही थी। - प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध क्रमांक 236/2026 धारा Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 की धारा 281, 3(5) तथा Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 184 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

जांच के दौरान वाहन क्रमांक CG 11 AA 6166 (स्कॉर्पियो), CG 12 BJ 2975 (बोलेरो), CG 12 BF 3890 (स्विफ्ट) एवं CG 04 NG 8300 (थार) के चालकों के विरुद्ध प्रथम सूचना पत्र दर्ज किया गया।
- जांच के दौरान वाहन क्रमांक CG 04 NG 8300 (थार) का चालक रामकृष्ण साहू निवासी डेंगू नाल, कोरबा पाया गया तथा वाहन का स्वामी नंदूलाल साव निवासी दर्री, कोरबा होना पाया गया। वाहन मालिक का पता लगाकर उक्त वाहन को जप्त कर लिया गया है तथा अन्य वाहनों की तलाश जारी है। वाहनों की जप्ती के उपरांत मोटर व्हीकल एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

- उक्त प्रकरण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध थाना सिविल लाइन रामपुर में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है, जिनमें—
हिमांशु बैरागी, निवासी बुधवारी, बजरंग चौक के पास, रामपुर, जिला कोरबा।
मुकेश कुमार बैगा, निवासी रामकिशन साहू के पास, नागपुर बस्ती, आईटीआई रामपुर, जिला कोरबा।
रामकिशन साहू, पिता अरुण साहू, उम्र 20 वर्ष, निवासी रामपुर बस्ती, जिला कोरबा।
उक्त तीनों के विरुद्ध **Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 की धारा 170 एवं 126/135 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है।
पुलिस द्वारा ऐसे लापरवाह वाहन चालकों के विरुद्ध सतत अभियान चलाकर निगरानी रखी जा रही है तथा भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
जिला पुलिस कोरबा आम नागरिकों से अपील करती है कि यातायात नियमों का पालन करें, तेज गति एवं स्टंट जैसे खतरनाक कृत्यों से बचें तथा सुरक्षित ड्राइविंग अपनाएं। किसी भी प्रकार की संदिग्ध या खतरनाक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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