कोरबा
जनहित में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन ने लाया रंग, झुका एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन, 20 अप्रैल से पूर्व फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने पर हुआ लिखित समझौता
काेरबा। आम जनता को हो रही भारी परेशानियों को मद्देनजर रख, जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के द्वारा पूर्व घोषणा के अनुसार 24 मार्च मंगलवार को तय समय पर शुरू हुआ धरना प्रदर्शन ने सुखद रंग लाया है । प्रात 9 बजे से सायं 4 तक क्षेत्रवासियों के साथ धरने पर डटे कांग्रेसियों ने आखिरकार एसईसीएल प्रबंधन के साथ साथ जिला प्रशासन को झुकने विवश कर दिया और 20 अप्रैल से पूर्व फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करा देने के लिखित आश्वासन एवं समझौते के बाद ही धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया । इस दौरान धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेताओं को अवगत कराया गया कि फिलहाल ओव्हरब्रिज का निर्माण न्यायालय में लंबित है । जिसका निराकरण होते ही इसका भी निर्माण कार्य तत्काल शुरू करा दिया जाएगा ।

गौरतलब है कि सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचेना मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण एवं कुसमुण्डा के इमलीछापर चौक पर ओव्हरब्रिज निर्माण पुन: प्रारंभ कराने और राहगीरों को राहत दिलाने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के द्वारा जिला कांग्रेस के शहर अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर के नेतृत्व मे एकदिवसीय धरना प्रदर्शन मंगलवार को किया गया । इस आंदोलन को कुसमुण्डा व्यापारी संघ एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित क्षेत्रवासियों का व्यापक समर्थन मिला जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे । जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने बताया कि पिछले 2 साल से भी अधिक समय से सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य ठप पड़ा है, वहीं कुसमुण्डा के ईमलीछापर चौक पर ओव्हरब्रिज का निर्माण कार्य भी अधुरा पड़ा है, इस कारण से 2 सालों से लोंगो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।

श्री राठौर ने बताया कि इस संबंध में पिछले दो वर्षों से स्थानीय जनप्रतिनिधि पार्षद गीता गभेल पत्राचार के माध्यम से आवाज उठाती रही हैं, बावजूद प्रशासन ने कोई कारगर कदम नहीं उठाया, तब पार्षद श्रीमती गीता गभेल ने विगत दिनों प्रशासन को पत्र प्रेषित कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का ऐलान किया था, लेकिन प्रदर्शन के एक दिन पहले पार्षद गीता गभेल के पुत्र एवं पुत्री का सड़क दुर्घटना में घायल हो जाने के कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल के बजाए एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें स्वर्स्फुत ही क्षेत्रवासी जुड़ते गये। देखते ही देखते लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई और चक्का जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई थी, हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया था । इस संदर्भ में कांग्रेस के कुसमुण्डा ब्लाॅक अध्यक्ष बसंत चंद्रा ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों से इमलीछापर रेल्वे फाटक के पास ओव्हरब्रिज बनाने का काम अटका हुआ है। वहीं पिछले साल वर्षा ऋतु के दौरान भरे बारिश में एसईसीएल प्रबंधन ने ओव्हरब्रिज बनाने के लिए एक दर्जन अवैध मकानों को तोड़ दिया था, लेकिन दस माह गुजरने के बाद भी इस स्थान पर ओव्हरब्रिज निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं कराया जा सका है ।
धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर, मनोज चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष बसंत चंद्रा, पूर्व अध्यक्ष नत्थुलाल यादव, उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ठाकुर, राजेन्द्र तिवारी, ए डी जोशी, पार्षद गीता गभेल, नवीन कुकरेजा, ब्लाॅक अध्यक्ष संजय आजाद, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु, व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक राठौर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, जिला महामंत्री रवि चंदेल, ब्लॉक अध्यक्ष गोरेलाल यादव, पूर्व पार्षद सनीष कुमार, मधुसुदन दास, रवि बरेठ, ममता अग्रवाल, भुनेश्वरी महंत, तेज प्रताज सिंह, दीपक कुमार, गिरधारी बरेठ, ललिता यादव, विक्की ललित यादव, हरा बाई, रजनी श्रीवास, सुमन मरावी, चित्ररेखा, विजय अग्रवाल एवं गौतम ठाकुर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे ।
पूर्व मंत्री के प्रयासों से मिली थी बड़ी राशि
मंगलवार को हुए धरना प्रदर्शन के दौरान निगम में नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी । उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान क्षेत्रिय विधायक और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने न केवल सर्वमंगला चौक से इमलीछापर चौक होते हुए कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने में अपनी महती भूमिका निभाई थी बल्कि शहर की कई महत्वपूर्ण जर्जर सड़काें का भी अपने प्रयासों से राशि उपलब्ध कराकर जीर्णोध्दार कराया था । खासकर सर्वमंगला चौक से ईमलीछापर कुचैना मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के लिए एसईसीएल प्रबंधन से एक बड़ी राशि जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई थी ताकि इसका कार्य जल्द से जल्द पूर्ण हो सके और लोंगो को परेशानियों से राहत मिले
समझौते में कहा गया निर्माण प्रारंभ होते तक दी जाएगी राहत
धरना प्रदर्शन के दौरान एसईसीएल प्रबंधन, पीडब्लयुडी विभाग, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने निम्न विषयों पर वार्ता कर लिखित समझौता किया जिसमें 20 अप्रैल 2026 से पहले फोरलेन सड़क निर्माण प्रारंभ करा देने की बात पर हस्ताक्षर किये गये तथा ओव्हरब्रिज के निर्माण के बारे में बताया गया यह मामला न्यायालय में लंबित है जैसे ही न्यायालय का निर्णय आवेगा उसी आधार पर आगे का कार्य योजना बनाया जावेगा, इसके अलावा प्रतिदिन की जाम से राहत दिलाने के लिए भारी वाहनों को ऊपर के रास्तों से भेजा जावेगा, इसके लिए एसईसीएल प्रबंधन की ओर से पांच कर्मचारी तैनात रहेंगे । समझौता वार्ता के दौरान बताया गया कि 10 अप्रैल 2026 तक कुचैना मोड़ से ईमलीछापर ओव्हरब्रिज तक डामरीकरण का कार्य पूरा हो जावेगा, वहीं कुचैना मोड़ से सर्वमंगला चौक तक स्ट्रीट लाईट एवं साईन बोर्ड पीडब्ल्युडी विभाग द्वारा 10 अप्रैल 2026 तक लगाया जावेगा । समझौता में इस बात पर भी संज्ञान लाया गया कि यह आंदोलन जनहित के लिए जरूरी हो गया था, इसलिए किसी व्यक्ति विशेष पर अपराध दर्ज नहीं किया जावेगा । समझौता पत्र पर प्रशासन की ओर से दीपका तहसीलदार अमित केरकेट्टा, पीडब्ल्युडी के एसडीओ प्रदीप कुमार मरकाम एवं इंजीनियर प्रदीप कुमार कश्यप, कुसमुण्डा एसईसीएल के एच आर हेड सुनील कुमार एवं ठाकुर आलोक सिंह ने हस्ताक्षर किये हैं।


कोरबा
वेदांता पावर प्लांट में हादसा: कल उद्योगमंत्री करेंगे दौरा
कोरबा। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन गुरूवार 16 अप्रैल को सक्ती एवं रायगढ़ जिले के प्रवास पर रहेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार केबिनेट मंत्री श्री देवांगन सवेरे 11.00 बजे नवा रायपुर स्थित निवास से प्रस्थान कर दोपहर 2.00 बजे रायगढ़ पहुंचेंगे। जहां वे सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई के निजी पॉवर प्लांट में हुई औद्योगिक दुर्घटना में घायल हुए श्रमिकों से मुलाकात करेंगे और ईलाज से संबंधित जानकारी जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं चिकित्सकों की टीम से लेंगे।

उद्योग मंत्री श्री देवांगन शाम 4.00 बजे रायगढ़ से रवाना होकर शाम 5.00 बजे जिला मुख्यालय सक्ती पहुंचेंगे। इस दौरान वे रेस्ट हाउस में वेदांता पॉवर लिमिटेड सिंघीतराई से संबंधित घटना के संबंध में कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेंगे। तत्पश्चात वे शाम 5.30 बजे कोरबा जिले के लिए रवाना होंगे।

कोरबा
बालको में ‘अलाइसा’ रोबोट तैनात, कर्मचारियों को मिलेगा रियल-टाइम सुरक्षा ट्रेनिंग
बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ‘अलाइसा’ (एल्यूमिनियम एआई सपोर्ट एजेंट) नामक एक अत्याधुनिक एआई-संचालित ह्यूमनॉइड असिस्टेंट को संयंत्र में तैनात किया है। यह अपनी तरह का पहला सिस्टम है, जिसे एल्यूमिनियम निर्माण में शॉप फ्लोर की क्षमता, संचालन दक्षता और औद्योगिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

बालको के स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स में कार्यरत ‘अलाइसा’ शॉप फ्लोर टीम के लिए ऑन-ग्राउंड प्रशिक्षण, ज्ञान और निर्णय-सहायता के एक इंटरफेस के रूप में कार्य करता है। यह सिस्टम कन्वर्सेशनल एआई को प्लांट-विशिष्ट ऑपरेशनल इंटेलिजेंस के साथ जोड़ते हुए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी), मानक रखरखाव प्रथाओं (एसएमपी) और महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल पर रियल-टाइम, संदर्भित मार्गदर्शन सीधे कार्यस्थल पर उपलब्ध कराता है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि हमारी कंपनी में तकनीक और मानव क्षमता के संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ‘अलाइसा’ की तैनाती हमारी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शॉप फ्लोर पर सीखने, निर्णय लेने और सुरक्षा के मानकों को नई दिशा दे रहा है। यह पहल न केवल कर्मचारियों को रियल-टाइम मार्गदर्शन प्रदान करती है, बल्कि उन्हें अधिक सक्षम, जागरूक और आत्मनिर्भर भी बनाती है। हम एक सुरक्षित, स्मार्ट और भविष्य-तैयार कार्यस्थल के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शुरुआती चरण में ‘अलाइसा’ ने 100 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया है। यह लर्निंग मॉड्यूल, रियल-टाइम प्रश्न समाधान और मूल्यांकन-आधारित सिस्टम प्रदान करता है, जिससे सुपरवाइजर कर्मचारियों की समझ और कौशल प्रगति की प्रभावी निगरानी कर सकते हैं। डेटा-आधारित सतत सीखने को शॉप फ्लोर में समाहित कर, यह सिस्टम प्रक्रियाओं के मानकीकरण, सुरक्षा नियमों के अनुपालन को सुदृढ़ करने और उच्च-तीव्रता वाले औद्योगिक वातावरण में कार्यबल की तैयारी को बेहतर बना रहा है।
प्रारंभिक फीडबैक से यह भी स्पष्ट हुआ है कि कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी तक बेहतर पहुंच मिली है, संचालन संबंधी समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है और रियल-टाइम निर्णय लेने में उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
बालको में कार्यरत परास्नातक प्रशिक्षु उदय चौहान ने कहा कि पॉटलाइन पर कार्य शुरू करने से पहले मैंने ‘अलाइसा’ के माध्यम से एसओपी-आधारित सुरक्षा प्रशिक्षण लिया। यह एक उत्कृष्ट अनुभव रहा। एक रोबोट होने के बावजूद, प्रशिक्षण उतना ही प्रभावी था जितना किसी मानव ट्रेनर द्वारा दिया जाता है।
यह पहल भारत के मेटल सेक्टर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और बालको को कोर मैन्युफैक्चरिंग में ह्यूमनॉइड एआई अपनाने वाली अग्रणी कंपनियों में शामिल करती है। कंपनी भारत में पहली और वैश्विक स्तर पर चुनिंदा कंपनियों में से एक है, जिसने डिजिटल स्मेल्टर तकनीक लागू की है। इसके माध्यम से संभावित समस्याओं का पूर्वानुमान लगाना और समय पर निर्णय लेना संभव हो पाया है।
‘अलाइसा’ कंपनी की व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा का हिस्सा है, जो सप्लाई चेन, पॉटलाइन ऑपरेशंस, कास्ट हाउस, रोल्ड प्रोडक्ट्स और कार्बन यूनिट तक विस्तारित है। ये सभी पहल उन्नत एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और इंटेलिजेंट सिस्टम्स के माध्यम से संचालन दक्षता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार और सुरक्षा प्रदर्शन को सुदृढ़ करने पर केंद्रित हैं।

कोरबा
इधर सक्ती हादसे में 20 श्रमिकों की जान चली गई उधर उद्योग मंत्री केक काटकर मनाते रहे जन्मदिन
कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने बताया असंवेदनशीलता
कोरबा। जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा है कि सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को बॉयलर फटने से 20 श्रमिकों की मौत के बाद प्रदेश में शोक का माहौल है, लेकिन दूसरी तरफ 14 अप्रैल को घटना के समय उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन का कोरबा में जन्मदिन कार्यक्रम में शामिल होना बेहद दुखद है। उन्होंने इसे लेकर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे असंवेदनशीलता करार दिया।
मंत्री का जन्मदिन 12 अप्रैल को था, लेकिन कोरबा के साहित्य भवन में 14 अप्रैल की शाम को आयोजित एक लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान उनका बिलेटेड जन्मदिन समारोह रखा गया था। इसी दौरान दोपहर को सक्ती में भीषण हादसे की खबर सामने आई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिकों की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मंत्री ने बयान जारी कर जांच की बात कही और दुख भी जताया, लेकिन निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। राठौर ने कहा है कि इधर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय घटना को लेकर शोक संदेश दे रहे थे और इधर मंत्री लखन लाल केक काट रहे थे।जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने इसे लेकर कड़ी नाराजगी जताई है और इसे मानवता के खिलाफ बताते हुए उद्योग मंत्री की असंवेदनशीलता करार दिया।
राठौर ने कहा कि जब प्रदेश में इतनी बड़ी औद्योगिक दुर्घटना हुई और कई परिवारों के घर उजड़ गए, घायलों व उनके परिवार के सदस्यों में चीख पुकार मची रही। तब जिम्मेदार पद पर बैठे जनप्रतिनिधि का जन्मदिन मनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तरह के समय में संवेदनशीलता दिखाना आवश्यक होता है, लेकिन यहां उल्टा दृश्य देखने को मिला।
कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले में सरकार स्पष्ट करे कि हादसे के समय संबंधित विभाग और जिम्मेदार लोग क्या कर रहे थे। साथ ही संयंत्र में सुरक्षा मानकों की स्थिति और हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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