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छत्तीसगढ़

महादेव सट्टा ऐप मामले में नई गिरफ्तारी:कोलकाता से शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, ED ने 388 करोड़ की संपत्ति कुर्क

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रायपुर,एजेंसी।महादेव आनलाइन सट्टा ऐप मामले में ED की टीम ने एक नई गिरफ्तारी । शनिवार को ED ने शेयर ब्रोकर गौरव कुमार केडिया को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया । सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी गौरव को 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर ED को सौंप दिया । ED ने शेयर ब्रोकर को कोलकाता से गिरफ्तार किया है।

मिली जानकारी के मुताबिक गौरव केडिया महादेव सट्टा एप मामले में जेल में बंद नितिन टिबरेवाल समेत आनलाइन बैंटिग एप से जुड़े लोगों के लिए शेयर खरीदता बेचता था। साथ ही सट्टे आने वाली ब्लैक मनी को शेयर ट्रेड़िग कर वाइट मनी बदलने काम करता था।

388 करोड़ की संपत्ति कुर्क

ईडी,रायपुर जोनल आफिस महादेव सट्टा एप मामले में 387.99 करोड़ की संपत्ति को कुर्क किया है। गौरतलब है कि इस केस में फरार चल रहे आरोपी हरि शंकर टिबरेवाल सें सबंधित मॉरीशस स्थित कंपनी मेसर्स टानो इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज द्वारा एफपीआई और एफडीआई संबंधित में निवेश किया गया साथ ही। छत्तीसगढ़, मुंबई और मध्य प्रदेश में स्थित प्रमोटरों के नाम पर रखे के नाम पर कई अचल संपत्ति खरीदी गई और उनका इनवेस्टमेंट किया गया है।

इस मामले में अब तक प्रवर्तन निदेशाल ने महादेव ऑनलाइन बुक मामले में जुड़े कई सट्टेबाजी, वेबसाइट, पैनल ऑपरेटर और प्रमोटरों और उनके सहयोगियों की 2295.61 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है।

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कोरबा

वेदांता एल्युमिनियम का मुनाफा 205 प्रतिशत बढ़कर रू.6,597 करोड़, एबिटडा 134% बढ़कर रू.10,499 करोड़

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मुंबई, 30 जुलाई 2026 । भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (बीएसई: 544780 और एनएसई: वीएएमएल) ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की। एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में अपनी पहली तिमाही में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी के बोर्ड ने रू.8 प्रति शेयर के पहले अंतरिम लाभांश को भी मंजूरी दी है।

कंपनी की आय बढ़कर अब तक के सबसे अधिक रू.21,105 करोड़ हो गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 13 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी बिक्री की मात्रा और बेहतर कीमत मिलने के कारण हुई। कंपनी का एबिटडा बढ़कर रिकॉर्ड रू.10,499 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 24 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 134 प्रतिशत अधिक है। लागत पर बेहतर नियंत्रण के कारण कंपनी का एबिटडा मार्जिन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 50 प्रतिशत पर पहुंच गया।

कंपनी का मुनाफा रू.6,597 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 33 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 205 प्रतिशत अधिक है। यह कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है। कंपनी ने कर्ज कम करके अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है। नेट डेट-टू-एबिटडा अनुपात वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के 1.3 गुना से सुधरकर 0.9 गुना हो गया। लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए, क्रिसिल और आईसीआरए दोनों ने वेदांता एल्युमिनियम की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर एए प्लस (स्टेबल) कर दी है।

कंपनी का एल्युमिनियम उत्पादन बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 632 किलो टन रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 3 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। वहीं, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (वीएपी) का उत्पादन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 389 किलो टन हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 4 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का एल्युमिना उत्पादन 826 किलो टन रहा, जो रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने और संयंत्रों के बेहतर उपयोग के कारण पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है।

भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी के रूप में, वेदांता एल्युमिनियम दुनिया के सबसे मजबूत और प्रतिस्पर्धी, पूरी तरह से एकीकृत एल्युमिनियम कारोबारों में से एक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए कंपनी कच्चे माल की नियमित और सुरक्षित उपलब्धता को लगातार मजबूत कर रही है।

कंपनी के पहली तिमाही के प्रदर्शन पर बात करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ राजेश कुमार ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमने इस तिमाही में मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन के साथ अपनी नई शुरुआत की है। यह हमारे मजबूत कामकाज, योजनाओं को सही तरीके से लागू करने और भविष्य की सोच का परिणाम है। बदलते वैश्विक माहौल में कच्चे माल की सुरक्षित उपलब्धता, कामकाज को बेहतर बनाने और अधिक मूल्य वाले उत्पादों पर हमारा ध्यान हमारी प्रतिस्पर्धी स्थिति को मजबूत कर रहा है। इससे हमें लगातार और लंबे समय तक विकास करने में भी मदद मिल रही है। इन प्रयासों के जरिए हम भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार एक मजबूत कंपनी बना रहे हैं। साथ ही, हम अपने सभी हितधारकों के लिए लंबे समय तक बेहतर मूल्य बनाने, लागत को कम रखने और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत एल्युमिनियम कारोबार तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

वेदांता एल्युमिनियम के मुख्य वित्त अधिकारी अनुप अग्रवाल ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमारी पहली तिमाही की शुरुआत मजबूत रही। कंपनी ने रू.21,105 करोड़ की रिकॉर्ड आय, रू.10,499 करोड़ का एबिटडा और रू.6,597 करोड़ का पीएटी दर्ज किया। हम मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर बैलेंस शीट और बेहतर क्रेडिट रेटिंग के साथ इस नए चरण में आगे बढ़ रहे हैं। इससे हमें अपनी रणनीतिक विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा। दुनिया की प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादक कंपनियों में से एक के रूप में, हम अपनी एकीकृत उत्पादन श्रृंखला और लगातार बढ़ते वैल्यू-एडेड उत्पादों के माध्यम से भारत और वैश्विक बाजारों में ऊर्जा बदलाव, बुनियादी ढांचे, परिवहन, पैकेजिंग और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने का लक्ष्य रखते हैं।”

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ईएसजी की प्रमुख उपलब्धियां

• समुदायों का विकास | सामाजिक पहल: वेदांता एल्युमिनियम ने जरूरत के अनुसार किए गए सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 4 लाख लोगों तक मदद पहुंचाई। कौशल विकास पहलों के जरिए 72,000 लोगों को सशक्त बनाया और विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से 27 लाख महिलाओं और बच्चों को सहयोग दिया।

• पर्यावरण के लिए पहल | प्रमुख उपलब्धियां:

o स्वच्छ ऊर्जा: वेदांता एल्युमिनियम द्वारा इस्तेमाल की गई नवीकरणीय ऊर्जा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 38 प्रतिशत बढ़कर 70.1 करोड़ यूनिट हो गई। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों को मदद मिली। नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और ऊर्जा बचाने के उपायों से कंपनी के ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन में पिछले साल की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत की कमी आई। यह वित्त वर्ष 2021 की तुलना में 11.6 प्रतिशत कम है।

o जल संरक्षण: कंपनी ने लगभग 49 लाख घन मीटर पानी का दोबारा उपयोग किया। साथ ही, पानी को फिर से इस्तेमाल करने, उसे दोबारा उपयोग में लाने और अन्य जल स्रोतों का उपयोग करके ताजे पानी की खपत कम की।

o कचरे से उपयोगी संसाधन: कंपनी ने 120 प्रतिशत फ्लाई ऐश का उपयोग किया, जिसमें पहले से जमा फ्लाई ऐश भी शामिल है। साथ ही, रेड-टू-ग्रीन पहल के तहत रेड मड का दोबारा उपयोग बढ़ाया।

o जैव विविधता संरक्षण: कंपनी ने स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाने और खदान क्षेत्रों को फिर से बेहतर बनाने पर ध्यान देते हुए जैव विविधता से जुड़ी अपनी पहलें आगे बढ़ाईं। अब तक कंपनी ने कुल 29 लाख पेड़ लगाए हैं।

• कार्यस्थल को बेहतर बनाना | कर्मचारियों से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियां: वेदांता एल्युमिनियम ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान कार्यस्थल पर सुरक्षा को और मजबूत किया। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही की तुलना में कंपनी के सुरक्षा प्रदर्शन में सुधार हुआ। इस दौरान काम के दौरान होने वाली ऐसी चोटों की संख्या में कमी आई, जिनके कारण कर्मचारियों को काम से छुट्टी लेनी पड़ी। साथ ही, ऐसी चोटों की दर में भी सुधार हुआ।

कंपनी ने वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यस्थलों पर अधिक दौरे, नियमित सुरक्षा चर्चा, महत्वपूर्ण जोखिमों के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था और हर कार्यस्थल की जरूरत के अनुसार किए गए उपायों के माध्यम से कार्यस्थल की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। कंपनी ने कार्यस्थल पर सभी के लिए बेहतर अवसर बढ़ाने के लिए 21 प्रतिशत लैंगिक विविधता बनाए रखी और एलजीबीटीक्यू प्लस कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 35 से अधिक की। इससे कार्यस्थल को अधिक समावेशी और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार बनाने में मदद मिली।

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कोरबा

डिमर्जर के बाद वेदांता एल्युमिनियम ने दिखाया दम, पहले ही Q1 में मुनाफा 34% बढ़ा, शेयर प्राइस में 5% से ज़्यादा की तेज़ी

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मुंबई। वेदांता एल्युमिनियम ने बताया कि पहली तिमाही के दौरान उसका नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 5,629 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी के रेवेन्यू में भी 12 प्रतिशत की तेज़ी देखने को मिली. रिजल्ट पेश करते ही कंपनी के शेयर प्राइस में तेज़ी देखने को मिली.

वेदांता लिमिटेड से अलग होकर बनी नई कंपनी Vedanta Aluminium Metal ने डिमर्जर के बाद पहली बार अपना क्वार्टर रिजल्ट अलग पेश किया. गुरुवार को रिजल्ट पेश करने से पहले तक कंपनी का शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहा था, लेकिन रिजल्ट आते ही कंपनी के स्टॉक ने तेज़ी पकड़ ली. कंपनी को रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों के फ्रंट पर कामयाबी हासिल हुई, जिससे शेयर प्राइस में 5 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी देखने को मिली.

Vedanta Aluminium का Q1 रिजल्ट

वेदांता एल्युमिनियम मेटल ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया. पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी का नेट प्रॉफिट 33.8% बढ़कर 4,207 करोड़ रुपये से 5,629 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी के रेवेन्यू में भी 11.9% की ग्रोथ दर्ज की गई, जो 19,124 करोड़ रुपये से बढ़कर 21,393 करोड़ रुपये हो गया.

ऑपरेटिंग परफॉरमेंस रहा शानदार

वेदांता एल्युमिनियम मेटल के ऑपरेटिंग परफॉरमेंस में भी इस तिमाही में सुधार हुआ है. इसका EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले 23.3% बढ़कर 8,352 करोड़ रुपये से 10,299 करोड़ रुपये हो गया. साथ ही, EBITDA मार्जिन 43.68% से बढ़कर 48.14% हो गया, जिसका मतलब है कि कंपनी ने पिछली तिमाही की तुलना में रेवेन्यू के प्रत्येक 100 रुपये पर अधिक ऑपरेटिंग मुनाफा कमाया है. इससे पता चलता है कि बिजनेस अधिक लाभदायक और अधिक कुशल हो गया है.

एल्युमिनियम का प्रोडक्शन

कंपनी द्वारा जारी एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, वेदांता एल्युमिनियम मेटल ने जून तिमाही में रिकॉर्ड प्रोडक्शन हासिल किया. इसने 632 किलोटन एल्युमिनियम का अब तक का सबसे अधिक प्रोडक्शन किया, जो पिछली तिमाही से 3% और पिछले वर्ष की तुलना में 5% अधिक है. कंपनी ने वैल्यू एडिड एल्युमिनियम प्रोडक्ट का भी अब तक का सबसे अधिक प्रोडक्शन 389 KT दर्ज किया, जिसमें पिछली तिमाही की तुलना में 4% और पिछले वर्ष की तुलना में 14% की ग्रोथ हुई. इसके अलावा, एल्युमिना का प्रोडक्शन पिछले वर्ष की तुलना में 41% बढ़कर 826 KT हो गया.

स्थिति मजबूत कर रही कंपनी

कंपनी ने कहा कि वह पूरी तरह से इंटीग्रेटिड एल्युमीनियम कारोबार स्थापित करके भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम प्रोडक्शन कंपनी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है. सरल शब्दों में कहें तो, इसका मतलब है कि वेदांता कच्चे माल की खरीद से लेकर अंतिम प्रोडक्ट बनाने तक, एल्युमीनियम प्रोडक्शन के हर प्रमुख फैज़ को खुद संभालने का प्रयास कर रही है. इससे कंपनी को सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने, ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने, लागत को कंट्रोल करने और कच्चे माल की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित करने में मदद मिलती है.

कंपनी के सीईओ ने क्या कहा?

परिणामों पर टिप्पणी करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम के होल टाइम डायरेक्टर और सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी ने मजबूत वित्तीय और ऑपरेशन परफॉरमेंस के साथ एक स्वतंत्र बिजनेस के रूप में अपनी यात्रा शुरू की है. उन्होंने आगे कहा कि कंपनी कच्चे माल की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित करने, अपने ऑपरेशन को अधिक कुशल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

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छत्तीसगढ़

संसद से पारित एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक युवाओं के भविष्य की सुरक्षा का मजबूत कवच : अमर सुल्तानिया

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जांजगीर-चांपा। भाजपा के वरिष्ठ नेता, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं जशपुर जिला प्रभारी अमर सुल्तानिया ने संसद के दोनों सदनों से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों, उनके वर्षों के परिश्रम और निष्पक्ष अवसरों की रक्षा के लिए लगातार ठोस एवं प्रभावी निर्णय ले रही है। यह संशोधन उसी दृढ़ संकल्प का सशक्त प्रमाण है।

अमर सुल्तानिया ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं करोड़ों युवाओं की मेहनत, उम्मीदों और भविष्य का आधार होती हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया, संगठित परीक्षा अपराध और तकनीक के दुरुपयोग जैसी गतिविधियां न केवल योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह संशोधन लाया गया है।

उन्होंने कहा कि संशोधन के माध्यम से परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध कानूनी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। प्रश्नपत्र लीक, संगठित नकल, परीक्षा प्रक्रिया में अवैध हस्तक्षेप तथा तकनीकी माध्यमों से की जाने वाली अनियमितताओं में शामिल व्यक्तियों और संगठित गिरोहों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का मार्ग और सशक्त होगा। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों, सेवा प्रदाताओं तथा परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सभी पक्षों की जवाबदेही भी और अधिक सुनिश्चित होगी, जिससे पूरी व्यवस्था पारदर्शी, उत्तरदायी और विश्वसनीय बनेगी।

सुल्तानिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, डिजिटल पारदर्शिता, रोजगार के अवसरों के विस्तार और युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित एवं निष्पक्ष बनाने वाला यह संशोधन भी उसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का विश्वास और मजबूत होगा तथा चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक युवा को उसकी योग्यता, क्षमता और परिश्रम के अनुरूप समान एवं निष्पक्ष अवसर प्राप्त हों। संसद के दोनों सदनों से इस संशोधन विधेयक का पारित होना ईमानदार प्रतिभाओं के संरक्षण, परीक्षा माफिया पर प्रभावी अंकुश तथा देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कानून देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को और अधिक सुरक्षित बनाने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।

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