विदेश
साउथ कोरिया में प्लेन क्रैश, 96 की मौत:बैंकॉक से आ रहा विमान एयरपोर्ट बाउंड्री से टकराकर ब्लास्ट; 181 सवार थे, 2 को जिंदा बचाया
सियोल । साउथ कोरिया में रविवार को बैंकॉक से आ रही जेजू एयर की एक फ्लाइट मुआन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर क्रैश हो गई। कोरिया टाइम्स के मुताबिक हादसे में 181 लोगों में से 96 लोगों के शव बरामद हुए हैं। 2 लोगों को जिंदा बचा लिया गया है, इसके अलावा अन्य 76 यात्रियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।
न्यूज एजेंसी योनहाप के मुताबिक एयरपोर्ट पर लैंड करते वक्त प्लेन के लैंडिग गियर में खराबी आई थी। इसकी वजह से प्लेन को बिना लैंडिंग गियर के लैंड करना पड़ा।
लैंड करने के बाद प्लेन रनवे पर फिसलता हुआ, एयरपोर्ट की फैंस (बाउंड्री) से टकराकर क्रैश हो गया। एजेंसी के मुताबिक विमान में 6 क्रू मेंबर और 175 यात्री सवार थे।
हादसा भारतीय समय के मुताबिक सुबह 5:37 बजे (लोकल टाइम सुबह 9:07 बजे) हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक एयरपोर्ट पर सभी लोकल और इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं।
पहली बार में लैंड नहीं कर पाया प्लेन
जेजू एयरलाइन का जो प्लेन क्रैश हुआ है, वह अमेरिकी कंपनी बोइंग का 737-800 प्लेन था। प्लेन ने एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए दो बार कोशिश की। पहली बार में भी लैंडिग गियर नहीं खुलने की वजह से प्लेन लैंड नहीं हो पाया था। इसके बाद प्लेन ने एयरपोर्ट का एक चक्कर लगाया था।
पायलट ने दूसरी बार प्लेन को बिना लैंडिग गियर के ही लैंड करा दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में मुताबिक प्लेन के विंग से पक्षी के टकराने का दावा किया जा रहा है। इसकी वजह से लैंडिग गियर खराब हुआ और लैंड करते वक्त खुल नहीं पाया।
आग बुझाने में 43 मिनट लगे
मुआन एयरपोर्ट के दमकल अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए बताया कि प्लेन में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि आग को बुझाने में 43 मिनट का वक्त लगा।
फिलहाल क्रैश साइट पर बचाव कार्य जारी है। ज्यादातर लोग प्लेन के पिछले हिस्से में थे, उन्हें वहां से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। प्लेन में सवार यात्रियों में 173 साउथ कोरियाई और 2 थाईलैंड के नागरिक थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिंदा बचे दोनों लोग क्रू मेंबर्स हैं।
4 दिन पहले कजाकिस्तान में हुआ था प्लेन क्रैश
25 दिसंबर को अजरबैजान से रूस जा रहा एक प्लेन कजाकिस्तान के अक्ताउ एयरपोर्ट के पास क्रैश हो गया था। प्लेन में 5 क्रू मेंबर समेत 67 लोग सवार थे। इनमें से 38 लोगों की मौत हो गई थी। प्लेन अजरबैजान की राजधानी बाकू से ग्रोज्नी पहुंचा पहुंचना था।
हादसे की तस्वीरें…



जेजू एयरलाइन्स की फ्लाइट 2216 बैंकॉक से आ रही थी। लैंडिंग के दौरान हादसा हुआ।

फ्लाइट रनवे पर फिसल गई, जिससे तेज धमाका हुआ और विमान में आग लग गई।

घटनास्थल से उठता धुएं का गुबार। विमान के पिछले गेट से लोगों को रेस्क्यू करने की कोशिश की जा रही है।
विदेश
जेलेंस्की का बड़ा ऐलान: भारत देगा यूक्रेन का साथ, डिफेंस डील फाइनल स्टेज में!
कीव,एजेंसी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि भारत (India) के साथ सुरक्षा सहयोग को लेकर एक समझौता तय हो चुका है। इस समझौते से जुड़े जरूरी दस्तावेज अभी तैयार किए जा रहे हैं। जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन अपनी सुरक्षा को मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि एयर डिफेंस, सेना को समर्थन और देश की रक्षा क्षमता बढ़ाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और इसी दिशा में भारत के साथ यह सहयोग अहम माना जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन के रक्षा मंत्री Rustem Umierov अन्य देशों के साथ भी ऐसे ही सुरक्षा समझौतों पर काम कर रहे हैं, ताकि यूक्रेन को ज्यादा सैन्य और रणनीतिक मदद मिल सके। साथ ही, यूक्रेन अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ भी बातचीत कर रहा है, ताकि पहले से स्वीकृत सहायता पैकेज को जल्द लागू किया जा सके, जो अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है। कुल मिलाकर, भारत और यूक्रेन के बीच यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करेगा और यूक्रेन की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है।
विदेश
मिडल ईस्ट जंग में ट्रंप को सबसे बड़ा झटका, UAE ने दिखा दिया ठेंगा ! बोला-‘हमें अमेरिका की जरूरत नहीं’
दुबई,एजेंसी। मिडिल ईस्ट जंग के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और संयुक्त राज्य अमेरिका(USA) के बीच संबंधों को दरार बहुत गहरी हो गई है। यह खुलासा तब प्रमुख एमिराती विश्लेषक अब्दुल खालिक अब्दुल्ला के बयान से हुआ है। उन्होंने कहा कि UAE को अब अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, देश में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सुरक्षा के बजाय एक “बोझ” बन सकते हैं।

हालांकि यह उनका व्यक्तिगत मत है और UAE सरकार की आधिकारिक नीति नहीं मानी जा रही है। विश्लेषक का तर्क है कि हाल के हमलों और खतरों के बीच UAE ने अपनी रक्षा क्षमता मजबूत की है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की ओर से आए ड्रोन और मिसाइल खतरों को रोककर UAE ने दिखाया है कि वह अपनी सुरक्षा खुद संभाल सकता है। इसी कारण कुछ लोग अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर पुनर्विचार की बात कर रहे हैं। आर्थिक मोर्चे पर भी एक बड़ा मुद्दा सामने आया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर युद्ध या संकट की वजह से डॉलर की उपलब्धता प्रभावित होती है, तो UAE तेल व्यापार के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। इसमें चीन की मुद्रा युआन का नाम सामने आया है। दशकों से खाड़ी देशों और अमेरिका के बीच एक समझ बनी हुई थी, जिसमें अमेरिका सुरक्षा देता था और बदले में तेल का व्यापार डॉलर में होता था। अब अगर इस व्यवस्था में बदलाव आता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों पर पड़ सकता है। इस पूरे घटनाक्रम में चीन का नाम भी सामने आ रहा है। अगर भविष्य में युआन में तेल व्यापार बढ़ता है, तो इससे चीन की वैश्विक भूमिका और मजबूत हो सकती है।
विदेश
होर्मुज में फायरिंग पर भड़के ट्रंपः बोले- “No More Mr Nice Guy, अब ईरान ने बात न मानी तो…”
वाशिंगठन, एजेंसी। जलमार्ग होर्मुज में हुई कथित गोलीबारी ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान (Iran) ने इस क्षेत्र में फायरिंग की, जिसमें एक फ्रांसीसी जहाज और एक ब्रिटेन का मालवाहक जहाज निशाने पर आए। इस घटना को युद्धविराम समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है।इस मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अमेरिका का प्रस्तावित समझौता नहीं माना, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बना सकता है। ट्रंप ने साफ कहा कि अब अमेरिका सख्ती से कार्रवाई करेगा और पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने ईरान को “आखिरी मौका” देते हुए कहा है कि वह समझौता स्वीकार करे, वरना कड़ी कार्रवाई होगी। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पाकिस्तान जाकर वार्ता करेंगे।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अगर यहां तनाव बढ़ता है या रास्ता बंद होता है, तो इसका सीधा असर तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ईरान को भी इससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी बीच अमेरिका ने अपनी टीम को Islamabad भेजने का फैसला किया है, जहां अगले दौर की बातचीत होगी। ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका के विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner सोमवार को Islamabad पहुंचेंगे। वहां वे ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) को लेकर अहम बातचीत करेंगे। ट्रंप के अनुसार, यह कूटनीति का “आखिरी प्रयास” है।उन्होंने कहा कि इस डील के अधिकांश बिंदु पहले ही तय हो चुके हैं और ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने होंगे। अब केवल औपचारिक सहमति बाकी है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलना होगा, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले हफ्ते भी J. D. Vance के नेतृत्व में इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अब एक बार फिर से कोशिश की जा रही है कि 22 अप्रैल को खत्म हो रहे सीज़फायर से पहले कोई समझौता हो जाए। हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से इन नई वार्ताओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। अगर यह बातचीत भी असफल रही, तो अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
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