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मोदी बोले- कच्चा चिट्ठा खोला तो आप-दा वाले बौखला गए:गर्मी में पानी की मारामारी, सर्दी में प्रदूषित हवा; इन्होंने हर मौसम को आपदाकाल बना डाला

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नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दिल्ली के रोहिणी पहुंचे। उन्होंने जापानी पार्क में 35 मिनट भाषण दिया। उन्होंने दिल्ली की AAP सरकार को एक बार फिर आप-दा सरकार बताया। केजरीवाल को दिल्ली प्रदूषण, शराब घोटाले, स्कूल घोटाले और शीशमहल जैसे मुद्दों पर घेरा।

पीएम ने कहा, ‘दिल्ली की आप-दा सरकार के पास न कोई विजन है, न दिल्ली वालों की परवाह है। इन्होंने हर मौसम को आपदाकाल बना दिया। जब काला चिठ्ठा सबके सामने उजागर किया तो मुझ पर भड़कने लगे।’

मोदी ने राजधानी में 12 हजार 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया। उन्होंने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ ‘नमो भारत’ कॉरिडोर के साहिबाबाद से न्यू अशोक नगर तक के सेक्शन का भी उद्घाटन किया। दिल्ली में पिछले 3 दिन में ये उनका तीसरा कार्यक्रम रहा।

दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 23 फरवरी 2025 को खत्म हो रहा है। पिछला विधानसभा चुनाव फरवरी 2020 में हुआ था, जिसमें आम आदमी पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया था और 70 में से 62 सीटें जीती थीं। चुनाव आयोग जनवरी के दूसरे हफ्ते में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है।

AAP सरकार को आप-दा सरकार बताया, 6 कमेंट किए

1. नीयत-निष्ठा सवालों में, भ्रष्टाचार किया

पीएम ने कहा- नीयत, निर्णय, नीति और निष्ठा का राजनीति में महत्व होता है। आप-दा वालों की नीयत और निष्ठा पर ही सवाल है। जनलोकपाल के मुद्दे पर इस पार्टी का जन्म दिया, भ्रष्टाचार हटाना इनका मुख्य मुद्दा था। इस पार्टी के ज्यादातर नेताओं पर शराब घोटाला, स्कूल घोटाला, प्रदूषण से लड़ाई के नाम पर घोटाला जैसे करोड़ों के भ्रष्टाचार के मुकदमे हैं।

2. दोबारा शीशमहल का जिक्र

पीएम मोदी ने दोबारा शीशमहल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आप-दा सरकार को दिल्ली की, यहां के विकास की चिंता नहीं है। इसलिए आज हर दिल्लीवाला कह रहा है कि आपदा नहीं सहेंगे, बदलकर रहेंगे। ये (AAP) सिर्फ झूठा आरोप लगाते हैं। शीशमहल इनके झूठ का उदाहरण है। कोविड के वक्त ये शीशमहल बनवा रहे थे।

3. हर मौसम आपदाकाल बना

पीएम बोले- आज लोग इन्हें आपदा कहते हैं। ये मुझ पर भड़क रहे हैं। देखिए दिल्ली का क्या हाल बना रखा है। गर्मी आती है तो पीने के पानी के लिए मारामारी, बरसात आती है तो जलभराव, सर्दी आती है तो प्रदूषित हवा में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। दिल्ली के लिए इन लोगों ने हर सीजन, हर मौसम आपदा काल बना दिया है।

4. न विजन न दिल्ली की परवाह

पीएम ने कहा कि आप-दा सरकार के पास दिल्ली के लिए कोई विजन नही, कोई परवाह नहीं है। ये कुछ नहीं दे सकती। आज भी दिल्ली को आधुनिक बनाने के जितने भी काम हैं, वो केंद्र की भाजपा सरकार ही कर रही है। दिल्लीवालों की ऊर्जा 365 दिन आपदा से ही निपटने में लग रही है। दिल्ली से आपदा हटेगी तो ही विकास का सुसाशन का डबल इंजन आएगा।

5. बुजुर्गों का अपमान किया

पीएम ने कहा- देश में करोड़ों परिवारों को आयुष्मान के तहत मुफ्त इलाज मिल रहा है। करोड़ों बुजुर्गों के लिए मुफ्त इलाज तय हो चुका है। आप-दा वाले अड़े हुए हैं कि आयुष्मान योजना दिल्ली में लागू नहीं होने देंगे। ये दिल्ली के लोगों का और बुजुर्गों को बहुत बड़ा नुकसान है और बुजुर्गों का अपमान है।

पीएम ने कहा कि आप-दा सरकार यहां प्रधानमंत्री आवास योजना को भी ठीक से लागू नहीं कर रही। 30 हजार घर खाली पड़े हैं। इन लोगों ने दिल्लीवालों को ये घर नहीं बांटे।

6. कारनामे सामने आए तो बौखला गए

पीएन ने कहा कि दिल्ली चुनाव में अपनी हार सामने देखकर आप-दा वाले बौखला गए। दिल्ली को डरा रहे हैं, झूठ फैला रहे हैं कि भाजपा आएगी तो ये बंद हो जाएगी, वो बंद हो जाएगा। मैं भरोसा दिलाने आया हूं कि भाजपा सरकार में दिल्ली में जनहित की कोई योजना बंद नहीं होगी, लेकिन बेईमानों का जो ठेका है, उनको बाहर निकाला जाएगा।

पीएम की दिल्लीवालों से अपील पीएम ने कहा- 2 दिन पहले मैं अशोक विहार में था, वहां झुग्गी में रहने वाले परिवारों को स्वाभिमान अपार्टमेंट दिए गए। आप लोग मेरा एक काम कीजिए- दिल्ली के जिस इलाके में झुग्गी-झोपड़ी और कच्चे घरों में रहने वाली आबादी जहां है, वहां स्वाभिमान अपार्टमेंट के फोटो और वीडियो लेकर जाइए और हर झुग्गी झोपड़ीवाले को बताइए कि आपको भी ऐसा पक्का मकान मिलेगा। ये मोदी की गारंटी है।

पीएम बोले- दिल्ली में बड़े प्रोजेक्ट केंद्र सरकार कर रही

पीएम ने कहा- दिल्ली में जो बड़े-बड़े प्रोजेक्ट, संस्थान और संस्थाएं हैं, उनका जिम्मा केंद्र सरकार के पास है। बीते एक दशक में दिल्ली-NCR में मेट्रो नेटवर्क दोगुने से भी ज्यादा हो चुका है। जनकपुरी और कृष्णापार्क के लिए भी मेट्रो शुरू हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि रिठाला, नरेला, कोंडली कॉरिडोर पर भी काम शुरू हुआ। नमो रेल प्रोजेक्ट केंद्र सरकार बना रही है। दिल्ली के आस-पास 6 लेन, 8 लेन सड़कें केंद्र सरकार बना रही है। दिल्ली में जाम से निजात मिले इसके लिए 55 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट लाए हैं।

दिल्ली-NCR में भारत रैपिड ट्रेन और नमो भारत ट्रेन

दिल्ली-NCR में साहिबाबाद से मेरठ साउथ के बीच 42 किमी हिस्से पर नमो भारत रैपिड ट्रेन चल रही है। उद्घाटन के बाद यह हिस्सा बढ़कर 55 किमी तक हो जाएगा।

साहिबाबाद-न्यू अशोक नगर के 13 किलोमीटर लंबे सेक्शन में 6 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड है, जिसमें आनंद विहार स्टेशन भी पड़ता है।

न्यू अशोक नगर स्टेशन एलिवेटेड स्टेशन (सड़क से ऊपर किसी पुल पर बनाया गया) है। इस सेक्शन की लागत करीब 4600 करोड़ रुपए है। पूरे 82 किमी कॉरिडोर की अनुमानित लागत 30,274 करोड़ रुपए है।

इस प्रोजेक्ट के जून, 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। अनुमान है कि कॉरिडोर के चालू हो जाने पर सड़कों से एक लाख से ज्यादा निजी वाहन हट जाएंगे और कार्बन उत्सर्जन में सालाना 2.5 लाख टन की कमी आएगी।

100 kmph की रफ्तार से चलती है नमो भारत ट्रेन

एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली से मेरठ आने में करीब डेढ़ घंटे लगते हैं। वहीं, इस प्रोजेक्ट के पूरे होने पर यह सफर सिर्फ 55 मिनट में पूरा हो सकेगा। रैपिड ट्रेन करीब 100 kmph की रफ्तार से चलती है। हालांकि इसे 180 kmph की गति से चलने के लिए डिजाइन किया गया है।

उद्घाटन के बाद शाम 5 बजे से हर 15 मिनट पर नमो भारत ट्रेन मेरठ साउथ के लिए चलेंगी। दिल्ली के न्यू अशोक नगर स्टेशन से मेरठ साउथ तक स्टैंडर्ड कोच का किराया 150 रुपए और प्रीमियम कोच का किराया 225 रुपए है।

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महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम

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नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए

पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026

दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026

सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।

12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।

बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया

  • राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
  • प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
  • शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
  • एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।

संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की

सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।

पीएम की 3 अपील

  • 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
  • 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
  • 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी

17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

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देश

‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला

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नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

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थरुर ने अपने भाषण में कहा

शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”

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थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ ब्लास्ट हादसा: धमाके में 20 श्रमिकों की मौत के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन, कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज

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सक्ती,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सक्ती जिले में वेदांता के विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत की घटना के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया, ”डाभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धमाका 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दाब वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए। ठाकुर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यदि जांच के दौरान और लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम भी प्राथमिकी में जोड़ा जाएगा।

उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट सहित कई रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धमाके के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ”सभी रिपोर्ट मिलने के बाद, अगर जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी में और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।” इस घटना के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी। 

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