कोरबा
रायपुर समेत 5 निगम में महिला होगी अगली मेयर:54 नगर-पालिका में 18 सीट महिला आरक्षित
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Divya Akashकोरबा में इस बार मेयर पद सामान्य महिला
रायपुर ,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगम में मेयर, 54 नगर पालिका और 124 नगर पंचायत में अध्यक्ष के आरक्षण की प्रकिया पूरी हो गई। कुल 192 नगरीय निकाय के लिए आरक्षण किया गया है। इस बार 5 नगर निगमों में महिला मेयर चुनीं जाएंगी। रायपुर से सामान्य वर्ग की महिला मेयर चुनाव लड़ेगी। 54 नगर पालिका में 18 सीट महिला के लिए आरक्षित की गई है। इनमें 3 SC, 2 ST, 4 OBC और 9 सीट सामान्य वर्ग की महिला चुनाव लड़ेगी।
वहीं 124 नगर पंचायतों में आरक्षण किया गया है। इनमें 16 SC सीटें (अनुसूचित जाति) आरक्षित हैं। इनमें से 5 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हैं। 20 सीटें ST (अनुसूचित जनजाति) के लिए हैं। इनमें से 7 सीटों से महिला चुनाव लड़ेंगी। वहीं OBC के लिए 26 सीटें आरक्षित हैं। इनमें से 9 सीटों को महिलाओं के लिए रिजर्व किया गया है। 62 सीट सामान्य के लिए रिजर्व रखा गया है। इनमें से 20 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
आरक्षण प्रकिया से खुश होकर नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने कहा है किसी चीज को शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात उसे पूरा करने में जुट जाती है। आरक्षण प्रक्रिया रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में लॉटरी से की गई।
नगर निगम में आरक्षण

नगर पालिका में आरक्षण

192 नगरीय निकायों का आरक्षण
नगर निगम, नगर पालिका और और पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया समाप्त। 14 नगर निगम में मेयर, 54 नगर पालिका और 124 नगर पंचायत में अध्यक्ष के आरक्षण की प्रकिया पूरी। दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संपन्न हुई प्रक्रिया
आरक्षण की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई- कुंदर कुमार
नगरीय निकाय विकास विभाग के संचालक कुंदर कुमार ने कहा कि नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत में आरक्षण की पारदर्शिता के साथ सम्पन्नन हुई है। नगर निगमों में महापौर आरक्षण को लेकर ज्यादा आपत्तियां आई थी। जिन्हें सुलझा लिया गया।
54 नगर पालिका में 18 सीट महिला के लिए आरक्षित
इनमें SC – 3 ST – 2 OBC -4 सामान्य महिला- 9
अनुसूचित जाति
1. अभनपुर
2. मंदिरहसौद
3. बागबाहरा
4. सारंगढ़
5. डोंगरगढ़
6. जांजगीर-नैला (महिला)
7. अकलतरा (महिला)
8. पंडरिया (महिला)
अनुसूचित जनजाति
1. नारायणपुर
2. जशपुरनगर
3. बलरामपुर
4. सुकमा
5. दंतेवाड़ा (महिला)
6. बीजापुर (महिला)
अन्य पिछडा वर्ग
1. दल्लीराजहरा
2. तिल्दा-नेवरा
3. बड़े-बचेली
4. लोरमी
5. कटघोरा
6. बेमेतरा
7. कोण्डागांव
8. कवर्धा
9. अहिवारा
10. मनेन्द्रगढ़ (महिला)
11. गोबरा-नवापारा (महिला)
12. सूरजपुर (महिला)
13. कुम्हारी (महिला) अनारक्षित/ सामान्य
1. शिवपुरचरचा (महिला)
2. तखतपुर (महिला)
3.किरंदुल (महिला)
4. जामुल (महिला)
5. खैरागढ़ (महिला)
6. बोदरी (महिला)
7. बालोद (महिला)
8. सरायपाली (महिला)
9. बांकी मोंगरा (महिला)
10. सक्ती
11. खरसिया
12. कांकेर
13. चांपा
14. रतनपुर
15. भाटापारा
16. बालौदाबाजार
17. मुंगेली
18. गरियाबंद
19. आरंग
20. महासमुंद
21. गौरेला
22. पेण्ड्रा
23. दीपका
24. सिमगा
25. अमलेश्वर
26. बैकुण्ठपुर
27. रामानुजगंज
14 नगर निगम में आरक्षण प्रक्रिया पूरी
प्रदेश के 14 नगर निगम में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
इस बार रायपुर नगर निगम में सामान्य वर्ग की महिला महापौर का चुनाव लड़ेगी।
रायपुर के अलावा कोरबा और बीरगांव भी अनारक्षित महिला सीट हो गई है।
1.रायपुर- सामान्य महिला
2.बीरगांव-सामान्य महिला
3.दुर्ग- ओबीसी महिला
4.भिलाई-OBC
5.भिलाई चरौदा-OBC
6.बिलासपुर-OBC
7.कोरबा-सामान्य महिला
8.धमतरी-समान्य
9.रायगढ़ – SC
10.अम्बिकापुर ST
11.रिसाली-SC महिला
12.चिरमिरी- सामान्य
13.जगदलपुर-सामान्य
14. राजनांदगांव -सामान्य
आरक्षण प्रकिया को लेकर भाजपा-कांग्रेस ने उठाए सवाल
2 बार रायपुर नगर निगम अनारक्षित होने के कारण। इस बार आरक्षित करने की मांग की जा रही है। प्रफुल्ल विश्वकर्मा के मुताबिक सभी नगर निगम में आरक्षण नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
आरक्षण प्रकिया को लेकर भाजपा-कांग्रेस ने उठाए सवाल
2 बार रायपुर नगर निगम अनारक्षित होने के कारण। इस बार आरक्षित करने की मांग की जा रही है। प्रफुल्ल विश्वकर्मा के मुताबिक सभी नगर निगम में आरक्षण नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
50 फीसदी आरक्षण के हिसाब से तय हुए आरक्षण..
SC के लिए दो सीट हुई है आरक्षित
ST के लिए एक सीट हुई आरक्षित
OBC के लिए चार नगर निगम आरक्षित
सामान्य के लिए 7 सीट
14 नगर निगम में 5 महापौर सीट महिला आरक्षित
SC वर्ग में 1 महिला सीट आरक्षित
OBC में 1 महिला सीट हुई आरक्षित
सामान्य में तीन महिला सीट आरक्षित
- निकाय चुनाव के आरक्षण की प्रक्रिया समझिए
- जिन निकाय में चुनाव नहीं होने हैं उनके लिए भी आरक्षण प्रक्रिया कर ली जाएगी।
- पिछले चुनाव में रिसाली ओबीसी महिला सीट थी, लेकिन अब यह जनसंख्या के आधार पर अनुसूचित जाति में शामिल हो गई है।
- 14 नगर निगम में रिसाली के अलावा रायगढ़ भी अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है।
- वहीं अंबिकापुर अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए जनसंख्या के आधार पर आरक्षित है।
- बाकी, 11 नगर निगमों में 3 कोरबा, राजनांदगांव और धमतरी में अभी ओबीसी वर्ग का महापौर है।
- इस वजह से इन्हें ओबीसी वर्ग के आरक्षण के लिए होने वाली लॉटरी में शामिल नहीं किया जाएगा।
- बाकी 8 नगर निगमों में ओबीसी वर्ग के लिए लॉटरी से 4 सीटें तय की जाएंगी।
- लॉटरी में जिस निगम के नाम की पर्ची निकलेगी, वह ओबीसी सीट होगी। जैसे रायपुर के नाम की पर्ची निकली तो रायपुर निगम OBC के लिए रिजर्व हो जाएगा।
- इसके बाद अनारक्षित और ओबीसी आरक्षित सीटों में से 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए लॉटरी निकाली जाएगी।
- इस तरह 14 निगम में 7 अनारक्षित सीटें हैं, इनमें दो महिलाओं के लिए और 4 ओबीसी, जिसमें एक ओबीसी महिला के लिए रिजर्व रहेगी।
ओबीसी आरक्षित सीटों में से 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए
अनारक्षित और ओबीसी आरक्षित सीटों में से 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए निकाला जाएगा। 11 सीटों में से सात सीटें अनारक्षित के लिए रहेंगी। चार ओबीसी के लिए आरक्षित होंगी। आरक्षण के बाद ओबीसी और बची हुई अनारक्षित सीटों में महिलाओं का आरक्षण होगा। इस तरह 14 निगम में 7 अनारक्षित सीटें हैं, इनमें दो महिलाओं के लिए और 4 ओबीसी, जिसमें एक ओबीसी महिला के लिए आरक्षित रहेगी।

2004 के चुनाव में आरक्षण का रोटेशन शुरू हुआ।
इस रोटेशन के आधार पर 2014 में रोटेशन पूरा हो गया। 2019 से नया रोटेशन शुरू हुआ। इसके अनुसार 2004 में जो-जो सीटें ओबीसी आरक्षित हुईं, वे ही चक्र शुरू होने के कारण दोबारा ओबीसी हुईं।
जैसे 2009 में कोरबा ओबीसी सीट थी, वह 2019 में भी ओबीसी रही। राजनांदगांव भी 2004 के बाद 2019 में ओबीसी आरक्षित हुई। इसी रोटेशन के आधार पर रायपुर को भी 2004 के बाद 2019 में ओबीसी होना था, लेकिन यहां महापौर की सीट को ओबीसी वर्ग ना कर अनारक्षित कर दिया गया।
नगर पंचायतों में आरक्षण
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कोरबा
एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश
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20 hours agoon
February 11, 2026By
Divya Akashकोरबा। गोद में शव…हाथ में सिगरेट…और होंठों पर वही गीत, जो कभी सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था-“तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…”। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने जो बयान दिया, उसने अदालत कक्ष को सन्न कर दिया।
गवाह के मुताबिक, साल 2018 में सलमा सुल्तान की गला घोंटकर हत्या करने के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने शव को बाएं हाथ से गोद में लिया हुआ था। दाएं हाथ से वह सिगरेट के कश ले रहा था और वही गीत गा रहा था। यह वही गाना था, जिसे सलमा बेहद पसंद करती थी।
2018 में हुई सलमा सुल्तान की हत्या की सुनवाई कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह डिंपल को सोमवार को पेश किया। डिंपल ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था।
गवाह ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया कि मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। हालांकि, जब उसने कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश की। इस पर मधुर ने उसे आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाता रहा।
बाद में डिंपल को पता चला कि मधुर साहू के सलमा सुल्ताना सहित कई दूसरी लड़कियों से भी संबंध थे। गवाह ने बताया कि सलमा सुल्ताना और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

क्या है पूरा मामला
25 साल की सलमा सुल्ताना कुसमुंडा के एसईसीएल कॉलोनी में रहती थी। वो धीरे-धीरे न्यूज के फील्ड में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही थी। उसका करियर तो परवान चढ़ ही रहा था, साथ ही जिम ट्रेनर मधुर साहू के साथ उसकी नजदीकियां भी। इसके बाद अचानक 2018 से वो लापता हो गई। यहां तक कि 20 जनवरी 2019 को जब उसके पिता की मौत हुई, तो उसमें भी वो शामिल नहीं हुई।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।
युवती लापता, परिजनों ने जिम ट्रेनर पर जताया संदेह
युवती की स्कूटी स्टेशन पर मिली थी, वहीं उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उससे संपर्क करने की हर कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से खोजबीन की गुहार लगाते हुए जिम संचालक मधुर साहू पर संदेह जताया था, लेकिन पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर देता था।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।
पार्टनर ने खोला हत्याकांड का राज
कई साल तक सलमा का किसी को पता नहीं चला तो मधुर साहू का एक राजदार भी ओवर कॉन्फिडेंस में आ गया था। उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया था। मधुर और उसके पार्टनर का भी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।
लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने के लिए पुलिस के पास पहुंचकर हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक तब एक बैंक से सलमा के नाम से लोन होने और अब तक उसकी किस्त जमा होने का पता चला।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मधुर फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों और परिचितों से बयान लिया। 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस किया, जिसमें अक्टूबर 2018 में शारदा विहार के एक मकान में मधुर साहू और सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा का गला घोंटकर हत्या करने और लाश को अतुल शर्मा की मदद से कोहड़िया पुल के आसपास दफनाने का पता चला।
इसके बाद पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।
साल 2023 में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का सहारा लिया। इसके बाद सड़क को खोदकर सलमा का कंकाल बरामद किया गया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल सलमा का ही था। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी मधुर ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई। आरोपी के पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किया गया है। इसकी जांच में कुछ ऑडियो क्लिप के बारे में पता चला। जिस वाहन का इस्तेमाल लाश को दफनाने में किया गया था, उसे भी जब्त किया जा चुका है।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।
सलमा ने यूनियन बैंक से लिया था लोन
मार्च 2023 में राज्य स्तरीय ऑपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में थाना कुसमुंडा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी की भी बारीकी से जांच की गई। परिजनों का बयान लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना ने लोन लिया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से पुलिस ने जानकारी ली, तो पता चला कि लोन की EMI समय पर भरी जा रही है।
यह पैसा EMI के तौर पर गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर मधुर साहू भर रहा था। पुलिस ने जांच तेज की, तो मधुर साहू फरार हो गया। इसके बाद सलमा के दोस्तों और परिचितों का बयान भी लिया गया। साथ ही उसके 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस भी किया गया।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।
पूछताछ में 2 महिलाओं औ 3 पुरुषों के बयान में विरोधाभाष मिलने पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्याकांड का राज खुल गया। 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू और कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुल्ताना की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला।

कोरबा
आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा
Published
20 hours agoon
February 11, 2026By
Divya Akashकोरबा। कोरबा में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां सावित्री श्रीवास (45) की मौत हो गई। मां सावित्री श्रीवास सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास रहती थी और बताया जा रहा है कि वह पहले से बीमार थी। पुलिस ने मंगलवार शाम को गोविंदा को जेल भेजा था।
बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बस्ती के लोग और वार्ड पार्षद बड़ी संख्या में गोविंदा के घर पहुंचे। उन्होंने अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पैरोल पर रिहा करने और मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की मांग की। इस मांग को लेकर वार्डवासी एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।

आरोपी पैरोल पर हुआ रिहा, मां की अंतिम यात्रा में हुआ शामिल
पुलिस अधीक्षक से गुहार के बाद कोर्ट से अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। वह अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ और मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
इस मामले पर वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब बेची जा रही है और गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट में हुई थी कार्रवाई
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भेजा गया था। परिजनों की पैरोल की मांग पर उसे जेल से लाकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।
सीएसपी ने यह भी बताया कि सीतामणी में कुछ दिनों पहले हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।

कोरबा
कोरबा में सजेगा श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार— धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सान्निध्य में श्री हनुमंत कथा, आयोजक स्वयं बजरंग बली
Published
21 hours agoon
February 11, 2026By
Divya Akashप्रथम दिन की प्रथम आरती सफाई कर्मीयों द्वारा होगी
कोरबा। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक, हनुमान जी के अनन्य भक्त संत धीरेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में कोरबा की पावन धरा पर आयोजित होने जा रही दिव्य श्री हनुमंत कथा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को जश्न रिसॉर्ट में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में इस विराट आध्यात्मिक आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। बैठक में समाजसेवी राणा मुखर्जी ने भावुक स्वर में बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन के आयोजक स्वयं श्री बजरंग बली होंगे, जबकि समाज की सेवा में समर्पित कोरबा के सफाई कर्मी इस महायज्ञ में मुख्य यजमान की भूमिका निभाएंगे— जो सामाजिक समरसता और सेवा-भाव का अद्भुत संदेश देगा।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि 28 मार्च से 1 अप्रैल तक दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके पूर्व 27 मार्च को 21 हजार माताओं-बहनों के साथ भव्य कलश यात्रा निकालने का संकल्प लिया गया है, जिससे पूरे नगर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बनेगा।

इस अवसर पर मंच से मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संभागीय सर संघचालक एवं विद्या भारती (मध्य क्षेत्र) के उपाध्यक्ष जुड़ावन सिंह ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीराम के भक्त हनुमान जी ने भक्ति, सेवा और समर्पण का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वही आज के समाज का मार्गदर्शन है। बजरंग बली के अनन्य भक्त धीरेंद्र शास्त्री अपनी वाणी से भारतवर्ष ही नहीं, बल्कि विश्व को सनातन संस्कृति और राष्ट्रभाव की प्रेरणा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “राम से बड़ा राम का नाम है और हम से बड़ा हमारा संगठन है। हम सब एक ही विचारधारा के यात्री हैं। श्री हनुमंत कथा का उद्देश्य समाज में समरसता, संगठन और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना है।” उन्होंने इस पावन कार्य के लिए सभी को चुने जाने पर ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आयोजन को भव्य बनाने का आह्वान किया।
समाजसेवी सुबोध सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसहभागिता का महायज्ञ है। कोई समय देगा, कोई आर्थिक सहयोग करेगा, कोई अपने अनुभव और श्रम से योगदान देगा— तभी यह आयोजन ऐतिहासिक बनेगा। बैठक में नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, ऋतु चौरसिया, सुबोध सिंह शिव कश्यप, विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष गौरव मोदी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे और अपने सुझाव दिए।


आयोजन की संगठनात्मक रूपरेखा भी घोषित की गई। संयोजक के रूप में अमरजीत सिंह, सचिव डॉ. पवन सिंह तथा कोर टीम में ऋषभ केशरवानी, तपिश, रवि गिडवानी, नवल गुप्ता, ऋषभ शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई। श्रद्धालुओं के लिए “भारत मां की रसोई” को सतत एवं निर्बाध रूप से संचालित रखने की जिम्मेदारी समाजसेवी प्रेम मदान ने ग्रहण की।
नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने भावुक अपील करते हुए कहा कि कोरबा में श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार सजने जा रहा है और वे प्रतिदिन अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन के लिए अनुमानित बजट लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये है। यदि एक लाख धर्मपरायण श्रद्धालु मात्र 280 रुपये का सहयोग दें, तो यह महायज्ञ सहज रूप से सफल हो सकता है। उन्होंने स्वयं जन-जन तक पहुंचकर सहयोग जुटाने का संकल्प लिया।

इस महाआयोजन के प्रमुख समन्वयक अपना घर सेवा आश्रम के अध्यक्ष राणा मुखर्जी ने बताया कि पूरी समय-सारणी तय कर ली गई है और आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए सभी विभागों में जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार एवं कमला नेहरू महाविद्यालय समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा ने सुझाव दिया कि सहयोग के सभी मार्ग खुले रखे जाएं— बड़ी राशि देने वालों से लेकर सामान्य श्रद्धालु तक अपनी सामर्थ्य अनुसार सहयोग कर सकें। इसके लिए डिजिटल माध्यम (क्यूआर कोड) जैसी सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती वैशाली रत्नपारखी ने महिलाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की संपूर्ण जिम्मेदारी संभालने का दायित्व लेते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक के समापन पर यह संकल्प लिया गया कि दिव्य श्री हनुमंत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समरसता और सनातन चेतना का विराट अभियान बनेगी— जिसमें कोरबा का हर श्रद्धालु सहभागी बनेगा और यह आयोजन आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा।


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