रायपुर ,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगम में मेयर, 54 नगर पालिका और 124 नगर पंचायत में अध्यक्ष के आरक्षण की प्रकिया पूरी हो गई। कुल 192 नगरीय निकाय के लिए आरक्षण किया गया है। इस बार 5 नगर निगमों में महिला मेयर चुनीं जाएंगी। रायपुर से सामान्य वर्ग की महिला मेयर चुनाव लड़ेगी। 54 नगर पालिका में 18 सीट महिला के लिए आरक्षित की गई है। इनमें 3 SC, 2 ST, 4 OBC और 9 सीट सामान्य वर्ग की महिला चुनाव लड़ेगी।
वहीं 124 नगर पंचायतों में आरक्षण किया गया है। इनमें 16 SC सीटें (अनुसूचित जाति) आरक्षित हैं। इनमें से 5 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हैं। 20 सीटें ST (अनुसूचित जनजाति) के लिए हैं। इनमें से 7 सीटों से महिला चुनाव लड़ेंगी। वहीं OBC के लिए 26 सीटें आरक्षित हैं। इनमें से 9 सीटों को महिलाओं के लिए रिजर्व किया गया है। 62 सीट सामान्य के लिए रिजर्व रखा गया है। इनमें से 20 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
आरक्षण प्रकिया से खुश होकर नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने कहा है किसी चीज को शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात उसे पूरा करने में जुट जाती है। आरक्षण प्रक्रिया रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में लॉटरी से की गई।
नगर निगम में आरक्षण
नगर पालिका में आरक्षण
192 नगरीय निकायों का आरक्षण
नगर निगम, नगर पालिका और और पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया समाप्त। 14 नगर निगम में मेयर, 54 नगर पालिका और 124 नगर पंचायत में अध्यक्ष के आरक्षण की प्रकिया पूरी। दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संपन्न हुई प्रक्रिया
आरक्षण की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई- कुंदर कुमार
नगरीय निकाय विकास विभाग के संचालक कुंदर कुमार ने कहा कि नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत में आरक्षण की पारदर्शिता के साथ सम्पन्नन हुई है। नगर निगमों में महापौर आरक्षण को लेकर ज्यादा आपत्तियां आई थी। जिन्हें सुलझा लिया गया।
54 नगर पालिका में 18 सीट महिला के लिए आरक्षित
इनमें SC – 3 ST – 2 OBC -4 सामान्य महिला- 9
अनुसूचित जाति
1. अभनपुर
2. मंदिरहसौद
3. बागबाहरा
4. सारंगढ़
5. डोंगरगढ़
6. जांजगीर-नैला (महिला)
7. अकलतरा (महिला)
8. पंडरिया (महिला)
अनुसूचित जनजाति
1. नारायणपुर
2. जशपुरनगर
3. बलरामपुर
4. सुकमा
5. दंतेवाड़ा (महिला)
6. बीजापुर (महिला)
अन्य पिछडा वर्ग
1. दल्लीराजहरा
2. तिल्दा-नेवरा
3. बड़े-बचेली
4. लोरमी
5. कटघोरा
6. बेमेतरा
7. कोण्डागांव
8. कवर्धा
9. अहिवारा
10. मनेन्द्रगढ़ (महिला)
11. गोबरा-नवापारा (महिला)
12. सूरजपुर (महिला)
13. कुम्हारी (महिला) अनारक्षित/ सामान्य
1. शिवपुरचरचा (महिला)
2. तखतपुर (महिला)
3.किरंदुल (महिला)
4. जामुल (महिला)
5. खैरागढ़ (महिला)
6. बोदरी (महिला)
7. बालोद (महिला)
8. सरायपाली (महिला)
9. बांकी मोंगरा (महिला)
10. सक्ती
11. खरसिया
12. कांकेर
13. चांपा
14. रतनपुर
15. भाटापारा
16. बालौदाबाजार
17. मुंगेली
18. गरियाबंद
19. आरंग
20. महासमुंद
21. गौरेला
22. पेण्ड्रा
23. दीपका
24. सिमगा
25. अमलेश्वर
26. बैकुण्ठपुर
27. रामानुजगंज
14 नगर निगम में आरक्षण प्रक्रिया पूरी
प्रदेश के 14 नगर निगम में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
इस बार रायपुर नगर निगम में सामान्य वर्ग की महिला महापौर का चुनाव लड़ेगी।
रायपुर के अलावा कोरबा और बीरगांव भी अनारक्षित महिला सीट हो गई है।
1.रायपुर- सामान्य महिला
2.बीरगांव-सामान्य महिला
3.दुर्ग- ओबीसी महिला
4.भिलाई-OBC
5.भिलाई चरौदा-OBC
6.बिलासपुर-OBC
7.कोरबा-सामान्य महिला
8.धमतरी-समान्य
9.रायगढ़ – SC
10.अम्बिकापुर ST
11.रिसाली-SC महिला
12.चिरमिरी- सामान्य
13.जगदलपुर-सामान्य
14. राजनांदगांव -सामान्य
आरक्षण प्रकिया को लेकर भाजपा-कांग्रेस ने उठाए सवाल
2 बार रायपुर नगर निगम अनारक्षित होने के कारण। इस बार आरक्षित करने की मांग की जा रही है। प्रफुल्ल विश्वकर्मा के मुताबिक सभी नगर निगम में आरक्षण नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
आरक्षण प्रकिया को लेकर भाजपा-कांग्रेस ने उठाए सवाल
2 बार रायपुर नगर निगम अनारक्षित होने के कारण। इस बार आरक्षित करने की मांग की जा रही है। प्रफुल्ल विश्वकर्मा के मुताबिक सभी नगर निगम में आरक्षण नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
50 फीसदी आरक्षण के हिसाब से तय हुए आरक्षण..
SC के लिए दो सीट हुई है आरक्षित
ST के लिए एक सीट हुई आरक्षित
OBC के लिए चार नगर निगम आरक्षित
सामान्य के लिए 7 सीट
14 नगर निगम में 5 महापौर सीट महिला आरक्षित
SC वर्ग में 1 महिला सीट आरक्षित
OBC में 1 महिला सीट हुई आरक्षित
सामान्य में तीन महिला सीट आरक्षित
निकाय चुनाव के आरक्षण की प्रक्रिया समझिए
जिन निकाय में चुनाव नहीं होने हैं उनके लिए भी आरक्षण प्रक्रिया कर ली जाएगी।
पिछले चुनाव में रिसाली ओबीसी महिला सीट थी, लेकिन अब यह जनसंख्या के आधार पर अनुसूचित जाति में शामिल हो गई है।
14 नगर निगम में रिसाली के अलावा रायगढ़ भी अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है।
वहीं अंबिकापुर अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए जनसंख्या के आधार पर आरक्षित है।
बाकी, 11 नगर निगमों में 3 कोरबा, राजनांदगांव और धमतरी में अभी ओबीसी वर्ग का महापौर है।
इस वजह से इन्हें ओबीसी वर्ग के आरक्षण के लिए होने वाली लॉटरी में शामिल नहीं किया जाएगा।
बाकी 8 नगर निगमों में ओबीसी वर्ग के लिए लॉटरी से 4 सीटें तय की जाएंगी।
लॉटरी में जिस निगम के नाम की पर्ची निकलेगी, वह ओबीसी सीट होगी। जैसे रायपुर के नाम की पर्ची निकली तो रायपुर निगम OBC के लिए रिजर्व हो जाएगा।
इसके बाद अनारक्षित और ओबीसी आरक्षित सीटों में से 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए लॉटरी निकाली जाएगी।
इस तरह 14 निगम में 7 अनारक्षित सीटें हैं, इनमें दो महिलाओं के लिए और 4 ओबीसी, जिसमें एक ओबीसी महिला के लिए रिजर्व रहेगी।
ओबीसी आरक्षित सीटों में से 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए
अनारक्षित और ओबीसी आरक्षित सीटों में से 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए निकाला जाएगा। 11 सीटों में से सात सीटें अनारक्षित के लिए रहेंगी। चार ओबीसी के लिए आरक्षित होंगी। आरक्षण के बाद ओबीसी और बची हुई अनारक्षित सीटों में महिलाओं का आरक्षण होगा। इस तरह 14 निगम में 7 अनारक्षित सीटें हैं, इनमें दो महिलाओं के लिए और 4 ओबीसी, जिसमें एक ओबीसी महिला के लिए आरक्षित रहेगी।
2004 के चुनाव में आरक्षण का रोटेशन शुरू हुआ।
इस रोटेशन के आधार पर 2014 में रोटेशन पूरा हो गया। 2019 से नया रोटेशन शुरू हुआ। इसके अनुसार 2004 में जो-जो सीटें ओबीसी आरक्षित हुईं, वे ही चक्र शुरू होने के कारण दोबारा ओबीसी हुईं।
जैसे 2009 में कोरबा ओबीसी सीट थी, वह 2019 में भी ओबीसी रही। राजनांदगांव भी 2004 के बाद 2019 में ओबीसी आरक्षित हुई। इसी रोटेशन के आधार पर रायपुर को भी 2004 के बाद 2019 में ओबीसी होना था, लेकिन यहां महापौर की सीट को ओबीसी वर्ग ना कर अनारक्षित कर दिया गया।
कोरबा। कोरबा जिले के बरमपुर गांव में गुरुवार देर रात एक घर में कोबरा घुस गया। करीब 5 फीट लंबा कोबरा कच्चे मकान के छज्जे पर लटका फुंकार रहा था। सांप को देखकर घर में मौजूद महिलाएं और बच्चे डर गए और बाहर भाग गए। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
घटना रात करीब 11 बजे की है। प्रकाश यादव का परिवार सोने की तैयारी कर रहा था, तभी कमरे के छज्जे से सरसराहट की आवाज सुनाई दी। टॉर्च की रोशनी में देखने पर करीब 5 फीट लंबा कोबरा छज्जे से लटका दिखाई दिया और फुंकार मार रहा था।
मकान कच्चा और खपरैल का होने के कारण कोबरा आसानी से अंदर घुस आया। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर मानस यादव और उमेश यादव की टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि कोबरा छज्जे की दरार में छिपा हुआ था, जिससे रेस्क्यू करना चुनौतीपूर्ण हो गया।
17 फीट ऊंचाई पर चढ़कर किया रेस्क्यू
रेस्क्यू टीम को करीब 17 फीट की ऊंचाई पर चढ़कर जोखिम उठाना पड़ा। सांप तक पहुंचने के लिए घर के एक हिस्से को हल्का तोड़ना भी पड़ा। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया।
जंगल में छोड़ा गया कोबरा
रेस्क्यू के बाद वन विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
बरसात में बढ़ जाती हैं ऐसी घटनाएं
स्नेक कैचर उमेश यादव ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों की छत, स्टोर रूम, अनाज रखने की जगह और छज्जों में पहुंच जाते हैं।
लोगों से की अपील
स्नेक कैचर ने लोगों से अपील की कि घर में सांप दिखने पर घबराएं नहीं। उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में किराए के मकान में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने अपने पिता को फोन कर पूछा, “मां मुझसे नाराज क्यों है?” इसके बाद वह फूट-फूटकर रोने लगा। कुछ देर बाद उसने कॉल काट दी।
शुक्रवार सुबह जब उसके माता-पिता किराए के कमरे पर पहुंचे, तो युवक फांसी के फंदे पर लटका मिला। फिलहाल आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। यह मामला सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र का है।
पंखे से लटकर युवक से आत्महत्या कर ली।
सेलून में करता था काम
जानकारी के मुताबिक युवक का नाम रोहन उर्फ अमन श्रीवास (24) है, जो ट्रेंड्ज़ स्टूडियो सैलून में काम करता था। रोहन टीपी नगर में किराए के मकान में रहता था। मूल रूप से वह बरपाली का रहने वाला था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन भी है।
देर रात पिता को किया था फोन
रिश्तेदारों ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे रोहन की पिता से सामान्य बातचीत हुई थी। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे उसने फिर कॉल किया। कॉल पर वह रो रहा था और बार-बार पूछ रहा था, “मां मुझसे नाराज क्यों है?” इसके बाद उसने फोन काट दिया।
सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला
शुक्रवार सुबह जब रिश्तेदारों ने कई बार फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। अनहोनी की आशंका पर माता-पिता तुरंत उसके कमरे पहुंचे। दरवाजा खोलने पर रोहन का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। इसके बाद फौरन पुलिस को सूचना दी गई।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
सूचना मिलते ही सीएसईबी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।
माता-पिता और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
जांच के बाद सामने आएगी वजह
सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा। पुलिस रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
कोरबा। कोरबा सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रामपुर स्थित सिंचाई कॉलोनी में चोरों ने सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर घर से सोना-चांदी के गहने, नगदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित भारत लाल साहू, जो सिंचाई विभाग में कर्मचारी हैं, सिंचाई कॉलोनी के क्वार्टर नंबर एचपीटी A2/25 में रहते हैं। वह किसी काम से घर से बाहर गए थे और मकान में ताला लगा था। इसी दौरान चोरों ने मुख्य गेट का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया।
पुलिस सीसीटीवी और फिंगरप्रिंट के आधार पर कर रही जांच
अलमारी तोड़कर ले गए गहने और नकदी
शुक्रवार (24 जुलाई ) सुबह घटना की जानकारी मिलने पर भारत लाल साहू घर पहुंचे तो मुख्य गेट का ताला टूटा मिला। घर के अंदर अलमारी भी तोड़ी गई थी और सामान बिखरा पड़ा था। चोर अलमारी में रखे सोने-चांदी के गहने, करीब 30 से 35 हजार रुपये नकद और अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। पीड़ित के अनुसार कुल नुकसान करीब 2 से 2.5 लाख रुपये का हुआ है।
सोना-चांदी और नकदी लेकर फरार हुए चोर
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी आस्था शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद से भी साक्ष्य जुटाए गए हैं।
बढ़ती चोरी की घटनाओं से लोग चिंतित
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरबा जिले में हाल के दिनों में चोरी और लूट की घटनाएं बढ़ी हैं। सूने मकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। पीड़ित ने पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गया सामान बरामद करने की मांग की है। पुलिस अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।