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बजट सत्र:भाजपा ने सोनिया गांधी-पप्पू यादव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया; दोनों ने राष्ट्रपति पर विवादित कमेंट किया था
नई दिल्ली , एजेंसी। भाजपा सांसदों ने सोमवार को कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी और लोकसभा के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति मुर्मू पर किए सोनिया और पप्पू यादव के कमेंट पर नोटिस दिया गया है।
भाजपा के नोटिस में लिखा गया- सोनिया गांधी-पप्पू यादव ने सर्वोच्च पद की गरिमा को कम करने के इरादे से भारत के राष्ट्रपति के खिलाफ अपमानजनक और निंदनीय शब्दों का उपयोग किया है। इसलिए संसदीय विशेषाधिकार, नैतिकता और मर्यादा के उल्लंघन का नोटिस पेश किया।
दरअसल, 31 जनवरी को बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर ने दोनों सदनों को संबोधित किया था। उनके अभिभाषण पर सोनिया गांधी ने द्रौपदी मुर्मू के लिए ‘बेचारी’ शब्द इस्तेमाल किया था।
सोनिया ने कहा था कि अंत तक राष्ट्रपति बहुत थक गईं थीं। बह बेचारी मुश्किल से बोल पा रही थीं। पप्पू यादव ने टिप्पणी में कहा था कि राष्ट्रपति रबर स्टैंप की तरह हैं। वे बस लव लेटर पढ़ती रहती हैं। वहीं, राहुल गांधी ने भी राष्ट्रपति के भाषण को बोरिंग बताया था।

नोटिस में लिखा है- हम यह नोटिस संसद सदस्य सोनिया गांधी के राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के खिलाफ की गई कुछ असंसदीय, अपमानजनक और अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर लिख रहे हैं। इनमें हम बहुत निराश हैं। इसमें जो भी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो हम उसकी मांग करते हैं। यह कहना गलत नहीं है कि माननीय राष्ट्रपति के खिलाफ सोनिया गांधी की टिप्पणियों को किसी भी तरह से संसदीय विशेषाधिकारों का लाभ नहीं मिल सकता है।
रिजिजू बोले- पीएम देश में OBC का बड़ा चेहरा, मैं भी ST हूं
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बोले- पिछले 2-3 सालों में राहुल गांधी SC, ST, OBC की बात करते रहे हैं। प्रधानमंत्री देश में सबसे बड़ा OBC चेहरा हैं। क्या उन्हें यह नहीं दिखता? देश का पीएम OBC है। वह दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। क्या उन्हें यह नहीं दिखता? क्या राहुल गांधी अंधे हैं?
रिजिजू ने कहा- मैं ST हूं। मैं देश के संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर काम कर रहा हूं। राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कानून मंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं, वह SC हैं। क्या उन्हें यह नहीं दिखता? क्या कांग्रेस पार्टी ने कभी किसी आदिवासी या दलित को देश का कानून मंत्री बनाया? क्या कांग्रेस ने किसी OBC को प्रधानमंत्री बनाया? मुझे लगता है कि राहुल गांधी को पता नहीं है कि वह क्या कहते हैं।
राहुल बोले-मेक इन इंडिया अच्छा आइडिया पर फेल

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने की। राहुल ने कहा कि बेरोजगारी समस्या का समाधान न तो कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार कर पाई, और न ही नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA की सरकार।
राहुल ने कहा- मैंने राष्ट्रपति का भाषण सुना। वह पिछले कई सालों से यही बातें दोहरा रही हैं। हमने ये किया, हमने ये किया हमने वो किया। मैं संसद में बैठकर उन्हें सुन रहा था, मैं सिर्फ उसके खिलाफ जो उन्होंने बोला। आज मैं वो बताऊंगा, कि उनका क्या संबोधन हो सकता था।
राहुल ने कहा- देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है। इसलिए जो कुछ होना चाहिए उनके लिए होना चाहिए। केंद्र सरकार मेक इन इंडिया लेकर आई, ये अच्छा आइडिया है, लेकिन ये आखिर में फेल साबित हुआ।
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सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की भारत को धमकी:रक्षामंत्री बोले- जिस पल पानी पर खतरा लगा, हम जंग शुरू कर देंगे
इस्लामाबाद, एजेंसी। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सिंधु जल संधि स्थगित रहने को लेकर भारत को धमकी दी है। पाकिस्तानी चैनल ARY न्यूज से बातचीत में आसिफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान को लगा कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी के प्रवाह में दखल दे रहा है और रणनीतिक हथियार के तौर पर इसका इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले एक साल में इस मामले में क्या नए घटनाक्रम हुए हैं, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है।

अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी।
गंभीर जल संकट का सामना कर रहा पाकिस्तान
रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान इस समय गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। खासकर सिंध और बलूचिस्तान में पानी की कमी लगातार बढ़ रही है। सिंध के सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक-
- नॉर्थ वेस्ट कैनाल में 64.1% पानी की कमी है।
- राइस कैनाल में 38% की कमी दर्ज की गई है।
- दादू कैनाल में 82% तक पानी की कमी है।
पाकिस्तान की सिंचाई व्यवस्था के अहम हिस्से सुक्कुर बैराज को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। पानी का स्तर लगातार घटने से कृषि और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
भारत-पाकिस्तान के बीच का सिंधु जल समझौता क्या है?
सिंधु नदी प्रणाली में कुल 6 नदियां हैं- सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। इनके किनारे का इलाका करीब 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसमें 47% जमीन पाकिस्तान, 39% जमीन भारत, 8% जमीन चीन और 6% जमीन अफगानिस्तान में है। इन सभी देशों के करीब 30 करोड़ लोग इन इलाकों में रहते हैं।
1947 में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के पहले से ही भारत के पंजाब और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच नदियों के पानी के बंटवारे का झगड़ा शुरू हो गया था। 1947 में भारत और पाक के इंजीनियरों के बीच ‘स्टैंडस्टिल समझौता’ हुआ। इसके तहत दो मुख्य नहरों से पाकिस्तान को पानी मिलता रहा। ये समझौता 31 मार्च 1948 तक चला।
1 अप्रैल 1948 को जब समझौता लागू नहीं रहा तो भारत ने दोनों नहरों का पानी रोक दिया। इससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की 17 लाख एकड़ जमीन पर खेती बर्बाद हो गई। दोबारा हुए समझौते में भारत पानी देने को राजी हो गया।
इसके बाद 1951 से लेकर 1960 तक वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में भारत पाकिस्तान में पानी के बंटवारे को लेकर बातचीत चली और आखिरकार 19 सितंबर 1960 को कराची में भारत के PM नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच दस्तखत हुए। इसे इंडस वाटर ट्रीटी या सिंधु जल संधि कहा जाता है।
सिंधु जल समझौता स्थगित करने का पाकिस्तान पर असर
पाकिस्तान में खेती की 90% जमीन यानी 4.7 करोड़ एकड़ एरिया में सिंचाई के लिए पानी सिंधु नदी प्रणाली से मिलता है। पाकिस्तान की नेशनल इनकम में एग्रीकल्चर सेक्टर की हिस्सेदारी 23% है और इससे 68% ग्रामीण पाकिस्तानियों की जीविका चलती है। ऐसे में पाकिस्तान में आम लोगों के साथ-साथ वहां की बेहाल अर्थव्यवस्था और बदतर होने लगी है।
पाकिस्तान के मंगल और तारबेला हाइड्रोपावर डैम को पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे पाकिस्तान के बिजली उत्पादन में 30% से 50% तक की कमी आ सकती है। साथ ही औद्योगिक उत्पादन और रोजगार पर असर पड़ेगा।
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गॉडजिला अल नीनो से भारत में सूखे का खतरा बढ़ा:NASA ने जारी की तस्वीर, समुद्र में बढ़ रही गर्मी से मानसून कमजोर हुआ
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत समेत दक्षिण एशिया के कई देशों में सूखे और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इसकी वजह अल नीनो की मजबूत स्थिति है। नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) के मुताबिक पश्चिमी प्रशांत महासागर में 1997 के बाद ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं।

29 साल पहले इतिहास का सबसे शक्तिशाली अल नीनो बना था, जिसे सुपर या गॉडजिला अल नीनो कहा गया। जून 2026 में वैसी ही स्थिति बनती दिख रही है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह पिछले कुछ दशकों का सबसे प्रभावशाली अल नीनो हो सकता है। नासा के सैटेलाइट ने समुद्र में जमा हो रही भारी मात्रा में गर्मी की फोटो और आंकड़े जारी किए हैं।
1997-98 के अल नीनो के कारण दुनिया के कई हिस्सों में भीषण बाढ़, सूखा, फसलों को भारी नुकसान और रिकॉर्ड स्तर की गर्मी दर्ज की गई थी। मौजूदा अल नीनो भी उसी दिशा में बढ़ सकता है।
समुद्र में गर्म पानी जमा हो रहा
नासा के सेंटिनल-6 माइकल फ्रीलिच सैटेलाइट से मिले आंकड़ों के मुताबिक भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के बड़े हिस्से में समुद्र का जलस्तर सामान्य से ज्यादा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक-
- यह संकेत देता है कि समुद्र की सतह के नीचे बड़ी मात्रा में गर्म पानी जमा हो रहा है। जब समुद्र का पानी गर्म होता है तो वह फैलने लगता है। इससे जलस्तर बढ़ जाता है।
- समुद्र की सतह के नीचे जमा गर्मी दुनिया के मौसम को प्रभावित करती है। गर्म पानी का भंडार बड़ा और गहरा हो जाए, तो इसका वैश्विक असर होता है। इससे कई देशों में मौसम का संतुलन बिगड़ सकता है।
- समुद्र के भीतर ‘केल्विन वेव्स’ नाम की विशाल जल-तरंगें गर्मी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा रही हैं। जब प्रशांत महासागर की व्यापारिक हवाएं कमजोर पड़ती हैं, तब इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के पास जमा गर्म पानी पूर्व की ओर दक्षिण अमेरिका के तटों की तरफ बढ़ने लगता है।
- इस कारण समुद्र की गहराई से ऊपर आने वाला ठंडा पानी कम हो जाता है और समुद्र का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। यही स्थिति अल नीनो की पहचान मानी जाती है।
दुनियाभर में सूखे-बाढ़ की आशंका
वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्वी प्रशांत महासागर अभी 1997 जितना गर्म नहीं हुआ है, लेकिन नई केल्विन वेव्स लगातार उस क्षेत्र की ओर बढ़ रही हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि अल नीनो आने वाले महीनों में और मजबूत हो सकता है।
इतिहास बताता है कि अल नीनो के दौरान दुनिया के कई हिस्सों में अत्यधिक बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और एशिया के कुछ क्षेत्रों में सूखे की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा भीषण गर्मी, फसल उत्पादन में कमी और मौसम संबंधी आपदाओं की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।
NOAA ने 11 जून को अल नीनो की घोषणा की थी
अमेरिका की राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) ने 11 जून को अल नीनो की स्थिति घोषित कर दी थी। यह घोषणा मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में लगातार कई महीनों तक सामान्य से अधिक तापमान दर्ज होने के बाद की गई।
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अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर प्रतिबंध हटाया:अगले 60 दिन भारत भी खरीद सकता है, ईरान में फिर तैनात होंगे UN के न्यूक्लियर इंस्पेक्टर
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका ने ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बिक्री पर लगी पाबंदियों में 60 दिन की ढील दे दी है। यह फैसला स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरानी मूल के कच्चे तेल, पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन, डिलीवरी और बिक्री के लिए अस्थायी सामान्य लाइसेंस जारी किया है। यह छूट 21 अगस्त तक लागू रहेगी। इससे भारत समेत कई देश फिर से ईरानी तेल खरीद सकेंगे।

वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के दौरान ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में बिना रोक-टोक आवाजाही बनाए रखने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही ईरान UN की परमाणु एजेंसी IAEA के इंस्पेक्टर्स को दोबारा देश में काम करने की मंजूरी देने पर भी सहमति जताई है।
इस बीच स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत दूसरे दिन भी जारी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिका की कोशिश ईरान के साथ स्थायी समझौते तक पहुंचने की है और अब तक की बातचीत में अच्छी तरह आगे बढ़ी है।
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