कोरबा
कुदमुरा समाधान शिविर में प्राप्त शत प्रतिशत आवेदनों का किया गया निराकरण
कोरबा । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत आज स्वामी आत्मानंद हाई स्कूल भवन कुदमुरा में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सीईओ जनपद पंचायत कोरबा श्रीमती कौशाम्बी गबेल द्वारा सुशासन तिहार के सभी चरणों की जानकारी देते हुए कुदमुरा कलस्टर में प्राप्त आवेदन और इसके निराकरण का विवरण दिया गया। उन्होंने बताया गया कि कलस्टर में प्राप्त कुल 3656 आवेदन में 3656 आवेदनों का निराकरण कर लिया गया है।

समाधान शिविर में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्राप्त आवेदनों के निराकरण एवं अपने विभाग में संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसी कड़ी में विद्युत विभाग अधिकारी द्वारा बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की विद्युत समस्या होने पर ट्रोल फ्री नम्बर 1912 में कॉल कर अपनी समस्या का निराकरण करा सकते हैं। कुदमुरा में विद्युत सब स्टेशन की मांग की गई थी, जिसे योजना में सम्मिलित कर लिया गया है। जो कि टेन्डर की प्रक्रिया में है ।
जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने व सभी ग्रामीणजनों को सभी विभागों की जानकारी प्राप्त कर योजनाओं का लाभ उठाने कहा गया। अध्यक्ष जनपद पंचायत कोरबा श्रीमती बिजमोती राठिया द्वारा ग्रामीणजनों ने जो भी आवेदन दिये हैं उसका शतप्रतिशत निराकरण करने की बात कही गई।
शिविर में ग्राम पंचायत तौलीपाली को स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मुक्त ग्राम पंचायत का प्रमाण पत्र जारी किया गया। साथ ही मनरेगा कार्ड 04, राशनकार्ड 13, पेंशन 90, आवास स्वीकृति 05, मृत्यु प्रमाण पत्र 01, आदिम जाति सहकारी मर्यादित समिति कुदमुरा के द्वारा केसीसी हेतु चेक, तहसीह भैसमा द्वारा ऋण पुस्तिका, वन अधिकार पत्रक एवं कृषि विभाग द्वारा पावर बिडर मशीन, हितग्राहियों को उक्त योजनाओं से लाभान्वित किया गया ।
शिविर में बृजमोहन राठिया मण्डल अध्यक्ष, जनपद सदस्य जयानन्द राठिया, श्रीमती गंगोत्री कंवर क्षेत्र, श्रीमती फलमती राठिया, कुदमुरा कलस्टर में सम्मिलित 08 ग्राम पंचायत, बरपाली, चचिया, जिलगा, कटकोना, कुदमुरा, मदनपुर, पसरखेत, तौलीपाली के समस्त सरपंच, उपसरंपच एवं पंच, शिविर नोडल अधिकारी सरोज महिलांगे, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोरबा, सहायक नोडल श्रीमती कौशाम्बी गबेल जनपद कोरबा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
कुदमुरा में निकाली गई तिरंगा यात्रा

जम्मूकश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ ऑपरेशन सिन्दुर चलाया गया। जिसके तहत् “हम सेना के साथ है”, “ऑपरेशन सिन्दुर के साथ राष्ट्र“, “भारत माता की जय“, “वन्दे मातरम”, “जय हिन्द“ इस कथन के साथ ग्राम पंचायत कुदमुरा के शिविर स्थल से तिरंगा यात्रा निकाला गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी -कर्मचारी, एवं ग्रामीणजनों ने राष्ट्र के प्रति अपनी प्रेम, निष्ठा व्यक्त करते हुए देश की एकता व अखंडता का संदेश दिया।
कोरबा
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई
आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही
कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है। नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।
कोरबा
मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित
मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,
प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना
कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।
कोरबा
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को
कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।
-
Uncategorized9 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
