कोरबा
पुनर्वास स्थल तैयार होने के बाद करें विस्थापन का कार्यः कलेक्टर
बसाहट स्थल पर बुनियादी सुविधाओं के साथ अन्य खेल मैदान, पार्क, जिम आदि के संबंध में दिए निर्देश
एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र द्वारा अधिग्रहित ग्राम चंद्रनगर (जटराज) का कलेक्टर ने किया अवलोकन
कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत ने एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र द्वारा अधिग्रहित ग्राम चंद्रनगर (जटराज ) में एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र द्वारा पुनर्वास के लिए तैयार किए जा रहे पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना स्थल का मुआयना किया। इस दौरान कलेक्टर ने अभी तक किये जा चुके कार्यों के बारे मे अधिकारियों से अद्यतन जानकारी ली। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जब तक ग्राम चंद्रनगर (जटराज) के बसाहट के लिए पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना स्थल तैयार नहीं हो जाता है, तब तक विस्थापन के कार्य की शुरुआत नहीं की जाए। उन्होंने परिसंपत्ति का मापन का कार्य को जारी रखने के निर्देश दिए। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रोहित सिंह, कटघोरा एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधक, कुसमुंडा क्षेत्र की उपस्थिति भी उपस्थित थे।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री वसंत ने यह भी निर्देश दिए कि पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना स्थल पर योजना के अनुसार बनाए जा रहे प्लॉट तथा किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त सात मीटर के दो शाखा मार्ग अतिरिक्त बनाई जाए। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी को निर्देश दिया कि छत्तीसगढ़ शासन के विद्युत विभाग से बिजली की अग्रिम तथा बेहतर व्यवस्था की जाए तथा नगर निगम से सीवरेज उपचार संयंत्र की स्थापना के लिए चर्चा की जाए। उन्होंने लोक प्रयोजन के लिए बनाए जा रहे सामुदायिक भवनो के स्थल का निरीक्षण किया तथा आँगनबाड़ी स्थल के पास पार्क तथा विद्यालय के लिए खेल मैदान के निर्माण के लिए निर्देश दिए।
कलेक्टर ने एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के महाप्रबंधक से चर्चा करते हुए निर्देशित किया कि बसाहट के दौरान जो भी सुविधांए मुहैया कराई जा रही है, उसके अलावा और क्या बेहतर व्यवस्था की जा सकती है, इस दिशा में भी प्लानिंग किया जाएं। उन्होंने अच्छे वास्तुकार से प्लान बनाकर उस पर अमल करने, साथ ही सुबह के सैर के लिए स्थान निर्धारित कर ओपन जिम तथा पार्क निर्माण के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने ग्रामवासियों तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के साथ प्रबंधन के मध्य त्रिपक्षीय वार्ता करने बल दिया ताकि कार्यों को सुचारु रूप से गति प्रदान किया जा सके।

कोरबा
क्षतिग्रस्त और अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में आवाजाही होगी बाधित, ग्रामीणों को घूमकर जाना पड़ेगा
कोरबा। क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में फिर से आवाजाही बाधित होगी। इससे उपनगर बांकीमोंगरा, हरदीबाजार, चैतमा के ग्रामीणों को वैकल्पिक सड़क से घूमकर जाना पड़ेगा। बारिश में संपर्क टूटने पर स्कूली छात्रों, कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो सड़क मार्ग से रोज आवाजाही करनी पड़ती है। हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा, निरतु की ओर आवाजाही के लिए लीलागर नदी पर बनी पुरानी पुलिया की ऊंचाई कम है। 24 घंटे से भी कम बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहता है। इससे गांवों को संपर्क टूटने पर सबसे अधिक परेशानी नेवसा समेत आसपास गांवों के स्कूली छात्रों को होती है, जो हरदीबाजार व दीपका के स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। यह सड़क हरदीबाजार को बलौदा सीपत व मस्तूरी से भी जोड़ती है, इस कारण यात्री बसें भी मार्ग से गुजरती है।

हरदीबाजार से नेवसा की दूरी लीलागर नदी का पुलिया पारकर 2 किलोमीटर है। वहीं रतिजा की ओर से बायपास सड़क से आवाजाही पर 5 किलोमीटर दूरी पड़ेगी। पुलिया की कम ऊंचाई के मद्देनजर नया पुल का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड अब तक नहीं बनाया है। सड़क पर मिट्टी पड़ी है। नौतपा की विदाई से मानसून भी अब करीब है। आने वाले दिनों प्री-मानसून बारिश की संभावना है। एप्रोच रोड को पुल के लेवल के हिसाब से निर्माण नहीं कराने पर वाहनों से आवाजाही मुश्किल होगी। पिछले साल बारिश में पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के + लीलागर नदी पर निर्मित पुल का अधूरा एप्रोच रोड।
कोरबा
लो वोल्टेज और कटौती पर ग्रामीणों का हल्लाबोल
कोरबा/पाली। 5 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर ग्रामीणों ने पाली सब स्टेशन कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे धरना देने के बाद पुलिस शासन की मौजूदगी में सब स्टेशन के बिजली अफसरों के साथ परिसर में ही वार्ता हुई। इसके बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हुआ। सब स्टेशन कार्यालय के निकट से ग्रामीणों ने रैली की शक्ल में बिजली दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गांवों में बिजली कटौती व लो वोल्टेज का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अनाफ-शनाफ बिजली बिल भेजा रहा है। खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सिल्ली, परसदा, शिवपुर, निरधी, पोलमी पंचायत के गांवों के हजारों उपभोक्ता लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं। कई बार मौखिक व लिखित शिकायत के बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। दफ्तर परिसर में ग्रामीणों के साथ बिजली अधिकारियों की वार्ता हुई। उनकी बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो चक्काजाम आंदोलन करने मजबूर होंगे।
कोरबा
कोरबा निगम सभापति जमीन पर बैठे:मूर्तिकला लोकार्पण कार्यक्रम में अव्यवस्था पर प्रभारी सचिव को नोटिस
कोरबा। कोरबा नगर पालिक निगम में विकास कार्यों के लोकार्पण के बीच निगम के भीतर अव्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। विरोध स्वरूप निगम सभापति ने अपने सभा कक्ष में कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठकर काम किया। मामले के बाद निगम आयुक्त ने प्रभारी सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।

पूरा मामला बिहारी लाल बहादुर शास्त्री चौक स्थित मूर्तिकला के लोकार्पण कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आवास-सार्वजनिक उपक्रम मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। आयोजन के दौरान कई जनप्रतिनिधियों को सूचना और आमंत्रण नहीं मिलने की शिकायतें सामने आईं।
महापौर, सभापति समेत कई वरिष्ठ पार्षदों को भी कथित तौर पर उचित तवज्जो नहीं मिलने से निगम के भीतर असंतोष बढ़ गया। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक समन्वय को लेकर लंबे समय से नाराजगी थी। आयोजन में प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से सभापति खासे नाराज थे।

विरोध के लिए अपनाया अनोखा तरीका
इसी नाराजगी के चलते सोमवार को सभापति ने अपने सभा कक्ष में कुर्सी पर बैठने से इनकार कर दिया। उन्होंने जमीन पर बैठकर ही निगम का कामकाज निपटाया। इसकी तस्वीर सामने आने के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे।
प्रभारी सचिव को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
मामले ने तूल पकड़ा तो निगम प्रशासन हरकत में आया। निगम आयुक्त ने प्रभारी सचिव गणेश्वर सिंह कंवर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में कार्यक्रम के दौरान लापरवाही और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने को गंभीर माना गया है।
तीन दिन में मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी
प्रभारी सचिव से तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निगम में चर्चाओं का दौर तेज
घटनाक्रम के बाद निगम के गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सभापति ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान आवश्यक है और प्रोटोकॉल का पालन नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

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