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सत्यपाल मलिक अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर:बोले- जिस करप्शन की जानकारी मैंने पीएम को दी, उसी में मुझे फंसाया जा रहा

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नई दिल्ली,एजेंसी। जम्मू-कश्मीर के किरू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में चार्जशीट दाखिल होने के 15 दिन बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व गर्वनर सत्यपाल मलिक ने चुप्पी तोड़ी।

मलिक 11 मई से दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने शनिवार को X पर पोस्ट के जरिए भ्रष्टाचार के आरोपों का खंडन किया। कहा ‘मैं पिछले लगभग एक महीने से अस्पताल में भर्ती हूं और किड़नी की समस्या से जूझ रहा हूं।’

उन्होंने बताया, ‘परसों सुबह से मैं ठीक था लेकिन आज फिर से मुझे ICU में शिफ्ट करना पड़ा। मेरी हालत बहुत गंभीर होती जा रही है। मैं रहूं या ना रहूं इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं। अगर आज मेरे पास दौलत होती तो मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाता। जिस मामले में मुझे फंसाना चाहते हैं, उस टेंडर को मैंने खुद निरस्त किया था, मैंने खुद प्रधानमंत्री को बताया था।’

सत्यपाल मलिक 11 मई से दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं।

सत्यपाल मलिक 11 मई से दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं।

CBI ने 22 मई को सत्यपाल मलिक समेत 5 लोगों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर के किरू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें करीब 2,200 करोड़ रुपए के सिविल वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट में गड़बड़ी का आरोप है।

CBI ने इसी मामले को लेकर 22 फरवरी 2024 को सत्यपाल मलिक के ठिकाने पर छापा मारा था। साथ ही दिल्ली में 29 अन्य ठिकानों पर भी रेड की

सत्यपाल ने कहा- ₹150 करोड़ रिश्वत ऑफर हुई थी

मैं सरकार को और सरकारी एजेंसियों को बताना चाहता हूं कि मैं किसान कौम से हूं, मैं ना तो डरने वाला हूं ओर ना ही झुकने वाला हूं। सरकार ने मुझे बदनाम करने में पूरी ताकत लगा दी। सच्चाई यह है कि 50 साल से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में बहुत बड़े-बड़े पदों पर देशसेवा करने का मौका मिलने के बाद आज भी मैं एक कमरे के मकान में रह रहा हूं और कर्ज में भी हूं।

जब मैं गवर्नर था तो उस समय मुझे 150 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश हुई थी। अपने राजनीतिक गुरु किसान मसीहा स्वर्गीय चौधरी चरणसिंह जी की तरह मैं ईमानदारी से काम करता रहा। मेरा ईमान कभी नहीं डिगा।

जब मैं गवर्नर था उस समय किसान आंदोलन चल रहा था, मैंने बग़ैर राजनीतिक लालच के किसानों की मांग को उठाया। महिला पहलवानों के आंदोलन में उनके साथ रहा। पुलवामा हमले में शहीद जवानों के मामले को उठाया।

सरकार मुझे CBI का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने के बहाने ढूंढ रही है। जिस मामले में मुझे फंसाना चाहते हैं, उस टेंडर को मैंने खुद निरस्त किया था, मैंने खुद प्रधानमंत्री को बताया था इस मामले में करप्शन है और उन्हें बताने के बाद में मैंने खुद उस टेंडर को कैंसिल किया, मेरा तबादला होने के बाद किसी अन्य के हस्ताक्षर से यह टेंडर हुआ।

मलिक ने 2021 में लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप

सत्यपाल मलिक ने 17 अक्टूबर 2021 को राजस्थान के झुंझुनूं में एक कार्यक्रम में कहा था कि उन्हें जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल रहते करोड़ों की रिश्वत ऑफर हुई थी। उस दौरान उनके पास दो फाइलें आई थीं। इनमें एक बड़े उद्योगपति और दूसरी महबूबा मुफ्ती और भाजपा की गठबंधन सरकार में मंत्री रहे एक व्यक्ति की थी।

मलिक ने कहा था कि उनके सचिवों ने बताया कि इसमें घोटाला है, इसके बाद उन्होंने दोनों डील रद्द कर दी थीं। उन्हें दोनों फाइलों के लिए 150-150 करोड़ रुपए देने का ऑफर दिया गया था। मलिक ने कहा, ‘मैंने कहा था कि मैं पांच कुर्ता-पायजामे के साथ आया हूं और सिर्फ उसी के साथ यहां से चला जाऊंगा। जब CBI पूछेगी तो मैं ऑफर देने वालों के नाम भी बता दूंगा।’

CBI ने दो अलग-अलग मामलों में दर्ज की FIR

CBI ने इस मामले में 2 FIR दर्ज की थीं। पहली FIR लगभग 60 करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट को जारी करने में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है। यह रकम 2017-18 में जम्मू-कश्मीर कर्मचारी स्वास्थ्य देखभाल बीमा योजना का ठेका देने के लिए एक इंश्योरेंस कंपनी से रिश्वत के तौर पर ली गई थी।

दूसरी FIR 2019 में एक निजी फर्म को कीरू हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (एचईपी) के सिविल वर्क के लिए 2,200 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट देने में भ्रष्टाचार से जुड़ी है। CBI इन दोनों मामलों की जांच कर रही है।

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अद्वित ज्वेल्स का IPO 23 जून को, मूल्य दायरा 130-138 रुपए प्रति शेयर

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नई दिल्ली, एजेंसी। आभूषण क्षेत्र की कंपनी अद्वित ज्वेल्स लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 23 जून को खुलेगा। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 130 से 138 रुपए प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। यह आईपीओ पूरी तरह 1.19 करोड़ नए शेयरों के निर्गम पर आधारित है। इसके जरिये 165.15 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य है। जयपुर की कंपनी के अनुसार, यह आईपीओ 23 जून को खुलकर 25 जून को बंद होगा। 

अद्वित ज्वेल्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक नितिन गिलारा ने कहा, ”अपने बी2बी (कंपनियों के बीच) कारोबार को प्रभावित किए बिना, हम अगले तीन वर्षों में देश भर में 30 खुदरा शोरूम खोलकर सीधे उपभोक्ताओं से जुड़े अपने व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।”

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डिजिटल वॉलेट रखने वालों के लिए जरूरी खबर, PhonePe ने लागू की मेंटेनेंस फीस

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मुंबई, एजेंसी। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe ने अपने वॉलेट यूजर्स के लिए एक नया नियम लागू किया है। कंपनी के अनुसार, अगर कोई फोनपे वॉलेट लंबे समय यानि 365 दिनों तक इस्तेमाल नहीं करता है, तो उसे इनएक्टिव माना जाएगा और उन पर मेंटेनेंस फीस लगाई जाएगी।  

कंपनी ने बताया कि केवल ऐप खोलना, बैलेंस चेक करना या UPI के जरिए भुगतान करना वॉलेट की एक्टिविटी में शामिल नहीं होगा। वॉलेट को सक्रिय बनाए रखने के लिए उसमें उपलब्ध बैलेंस का उपयोग कर भुगतान करना, पैसे भेजना या अन्य वित्तीय लेन-देन करना जरूरी होगा।

कितना कटेगा चार्ज

नए नियम के तहत, इनएक्टिव वॉलेट पर हर तीन महीने में 100 रुपए (GST सहित) की ‘Wallet Inactivity Maintenance Fee’ वसूली जाएगी। यदि वॉलेट में 100 रुपए या उससे अधिक बैलेंस है, तो पूरा शुल्क काट लिया जाएगा। वहीं, बैलेंस 100 रुपए से कम होने पर उपलब्ध राशि ही काटी जाएगी और बैलेंस शून्य हो जाएगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में वॉलेट का बैलेंस नेगेटिव नहीं होगा।

चार्ज कटौती से पहले कंपनी देगी मैसेज

किसी भी चार्ज की कटौती से पहले कंपनी यूजर को नोटिफिकेशन या मैसेज के जरिए सूचित करेगी। इसके बाद भी वॉलेट का उपयोग नहीं किया जाता है तो निर्धारित मेंटेनेंस चार्ज वॉलेट बैलेंस से काट लिया जाएगा।

अगर आप साल में कम से कम एक बार भी अपने वॉलेट बैलेंस का इस्तेमाल कर लेते हैं, तो वॉलेट एक्टिव बना रहेगा। इसके लिए बड़ी रकम खर्च करने की जरूरत नहीं है। छोटी राशि का भुगतान या किसी व्यक्ति को पैसे भेजना भी पर्याप्त हो सकता है।

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5 दिन की तेजी के बाद लुढ़का बाजार, निवेशकों को नुकसान

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मुंबई, एजेंसी। 5 दिन की तेजी के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही मिनटों बाद 832 अंक गिरकर 76,578.08 के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी भी 229 अंक से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक फिसल गया। इस गिरावट का असर मार्केट कैप 1.35 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा घट गया। 

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 607.08 अंक तक फिसलकर 76,802.90 पर आ गया। इसी तरह निफ्टी 154.90 अंक टूटकर 24,013.10 के स्तर पर बंद हुआ।

कच्चे तेल में गिरावट

पश्चिम एशिया में तनाव थमने से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव और 0.58 प्रतिशत कम होकर 79.39 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। शुरुआती कारोबार में रुपया 10 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर आ गया। 

एक दिन पहले क्या रहा था हाल

पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था।

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