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चावल की भरमार से परेशान भारत, रिकॉर्ड मात्रा में एथनॉल उत्पादन के लिए किया आवंटन

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नई दिल्ली,एजेंसी। भारत ने इस बार रिकॉर्ड मात्रा में चावल एथनॉल उत्पादन के लिए आवंटित किया है, क्योंकि देश भारी भरकम भंडार से जूझ रहा है। नई फसल के आगमन के साथ इन स्टॉक्स के और बढ़ने की संभावना है। यह हालात एकदम उलट हैं उस समय से जब देश को चावल की कमी के चलते निर्यात पर रोक लगानी पड़ी थी।

एथनॉल योजना को मिला बल

चावल को एथनॉल में बदलने की इस रणनीति से भारत अपने भारी चावल भंडार को घटाने में सफल हो रहा है और साथ ही सरकार की महत्वाकांक्षी 20% एथनॉल ब्लेंडिंग योजना को भी गति मिल रही है। गन्ने की कमी के कारण पिछले एक साल में एथनॉल उत्पादन में बाधा आ रही थी, लेकिन अब चावल से इसकी पूर्ति हो रही है।

मार्च में भारत ने चावल के निर्यात पर लगभग दो साल पुराना प्रतिबंध हटा दिया, जो मानसून की विफलता और उत्पादन में गिरावट के कारण लगाया गया था। इस साल पर्याप्त बारिश के चलते रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद है।

भोजन प्राथमिकता, पर भंडार बहुत ज्यादा

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया, “हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि देश में भोजन की कोई कमी न हो। लेकिन जब हमारे पास आवश्यकता से कहीं ज्यादा चावल है, तो हमने इसका उपयोग एथनॉल उत्पादन के लिए करने का निर्णय लिया है।”

भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने 2024-25 विपणन वर्ष के लिए रिकॉर्ड 52 लाख मीट्रिक टन चावल एथनॉल के लिए आवंटित किया है, जो वैश्विक चावल व्यापार का लगभग 9% है। तुलना करें तो पिछले वर्ष यह मात्र 3,000 टन था।

FCI भारत की लगभग आधी चावल की फसल खरीदता है और उसके पास अब तक का रिकॉर्ड 5.95 करोड़ टन चावल भंडार (अनमिल्ड धान समेत) 1 जून तक मौजूद है, जबकि सरकार का लक्ष्य केवल 1.35 करोड़ टन का था।

कॉर्न की कीमतों पर राहत

चावल की उपलब्धता से मक्का (कॉर्न) की कीमतों पर दबाव कम हुआ है, जो पिछले साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं और भारत को मक्का का रिकॉर्ड आयात करना पड़ा था। ग्रेन-बेस्ड डिस्टिलरीज़ चावल, मक्का और क्षतिग्रस्त अनाज का इस्तेमाल करती हैं और कीमत के अनुसार फीडस्टॉक बदलती हैं।

भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है, 2025-26 तक पेट्रोल में 20% एथनॉल मिलाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। मई में यह दर 19.8% तक पहुंच गई, जो लगभग लक्ष्य के करीब है।

उत्पादन बढ़ाने की संभावनाएं

ग्रेन एथनॉल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की जॉइंट सेक्रेटरी अरुषि जैन ने कहा कि यदि सरकार चावल का समर्थन मूल्य घटाती है या एथनॉल की खरीद कीमत बढ़ाती है, तो और अधिक चावल एथनॉल उत्पादन के लिए उपयोग किया जा सकता है।

FCI वर्तमान में चावल ₹22,500 प्रति टन बेच रहा है, जबकि तेल विपणन कंपनियां ₹58.5 प्रति लीटर की दर से चावल-आधारित एथनॉल खरीद रही हैं, जो कई निर्माताओं के अनुसार पर्याप्त मार्जिन नहीं देती।

भविष्य में और चावल एथनॉल में जाएगा

राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बी.वी. कृष्णा राव के अनुसार, अक्टूबर से एक और बंपर फसल आने की उम्मीद है जिससे FCI का स्टॉक और बढ़ सकता है। भारत पहले से ही वैश्विक चावल निर्यात का 40% करता है और इसके बाद भी निर्यात में 2025 में 25% की बढ़ोतरी के साथ रिकॉर्ड 2.25 करोड़ टन तक पहुंचने की संभावना है। यह थाईलैंड और वियतनाम जैसे प्रतिद्वंद्वियों के लिए चुनौती है।

फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (FAO) के अनुसार, भारत ने इस वर्ष 146.1 मिलियन टन चावल का रिकॉर्ड उत्पादन किया है, जबकि घरेलू मांग केवल 120.7 मिलियन टन रही।

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महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम

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नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए

पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026

दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026

सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।

12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।

बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया

  • राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
  • प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
  • शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
  • एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।

संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की

सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।

पीएम की 3 अपील

  • 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
  • 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
  • 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी

17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

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‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला

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नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

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थरुर ने अपने भाषण में कहा

शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”

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थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ ब्लास्ट हादसा: धमाके में 20 श्रमिकों की मौत के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन, कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज

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सक्ती,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सक्ती जिले में वेदांता के विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत की घटना के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया, ”डाभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धमाका 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दाब वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए। ठाकुर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यदि जांच के दौरान और लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम भी प्राथमिकी में जोड़ा जाएगा।

उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट सहित कई रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धमाके के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ”सभी रिपोर्ट मिलने के बाद, अगर जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी में और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।” इस घटना के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी। 

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