मुंबई, एजेंसी। रीमेक सॉन्ग कांटा लगा गाने से मशहूर हुईं एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का 42 साल की उम्र में निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 27 जून की रात उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मौत हो गई।
शेफाली जरीवाला का अंतिम संस्कार आज
शेफाली जरीवाला का अंतिम संस्कार आज, 28 जून को देर रात होगा। यह ओशिवारा के उसी श्मशान घाट पर होगा, जहां सिद्धार्थ शुक्ला का भी अंतिम संस्कार किया गया था।
अब इस मामले में मुंबई पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है। शेफाली जरीवाला के घर पर फोरेंसिक टीम पहुंची और सबूत जुटाए गए। NBT की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने पति पराग त्यागी का बयान घर पर लिया। अब तक चार लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। शेफाली के घर के कुक और मेड से भी पूछताछ हुई है। पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है।
वहीं, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी तक आई नहीं, पोस्टमार्टम हो चुका है और पार्थिव शरीर घर पे लाया जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक शेफाली मेडिकेशन पर थीं, लेकिन अभी तक खुलासा नहीं हुआ है।
साल 2002 में कांटा लगा आया था, जिससे उन्हें एक अलग पहचान मिली थी।
सूत्रों के अनुसार, शेफाली को बेहोशी की हालत में उनके पति और एक्टर पराग त्यागी, के साथ तीन अन्य लोग शुक्रवार रात मुंबई के अंधेरी स्थित बेलेव्यू अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल के रिसेप्शन स्टाफ ने पुष्टि की है कि शेफाली जरीवाला को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेज दिया गया है, जहां उनके परिवार के लोग, करीबी दोस्त और फिटनेस ट्रेनर भी पहुंचे हैं।
ट्रेनर ने बताया कि शेफाली हमेशा अपनी सेहत को लेकर सीरियस रहती थीं। वह सख्त डाइट फॉलो थीं, रोजाना एक्सरसाइज करती थीं। उन्होंने आगे बताया कि दो दिन पहले ही शेफाली से मुलाकात हुई थी। शेफाली को मिर्गी की बीमारी थी, जिसे कंट्रोल में रखने के लिए वह ठंडी चीजें और ड्रिंक्स नहीं लेती थीं। उन्होंने एक ऐसा रूटीन अपनाया था जिससे उन्हें दौरे न आएं।
शेफाली के घर पहुंचीं उनकी बहन शिवानी जरीवाला।
शेफाली की मौत के बाद पति पराग बेलेव्यू हॉस्पिटल के बाहर नजर आए।
एक्ट्रेस की मां भी रोते हुए बेटी को देखने अस्पताल पहुंचीं।
हिंदुस्तानी भाऊ कूपर अस्पताल पहुंचे। ‘बिग बॉस’ में शेफाली को बहन बनाया था।
शेफाली की करीबी दोस्त आरती सिंह पति दीपक चौहान के साथ कूपर हॉस्पिटल पहुंचीं।
मामले की जांच के लिए मुंबई पुलिस भी हॉस्पिटल पहुंची।
टीवी एक्ट्रेस सुरभि चंदना भी नजर आईं।
संगीतकार हरमीत सिंह से की थी पहली शादी
शेफाली जरीवाला ने 2004 में मीत ब्रदर्स के संगीतकार हरमीत सिंह से शादी की थी। 2009 में दोनों का तलाक हो गया था। इसके बाद 2015 में एक्टर पराग त्यागी से शादी कर ली थी।
शेफाली अपने पहले पति हरमीत सिंह के साथ।
15 साल की उम्र में पड़ा था मिर्गी का दौरा
टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में शेफाली ने बताया था कि उन्हें 15 साल की उम्र मिर्गी का दौरा पड़ा था। तनाव और चिंता की स्थिति में उन्हें दौरे आते थे। हालांकि, बाद में उन्होंने योग और रोजाना एक्सरसाइज करना शुरू किया, जिससे उनकी तबीयत बेहतर होने लगी और मिर्गी के दौरे आना बंद हो गए।
म्यूजिक वीडियो ‘कांटा लगा’ से की थी शुरुआत
शेफाली जरीवाला ने अपने करियर की शुरुआत 19 साल की उम्र में म्यूजिक वीडियो ‘कांटा लगा’ से की थी, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इस गाने में उनके बोल्ड अंदाज और डांसिंग स्टाइल ने लोगों का ध्यान खींचा था।
इसके बाद उन्होंने कुछ और म्यूजिक एल्बम और फिल्मों में काम किया। साल 2004 में वे सलमान खान और अक्षय कुमार की फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ में भी नजर आई थीं। इसके अलावा उन्हें कन्नड़ फिल्म हुडुगारू में भी देखा गया था। शेफाली ने कई डांस रियलिटी शोज में हिस्सा लिया। वहीं, नच बलिए में अपने पति पराग त्यागी के साथ नजर आई थीं।
शेफाली ने वेब सीरीज बेबी कम ना में भी काम किया। इसमें श्रेयस तलपड़े, किकू शारदा और चंकी पांडे भी नजर आए थे।
‘बिग बॉस 13’ में ली थी वाइल्ड कार्ड एंट्री
शेफाली जरीवाला ने 2019 में बिग बॉस 13 में वाइल्ड कार्ड एंट्री ली थी, जहां उन्हें अपने एक्स-बॉयफ्रेंड सिद्धार्थ शुक्ला के साथ अच्छा बॉन्ड शेयर करते देखा गया था। बता दें, सिद्धार्थ शुक्ला का भी निधन 2021 में कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ था।
इनकी मौत आज भी बनी हुई है रहस्य
दिव्या भारती
1990 के दशक में बॉलीवुड में अपनी एक्टिंग और मासूम चेहरे की वजह से दिव्या भारती ने एक खास पहचान बनाई थी। जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा, तब वे काफी कम उम्र की थीं, इसलिए उन्हें ‘बॉलीवुड की गुड़िया’ भी कहा जाने लगा।
25 फरवरी 1974 को जन्मीं दिव्या भारती का निधन 5 अप्रैल 1993 को महज 19 साल की उम्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हो गया था। आज उनकी मौत को 32 साल पूरे हो चुके हैं। मुंबई पुलिस ने 1998 में उनकी मौत की जांच बंद कर दी थी। जांच के बाद पुलिस ने यह माना कि दिव्या की मौत एक हादसा थी और इसी आधार पर केस को बंद कर दिया गया।
दिशा सालियान
दिशा सालियान दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। 8 जून, 2020 को मुंबई के मलाड इलाके की 14वीं मंजिल से गिरकर दिशा की मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था। पिता सतीश सालियान ने आरोप लगाया था कि दिशा की गैंगरेप के बाद हत्या की गई थी, लेकिन राजनीतिक दबाव में मामले को दबा दिया गया।
वाराणसी, एजेंसी। पीएम मोदी ने रविवार को वाराणसी के नमो घाट पर एयर शो देखा। शो में 100 विमानों ने हिस्सा लिया। इनमें राफेल और सुखोई जैसे 52 लड़ाकू विमान भी शामिल थे। पीएम मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने भी एयर शो देखा।
एयरशो में राफेल विमान ने कम ऊंचाई पर कलाबाजियां दिखाईं। विमान ऊपर जाते-जाते अचानक नीचे मुड़ जाता तो कभी गोल चक्कर लगाने लगता। ऐसे ही सुखोई-30 MKI विमान ने कम ऊंचाई पर हवाई करतब दिखाए। चेतक हेलिकॉप्टर ने फूल बरसाए।
C-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हौक विमान एक साथ उड़ान भरते हुए मंच के ऊपर से गुजरे। सूर्यकिरण टीम के विमानों ने आसमान में शानदार कलाबाजियां दिखाईं।
राफेल, सुखोई, जगुआर, मिराज-2000, तेजस और मिग-29 ने तीर की नोक के आकार में उड़ान भरी। यह ऑपरेशन सिंदूर जैसा नजारा रहा। करीब 15 लाख लोगों ने वायुसेना की ताकत देखी। एयर शो भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर आयोजित किया गया। इसे ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम दिया गया था।
पीएम मोदी ने इससे पहले रूपापुर में 100 करोड़ रुपए की अरविंद टेक्सटाइल मिल का उद्घाटन किया। फिर पुलिस लाइन से 7 किमी. लंबा रोड शो कर नमो घाट पहुंचे।
C-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हौक विमानों ने एक साथ उड़ान भरते हुए दशाश्व फॉर्मेशन बनाई।
चिनूक विमान ने अलकनंदा फार्मेशन बनाया। गंगा नदी के पास पहुंचकर नमन किया।
वायुसेना के विमानों ने आकाश में तिरंगा बनाते हुए कलाबाजियां दिखाईं।
सूर्यकिरण टीम के विमानों ने शानदार करतब दिखाए। आसमान को तिरंगे के रंग में रंग दिया।
एक C-295 और दो डोर्नियर विमान विजय के प्रतीक के आकार में मंच के सामने से गुजरकर भैरव फॉर्मेशन बनाया।
100 करोड़ की टेक्सटाइल यूनिट का उद्घाटन किया
PM मोदी सुबह 10 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मोदी ने मिर्जामुराद स्थित खोचवां गांव के पास अरविंद लिमिटेड की नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।
करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस यूनिट में लगभग 1000 महिलाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। यहां स्पोर्ट्स वियर और अंडरगारमेंट का उत्पादन होगा। यूनिट में 300 मशीनें लगाई गई हैं और करीब 300 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अरविंद समूह की शुरुआत वर्ष 1931 में गुजरात के अहमदाबाद में हुई थी। यह समूह डेनिम (जींस बनाने में इस्तेमाल होने वाला कपड़ा), सूती और लिनेन के कपड़े, सूट फैब्रिक, स्पोर्ट्सवियर और औद्योगिक उपयोग के विशेष कपड़ों को बनाने और कारोबार के लिए जाना जाता है।
PM मोदी ने अरविंद लिमिटेड की नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।
पुलिस लाइन से नमोघाट तक 7 किमी रोड शो किया
टेक्सटाइल यूनिट के उद्घाटन के बाद मोदी ने दोपहर करीब 12 बजे पुलिस लाइन से नमो घाट तक करीब 7 किलोमीटर का रोड शो किया। कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं। मोदी ने कार से बाहर निकलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
पीएम मोदी ने वाराणसी में 7 किमी. लंबा रोड शो किया।
नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां पहचानने के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से इनकार कर दिया है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने RTI के जवाब में कहा- यह जानकारी ट्रेड सीक्रेट और इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़ी है। इसे RTI कानून के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
आयोग ने यह भी साफ नहीं किया कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।
5 सवालों पर चुनाव आयोग के जवाब
1. सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन: आयोग ने नाम और वर्जन बताने से इनकार किया। RTI कानून की धारा 8(1)(d) के तहत ट्रेड सीक्रेट का हवाला दिया। साथ ही कहा कि SIR के लिए नया सॉफ्टवेयर न बनाया गया, न खरीदा गया।
2. क्या सॉफ्टवेयर खुद गड़बड़ियां पहचानता है: आयोग ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उसने इसे स्पष्टीकरण मांगने वाला सवाल बताते हुए RTI कानून की धारा 2(f) का हवाला दिया।
3. AI या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल पर: आयोग ने स्पष्ट नहीं किया कि वोटर लिस्ट की जांच में AI, मशीन लर्निंग या प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का इस्तेमाल हुआ या नहीं।
4. सॉफ्टवेयर से खुद नाम हटाने के सवाल पर: आयोग ने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने का फैसला संबंधित क्षेत्र का ERO तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर करता है। आयोग ने सॉफ्टवेयर की भूमिका के बारे में अलग से जानकारी नहीं दी।
5. चिह्नित रिकॉर्ड की समीक्षा और मंजूरी के सवाल पर: चुनाव आयोग ने RTI कानून की धारा 8(1)(g) का हवाला दिया। साथ ही बताया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13B(1) और 13B(2) के तहत संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) की वोटर लिस्ट तैयार करने और उसमें संशोधन की जिम्मेदारी होती है।
कांग्रेस का आरोप- सॉफ्टवेयर की जानकारी छिपा रहा आयोग
वहीं, कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर ECINET सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि इस सॉफ्टवेयर को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने विकसित किया, इसकी जानकारी आयोग ने खुद सार्वजनिक क्यों नहीं की। उन्होंने SIR और मतदाता सूची में संशोधन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल और उससे जुड़े सुरक्षा उपायों पर भी सवाल उठाए।
रमेश ने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ECINET सॉफ्टवेयर और चुनाव आयोग के IT डिवीजन को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनके मुताबिक, ये शिकायतें प्रधानमंत्री के अधीन आने वाले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) तक भी पहुंची थीं।
दो चुनाव आयुक्तों ने अफसर के कामकाज पर सवाल उठाए
दो दिन पहले RTI एक्टिविस्ट लोकेश के. बत्रा को RTI के तहत मिले जवाब से पता चला कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 29 जुलाई को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखे थे। इनमें उन्होंने डिप्टी इलेक्शन कमीश्नर मनीष गर्ग के कामकाज पर सवाल उठाए थे।
दोनों आयुक्तों ने अधिकारियों के बीच काम बांटने के एक आदेश पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह आदेश चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना जारी किया गया। RTI से मिले दस्तावेजों के मुताबिक, कैबिनेट सचिवालय ने कहा कि ये पत्र पूरे चुनाव आयोग की ओर से भेजी गई आधिकारिक शिकायतें नहीं थीं। इसलिए उसने खुद कार्रवाई करने के बजाय शिकायतें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेज दीं।
कोच्चि, एजेंसी। केरलम के कोच्चि में शनिवार देर रात मर्सिडीज कार ने स्कूटर को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 55 साल के स्कूटर सवार की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, कार चलाने वाला एडिशनल सेशन जज का बेटा है। उसकी उम्र 17 साल है।
कार जज के नाम पर रजिस्टर्ड थी। हादसा रात 2 से 3 बजे के बीच हुआ। घटनास्थल के एक वीडियो में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दिया।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन में जब उन्होंने नाबालिग को कार चलाने देने पर सवाल उठाया, तो जज ने उनसे अपमानजनक लहजे में बात की।
जज के बेटे की कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
कार एडिशनल सेशन जज के नाम पर रजिस्टर्ड है।
30 साल से चला रहे थे खाने का स्टॉल, घर लौटते समय हादसा
हादसे में जान गंवाने शख्स की पहचान जयबालकृष्णन के रूप में हुई है। वह करीब 30 साल से अपनी पत्नी मंजू के साथ सड़क किनारे खाने का स्टॉल चला रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, जयबालकृष्णन ने शनिवार रात चित्तूर मंदिर के पास अपना स्टॉल बंद किया था। वह रोज शाम करीब 4 बजे दुकान खोलते थे और वहां मुख्य रूप से डोसा सहित शाकाहारी खाना बेचते थे।
जयबालकृष्णन और उनकी पत्नी रोज स्कूटी से करीब 20 किलोमीटर का सफर तय करके दुकान पहुंचते थे। उनकी पत्नी वैरिकोज वेन्स के इलाज के कारण एक सप्ताह की छुट्टी पर थीं। हादसे के समय जयबालकृष्णन अकेले घर लौट रहे थे।
जयबालकृष्णन अपनी पत्नी के साथ (फाइल फोटो)
आरोपी जज की परमीशन के बिना कार लेकर निकला
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अलुवा में रहता है और अपने माता-पिता की जानकारी के बिना मर्सिडीज-बेंज लेकर निकला था। कार वल्लारपदम से कलामस्सेरी की ओर जा रही थी, तभी उसने जयबालकृष्णन की स्कूटी को टक्कर मार दी।
चेरानेल्लूर पुलिस ने किशोर को घटनास्थल से हिरासत में लिया और कार जब्त कर ली। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 106(1) के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही से वाहन चलाने और लापरवाही से मौत होने से संबंधित हैं।
पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि हादसे के समय नाबालिग चालक नशे में नहीं था। हालांकि, आगे की जांच के लिए उसके ब्लड सैंपल लिए गए हैं।