विदेश
ईरान के धर्मगुरु का ट्रम्प और नेतन्याहू के खिलाफ फतवा:बोले- पछताने पर मजबूर कर दो, मुसलमानों से एकजुट होने की अपील की
तेहरान,एजेंसी। ईरान के सबसे सीनियर शिया धर्मगुरु ग्रैंड अयातुल्ला नासिर मकारिम शिराजी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ एक धार्मिक फतवा जारी किया है।
उन्होंने इन दोनों नेताओं को अल्लाह का दुश्मन बताया है। साथ ही दुनिया भर के मुसलमानों से कहा है कि वे एकजुट होकर इन नेताओं को ईरान पर हमले के लिए पछताने के लिए मजबूर करें।
मकारिम शिराजी ने अपने फतवे में कहा…

जो कोई भी ईरान के सर्वोच्च नेता या किसी मरजा को नुकसान पहुंचाने या धमकाने की कोशिश करता है, वह मोहरिब यानी जंग को पसंद करने वाला अपराधी होगा।
फतवा इस्लामी कानून की व्याख्या होती है। इसे मरजा की तरफ से जारी किया जाता है। मरजा बारह इमामी शिया मुसलमानों के सबसे ऊंचे धार्मिक पद को कहा जाता है।
ईरान को इजराइल से सीजफायर पर भरोसा नहीं

ईरान के आर्मी चीफ अब्दोलरहीम मूसवी को शक है कि इजराइल फिर से ईरान पर हमला कर सकता है।
ईरान ने इजराइल के साथ युद्धविराम पर शक जताया। ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दोलरहीम मूसवी ने रविवार को सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान से फोन पर बातचीत में कहा- हमें दुश्मन (इजराइल) के साथ युद्धविराम पर शक है। अगर फिर से कोई हमला हुआ, तो हम उसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।
मूसवी ने कहा कि जब ईरान अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में व्यस्त था, तब इजराइल ने उस पर हमल कर दिया और अमेरिका ने उसका साथ दिया। इससे पता चलता है ये दोनों देश किसी भी अंतरराष्ट्रीय नियम-कानून का पालन नहीं करते।
उन्होंने यह भी कहा-जंग हमने शुरू नहीं की है, लेकिन हमने हमलावर को अपनी पूरी ताकत से जवाब दिया। दोनों अधिकारियों ने डिफेंस के साथ- साथ कई द्विपक्षीय मुद्दे पर भी बात की।
इजराइल और ईरान के बीच 12 दिन की लड़ाई के बाद 24 जून को सीजफायर हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसका ऐलान किया है। इस लड़ाई में ईरान के 610 और इजराइल के 28 लोग मारे गए।

ईरान के पास एटम बम बनाने के लिए यूरेनियम मौजूद
UN की इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने रविवार को कहा कि ईरान कुछ महीनों में अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम फिर से शुरू कर सकता है। जबकि अमेरिकी ने B-2 बॉम्बर से हमला कर ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान न्यूक्लियर साइट्स को तबाह करने का दावा किया था।
IAEA डायरेक्टर राफेल ग्रॉसी ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान की कुछ न्यूक्लियर फैसिलिटी अभी भी बची हुई हैं। उन्होंने कहा-

ईरान के पास 60% प्योर यूरेनियम का भंडार है, जो एटम बम बनाने के लिए काफी है। इस भंडार को अमेरिकी हमले से पहले हटा दिया गया था या फिर ये तबाह हो गया, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है।
23 जून को ईरान की जेल पर हमले में 71 की मौत की पुष्टि
ईरान की न्यायपालिका ने रविवार को बताया कि तेहरान की इविन जेल पर 23 जून को इजराइल के हमले में कम से कम 71 लोग मारे गए हैं। यह एक कुख्यात जेल है, जहां कई पॉलिटिकल एक्टिविस्ट्स को रखा गया है। मारे गए लोगों में जेल कर्मचारी, सैनिक, कैदी और मिलने आए परिवार के सदस्य शामिल हैं।

इजराइल के हमले में पूरा जेल तबाह हो गया था।
ईरान बोला- ट्रम्प समझौता चाहते हैं तो अपनी भाषा बदलें
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को चेतावनी दी है कि वे ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल बंद करें।
अराघची ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ट्रम्प का यह रवैया न सिर्फ खामेनेई का, बल्कि उनके लाखों समर्थकों का भी अपमान करता है। ट्रम्प अगर ईरान से कोई समझौता चाहते हैं तो उन्हें अपनी भाषा बदलनी होगी।
अराघची का यह बयान ट्रम्प के उस दावे के बाद आया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि उन्होंने खामेनेई को मरने से बचाया, नहीं तो उनकी बहुत बुरी मौत होती।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि ट्रम्प का रवैया खामेनेई के लाखों समर्थकों का अपमान है।
विदेश
होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी करने वाले ईरानी कमांडर की मौत:इजराइल के हमले में घायल हुए थे तंगसीरी, ईरान बोला- ऑपरेशन पर असर नहीं पड़ेगा
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी,एजेंसी। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी से जुड़े IRGC नेवी चीफ अलीरेजा तंगसीरी की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। वे पिछले हफ्ते इजरायली एयरस्ट्राइक में गंभीर रूप से घायल हुए थे और बाद में उनकी मौत हो गई।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुताबिक, तंगसीरी हमले के समय कोस्टल डिफेंस और मैरीटाइम ऑपरेशंस से जुड़े थे। उन्हें होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकेबंदी का प्रमुख चेहरा माना जाता था, जिसके जरिए ईरान ने वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बनाया।

ईरान ने उनकी मौत के बावजूद साफ किया है कि उसके सैन्य ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा और रणनीति पहले की तरह जारी रहेगी। गौरतलब है कि इजराइल के रक्षा मंत्री ने 26 मार्च को दावा किया था कि एक एयरस्ट्राइक में तंगसीरी को मार गिराया गया।
जंग से जुड़ी तस्वीरें…

कुवैत में बिजली और पानी के प्लांट पर हुए हमले के बाद आग लग गई थी। हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है।

ईरान ने रविवार को दक्षिणी इजराइल के केमिकल प्लांट रामत होवाव पर मिसाइल से हमला किया।

ईरान ने रविवार को वीडियो जारी कर इजराइल के इंडस्ट्रियल इलाके में मिसाइल हमलों को दिखाया।

लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाके में सोमवार सुबह इजराइली हवाई हमले के बाद वहां से धुआं उठता देखा गया।
ट्रम्प ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने की धमकी दी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट तुरंत नहीं खोला गया और समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों को तबाह कर देगा।
सोशल मीडिया पर जारी बयान में ट्रम्प ने कहा कि पावर प्लांट, ऑयल वेल और खार्ग आइलैंड को पूरी तरह उड़ा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर डीसैलिनेशन प्लांट्स को भी निशाना बनाया जा सकता है।
ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका एक नए और ज्यादा समझदार शासन के साथ बातचीत कर रहा है और इसमें प्रगति हो रही है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई तेज की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों की मौत का बदला लेने के लिए उठाया जाएगा, जिनके लिए उन्होंने ईरान को जिम्मेदार ठहराया।
ईरान बोला-कुवैत के डीसैलिनेशन प्लांट पर इजराइल ने हमला किया
ईरान ने आरोप लगाया है कि कुवैत के डीसैलिनेशन प्लांट पर इजराइल ने हमला किया है। ईरानी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान को बदनाम करने और उस पर आरोप डालने की साजिश के तहत की गई।
तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने इस हमले को ‘जायनिस्ट शासन’ (इजराइल) की क्रूर कार्रवाई बताया है और कहा है कि इसके गंभीर नतीजे होंगे।
ईरान ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकाने, उनके सैनिक और हित अब निशाने पर रहेंगे। साथ ही, इजराइल की सैन्य, सुरक्षा और आर्थिक संरचनाओं को भी टारगेट करने की बात कही गई है।
फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज और 485 क्रू मौजूद
ईरान जंग के बीच फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज और 485 भारतीय क्रू मौजूद हैं और सभी सुरक्षित हैं। पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में किसी भी तरह की समुद्री घटना नहीं हुई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भारत सरकार के मुताबिक, हाल ही में दो भारतीय LPG कैरियर BW TYR और BW ELM सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ चुके हैं। इसके अलावा, पिछले 24 घंटों में 8 भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है।
स्पेन ने अमेरिका के लिए एयरस्पेस बंद किया
स्पेन ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। साथ ही, मिलिट्री बेस के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है।
स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गारीटा रोब्लेस ने कहा कि देश न तो अपने एयरस्पेस और न ही सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान से जुड़े किसी भी सैन्य अभियान के लिए करने देगा।
इस फैसले के बाद अमेरिकी विमानों को अपने रूट बदलने पड़ेंगे, हालांकि मानवीय और आपातकालीन उड़ानों को छूट दी गई है।
स्पेन के अर्थव्यवस्था मंत्री कार्लोस कुएर्पो ने कहा कि यह फैसला एकतरफा और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध का समर्थन न करने के आधार पर लिया गया है।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज पहले ही अमेरिका-इजराइल सैन्य अभियान की आलोचना कर चुके हैं। वहीं, डोनाल्ड ट्रम्प ने इस फैसले के जवाब में व्यापारिक कार्रवाई की धमकी दी है। इस निर्णय के बाद अमेरिका और स्पेन के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है।
ईरान बोला- लेबनान में राजदूत अपना काम जारी रखेगा
ईरान ने लेबनान के निष्कासन आदेश को ठुकराते हुए कहा है कि उसका राजदूत बेरूत में ही अपना काम जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि राजदूत अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता रहेगा।
दरअसल, लेबनान ने पिछले हफ्ते ईरान के राजदूत मोहम्मद रजा शिबानी को पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित कर 29 मार्च तक देश छोड़ने का निर्देश दिया था।
हालांकि, तय समयसीमा गुजरने के बाद भी राजदूत बेरूत में ही मौजूद हैं, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है।
ईरान का अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकार
ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से इनकार किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अब तक दोनों देशों के बीच सिर्फ मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है।
उन्होंने बताया कि अमेरिका ने बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन उसकी ओर से भेजी गई शर्तें अतार्किक हैं। बघाई ने कहा कि ईरान का रुख शुरू से स्पष्ट रहा है, जबकि अमेरिका बार-बार अपनी स्थिति बदल रहा है।
ईरान ने यह भी कहा कि उसे पूरी तरह पता है कि वह किस ढांचे में बातचीत पर विचार करेगा। प्रवक्ता ने अमेरिकी कूटनीति पर तंज करते हुए कहा कि वहां खुद लोग उसके दावों को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
पाकिस्तान में हुई बैठकों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने कहा कि ये उनकी अपनी पहल है और तेहरान इसमें शामिल नहीं हुआ। उसने मिडिल-ईस्ट के देशों से कहा कि वे युद्ध खत्म करने की कोशिश करें, लेकिन यह भी ध्यान रखें कि संघर्ष की शुरुआत किसने की थी।
हिजबुल्लाह बोला- इजराइल के हाइफा नेवल बेस पर मिसाइलें दागीं
हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजराइल के उत्तरी शहर हाइफा में नेवल बेस पर मिसाइलें दागी हैं। संगठन के मुताबिक, यह हमला इजराइल के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई का हिस्सा है।
इस हमले के बाद हाइफा की एक ऑयल रिफाइनरी में आग लगने की खबर भी सामने आई है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि आग सीधे मिसाइल हमले से लगी या गिरते मलबे के कारण।
हिजबुल्लाह का दावा-114 इजराइली टैंकों को निशाना बनाया
लेबनान के हथियारबंद संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत से अब तक उसने 114 इजराइली टैंकों को निशाना बनाया है। यह जानकारी अल मायादीन चैनल के हवाले से सामने आई है। हालांकि, इजराइली सेना की ओर से भी इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

ईरानी स्पीकर बोले- ट्रम्प के बयानों पर तुरंत भरोसा न करें
ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने निवेशकों को सलाह दी है कि ट्रम्प के बयानों पर तुरंत भरोसा करके फैसला न लें। उनका कहना है कि जब अमेरिकी बयान से बाजार तेजी से ऊपर-नीचे हो, तो उसी दिशा में चलने के बजाय उल्टा सोचकर कदम उठाना बेहतर हो सकता है।
उन्होंने कहा कि ट्रम्प के बयान का फायदा बाजार के बड़े खिलाड़ी उठा रहे हैं। ट्रम्प ने 22 मार्च को कहा था कि ईरान के साथ अच्छी बातचीत और उसके एनर्जी ठिकानों पर हमले टाल दिए गए हैं। इससे बाजार में राहत आई, अमेरिकी शेयर बाजार चढ़े और तेल की कीमतें गिर गईं।
लेकिन कुछ ही दिनों बाद हालात बदल गए। ट्रम्प ने फिर सख्त बयान दिए, इजराइल ने तेहरान पर हमले किए और सऊदी अरब में ड्रोन इंटरसेप्शन की खबरें आईं। इसके बाद बाजार पलट गया। शेयर गिरे और तेल की कीमतें फिर बढ़ गईं।
कुछ ट्रेडर्स का कहना है कि बड़े एलान से पहले ही बाजार में अचानक ज्यादा खरीद-फरोख्त होने लगती है, जिससे लगता है कि कुछ लोगों को खबर पहले से मिल जाती है।
गालिबाफ ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सेना ईरान में घुसती है, तो उसे कड़ा जवाब मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका सार्वजनिक रूप से बातचीत की बात करता है, लेकिन अंदर ही अंदर सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

देश
भारत आ रहे 2 LPG टैंकरों ने होर्मुज पार किया:94 हजार मीट्रिक टन गैस लेकर इसी हफ्ते पहुंचेंगे, ईरान जंग पर पाकिस्तान में बैठक खत्म
नई दिल्ली/तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन,एजेंसी। डीसी भारत आ रहे दो LPG टैंकरों ने होर्मुज स्ट्रेट पार कर लिया है। इन जहाजों पर 94 हजार मीट्रिक टन LPG लदी हुई है। BW TYR और BW ELM नाम के इन जहाजों को भारतीय नौसेना सुरक्षा दे रही है।
सरकार के मुताबिक, ये दोनों टैंकर इसी हफ्ते मुंबई पहुंच सकते हैं। इससे पहले 4 भारतीय झंडे वाले LPG टैंकर भी इस अहम समुद्री रास्ते को पार कर चुके हैं, जबकि 3 अन्य अभी पश्चिमी हिस्से में हैं।

सरकार ने बताया कि कुल 18 भारतीय जहाज और 485 भारतीय नाविक अभी भी इस क्षेत्र में मौजूद हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है। देश की करीब 60% जरूरत आयात से पूरी होती है, जिसमें से 90% मिडिल ईस्ट से आता है।
इसी बीच ईरान जंग को लेकर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक खत्म हो गई है। दिनभर चली इस बैठक में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को कम करने और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की गई।

पाकिस्तान, तुर्किये, सऊदी अरब और मिस्र के प्रतिनिधियों ने इस्लामाबाद में बैठक की।
पाकिस्तान में क्यों हुई मीटिंग
पाकिस्तान के ईरान और सऊदी अरब दोनों से बेहतर रिश्ते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसलिए पाकिस्तान को विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए बेहतर जगह माना गया। यह मीटिंग पहले तुर्किये में होनी थी, लेकिन बाद में इसे पाकिस्तान शिफ्ट कर दिया गया।
पाकिस्तान इस समय किसी एक पक्ष में सीधे शामिल नहीं है, इसलिए उसे न्यूट्रल जगह माना जा रहा है। उसके ईरान और सऊदी अरब दोनों से अच्छे रिश्ते हैं, इसलिए बातचीत आसान है। तुर्किये और मिस्र जैसे देशों के साथ भी पाकिस्तान के संबंध ठीक हैं।
ईरान जंग से जुड़ी तस्वीरें…
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि सैनिक USS त्रिपोली जहाज के जरिए मिडिल ईस्ट पहुंचे हैं।

ईरान ने 28 फरवरी को इजराइल के तेल अवीव में कई मिसाइलें दागी।

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने शनिवार को ईरानी जहाजों पर हमले का वीडियो जारी किया।

ईरान ने शनिवार को इजराइल को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं।

लेबनान के उग्रवादी लड़ाकों ने शनिवार को एक इजराइली टैंक को तबाह कर दिया।
अमेरिका-इजराइल के हमलों से ईरान में 250 छात्र-शिक्षकों की मौत
अमेरिका-इजराइल के हमलों में ईरान में अब तक कम से कम 250 छात्र और शिक्षकों की मौत हो गई है। ईरान के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में 184 लोग घायल भी हुए हैं।
राजधानी तेहरान में 16 छात्र और 5 शिक्षकों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक करीब 600 शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाया गया है और 200 से ज्यादा इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
ईरान जंग पर 4 देशों की बैठक खत्म
ईरान जंग को लेकर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक खत्म हो गई है। दिनभर चली इस बैठक में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को कम करने और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से अलग से मुलाकात की।
इस दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और ISI प्रमुख भी मौजूद रहे। बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी होने की उम्मीद है, जिसमें आगे की रणनीति को लेकर जानकारी दी जा सकती है।

बैठक खत्म होने के बाद मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के विदेश मंत्री निकलते हुए।
ईरान बोला- जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर ड्रोन हमला किया
ईरान ने कहा है कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी सेना के एक एयरबेस को ड्रोन से निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अजराक में मुवाफ्फाक साल्ती एयरबेस पर यह हमला किया गया, जो अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए अहम माना जाता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में बेस के रिहायशी हिस्सों और सैन्य उपकरणों को टारगेट किया गया। ईरान ने इसे अपने खिलाफ हो रहे हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है। हालांकि, इस हमले में हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सीरिया में ड्रोन हमले के बाद गेहूं गोदाम तबाह
सीरिया के हसाका इलाके में अमेरिकी बेस के पास ड्रोन हमले के बाद एक गेहूं गोदाम तबाह हो गया। घटना के बाद जमीन पर गेहूं और मलबा बिखरा नजर आया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कासराक इलाके में अमेरिकी बेस को निशाना बनाने की कोशिश के दौरान ड्रोन गिराए गए, जिससे पास का गोदाम क्षतिग्रस्त हो गया।
हमले के बाद आसपास के इलाके में गेहूं के ढेर और मलबा फैला दिखाई दिया, जिससे स्थानीय सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है।

ईरान के मिसाइल हमले से इजराइल के इंडस्ट्रियल एरिया में आग
ईरान के ताजा बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद इजराइल के दक्षिणी हिस्से में एक औद्योगिक क्षेत्र में आग लग गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेरशेबा के पास स्थित नियोट होवाव इंडस्ट्रियल जोन में मिसाइल गिरने के बाद आग भड़क उठी।
घटना के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

विदेश
4.5 रही तीव्रता… एक बार फिर भूकंप के झटकों से हिली धरती, डरे सहमे लोग घरों से बाहर भागे
काठमांडू,एजेंसी। नेपाल में एक बार फिर धरती कांपी है। शनिवार देर रात सिन्धुपालचोक जिले में मध्यम तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। नेशनल अर्थक्वेक मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 रही।
फिलहाल इस घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। भूकंप रात करीब 11:35 बजे महसूस किया गया, जिसका केंद्र सिन्धुपालचोक के नुल्थाला खर्का इलाके के पास था। यह स्थान राजधानी काठमांडू से लगभग 80 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित है। भूकंप के झटके काठमांडू के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी महसूस किए गए, जिससे लोगों में हल्की दहशत फैल गई।


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