मुंबई, एजेंसी। बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की जांच और एक्शन जारी रहेगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसमें ED की FIR रद्द करने की मांग की गई थी।
ED ने ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में FIR दर्ज की है। जैकलीन भी इसमें आरोपी हैं।
रैनबैक्सी के प्रमोटर्स से की थी 200 करोड़ की ठगी
तिहाड़ जेल में रहने के दौरान ही सुकेश ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह को जेल से बाहर निकलवाने का झांसा दिया। इसके लिए उनकी पत्नियों से 200 करोड़ से अधिक की ठगी की। वह खुद को कभी PM ऑफिस और कभी गृह मंत्रालय से जुड़ा अधिकारी बताता।
उसकी इस धोखाधड़ी में तिहाड़ जेल के कई अफसर भी शामिल थे। सुकेश इन सभी को मोटी रकम देता था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने सुकेश के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। इस केस में सुकेश की पत्नी लीना पॉल भी आरोपी है। उस पर आरोप है कि उसने रकम को चेन्नई की एक कंपनी के जरिए इधर-उधर करवाया है।
ED के मनी लॉन्ड्रिंग केस में चंद्रशेखर और लीना को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) लगाया है।
सुकेश के मामले में जैकलीन का नाम आया
ED के अनुसार, सुकेश और जैकलीन के बीच जनवरी 2021 में बातचीत शुरू हुई। तिहाड़ जेल में बंद रहते हुए भी सुकेश फोन पर जैकलीन से बात किया करता था। ED ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि जैकलीन फर्नांडिस को सुकेश ने करोड़ों रुपए के गिफ्ट्स दिए थे। इनमें 52 लाख का एक अरबी घोड़ा, 9-9 लाख रुपए की 3 पर्शियन बिल्लियां, डायमंड सेट्स जैसे महंगे गिफ्ट हैं।
सुकेश ने जैकलीन के लिए चार्टर्ड फ्लाइट्स भी बुक की थी और गोल्ड, डायमंड ज्वेलरी, इम्पोर्टेड क्रॉकरी भी दी थीं। इसके अलावा जैकलीन के भाई के साथ भी सुकेश ने लेन-देन किए हैं। सुकेश ने यह भी दावा किया है कि वह जैकलीन के साथ रिलेशन में रहा है।
सुकेश का दावा है कि वो जैकलीन के साथ रिलेशनशिप में था।
सुकेश का बॉलीवुड कनेक्शन उसकी पत्नी ने बनाया
2010 में सुकेश की मॉडल और एक्ट्रेस लीना पॉल से मुलाकात हुई। लीना फिल्म मद्रास कैफे में काम कर चुकी है। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे बढ़ती गई और दोनों साथ रहने लगे। यहीं से सुकेश की बॉलीवुड में एंट्री हुई। अब लोगों को ठगने में लीना भी सुकेश का साथ देने लगी। 2015 में दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद भी बॉलीवुड की कई एक्ट्रेस के साथ सुकेश के अफेयर की चर्चाएं चलती रहीं।
2015 में सुकेश और लीना मुंबई आ गए। यहां पर फर्जी स्कीम के जरिए 450 से भी ज्यादा लोगों से 19.5 करोड़ रुपए ठगे। इसके बाद CBI ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके बाद भी सुकेश ने ठगी का खेल जारी रखा। वो खुद को लॉ और होम मिनिस्ट्री का ऑफिसर बताकर ठगी करता रहा।
खुद को करुणानिधि का बेटा बताता था सुकेश चंद्रशेखर
सुकेश चंद्रशेखर कर्नाटक के बेंगलुरु का रहने वाला है। कहा जाता है कि उसने लैविश लाइफस्टाइल जीने के लिए 17 साल की उम्र से ही लोगों को ठगना शुरू कर दिया था। बेंगलुरु में ठगी करने के बाद उसने चेन्नई और दूसरे शहरों में भी लोगों को निशाना बनाया। उसके निशाने पर टॉप पॉलिटिशियन, बिजनेसमैन से लेकर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज रहे हैं।
सुकेश हाई-प्रोफाइल लोगों को फोन कर खुद को बड़ा सरकारी अफसर बताता था। 2007 में उसने खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताते हुए बेंगलुरु डेवलपमेंट अथॉरिटी में काम कराने के बदले 100 से ज्यादा लोगों को ठगा था। इस मामले में सुकेश की गिरफ्तारी भी हुई थी। जेल से छूटने के बाद सुकेश ने दोबारा लोगों को ठगने का काम जारी रखा। सुकेश के ऊपर 30 से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं।
कहा जाता है कि तमिलनाडु में वो खुद को पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि का बेटा बताता था। वो खुद को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी का भतीजा बताकर भी कई लोगों से ठगी कर चुका है।
AIADMK नेता ने 2017 में कराया था केस
2017 में तमिलनाडु के नेता टीटीवी दिनाकरन ने दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच में सुकेश के खिलाफ ठगी का केस दर्ज कराया था। ये मामला पार्टी के चुनाव चिह्न से जुड़ा था। दरअसल, दिनाकरन AIADMK के नेता थे, लेकिन 2017 में पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। दिनाकरन चाहते थे कि AIADMK का दो पत्ती का चुनाव चिह्न उनके पास रहे। इसके लिए सुकेश ने उनसे 50 करोड़ रुपए लिए थे। सुकेश ने दिनाकरन को बताया था कि वह चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी को जानता है, जो इस काम को करा सकता है।
केस दर्ज होने के बाद अप्रैल 2017 में पुलिस ने सुकेश को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सुकेश जेल अधिकारियों और कैदियों के साथ साठगांठ कर जेल से ही ठगी का नेटवर्क ऑपरेट करने लगा। इस मामले में 5 जेल अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया था।
‘फतेह’ और ‘हाउसफुल-5’ में नजर आई थीं जैकलीन
जैकलीन की वर्कफ्रंट की बात करें तो हाल ही में उन्हें अजय देवगन की फिल्म ‘रेड-2’ के एक गाने में देखा गया था। इसी साल जैकलीन हॉटस्टार की सीरीज ‘है जुनून’ में भी दिखीं। इसके अलावा वो सोनू सूद की फिल्म ‘फतेह’ और ‘हाउसफुल-5’ में भी नजर आई थीं। जल्द ही अहमद खान की फिल्म ‘वेलकम टु जंगल’ में भी दिखेंगी। ये कॉमेडी एक्शन फिल्म होगी, जिसमें एक साथ कई बड़े चेहरे नजर आने वाले हैं।
लंदन/नई दिल्ली, एजेंसी। लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार देर रात फिर भारत सरकार पर अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वे भारत नहीं लौट पा रहे हैं।
माल्या ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में माना है कि उनकी रू.14,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति से बैंकों को वसूली हुई है। यह रकम उन बैंकों को लौटाई गई, जिनका पैसा किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज के रूप में बकाया था।
विजय माल्या पर किंगफिशर एयरलाइंस के लिए SBI समेत कई बैंकों से करीब रू.9,000 करोड़ का कर्ज लेने और उसे नहीं चुकाने का आरोप है।
बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने और CBI-ED की जांच के बीच 2 मार्च 2016 यानी 10 साल 6 महीने पहले पहले वे माल्या भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए। बाद में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया था।
माल्या का दावा- ED ने बैंकों को 14 हजार करोड़ लौटाए
माल्या ने बुधवार देर रात भी X पर कई पोस्ट किए। इनमें उन्होंने हाल के कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों का जिक्र किया और कहा कि उनके साथ अब भी अन्याय हो रहा है।
विजय ने एक पोस्ट में यह भी कहा, “मेरे साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए मुझे लगता है कि मुझे कॉकरोच बन जाना चाहिए। शायद कॉकरोच बनकर बेहतर जिंदगी जी सकूं। मैं भगोड़ा नहीं हूं। ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया ने मुझे भारत लौटने से रोक रखा है।”
माल्या ने ED की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल बताए गए हलफनामे का एक हिस्सा साझा किया। उन्होंने दावा किया कि उसमें उनसे 14,131.60 करोड़ रुपए की वसूली का जिक्र है।
उन्होंने लिखा, “बॉम्बे हाईकोर्ट में ED की ओर से दाखिल हलफनामा। पैराग्राफ 7 में तय कर्ज है और पैराग्राफ 17 में 2021 में वसूल किए गए 14,131.60 करोड़ रुपए दिखाए गए हैं।”
माल्या ने कहा, “पांच साल बाद भी मुझे ऐसा व्यक्ति बताया जा रहा है, जिसने बैंकों को धोखा दिया। मुझे गलत तरीके से भगोड़ा बताया गया है।” उन्होंने वसूली का लेखा-जोखा दिखाने वाली एक टेबल भी शेयर की।
उन्होंने लिखा, “जो लोग निष्पक्ष और सही हिसाब-किताब पर भरोसा करते हैं, वे यह तालिका देखें। क्या मीडिया की ओर से मुझे इस तरह निशाना बनाया जाना और किसी पत्रकार की स्क्रिप्ट की शुरुआत में ही मुझे धोखेबाज कहना सही है? यह पूछना शुरू क्यों नहीं किया जाता कि मुझे मेरा रिफंड कब मिलेगा।”
मार्च 2016 में देश छोड़कर गए थे, 2019 में भगोड़ा घोषित
माल्या मार्च 2016 में यूके चले गए थे। इसके बाद साल 2019 में अधिकारियों ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया था।
इस कानून के तहत प्राधिकारियों को संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिला है। भारत सरकार लगातार यूके से उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है।
क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम
भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) कानून उन आर्थिक अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बनाया गया है जो भारतीय अदालतों की कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़कर भाग जाते हैं।
इस कानून के तहत अदालतों को मामले की सुनवाई पूरी होने से पहले ही आरोपी की देश और विदेश में मौजूद संपत्तियों को अटैच यानी जब्त करने और उन्हें नीलाम/बेचकर बैंकों का बकाया वसूलने का अधिकार मिलता है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फरवरी में दी थी अंतिम मोहलत
इस साल फरवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचने वाला व्यक्ति न्यायसंगत राहत की मांग नहीं कर सकता।
कोर्ट ने माल्या से कहा था कि यह आखिरी मौका है, वे बताएं कि भारत लौटना चाहते हैं या नहीं। माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून और उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने को चुनौती दी है।
काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने 35 टन राहत और बचाव सामग्री की 8वीं खेप भेजी। भारतीय वायुसेना का विमान बुधवार को काठमांडू पहुंचा। इसके साथ भारत अब तक 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेज चुका है।
खेप में टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं और रेस्क्यू उपकरण शामिल हैं। भारत ने राहत अभियान 26 अगस्त को शुरू किया था।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 1367 शव बरामद हुए हैं। 102 शवों की पहचान हो चुकी है। पहचान के लिए DNA सैंपल जुटाए जा रहे हैं और भारत समेत कई देशों के फोरेंसिक विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं।
नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें…
नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद कीचड़ से दबे मकान।
हादसे में जान गंवाने वाले रिश्तेदार की फोटो देखते परिजन। ये तस्वीरें मार्चुरी के बाहर लगाई गई हैं।
चिलिमे टनल में 105 मीटर तक पहुंची नेपाली-भारतीय सेना की टीम
रसुवा जिले के चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में नेपाली और भारतीय सेना की टीम मिलकर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। टीम अब तक सर्विस टनल के अंदर करीब 105 मीटर तक पहुंच गई है।
प्रोजेक्ट तक जाने वाली सड़क से मलबा हटाने का काम भी चल रहा है। प्रभावित इलाके के दोनों तरफ आने-जाने के लिए रोप लाइन लगा दी गई है।
बाढ़ आने के दिन ही नेपाली सेना की टीम मौके पर पहुंच गई थी। टीम ने पहले इलाके का जायजा लिया और फिर टनल के मुहाने से मिट्टी और मलबा हटाकर अंदर गई। यहां से दो लोगों के शव बरामद किए गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मौके पर मौजूद एक्सकेवेटर के साथ बॉबकैट एक्सकेवेटर भी लगातार मलबा हटाने और खुदाई में लगाया गया है।
नेपाल में रेस्क्यू से जुड़ी तस्वीरें…
नेपाल बाढ़ में AI से शवों की पहचान की कोशिश
नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ के बाद लापता लोगों और अज्ञात शवों की पहचान के लिए FaceTagr AI तकनीक की मदद ली जा रही है। यह तस्वीरों और वीडियो में चेहरों का मिलान कर लापता लोगों से संभावित मैच तलाशती है।
FaceTagr हजारों रिकॉर्ड में से 5-10 संभावित मैच सामने लाता है। परिवार इन मैचों को देख सकते हैं, जबकि अंतिम पहचान नेपाल पुलिस या संबंधित सरकारी एजेंसियां करती हैं।
FaceTagr से जुड़े समीर पंथी के मुताबिक, अब तक करीब 500 लापता लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। सिस्टम ने करीब 90 शवों की पहचान में मदद की है। हालांकि, यह नेपाल पुलिस के कुल आधिकारिक पहचान आंकड़े से अलग है।
रेस्क्यू और फोरेंसिक मदद के लिए 54 विशेषज्ञ नेपाल भेजे
भारत ने राहत सामग्री के साथ 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें टनल रेस्क्यू और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं।
विशेष रेस्क्यू टीम नेपाली सेना के साथ चिलिमे और लांगटांग में अभियान चला रही है, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञ काठमांडू की दो लैब में DNA जांच में मदद कर रहे हैं।
भारत ने इसके लिए DNA किट, रिऐजेंट और प्रोफाइलिंग उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं।
पणजी, एजेंसी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘मुझे मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में हो रही देरी को लेकर शर्मिंदगी महसूस होती है। ये काम 2016 तक पूरा होना था, लेकिन 15 साल में सिर्फ 94% ही पूरा हुआ है।’
गडकरी ने यह बात बुधवार को पणजी में छह लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में कही। उन्होंने कहा, ‘हाईवे का काम पूरा होने के बाद मैं इसके उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होऊंगा। मैं ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का रिकॉर्ड बनाना चाहता हूं।’
गडकरी ने इस साल 22 जुलाई को राज्यसभा में बताया था कि पिछले 3 साल में नेशनल हाईवे निर्माण में खराब गुणवत्ता वाले काम के लिए 103 ठेकेदार और कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया और उन पर जुर्माना लगाया गया।
मुंबई-गोवा हाईवे: 15 साल से काम चल रहा, कई जगह गड्ढे
मुंबई-गोवा हाईवे का चौड़ीकरण का काम 2011 में शुरू हुआ था। इसके बाद भी यह अब तक पूरा नहीं हुआ है। 440 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में काम पूरा होने के बावजूद कई जगह सड़क पर गड्ढे, पानी भरने, मरम्मत और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
हाईवे पर मई में खारपाड़ा टोल प्लाजा पर टोल लेना शुरू किया गया था। इसके बावजूद परियोजना के कुछ हिस्सों में काम और सुधार जारी है। हाईवे पर बंदरों के लिए 2021 में बनाया गया एक ओवरपास भी ढह चुका है, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं।
हाईवे का काम 2016 तक पूरा होना था
मुंबई-गोवा हाईवे का काम पहले 2016 तक पूरा किया जाना था। जमीन अधिग्रहण, निर्माण से पहले की मंजूरियों और ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं के कारण काम में लगातार देरी हुई।
2024 में केंद्र सरकार ने भी संसद में बताया था कि जमीन अधिग्रहण और कुछ ठेकेदारों की आर्थिक दिक्कतों के कारण परियोजना में देरी हुई।
यह हाईवे मुंबई को कोंकण के रास्ते गोवा से जोड़ता है। इसका महाराष्ट्र वाला हिस्सा करीब 460 किलोमीटर है। परियोजना का यह मार्ग पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।