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छत्तीसगढ़

नशे में टल्ली होकर स्कूल पहुंचा टीचर :बोला- मुझे सस्पेंड कर दो, घर बैठकर लूंगा आधी सैलरी, शराब पीना मेरा आपसी मामला

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धमतरी,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक टीचर शराब के नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचा और खुलेआम खुद को सस्पेंड करने की मांग करने लगा। वायरल वीडियो में वह कहता नजर आ रहा है- “मुझे सस्पेंड कर दो, मैं सस्पेंड होना चाहता हूं। आधा वेतन मिलेगा तो घर में बैठकर ही नौकरी करूंगा।” मौके पर मौजूद लोगों ने टीचर का वीडियो बना लिया, जो अब वायरल हो रहा है।

यह घटना मगरलोड ब्लॉक के प्राथमिक शाला छोटी करेली का है। जहां टीचर कुर्सी पर बैठकर बहकी-बहकी बातें करने लगा। टीचर बार-बार कहता, “मुझे सस्पेंड कर दो, मैं खुद सस्पेंड होना चाहता हूं। शराब के नशे में हंगामा करते हुए टीचर का वीडियो वायरल होने के बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया है।

धमतरी में शराब के नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक खुद को सस्पेंड करने की मांग करने लगा।

धमतरी में शराब के नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक खुद को सस्पेंड करने की मांग करने लगा।

बलरामपुर में हेडमास्टर शराब पीकर स्कूल पहुंचा

इसके अलावा बलरामपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र बंदरचुआं का हेडमास्टर शराब पीकर स्कूल पहुंचा। 3 जुलाई को जब कुछ युवक बंदरचुआं के स्कूल पहुंचे तो हेडमास्टर की कुर्सी पर स्कूल का स्वीपर सोता रहा था और हेडमास्टर पंचू राम शराब के नशे में थे, बच्चे खुद से पढ़ाई कर रहे थे। इसका वीडियो भी सामने आया है।

हेडमास्टर ने खुद स्वीकार किया कि उसने एक पाव महुआ शराब पी ली थी। कुसमी बीईओ ने बताया कि हेडमास्टर आदतन शराबी है। स्कूल के हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए पत्र डीईओ बलरामपुर को भेजा गया है। यह स्कूल एकल शिक्षकीय है।

बलरामपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र बंदरचुआं का हेडमास्टर शराब पीकर स्कूल पहुंचा।

बलरामपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र बंदरचुआं का हेडमास्टर शराब पीकर स्कूल पहुंचा।

कहा- सस्पेंड होने के बाद आधी तनख्वाह तो मिलेगी ही

धमतरी जिले की बात करें तो स्कूल में मौजूद शख्स ने टीचर से पूछा कि शराब पीकर स्कूल आना गलत काम नहीं है। जवाब में टीचर ने कहा, शराब पीना मेरा आपसी मामला है।

शिक्षक आगे कहता है कि “घर-परिवार की कोई चिंता नहीं है, सस्पेंड होने के बाद आधी तनख्वाह तो मिल ही जाएगी। बीईओ साहब को मैं खुद बुलाऊंगा।”

कुर्सी पर बैठकर नशे में बड़-बड़ा रहा था टीचर।

कुर्सी पर बैठकर नशे में बड़-बड़ा रहा था टीचर।

नशे में धुत टीचर का वीडियो वायरल

वहां मौजूद शख्स ने शराब के नशे में धुत टीचर का वीडियो बना लिया, और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। तब यह मामला शिक्षा विभाग तक पहुंचा।

डीईओ ने टीचर के खिलाफ लिया एक्शन

जिला शिक्षा अधिकारी टीआर जगदल्ले ने बताया कि वीडियो में शिक्षक नशे में दिखाई दे रहा है। उस शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इधर, इस घटना से पेरेंट्स में नाराजगी है। उनका कहना है कि इस तरह के टीचर से बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि दोबारा कोई इस तरह की हरकत न करे।

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छत्तीसगढ़

GGU लॉ डिपार्टमेंट पेपर लीक मामला, री-एग्जाम का नोटिफिकेशन रद्द:छात्रों के विरोध के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन का फैसला, 27 जुलाई से होना था एग्जाम

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) ने 27 जुलाई को होने वाली BA-LLB के छठे सेमेस्टर की परीक्षा का नोटिफिकेशन रद्द कर दिया है। छात्रों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह फैसला लिया। अब इस परीक्षा का नोटिफिकेशन भी रद्द कर दिया है।

छात्रों ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और री-एग्जाम के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। रजिस्ट्रार प्रो. अश्वनी दीक्षित और अन्य अधिकारियों ने छात्रों को समझाइश दी।

दोबारा परीक्षा के लिए समय नहीं, इसलिए विरोध

छात्रों का कहना था कि दोबारा परीक्षा के लिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया है, जिससे तैयारी करना संभव नहीं होगा। दोपहर से ही छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर विभागाध्यक्ष (HOD) से चर्चा कर रहे थे।

हालांकि कोई समाधान नहीं निकलने पर उनका आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र प्रशासनिक भवन पहुंच गए और विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि री-एग्जाम का नोटिफिकेशन वापस नहीं लिया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। छात्रों के बढ़ते विरोध और हंगामे को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आखिरकार री-एग्जाम की अधिसूचना निरस्त करने की घोषणा कर दी।

रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

बीए-एलएलबी के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा दोबारा कराने पर आपत्ति जताई थी। छात्रों का कहना था कि जिस फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है, उसे पारदर्शिता के लिए सार्वजनिक किया जाए। साथ ही री-एग्जाम संबंधी अधिसूचना वापस लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।

डेढ़ महीने तक दबी रही जांच रिपोर्ट

पेपर लीक मामले की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 6 जून को अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी थी। इसके बावजूद करीब डेढ़ महीने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल को कार्यकाल विस्तार मिलने के बाद मंगलवार (21 जुलाई) को अचानक परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। इसे लेकर भी छात्र सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई।

समर्थ पोर्टल हैक नहीं, लॉगिन आईडी से लीक हुआ था पेपर

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच में सामने आया कि समर्थ पोर्टल हैक नहीं हुआ था, बल्कि लॉगिन आईडी और पासवर्ड के जरिए प्रश्नपत्र और अन्य डेटा लीक किया गया। कमेटी ने मामले की पुलिस जांच कराने की भी अनुशंसा की है।

जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने विभागीय जांच समिति बनाई है, जिसमें प्रो. एससी श्रीवास्तव, प्रॉक्टर प्रो. मुकेश कुमार सिंह, प्रो. खेमचंद देवांगन, ओएसडी प्रो. भारती अहिरवार और असिस्टेंट रजिस्ट्रार (परीक्षा) टी.पी. सिंह शामिल हैं।

पहले हटाए जा चुके हैं लॉ विभाग के डीन और एचओडी

पेपर लीक मामले में सवाल उठने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही लॉ विभाग के तत्कालीन एचओडी एवं डीन प्रो. सुधांशु रंजन मोहापात्रा को पद से हटा दिया है। उनकी जगह इतिहास विभाग के प्रो. प्रवीण मिश्रा को लॉ विभाग का नया एचओडी और डीन बनाया गया है। छात्रों ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति और विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष तक भी पहुंचाई थी।

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छत्तीसगढ़

शेयर ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का झांसा:जांजगीर-चांपा में व्यापारी से 2.04 करोड़ की ठगी, आरोपी पति-पत्नी रायपुर से गिरफ्तार

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले में शेयर मार्केट में निवेश कर रकम दोगुनी करने का लालच देकर एक व्यापारी से 2 करोड़ 4 लाख 97 हजार 502 रुपये की ठगी करने वाले फरार पति-पत्नी को चांपा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार थे। पुलिस ने नया रायपुर से उन्हें पकड़कर लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और चेकबुक जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार, चांपा निवासी बैटरी व्यापारी हेमदत्त केशरवानी ने 24 मई को थाना चांपा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पहचान मारुति विहार कॉलोनी निवासी हरिशंकर गुप्ता और उनकी पत्नी रेखा गुप्ता से थी। हरिशंकर ने खुद को यूनियन बैंक चांपा का कर्मचारी बताया और शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया।

2 करोड़ से ज्यादा निवेश कराया

आरोपियों के झांसे में आकर व्यापारी ने बैंक से लोन लेकर तथा अन्य लोगों के माध्यम से चेक और आरटीजीएस के जरिए 2.04 करोड़ रुपये से अधिक उनके खातों में जमा करा दिए। बाद में आरोपियों ने केवल 39 लाख 99 हजार 400 रुपये लौटाए और बाकी रकम देने में टालमटोल करते हुए फरार हो गए।

तकनीकी जांच से नया रायपुर में मिले

मामला दर्ज होने के बाद चांपा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की लोकेशन नया रायपुर में ट्रेस की। पुलिस टीम ने दबिश देकर हरिशंकर गुप्ता (43) और रेखा गुप्ता (42) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने ठगी की बात स्वीकार कर ली।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और चेकबुक जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और चेकबुक जब्त किए हैं। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

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कोरबा

कोरबा प्रेस क्लब में जयसिंह और अरुण साव आमने-सामने:शपथ ग्रहण समारोह में विकास पर सियासी बहस, उपलब्धियों और चुनावी नतीजों को लेकर तीखी नोकझोंक

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कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब के शपथ ग्रहण समारोह का मंच गुरुवार को उस समय राजनीतिक रंग में रंग गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रदेश सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव और उद्योग मंत्री तथा स्थानीय विधायक लखनलाल देवांगन भी मौजूद थे।

अपने संबोधन में जयसिंह अग्रवाल ने कहा, “सरकार अपनी ढाई साल की सिर्फ ढाई उपलब्धियां ही बता दे।” उन्होंने कहा कि यदि विकास के दावे किए जा रहे हैं तो उन पर खुले मंच से सार्वजनिक बहस होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकार के किसी भी मंत्री को कोरबा के विकास कार्यों पर चर्चा की चुनौती दी।

डिप्टी सीएम अरुण साव ने चुनावी नतीजों का हवाला देकर किया पलटवार

डिप्टी सीएम अरुण साव ने चुनावी नतीजों का हवाला देकर किया पलटवार

कोरबा का दौरा करने की दी सलाह

जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव लंबे समय बाद कोरबा आए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रहने के बजाय कोरबा, कुसमुंडा, गेवरा, दीपका, कटघोरा और बालको का दौरा करें, ताकि जिले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

महापौर पर नरमी, सरकार पर सवाल

पूर्व मंत्री ने कहा कि कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत का कार्यकाल अभी केवल 16 महीने का है, इसलिए उनके कामकाज पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा। वहीं उन्होंने राज्य सरकार के ढाई साल के कार्यकाल को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी अधिकारियों की गड़बड़ी का खुले मंच से विरोध किया जाता था।

अरुण साव का पलटवार

जयसिंह अग्रवाल के बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा, “पहले जयसिंह अग्रवाल अपने कार्यकाल का आत्ममंथन करें। पांच साल कांग्रेस की सरकार रही, महापौर भी उनके घर से थी, लेकिन जनता ने चुनाव में जवाब दे दिया।”

उन्होंने दावा किया कि वर्तमान भाजपा सरकार ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए काम कर रही है।

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