विदेश
फ्रांस में राष्ट्रपति की पत्नी के पुरुष होने की अफवाह:2 महिला यूट्यूबर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस, कहा था- जेंडर बदलकर शादी की
पेरिस,एजेंसी।फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट मैक्रों ने दो महिला यूट्यूबर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया है। इन महिलाओं ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा था कि ब्रिगिट मैक्रों महिला नहीं, बल्कि पुरुष हैं।
इनका कहना था कि ब्रिगिट का असली नाम जीन-मिशेल ग्रोग्रेन्क्स था। हालांकि यह नाम ब्रिगिट के भाई का है। जीन-मिशेल और ब्रिगिट की शक्ल आपस में काफी हद तक मिलती है।
इसके बाद प्रथम महिला ने इनके खिलाफ पेरिस की एक अदालत में केस किया था। कोर्ट ने सितंबर 2023 में दोनों महिलाओं को दोषी ठहराया था और उन्हें ब्रिगिट मैक्रों को 7 लाख रुपए और उनके भाई को 5 लाख रुपए हर्जाना देने का आदेश दिया था।
हालांकि पेरिस की एक अपील अदालत ने 10 जुलाई को इस फैसले को पलट दिया था। इसके बाद ब्रिगिट मैक्रों और उनके भाई ने अब इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है।

ब्रिगिट और उनके भाई जीन-मिशेल ट्रोगन्यू की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
यह मामला दिसंबर 2021 का है, जब अमंडाइन रॉय नाम की महिला यूट्यूबर ने एक पत्रकार नताशा रे का इंटरव्यू किया। 4 घंटे के इस इंटरव्यू में नताशा ने दावा किया कि ब्रिगिट मैक्रों पुरुष हैं। नताश रे ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस जानकारी के लिए 3 साल तक रिसर्च की।
रे ने दावा कि जीन मिशेल ने लिंग परिवर्तन कराने के बाद इमैनुएल मैक्रों से शादी की थी। यह वीडियो वायरल हो गया और पूरी दुनिया में इसे लेकर कॉन्सपिरेसी थ्योरी फैलने लगी।

अमंडाइन रॉय यूट्यूब पर एक अध्यात्मिक चैनल चलाती हैं।
राष्ट्रपति मैक्रों ने अमेरिकी पत्रकार को नोटिस दिया
अमेरिका में भी यह मामला तेजी से फैला। दो ट्रम्प समर्थक पत्रकारों कैंडेस ओवेन्स और टकर कार्लसन ने इसे सबसे ज्यादा हवा दी। दोनों ने इससे जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं। उन्होंने दावा करते हुए खहा कि यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक घोटाला है।
ओवेन्स ने दावा किया कि ब्रिगिट और उनके भाई जीन-मिशेल ट्रोग्नेक्स वास्तव में एक ही व्यक्ति हैं। यानी ब्रिगिट पहले जीन-मिशेल के नाम से एक पुरुष थीं और बाद में लिंग परिवर्तन कर महिला बनीं।
ओवेन्स ने यहां तक कहा कि वह अपनी पूरी पेशेवर प्रतिष्ठा इस बात पर दांव पर लगा देंगी कि ब्रिगिट मैक्रों वास्तव में पुरुष हैं।
इन दावों के खिलाफ ब्रिगिट मैक्रों की कानूनी टीम ने प्रतिक्रिया दी। जनवरी 2025 में ओवेन्स ने एक वीडियो में कहा कि उन्हें फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के वकीलों की ओर से कानूनी नोटिस मिला है।
उस नोटिस में साफ कहा गया था कि ब्रिगिट मैक्रों को अपनी महिला होने का प्रमाण किसी को देने की जरूरत नहीं है और ओवेन्स का व्यवहार अपमानजनक है।
फिर भी, ओवेन्स इस पूरे अभियान से पीछे नहीं हटीं। उन्होंने यूट्यूब पर “Becoming Brigitte” नाम की एक वीडियो सीरीज चलाई, जिसमें उन्होंने बार-बार ब्रिगिट मैक्रों की लिंग पहचान पर सवाल उठाए हैं।
ओवेन्स का कहना है कि यह एक बहुत बड़ा राज है, जिसे सरकार और मीडिया मिलकर छुपा रहे हैं। ओवेन्स ने फरवरी 2025 में एक फ्रांसीसी पत्रकार जेवियर पौसार्ड के साथ इंटरव्यू किया, जिन्होंने “Becoming Brigitte” नाम की किताब भी लिखी है। अमेजन पर उनकी किताब बेस्टसेलर बन चुकी है।
नताचा रे ने रूस में शरण मांगी थी
फ्रांसीसी पत्राकर नताचा रे 2017 से ब्रिगिट मैक्रों के पुरुष होने का दावा कर रही हैं। इस साल की शुरुआत में उन्होंने रूस में राजनीतिक शरण मांगी थी।
रे और उनके वकील फ्रांस्वा डांगलहंट ने रूसी मीडिया को बताया कि उन्हें फ्रांस में सताया जा रहा है, और वे रूस को एक महान लोकतंत्र मानती हैं जहां पर अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा की जाती है।
रे ने फ्रांस सरकार पर अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने का आरोप लगाया। रे ने अपनी तुलना एडवर्ड स्नोडन से की थी, जिन्हें अमेरिका की खुफिया जानकारी लीक करने के बाद रूस में शरण मिली थी।

नताचा रे फ्रांस की एक पत्रकार हैं। उन्होंने सबसे पहले 2017 में दावा किया था कि मैक्रों की पत्नी एक पुरुष हैं।
मैक्रों से 24 साल बड़ी हैं ब्रिजिट
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी के उम्र के अंतर को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बातें होती रहती हैं। बता दें, ब्रिजिट मैक्रों से 24 साल बड़ी हैं।
साल 1992 में जब इमैनुएल मैक्रों 15 साल के थे, उनकी मुलाकात ब्रिगिट ट्रोन्यू से हुई थी। ब्रिगिट तब 39 साल की थीं और उत्तरी फ्रांस के अमिएंस में ला प्रोविडेंस हाई स्कूल में फ्रेंच और ड्रामा की टीचर थीं। इमैनुएल उस स्कूल में पढ़ते थे।
ब्रिगिट की बेटी मैक्रों की क्लासमेट थी। दोनों अच्छे दोस्त थे और अक्सर साथ दिखाई देते थे। ऐसे में कई लोग दोनों को गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड समझते थे। लेकिन मैक्रों को उनकी क्लासमेट नहीं बल्कि उसकी टीचर मां पसंद थीं।
इमैनुएल स्कूल के ड्रामा क्लब में शामिल हुए, जहां ब्रिगिट ड्रामा सिखाती थीं। दोनों ने एक साथ एक नाटक पर काम किया, जिसमें इमैनुएल ने स्क्रिप्ट लिखने में मदद की। यहीं से उनकी नजदीकी शुरू हुई।

ब्रिजिट मैक्रों से 24 साल बड़ी हैं। ब्रिगिट की बेटी मैक्रों की क्लासमेट थी।
पिता ने स्कूल छुड़वाया, फिर भी प्यार बरकरार रहा
इमैनुएल ने बाद में बताया कि उन्हें तब ही ब्रिगिट से प्यार हो गया था। इमैनुएल और ब्रिगिट के बीच बढ़ती नजदीकी की चर्चा स्कूल में हो गई। इमैनुएल के माता-पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे। उन्होंने इमैनुएल को पेरिस भेज दिया ताकि वह ब्रिगिट से दूर रहें।
उन्होंने ब्रिगिट को धमकी भी दी कि जबतक उनका बेटा बालिग नहीं हो जाता, तब तक वह उनसे दूर रहे। मैक्रों ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उसी समय मैंने ठान लिया था कि मुझे सफल होना है। मैं अपने माता-पिता को साबित करना चाहता था कि मैंने अपनी टीचर से प्यार करके कोई गलती नहीं की थी।
पेरिस में पढ़ाई के दौरान इमैनुएल ने ब्रिगिट से संपर्क बनाए रखा। उन्होंने पत्र लिखे और फोन पर बात की। इमैनुएल ने बाद में एक इंटरव्यू में कहा-

मैंने ब्रिगिट से कहा था कि मैं किसी भी हाल में उनसे शादी करूंगा।

यह तस्वीर 1993 की है। एक नाटक में अभिनय करने के बाद 15 वर्षीय मैक्रों को उनकी टीचर ब्रिगिट ने चूम लिया था।
मैक्रों से मुलाकात के 14 साल बाद पति को तलाक दिया
ब्रिगिट के पति एक बैंकर आंद्रे-लुई औजिए थे। ब्रिगिट ने 2006 में अपने पति से तलाक ले लिया। इसके एक साल बाद 2007 में दोनों ने फ्रांस के तटीय शहर ले टौके में शादी की। उस वक्त इमैनुएल की उम्र 29 साल और ब्रिगिट 54 की थीं।
इमैनुएल ने अपने शादी के भाषण में ब्रिगिट के बच्चों को धन्यवाद दिया कि उन्होंने उन्हें स्वीकार किया। इमैनुएल ने कभी अपने बच्चों की इच्छा नहीं जताई, और वह ब्रिगिट के बच्चों और उनके पोते-पोतियों के साथ पारिवारिक जीवन जीते हैं।
शादी के बाद, ब्रिगिट ने इमैनुएल के करियर में अहम भूमिका निभाई। वह उनकी सलाहकार रही हैं और उनके राजनीतिक अभियानों में सक्रिय रहीं। ब्रिगिट ने अपनी टीचिंग जॉब छोड़ दी और फ्रांस की प्रथम महिला के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।

इमैनुएल और ब्रिजिट मैक्रॉन ने 20 अक्टूबर 2007 को शादी की थी।
विदेश
अमेरिका में ईरानी स्लीपर सेल एक्टिव, तेहरान से बस “Go” का इंतजार ! FBI और DHS हाई अलर्ट पर
वाशिंगठन, एजेंसी। मध्य-पूर्व में बम और मिसाइलें गरज रही हैं, लेकिन अमेरिका के भीतर खामोशी में एक और खतरा पनप रहा है। ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेहरान से कथित “गो सिग्नल” मिलने पर स्लीपर सेल या कट्टरपंथी समर्थक बदले की कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि सरकार ने अभी तक किसी ठोस आतंकी साजिश की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सतर्क मोड में है।
देशभर में FBI और DHS की बड़ी तैनाती
Federal Bureau of Investigation (FBI) और United States Department of Homeland Security (DHS) ने काउंटर-टेरर टीमों को सक्रिय कर दिया है। FBI निदेशक काश पटेल (Kash Patel) के नेतृत्व में जॉइंट टेररिज्म टास्क फोर्स वॉशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क और लॉस एंजिलिस जैसे शहरों में चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। पूर्व DHS सलाहकार चार्ल्स मैरीनो ने चेतावनी दी है कि “10, 15 या 20 लोगों का कोई सेल एक साथ या लगभग एक साथ हमला कर सकता है -यह संभव है।”
वर्ल्ड कप पर मंडराता काला साया
आगामी FIFA World Cup को “नेशनल स्पेशल सिक्योरिटी इवेंट” घोषित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े स्टेडियम जैसे MetLife Stadium आतंकियों के लिए हाई-विजिबिलिटी टारगेट हो सकते हैं। मैरीनो ने 2008 के 2008 Mumbai attacks जैसी समन्वित, बहु-स्थान हमलों की आशंका जताई।सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार खतरा ‘लोन वुल्फ’ से लेकर संगठित सेल तक कई स्तरों पर हो सकता है। ईरान समर्थित संगठित स्लीपर सेल खुद से कट्टरपंथी बने “लोन वुल्फ”, ऑनलाइन प्रचार से प्रेरित हमलावर ईरान से जुड़े संगठनों से Islamic Revolutionary Guard Corps, Hezbollah और Hamas पर विशेष नजर रखी जा रही है।
ऑस्टिन गोलीबारी की जांच
टेक्सास के ऑस्टिन में हाल की एक गोलीबारी भी जांच के दायरे में है। संदिग्ध के कपड़ों पर कथित रूप से ईरानी प्रतीक थे। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह व्यक्तिगत रूप से प्रेरित हमला था या अंतरराष्ट्रीय तनाव से जुड़ा हुआ
खतरे की असली चुनौती
अधिकारियों ने कांग्रेस को बताया है कि अभी तक अमेरिका पर किसी पूर्व-नियोजित ईरानी हमले की ठोस खुफिया जानकारी नहीं है। लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अनिश्चितता ही सबसे बड़ा खतरा है। “जब आप संभावना का प्रतिशत भी तय नहीं कर सकते, तो वही सबसे डरावनी स्थिति होती है,” एक पूर्व अधिकारी ने कहा। अमेरिका के भीतर फिलहाल शांति है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। बड़े सार्वजनिक आयोजन, भीड़भाड़ वाले स्थल और राष्ट्रीय प्रतीकात्मक स्थान आने वाले हफ्तों में कड़ी सुरक्षा घेरे में रहेंगे।
विदेश
बेरूत में हमलों के बीच पैसेंजर प्लेन ने उड़ान भरी
तेल अवीव/तेहरान,एजेंसी। ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल हमले का आज चौथा दिन है। इजराइली और अमेरिकी सेनाओं ने मंगलवार को भी ईरान के अहम ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमले किए। उसने गल्फ देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बर्बाद करने का दावा भी किया।
शनिवार को शुरू हुई इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई की मौत हो चुकी है। अमेरिका-इजराइल तीन दिन में 2000 से ज्यादा बम गिरा चुके हैं। इससे ईरान में 787 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 176 बच्चे शामिल हैं।
हमलों के बीच पर्व, प्रार्थना

इजराइल में यहूदी पर्व पुरिम ( Purim) मनाया जा रहा है। इस मौके पर तेल अवीव में मंगलवार को एक बम शेल्टर में स्थानीय लोगों ने बुक ऑफ ईथर का पाठ किया और तोराह स्क्रॉल उठाया। यह पर्व प्राचीन फारस में यहूदियों के नरसंहार से बचाए जाने की स्मृति में मनाया जाता है।
हमलों के बीच संदेश

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नह्यान और दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हामदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम दुबई मॉल में खरीदारी कर रहे लोगों के बीच घूमते नजर आए। यह घटना ऐसे समय में हुई जब देश ने ईरान की तरफ से लॉन्च किए गए ड्रोन और हवाई हमलों को इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की है।
जंग के बीच मजबूरी

लेबनान की राजधानी बेरूत में इजराइली हवाई हमलों के बीच पैसेंजर विमान को उड़ान भरते हुए देखा गया। यह पता नहीं चला कि वह कहां जा रहा था। कहा गया इस विमान से बेरूत में फंसे लोगों को निकाला गया।

UN की शरणार्थी एजेंसी UNHCR के मुताबिक, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद लेबनान में कम से कम 30,000 लोग अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शिफ्ट हो गए हैं।
हमलों में विरासत खत्म

इजराइल ने ईरान के 500 साल पुराने गोलिस्तान पैलेस पर हमला किया है। हमले में इसका कुछ हिस्सा डैमेज हो गया। वहां रखी गई कीमती और ऐतिहासिक चीजों को पहले ही सुरक्षित जगह पर रख दिया गया था, इसलिए वे बच गईं। साल 2013 में इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया गया था।
विदेश
ईरान से बात करेंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन:मिडिल ईस्ट देशों पर हमला रोकना मकसद, सऊदी क्राउन प्रिंस और कतर के अमीर से चर्चा कर चुके
तेल अवीव/तेहरान,एजेंसी। ईरान से जारी जंग के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान से बातचीत करेंगे। इसका मकसद मिडिल-ईस्ट देशों पर हो रहे हमलों को रोकना और बढ़ते तनाव को कम करना है।
पुतिन सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बातचीत कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने संघर्ष के गंभीर परिणामों को लेकर चिंता जताई।
क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन खाड़ी देशों की चिंताओं को सीधे तेहरान तक पहुंचाएंगे और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए हालात को स्थिर करने की कोशिश करेंगे।
हालिया हमलों में ईरान ने सऊदी रिफाइनरी, UAE के फुजैराह एनर्जी सेंटर और कतर के रस लाफान LNG फैसिलिटी को निशाना बनाया। इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है।
जंग में ईरान का नुकसान…
- 4 दिन में 787 लोगों की मौत हो चुकी है।
- 153 शहरों को निशाना बनाया गया।
- कुल 504 जगहों पर 1,039 हमले हुए।
- यह जानकारी ईरानियन रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने दी है।
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें…

ईरान के हमले से UAE में भारी नुकसान हुआ। सैटेलाइट इमेज में दुबई के पॉम बीच की हमले से पहले और बाद की तस्वीर।

इजराइली एयर डिफेंस सिस्टम का सोमवार रात ईरानी मिसाइल को गिराने का फुटेज।

ईरान की सरकारी मीडिया ने मिसाइल लॉन्च का नया फुटेज जारी किया है।

ईरान पर हमले के दौरान अमेरिकी सैनिक। सोर्स- इजराइली मीडिया वाइनेट।

ईरान ने सऊदी अरब की बड़ी तेल रिफाइनरी रास तनूरा पर हमला किया है। यहां हमले के बाद धुआं उठता नजर आया।

ईरान के सनंदज शहर पर हमला हुआ है। इसमें दो लोग मारे गए हैं।
-
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized5 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
