रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ बीजेपी में 60 लाख नए सदस्य जोड़ने पर अभियान में सक्रिय रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को CM साय ने सम्मानित किया। साय ने कहा कि, छत्तीसगढ़ बीजेपी के सदस्यता अभियान में इतना बड़ा लक्ष्य हमने प्राप्त किया है। इसलिए बहुत ही गौरव का अनुभव हो रहा है।
दरअसल, नवा रायपुर स्थित CM हाउस में उत्कृष्ट सदस्यता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सांसद, विधायक, पार्षद, जिला संयोजक और कार्यकर्ता शामिल हुए। जहां 200 से ज्यादा कार्यकर्ता सम्मानित किए गए।
सीएम साय ने कहा कि, यह पूरा अभियान प्रदेश प्रभारी अनुराग सिंहदेव, उनकी पूरी टीम और सक्रिय सदस्यता अभियान संजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में चला है। 60 लाख प्राथमिक और 65 हजार सक्रिय सदस्यता का लक्ष्य हमने हासिल किया है। सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, मंत्रियों, विधायकों और सांसदों ने उन्हें दिए गए लक्ष्य को पूरा किया है।
इसलिए कार्यकर्ताओं के सम्मान का अवसर मेरे लिए बेहद खास है। सभी समर्पित कार्यकर्ताओं पर अब बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि हमारी केंद्र और प्रदेश सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं को एक-एक कार्यकर्ता और मतदाता के घर तक पहुंचाना है।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा को भी सम्मानित किया गया।
कार्यकर्ताओं ने सदस्य बनाने परिश्रम की पराकाष्ठा की- किरण देव
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि, कार्यकर्ताओं के समर्पण और परिश्रम की पराकाष्ठा के चलते लगातार 4 चुनावों में भाजपा के प्रति अगाध स्नेह और समर्थन व्यक्त हुआ है। सभी कार्यकर्ताओं से इसी उत्साह और ऊर्जा के साथ भविष्य में भी संगठन और जनसमर्थन के विस्तार में जुटे रहने की बात कही।
केंद्र-राज्य में फिर से दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाने का लक्ष्य रखे- अजय जम्वाल
क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कहा कि, आप लोगों ने मेहनत के साथ छत्तीसगढ़ के सपनों को पूरा किया है। भाग्य तभी बदलता है, जब मेहनत चरम सीमा पर होती है। मेहनत करके आपने अब तक का सर्वश्रेष्ठ परिणाम दिया है। अब हम और अच्छी मेहनत करके अगली केंद्र और प्रदेश सरकार दो-तिहाई बहुमत से लेकर हम आएंगे, इसका संकल्प लेते हैं।
भाजपा सदस्यता अभियान में बीजेपी जिला उपाध्यक्ष ललित जैसिंघ को भी सम्मानित किया गया।
सदस्यता अभियान प्रभारी अनुराग सिंहदेव ने बताए आंकड़े
पहले 10 दिन में 2.69 लाख सदस्य बनाए।
भाजपा सदस्यता अभियान के 20वें दिन 10 लाख से ऊपर पहुंच गए।
30वें दिन 18 लाख, 40वें दिन 26 लाख, 50वें दिन 32 लाख, 60वें दिन 41 लाख, 70वें दिन 55 लाख और 86वें दिन 60 लाख की मेंबरशिप को पार किया।
इस तरह निर्धारित अवधि में 60 लाख से अधिक सदस्य बनाए
सामान्य वर्ग के 18 प्रतिशत, ओबीसी वर्ग के 54 प्रतिशत, अजजा वर्ग के 18 प्रतिशत, अजा वर्ग में 9 प्रतिशत, महिला 20 प्रतिशत और पुरुष 80 प्रतिशत ने सदस्यता ली।
40 लाख ऑनलाइन सदस्यता हुई। 20 लाख सदस्यता दूरस्थ इलाकों में ऑफलाइन हुई।
यह आंकड़े भी जानिए
1 हजार से 3 हजार तक सदस्य कुल 115 लोगों ने बनाया।
3 हजार से 5 हजार कुल 50 लोगों ने, 5 हजार से 10 हजार तक कुल 20 लोगों ने, 10 हजार से 20 हजार कुल 51 लोगों ने और 20 से अधिक कुल 6 लोगों ने सदस्यता के लक्ष्य को पार किया है।
18 से 25 साल के कुल 30 प्रतिशत, 26-35 साल तक के 33 प्रतिशत, 36-50 साल तक के 26 प्रतिशत, 51 से 65 वर्ष तक के 9 प्रतिशत और 65 प्लस के 02 प्रतिशत लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली।
बीजेपी ने नवंबर में इसे अपने सोशल मीडिया पेज पर शेयर किया था।
अब पढ़ें किस विधायक ने सदस्य बनाने में किया टॉप, किस जिलों से कितने सदस्यों का सम्मान
सबसे पहले पढ़े सदस्यता अभियान कब शुरू हुआ
छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने 3 सितंबर 2024 को सदस्यता अभियान की शुरुआत की थी। अध्यक्ष ने सीएम विष्णुदेव साय को पहली सदस्यता दिलाई थी। सीएम के बाद प्रदेश स्तर पर अभियान चला। कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों ने मिलकर 60 लाख नए सदस्यों को जोड़ा।
इस अभियान को लेकर किरण सिंहदेव ने भाजपा के सभी नगर अध्यक्षों, जिलाध्यक्षों और सदस्यता अभियान प्रभारियों को निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों में स्पष्ट था, कि पार्टी का सदस्य बनाते वक्त पूरी सावधानी बरतें। सदस्यता अभियान के दौरान बीजेपी नेताओं ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों और मंडलों में बैठक लेकर केंद्र प्रभारी, बूथ प्रभारी और मंडल स्तर के पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की थी।
सबसे ज्यादा सदस्य बनाने की रेस में टॉप-3 में आए ये विधायक।
सदस्य बनाने में टॉप-3 में आए ये MLA
संगठन के पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, संगठन में नए सदस्य जोड़ने पर बीजेपी विधायक रिकेश सेन, भावना बोहरा और अजय चंद्राकर टॉप 3 श्रेणी में आए है।
वहीं रायपुर शहर से 12 नेता हैं, जिन्होंने 3 हजार से अधिक सदस्य बनाए हैं। इनमें विधायक पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, सहित अन्य लोग शामिल हैं।
इनका भी हुआ सम्मान
बीजेपी ने इस पोस्ट को अपने सोशल मीडिया पेज पर शेयर किया है।
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इस तरह बीजेपी ने बनाए सदस्य
भारतीय जनता पार्टी ने सदस्यता अभियान को सफल बनाने के लिए 2 सितंबर से ऑनलाइन माध्यम से काम शुरू कर दिया था। अभियान के तहत नए सदस्यों को जोड़ने के लिए मिस्ड कॉल, नमो एप, वेबसाइट और क्यूआर कोड स्कैन जैसे डिजिटल तरीकों का सहारा लिया गया।
पार्टी के नियमों के मुताबिक, बीजेपी की सदस्यता की अवधि 5 साल होती है। इस अवधि के बाद सदस्यता समाप्त हो जाती है, और व्यक्ति को दोबारा सदस्यता लेनी होती है। इसी प्रक्रिया के तहत पार्टी हर पांच सालों में सदस्यता अभियान चलाकर पुराने सदस्यों का नवीनीकरण और नए सदस्यों को जोड़ने का कार्य करती है।
इन जिलों में भी अलग-अलग नेताओं को दी गई थी जिम्मेदारी
सुकमा में ओजस्वी मंडावी, अरुण सिंह भदौरिया और हूंगाराम मरकाम, जी. वेंकट और सुखलाल पुजारी।
दंतेवाड़ा में श्रीनिवास राव मद्दी, विजय तिवारी, कुमार सिंह भदौरिया।
नारायणपुर में दिनेश कश्यप, बृजमोहन देवांगन और गौतम गोलछा।
कोंडागांव में महेश कश्यप, प्रवीण सिंह बदेशा और मनोज जैन, महावीर सिंह राठौर, निरंजन सिन्हा और सुमित्रा मारकोले।
बालोद में भोजराज नाग, प्रीतम साहू और यशवंत जैन।
बलौदाबाजार में पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा और श्याम बाई साहू।
महासमुंद में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूनम चंद्राकर और डॉ विमल चोपड़ा को जिम्मेदारी दी गई है।
जांजगीर-चांपा में विधायक धरमलाल कौशिक, कमला देवी पाटले, सौरभ सिंह और अंबेश जांगड़े।
सक्ती में प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, मेघाराम साहू और जगन्नाथ पाणिग्रही।
मुंगेली में सांसद कमलेश जांगड़े और विधायक पुन्नूलाल मोहले।
कोरबा में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और ननकीराम कंवर।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में मंत्री टंकराम वर्मा और निर्मल सिन्हा।
जशपुर में राधेश्याम राठिया और रणविजय सिंह जूदेव।
बलरामपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उद्धेश्वरी पैकरा।
सूरजपुर में सांसद चिंतामणि महाराज और रामसेवक पैकरा।
कोरिया में विधायक रेणुका सिंह और भैयालाल राजवाड़े।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और चंपादेवी पावले।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री रामजी भारती, कोमल जंघेल और विक्रांत सिंह।
मोहला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी में प्रदेश उपाध्यक्ष मधुसूदन यादव, प्रदेश महामंत्री भरतलाल वर्मा और संजीव शाह
राजनांदगांव में विधायक अमर अग्रवाल, खूबचंद पारख और अशोक शर्मा।
बेमेतरा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक ईश्वर साहू, लाभचंद बाफना, विधायक दीपेश साहू और प्रदेश मंत्री अवधेश चंदेल को को जिम्मेदारी दी गई है।
सक्ती। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास योजना को बड़ा विस्तार मिला है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (पीएमएवाय-जी) के तहत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की मंजूरी दी है। सक्ती जिले में आयोजित ‘प्रधानमंत्री आवास गृह प्रवेश’ और ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की और स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपा।
इस अवसर पर प्रदेश भर में नवनिर्मित 2 लाख आवासों में हितग्राहियों का एक साथ गृह प्रवेश कराया गया और उन्हें चाबियां सौंपी गईं। चौहान ने सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की।
चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक पीएम आवास बनकर तैयार हो रहेहैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के साथ सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
गरीब का पक्का घर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे: शर्मा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।
कका और कांग्रेस ने राज्य को तबाह किया: चौहान
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘कक्का’(कका) ने मिलकर छत्तीसगढ़ को तबाह कर दिया। उन्होंने सक्ती जिले में शामिल होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही।
चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के आवास के लिए भेजी गई राशि को कांग्रेस सरकार ने दबाकर रखा और प्रदेश के जरूरतमंदों को पक्के मकानों से वंचित किया। उन्होंने याद दिलाया कि गरीबों के हक के लिए भाजपा ने ‘मोर आवास मोर अधिकार’ आंदोलन चलाया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने लाठियां तक खाईं।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चेतन बोरघारिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।
ED ने कोर्ट में CGPSC घोटाले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के साथ चेतन बोरघारिया की वॉट्सऐप चैट मिलने की जानकारी दी। इसी आधार पर कोर्ट ने पूछताछ के लिए ED को उनकी 6 दिन की रिमांड दी है। अब ED उनसे CGPSC गड़बड़ी मामले में पूछताछ करेगी। चेतन बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में काम कर चुके हैं।
बता दें कि 6 दिन पहले ED ने घोटाले में आरोपी कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया था। ED ने आरोपी उत्कर्ष की रिमांड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी उत्कर्ष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 दिन पहले ही धमतरी और बलरामपुर में कार्रवाई की थी। धमतरी में एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया के अमलतास पुरम स्थित घर पर टीम ने छापा मारा गया, जबकि बलरामपुर में भी उनसे पूछताछ की गई थी।
इधर, CGPSC घोटाले की जांच में कैंडिडेट्स को परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है। ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी थी।
10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।
नौकरी दिलाने का दावा, 3 करोड़ से ज्यादा वसूली
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का कथित नेटवर्क तैयार किया था।
अभ्यर्थियों को परीक्षा के अलग-अलग चरणों में मदद और प्री परीक्षा से इंटरव्यू तक सफलता की गारंटी देने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। इसके बदले कैंडिडेट्स से 3 करोड़ रुपए से अधिक रकम वसूले जाने का दावा किया गया है।
ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।
पूर्व CM के PA और OSD के नाम का इस्तेमाल
जांच एजेंसी का दावा है कि, उत्कर्ष चंद्राकर ने कैंडिडेट्स से पैसे जुटाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक (PA) और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ रहे OSD के नाम और प्रभाव का भी इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को प्रभावित करने की बात सामने आई है।
जानिए क्या है CGPSC घोटाला
यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।
इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।
इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है।
एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेता कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है। तीनों नेताओं के इंटरव्यू राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से लिए जा रहे हैं।
दिल्ली बुलाए जाने के बाद अब नजर इस बात पर है कि इनमें से किसे राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती है। हालांकि अभी किसी नेता की नियुक्ति तय नहीं हुई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
राहुल-प्रियंका समेत राष्ट्रीय नेतृत्व ले रहा इंटरव्यू
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की भूमिका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत राष्ट्रीय नेतृत्व इस प्रक्रिया से जुड़ा है।
छत्तीसगढ़ से 3 नेताओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे प्रदेश के नेताओं की राष्ट्रीय संगठन में भूमिका बढ़ने की संभावना बनी है।
कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।
चयन हुआ तो प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में बढ़ेगी हिस्सेदारी
तीनों नेताओं के पास युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस और राष्ट्रीय संगठन में काम करने का अनुभव है। ऐसे में राष्ट्रीय सचिव के लिए इंटरव्यू तक पहुंचना ही प्रदेश कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
अगर इनमें से किसी नेता का चयन होता है तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस को राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ प्रदेश के युवा नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका भी बढ़ सकती है। फिलहाल सभी की नजर दिल्ली में चल रही चयन प्रक्रिया और उसके नतीजे पर है।