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छत्तीसगढ़

60 लाख नए सदस्य जोड़ने पर भाजपा नेताओं का सम्मान:टॉप-3 में MLA अजय-रिकेश और भावना, CM बोले- यह अवसर मेरे लिए बेहद खास

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ बीजेपी में 60 लाख नए सदस्य जोड़ने पर अभियान में सक्रिय रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को CM साय ने सम्मानित किया। साय ने कहा कि, छत्तीसगढ़ बीजेपी के सदस्यता अभियान में इतना बड़ा लक्ष्य हमने प्राप्त किया है। इसलिए बहुत ही गौरव का अनुभव हो रहा है।

दरअसल, नवा रायपुर स्थित CM हाउस में उत्कृष्ट सदस्यता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सांसद, विधायक, पार्षद, जिला संयोजक और कार्यकर्ता शामिल हुए। जहां 200 से ज्यादा कार्यकर्ता सम्मानित किए गए।

सीएम साय ने कहा कि, यह पूरा अभियान प्रदेश प्रभारी अनुराग सिंहदेव, उनकी पूरी टीम और सक्रिय सदस्यता अभियान संजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में चला है। 60 लाख प्राथमिक और 65 हजार सक्रिय सदस्यता का लक्ष्य हमने हासिल किया है। सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, मंत्रियों, विधायकों और सांसदों ने उन्हें दिए गए लक्ष्य को पूरा किया है।

इसलिए कार्यकर्ताओं के सम्मान का अवसर मेरे लिए बेहद खास है। सभी समर्पित कार्यकर्ताओं पर अब बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि हमारी केंद्र और प्रदेश सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं को एक-एक कार्यकर्ता और मतदाता के घर तक पहुंचाना है।

पंडरिया विधायक भावना बोहरा को भी सम्मानित किया गया।

पंडरिया विधायक भावना बोहरा को भी सम्मानित किया गया।

कार्यकर्ताओं ने सदस्य बनाने परिश्रम की पराकाष्ठा की- किरण देव

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि, कार्यकर्ताओं के समर्पण और परिश्रम की पराकाष्ठा के चलते लगातार 4 चुनावों में भाजपा के प्रति अगाध स्नेह और समर्थन व्यक्त हुआ है। सभी कार्यकर्ताओं से इसी उत्साह और ऊर्जा के साथ भविष्य में भी संगठन और जनसमर्थन के विस्तार में जुटे रहने की बात कही।

केंद्र-राज्य में फिर से दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाने का लक्ष्य रखे- अजय जम्वाल

क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कहा कि, आप लोगों ने मेहनत के साथ छत्तीसगढ़ के सपनों को पूरा किया है। भाग्य तभी बदलता है, जब मेहनत चरम सीमा पर होती है। मेहनत करके आपने अब तक का सर्वश्रेष्ठ परिणाम दिया है। अब हम और अच्छी मेहनत करके अगली केंद्र और प्रदेश सरकार दो-तिहाई बहुमत से लेकर हम आएंगे, इसका संकल्प लेते हैं।

भाजपा सदस्यता अभियान में बीजेपी जिला उपाध्यक्ष ललित जैसिंघ को भी सम्मानित किया गया।

भाजपा सदस्यता अभियान में बीजेपी जिला उपाध्यक्ष ललित जैसिंघ को भी सम्मानित किया गया।

सदस्यता अभियान प्रभारी अनुराग सिंहदेव ने बताए आंकड़े

  • पहले 10 दिन में 2.69 लाख सदस्य बनाए।
  • भाजपा सदस्यता अभियान के 20वें दिन 10 लाख से ऊपर पहुंच गए।
  • 30वें दिन 18 लाख, 40वें दिन 26 लाख, 50वें दिन 32 लाख, 60वें दिन 41 लाख, 70वें दिन 55 लाख और 86वें दिन 60 लाख की मेंबरशिप को पार किया।
  • इस तरह निर्धारित अवधि में 60 लाख से अधिक सदस्य बनाए
  • सामान्य वर्ग के 18 प्रतिशत, ओबीसी वर्ग के 54 प्रतिशत, अजजा वर्ग के 18 प्रतिशत, अजा वर्ग में 9 प्रतिशत, महिला 20 प्रतिशत और पुरुष 80 प्रतिशत ने सदस्यता ली।
  • 40 लाख ऑनलाइन सदस्यता हुई। 20 लाख सदस्यता दूरस्थ इलाकों में ऑफलाइन हुई।

यह आंकड़े भी जानिए

  • 1 हजार से 3 हजार तक सदस्य कुल 115 लोगों ने बनाया।
  • 3 हजार से 5 हजार कुल 50 लोगों ने, 5 हजार से 10 हजार तक कुल 20 लोगों ने, 10 हजार से 20 हजार कुल 51 लोगों ने और 20 से अधिक कुल 6 लोगों ने सदस्यता के लक्ष्य को पार किया है।
  • 18 से 25 साल के कुल 30 प्रतिशत, 26-35 साल तक के 33 प्रतिशत, 36-50 साल तक के 26 प्रतिशत, 51 से 65 वर्ष तक के 9 प्रतिशत और 65 प्लस के 02 प्रतिशत लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली।
बीजेपी ने नवंबर में इसे अपने सोशल मीडिया पेज पर शेयर किया था।

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अब पढ़ें किस विधायक ने सदस्य बनाने में किया टॉप, किस जिलों से कितने सदस्यों का सम्मान

सबसे पहले पढ़े सदस्यता अभियान कब शुरू हुआ

छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने 3 सितंबर 2024 को सदस्यता अभियान की शुरुआत की थी। अध्यक्ष ने सीएम विष्णुदेव साय को पहली सदस्यता दिलाई थी। सीएम के बाद प्रदेश स्तर पर अभियान चला। कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों ने मिलकर 60 लाख नए सदस्यों को जोड़ा।

इस अभियान को लेकर किरण सिंहदेव ने भाजपा के सभी नगर अध्यक्षों, जिलाध्यक्षों और सदस्यता अभियान प्रभारियों को निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों में स्पष्ट था, कि पार्टी का सदस्य बनाते वक्त पूरी सावधानी बरतें। सदस्यता अभियान के दौरान बीजेपी नेताओं ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों और मंडलों में बैठक लेकर केंद्र प्रभारी, बूथ प्रभारी और मंडल स्तर के पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की थी।

सबसे ज्यादा सदस्य बनाने की रेस में टॉप-3 में आए ये विधायक।

सबसे ज्यादा सदस्य बनाने की रेस में टॉप-3 में आए ये विधायक।

सदस्य बनाने में टॉप-3 में आए ये MLA

संगठन के पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, संगठन में नए सदस्य जोड़ने पर बीजेपी विधायक रिकेश सेन, भावना बोहरा और अजय चंद्राकर टॉप 3 श्रेणी में आए है।

वहीं रायपुर शहर से 12 नेता हैं, जिन्होंने 3 हजार से अधिक सदस्य बनाए हैं। इनमें विधायक पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, सहित अन्य लोग शामिल हैं।

इनका भी हुआ सम्मान

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इस तरह बीजेपी ने बनाए सदस्य

भारतीय जनता पार्टी ने सदस्यता अभियान को सफल बनाने के लिए 2 सितंबर से ऑनलाइन माध्यम से काम शुरू कर दिया था। अभियान के तहत नए सदस्यों को जोड़ने के लिए मिस्ड कॉल, नमो एप, वेबसाइट और क्यूआर कोड स्कैन जैसे डिजिटल तरीकों का सहारा लिया गया।

पार्टी के नियमों के मुताबिक, बीजेपी की सदस्यता की अवधि 5 साल होती है। इस अवधि के बाद सदस्यता समाप्त हो जाती है, और व्यक्ति को दोबारा सदस्यता लेनी होती है। इसी प्रक्रिया के तहत पार्टी हर पांच सालों में सदस्यता अभियान चलाकर पुराने सदस्यों का नवीनीकरण और नए सदस्यों को जोड़ने का कार्य करती है।

इन जिलों में भी अलग-अलग नेताओं को दी गई थी जिम्मेदारी

  • सुकमा में ओजस्वी मंडावी, अरुण सिंह भदौरिया और हूंगाराम मरकाम, जी. वेंकट और सुखलाल पुजारी।
  • दंतेवाड़ा में श्रीनिवास राव मद्दी, विजय तिवारी, कुमार सिंह भदौरिया।
  • नारायणपुर में दिनेश कश्यप, बृजमोहन देवांगन और गौतम गोलछा।
  • कोंडागांव में महेश कश्यप, प्रवीण सिंह बदेशा और मनोज जैन, महावीर सिंह राठौर, निरंजन सिन्हा और सुमित्रा मारकोले।
  • बालोद में भोजराज नाग, प्रीतम साहू और यशवंत जैन।
  • बलौदाबाजार में पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा और श्याम बाई साहू।
  • महासमुंद में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूनम चंद्राकर और डॉ विमल चोपड़ा को जिम्मेदारी दी गई है।
  • जांजगीर-चांपा में विधायक धरमलाल कौशिक, कमला देवी पाटले, सौरभ सिंह और अंबेश जांगड़े।
  • सक्ती में प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, मेघाराम साहू और जगन्नाथ पाणिग्रही।
  • मुंगेली में सांसद कमलेश जांगड़े और विधायक पुन्नूलाल मोहले।
  • कोरबा में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और ननकीराम कंवर।
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़ में मंत्री टंकराम वर्मा और निर्मल सिन्हा।
  • जशपुर में राधेश्याम राठिया और रणविजय सिंह जूदेव।
  • बलरामपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उद्धेश्वरी पैकरा।
  • सूरजपुर में सांसद चिंतामणि महाराज और रामसेवक पैकरा।
  • ​​​​​​कोरिया में विधायक रेणुका सिंह और भैयालाल राजवाड़े।
  • मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और चंपादेवी पावले।
  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री रामजी भारती, कोमल जंघेल और विक्रांत सिंह।
  • मोहला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी में प्रदेश उपाध्यक्ष मधुसूदन यादव, प्रदेश महामंत्री भरतलाल वर्मा और संजीव शाह
  • राजनांदगांव में विधायक अमर अग्रवाल, खूबचंद पारख और अशोक शर्मा।
  • बेमेतरा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक ईश्वर साहू, लाभचंद बाफना, विधायक दीपेश साहू और प्रदेश मंत्री अवधेश चंदेल को को जिम्मेदारी दी गई है।

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कोरबा

एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश

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कोरबा। गोद में शव…हाथ में सिगरेट…और होंठों पर वही गीत, जो कभी सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था-“तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…”। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने जो बयान दिया, उसने अदालत कक्ष को सन्न कर दिया।

गवाह के मुताबिक, साल 2018 में सलमा सुल्तान की गला घोंटकर हत्या करने के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने शव को बाएं हाथ से गोद में लिया हुआ था। दाएं हाथ से वह सिगरेट के कश ले रहा था और वही गीत गा रहा था। यह वही गाना था, जिसे सलमा बेहद पसंद करती थी।

2018 में हुई सलमा सुल्तान की हत्या की सुनवाई कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह डिंपल को सोमवार को पेश किया। डिंपल ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था।

गवाह ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया कि मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। हालांकि, जब उसने कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश की। इस पर मधुर ने उसे आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाता रहा।

बाद में डिंपल को पता चला कि मधुर साहू के सलमा सुल्ताना सहित कई दूसरी लड़कियों से भी संबंध थे। गवाह ने बताया कि सलमा सुल्ताना और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

क्या है पूरा मामला

25 साल की सलमा सुल्ताना कुसमुंडा के एसईसीएल कॉलोनी में रहती थी। वो धीरे-धीरे न्यूज के फील्ड में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही थी। उसका करियर तो परवान चढ़ ही रहा था, साथ ही जिम ट्रेनर मधुर साहू के साथ उसकी नजदीकियां भी। इसके बाद अचानक 2018 से वो लापता हो गई। यहां तक कि 20 जनवरी 2019 को जब उसके पिता की मौत हुई, तो उसमें भी वो शामिल नहीं हुई।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

युवती लापता, परिजनों ने जिम ट्रेनर पर जताया संदेह

युवती की स्कूटी स्टेशन पर मिली थी, वहीं उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उससे संपर्क करने की हर कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से खोजबीन की गुहार लगाते हुए जिम संचालक मधुर साहू पर संदेह जताया था, लेकिन पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर देता था।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पार्टनर ने खोला हत्याकांड का राज

कई साल तक सलमा का किसी को पता नहीं चला तो मधुर साहू का एक राजदार भी ओवर कॉन्फिडेंस में आ गया था। उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया था। मधुर और उसके पार्टनर का भी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।

लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने के लिए पुलिस के पास पहुंचकर हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक तब एक बैंक से सलमा के नाम से लोन होने और अब तक उसकी किस्त जमा होने का पता चला।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मधुर फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों और परिचितों से बयान लिया। 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस किया, जिसमें अक्टूबर 2018 में शारदा विहार के एक मकान में मधुर साहू और सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा का गला घोंटकर हत्या करने और लाश को अतुल शर्मा की मदद से कोहड़िया पुल के आसपास दफनाने का पता चला।

इसके बाद पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

साल 2023 में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का सहारा लिया। इसके बाद सड़क को खोदकर सलमा का कंकाल बरामद किया गया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल सलमा का ही था। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी मधुर ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई। आरोपी के पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किया गया है। इसकी जांच में कुछ ऑडियो क्लिप के बारे में पता चला। जिस वाहन का इस्तेमाल लाश को दफनाने में किया गया था, उसे भी जब्त किया जा चुका है।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

सलमा ने यूनियन बैंक से लिया था लोन

मार्च 2023 में राज्य स्तरीय ऑपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में थाना कुसमुंडा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी की भी बारीकी से जांच की गई। परिजनों का बयान लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना ने लोन लिया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से पुलिस ने जानकारी ली, तो पता चला कि लोन की EMI समय पर भरी जा रही है।

यह पैसा EMI के तौर पर गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर मधुर साहू भर रहा था। पुलिस ने जांच तेज की, तो मधुर साहू फरार हो गया। इसके बाद सलमा के दोस्तों और परिचितों का बयान भी लिया गया। साथ ही उसके 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस भी किया गया।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

पूछताछ में 2 महिलाओं औ 3 पुरुषों के बयान में विरोधाभाष मिलने पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्याकांड का राज खुल गया। 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू और कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुल्ताना की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला।

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कोरबा

आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा

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कोरबा। कोरबा में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां सावित्री श्रीवास (45) की मौत हो गई। मां सावित्री श्रीवास सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास रहती थी और बताया जा रहा है कि वह पहले से बीमार थी। पुलिस ने मंगलवार शाम को गोविंदा को जेल भेजा था।

बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बस्ती के लोग और वार्ड पार्षद बड़ी संख्या में गोविंदा के घर पहुंचे। उन्होंने अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पैरोल पर रिहा करने और मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की मांग की। इस मांग को लेकर वार्डवासी एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।

आरोपी पैरोल पर हुआ रिहा, मां की अंतिम यात्रा में हुआ शामिल

पुलिस अधीक्षक से गुहार के बाद कोर्ट से अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। वह अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ और मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।

इस मामले पर वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब बेची जा रही है और गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट में हुई थी कार्रवाई

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भेजा गया था। परिजनों की पैरोल की मांग पर उसे जेल से लाकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।

सीएसपी ने यह भी बताया कि सीतामणी में कुछ दिनों पहले हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।

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छत्तीसगढ़

गरियाबंद : दुर्लभ हॉर्नबिल संरक्षण की विशेष पहल :उदंती-सीतानदी में विकसित हो रहे प्राकृतिक उद्यान

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गरियाबंद। हॉर्नबिल दुनिया के सबसे आकर्षक और अनोखे पक्षियों में से एक हैं। इनका विशाल आकार, बड़ी चोंच, आकर्षक और रंगीन पंखुड़ियाँ और आमतौर पर शोरगुल भरा व्यवहार इन्हें हर जगह आसानी से पहचान दिलाते हैं। इनके घोंसला बनाने की विचित्र आदतें भी कई विशेषताओं में से एक हैं जो हॉर्नबिल को इतना दिलचस्प बनाती हैं। छत्तीसगढ के उदंती-सीतानदी में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष प्राकृतिक उद्यान विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” के रूप में तैयार किया जाएगा।
             हॉर्नबिल को जंगल का किसान मानते हुए उनके विलुप्त होने के जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक हैं कि हॉर्नबिल प्रजातियों के लिए घोंसलों की निगरानी, कृत्रिम घोंसले लगाने, अनुसंधान और स्थानीय समुदाय की भागीदारी (घोंसला गोद लेने का कार्यक्रम) के माध्यम से संरक्षण कार्य किया जाए।  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहल कर रहा है। 
              यह रेस्टोरेंट किसी प्रकार का कृत्रिम निर्माण नहीं होगा, बल्कि जंगल और आसपास के क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का प्राकृतिक समूह विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत पीपल, बरगद तथा फाइकस प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, जिनके फल हॉर्नबिल पक्षियों का प्रमुख आहार हैं। इस पहल का उद्देश्य इन पक्षियों को पूरे वर्ष प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराना और उनके सुरक्षित आवास को बढ़ावा देना है। हॉर्नबिल को घोंसला बनाने के लिए जरूरी पेड़ों को लगाने और उनकी निगरानी करने के प्रयास। 
             उल्लेखनीय है कि सामान्यतः पश्चिमी घाट क्षेत्र में पाए जाने वाले ये पक्षी अब उदंती-सीतानदी की अनुकूल जलवायु और हरियाली के कारण यहां अधिक संख्या में दिखाई देने लगे हैं। पहले जहां इनका दर्शन कभी-कभार होता था, वहीं अब सप्ताह में दो से तीन बार इनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। हॉर्नबिल पक्षियों को “फॉरेस्ट इंजीनियर” या जंगल का प्राकृतिक माली भी कहा जाता है, क्योंकि ये फल खाने के बाद बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे वनों का प्राकृतिक विस्तार होता है। समुद्र तल से लगभग 800 से 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित उदंती-सीतानदी का पहाड़ी क्षेत्र इन पक्षियों के लिए उपयुक्त आवास सिद्ध हो रहा है।
              इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है, जो घोंसलों की सुरक्षा और नियमित निगरानी का कार्य कर रहे हैं। साथ ही ड्रोन तकनीक के माध्यम से शिकार गतिविधियों और वनाग्नि पर भी नजर रखी जा रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी, जिससे पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित दूरी से इन दुर्लभ पक्षियों को देख सकेंगे और क्षेत्र की जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

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