छत्तीसगढ़
गिरफ्तारी से बचने सुप्रीम कोर्ट की शरण में भूपेश बघेल:कहा-बेटे की तरह किया जा सकता है टारगेट, महादेव सट्टा-शराब-कोयला घोटाले से जुड़ा है नाम
रायपुर,एजेंसी। शराब-कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED), आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के दायरे में आए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है। गिरफ्तारी से बचने से बघेल ने सुप्रीम कोर्ट अग्रिम जमानत याचिका लगाई है। अपनी याचिका में उन्होंने जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
दायर याचिका में पूर्व सीएम ने कहा कि जैसे उनके बेटे चैतन्य बघेल को राजनीतिक द्वेष में फंसाकर गिरफ्तार किया गया, वैसे ही उन्हें भी टारगेट किया जा सकता है। बघेल का कहना है कि उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई हो सकती है। बताया जा रहा है कि इस मामले में जल्द सुनवाई होगी।

इसके अलावा शराब घोटाला मामले में जेल में बंद भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने भी सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए याचिका लगाई है। चैतन्य की याचिका में कहा गया है कि न तो उनका नाम ED की FIR में है और न ही किसी गवाह के बयान में, फिर भी उन्हें राजनीतिक मकसद से गिरफ्तार किया गया है।

2 याचिका पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई है।
भूपेश बघेल के घर पड़ा था ED का छापा
बता दें कि शराब घोटाला मामले में 5 महीने पहले ED ने पूर्व CM भूपेश बघेल के घर छापेमारी की थी। यह जांच करीब 10 घंटे तक चली। टीम के जाने के बाद खुद पूर्व सीएम ने बताया था कि, 32-33 लाख रुपए और दस्तावेज टीम ले गई है।
सुबह 8 बजे भूपेश और उनके बेटे चैतन्य के भिलाई-3 पदुमनगर स्थित घर पर 4 गाड़ियों में ED की टीम पहुंची थी। दोपहर में कार्रवाई के बीच नोट गिनने और सोना जांचने की मशीनें भी मंगाई गई। इस बीच ED की कार पर बाहर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। कार्यकर्ताओं और पुलिस की झड़प भी हुई थी।

टीम के जाने के बाद भूपेश बघेल ने बताया था कि 32-33 लाख रुपए और दस्तावेज टीम ले गई है।
इसी दिन भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े कई ठिकानों समेत 14 जगहों पर छापे पड़े थे। 2100 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में चैतन्य बघेल को भी लाभ पहुंचाने का दावा किया गया। चैतन्य के करीबी और सहयोगी लक्ष्मीनारायण बंसल और पप्पू बंसल के ठिकानों पर भी कार्रवाई हुई थी।
इसके अलावा भिलाई के नेहरू नगर में मनोज राजपूत, चरोदा में अभिषेक ठाकुर और संदीप सिंह, कमल अग्रवाल किशोर राइस मिल दुर्ग, सुनील अग्रवाल सहेली ज्वेलर्स दुर्ग और बिल्डर अजय चौहान के यहां भी ED की कार्रवाई हुई थी।
एक महीने बाद CBI ने मारी थी रेड
वहीं, ED के छापे के एक महीने बाद, महादेव सट्टा एप को लेकर भूपेश बघेल के घर CBI ने छापा मारा था। इस दौरान पूर्व सीएम के 2 OSD रहे आशीष वर्मा और मनीष बंछोर, उनकी पूर्व सचिव सौम्या चौरसिया के घर भी रेड पड़ी थी। CBI की टीम डिजिटल और हार्ड कॉपी जब्त कर अपने साथ ले गई थी।
वहीं रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और 4 IPS अधिकारी आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल के घर पर भी रेड हुई। साथ ही ASP संजय ध्रुव और दो सिपाही नकुल-सहदेव के घर भी टीम ने दबिश दी। इसके अलावा प्रशांत त्रिपाठी के यहां भी CBI ने छापेमारी की थी।

जेल में बंद चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए लगाई याचिका।
बेटा चैतन्य बघेल जेल में बंद
शराब घोटाला मामले में ED ने 20 जुलाई को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। चैतन्य 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर रायपुर जेल में बंद हैं। चैतन्य बघेल ने भी सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए याचिका लगाई है।
4 अगस्त यानी कल रिमांड खत्म हो रही है। कल फिर से चैतन्य को कोर्ट में पेश किया जाएगा। सुनवाई के दौरान ED की ओर से उनकी ज्यूडिशियल रिमांड बढ़ाने की मांग की जा सकती है।
ED के आरोपों को बताया तथ्यहीन
बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने कहा कि, ED की रिमांड एप्लिकेशन में लगाए गए कई आरोप तथ्यहीन हैं। ED ने कहा कि, चैतन्य ने एक ज्वेलर से 5 करोड़ का बिना ब्याज के लोन लिया, जबकि ED के पास फरवरी 2025 से सारे दस्तावेज हैं कि चैतन्य ने उस लोन पर ब्याज समेत भुगतान किया है।
अब जानिए ED ने चैतन्य पर क्या आरोप लगाए हैं?
ED के अनुसार, लीकर स्कैम में पूछताछ में शराब कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू ने EOW को बयान दिया था कि, उसने और चैतन्य बघेल ने मिलकर 1000 करोड़ से ज्यादा घोटाले की रकम को हैंडल किया। यह कैश अनवर ढेबर ने दीपेन चावड़ा को पहुंचाया। यह पैसा बाद में राम गोपाल अग्रवाल को दिया गया।
इसकी व्यवस्था चैतन्य बघेल के साथ मिलकर की गई और चैतन्य बघेल के कहने पर 1000 करोड़ में से 100 करोड़ नकद केके श्रीवास्तव को दिया गया। पप्पू बंसल ने पूछताछ में ये भी स्वीकार किया है कि शराब घोटाले से उसे 3 महीने में 136 करोड़ रुपए मिले हैं। अनवर ढेबर और नीतेश पुरोहित के बीच चैट में हुई बातचीत में इसकी जानकारी है।
कौन है लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल
पप्पू बंसल दुर्ग भिलाई का शराब कारोबारी है। प्रॉपर्टी डीलर का काम करने के दौरान शराब कारोबार से जुड़ा। भूपेश बघेल के करीबी होने के साथ ही कोयले का भी कारोबार है।
चैतन्य के प्रोजेक्ट में 13-15 करोड़ इन्वेस्ट
ED ने अपनी जांच में पाया कि चैतन्य बघेल के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट (बघेल डेवलपर्स) में घोटाले के पैसे को इन्वेस्ट किया गया है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े अकाउंटेंट के ठिकानों पर छापेमारी कर ED ने रिकॉर्ड जब्त किए।
प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट राजेन्द्र जैन ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में वास्तविक खर्च 13-15 करोड़ था। जबकि रिकॉर्ड में 7.14 करोड़ ही दिखाया गया। जब्त डिजिटल डिवाइसेस से पता चला कि बघेल की कंपनी ने एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ कैश पेमेंट किया गया, जो रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया।
फर्जी फ्लैट खरीदी के जरिए पैसे की हेराफेरी
ED ने अपनी जांच में पाया है कि त्रिलोक सिंह ढिल्लो ने 19 फ्लैट खरीदने के लिए 5 करोड़ बघेल डेवलपर्स को ट्रांसफर किए। ढिल्लन ने ये फ्लैट अपने कर्मचारियों के नाम पर खरीदे लेकिन पेमेंट त्रिलोक ढिल्लो ने खुद दिया।
ED ने जब ढिल्लन के कर्मचारियों से पूछताछ की तो कर्मचारियों ने बताया कि ये फ्लैट की खरीदी उन्हीं के नाम पर हुई, लेकिन पैसे ढिल्लो ने दिए। ये सारा ट्रांजेक्शन 19 अक्टूबर 2020 को एक ही दिन हुआ। ED ने कहा कि ब्लैक को लीगल करने के लिए यह एक पूर्व-योजना के तहत किया गया लेन-देन था। इसका मकसद पैसे को छिपाकर चैतन्य बघेल तक पहुंचाना था।
5 करोड़ कैश के बदले फर्जी ट्रांसफर
ED के मुताबिक भिलाई के एक ज्वेलर्स ने चैतन्य बघेल को 5 करोड़ रुपए उधार दिए, लेकिन ED की जांच में सामने आया कि जो 5 करोड़ रुपए चैतन्य की दो कंपनियों को लोन के रूप में दिया गया ।
बाद में इसी ज्वेलर्स ने बघेल की कंपनी से 6 प्लॉट खरीदे, जिसकी कीमत 80 लाख थी। ED ने बताया कि यह पैसा शराब घोटाले से आया हुआ कैश था। यह पैसा बैंक के जरिए ट्रांसफर किया गया। ताकि कैश को लीगल दिखाया जा सके।
पैसा छुपाने के लिए फ्रंट कंपनियों का इस्तेमाल
ED का दावा है कि चैतन्य बघेल ने घोटाले का पैसा पाने के लिए दूसरे लोगों और कंपनियों का इस्तेमाल किया ताकि ED और अन्य एजेंसियां ट्रैक न कर सकें। जैसे ढिल्लन सिटी मॉल में पैसा आया, फिर ढिल्लन ड्रिंक्स से कर्मचारियों को पैसा ट्रांसफर हुआ, फिर वही पैसा बघेल डेवलपर्स को दिया गया। ED का दावा है कि चैतन्य बघेल के पास 16.70 करोड़ के अवैध घोटाले के पैसे आए।
जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है।
ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।
कोरबा
लखन लाल ने किया बालको कूलिंग टॉवर से रिस्दा पुल तक के नाली निर्माण का शिलान्यास
बालकोनगर। मंत्री लखन लाल देवांगन ने सोमवार को शांतिनगर क्षेत्र में सड़क किनारे नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहीं। यह पहल क्षेत्रीय नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा शांतिनगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह परियोजना बालको कूलिंग टॉवर से रिस्दा पुल तक लगभग 2.9 किलोमीटर लंबाई में विकसित की जाएगी। लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 2.5 करोड़ रुपये जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) तथा 2.5 करोड़ रुपये बालको की सीएसआर निधि से प्राप्त हुए हैं। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत अब निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

इस नाली निर्माण परियोजना के पूर्ण होने से शांतिनगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान होगा। इससे क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी तथा बरसात के मौसम में होने वाली असुविधाओं से राहत प्राप्त होगी। शिलान्यास अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।

*बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार सिंह* ने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित यह नाली निर्माण परियोजना सामुदायिक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने, जीवन स्तर में सुधार लाने और दीर्घकालिक विकास को गति देने के प्रति बालको की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। समुदाय के साथ हमारी व्यापक सहभागिता से वित्तीय वर्ष 2026 में 1.8 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। हम अपने समुदाय के विश्वास के लिए आभारी हैं, जिसने हमें सतत सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित करने में सक्षम बनाया है।
जिला प्रशासन और बालको की साझेदारी कोरबा क्षेत्र में आधारभूत संरचना विकास को लगातार नई गति दे रही है। हाल ही में बजरंग चौक से रिस्दा पुल (परसाभाठा मार्ग) के उन्नयन, पुल मरम्मत और आधुनिक सड़क निर्माण की दिशा में शुरू हुई पहल के क्रम में यह नाली निर्माण परियोजना क्षेत्रीय विकास की अगली महत्वपूर्ण कड़ी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और आजीविका जैसे क्षेत्रों में बालको की निरंतर पहल स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। यह परियोजना क्षेत्रीय विकास को नई गति देते हुए स्थानीय समुदाय के जीवन स्तर में सुधार के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कोरबा
कोरबा : सुशासन तिहार 2026 : भीषण गर्मी में मुख्यमंत्री गांव-गांव, गली-गली घूमकर जनसमस्याओं के ले रहे जानकारी, करा रहे निराकरण: उद्योग मंत्री

नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयेाजित हुआ निगम का सुशासन तिहार शिविर

कोरबा। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज सोमवार को नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगलानगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयोजित सुशासन तिहार शिविर को संबोधित करते हुये आज कहा कि प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जनसमस्याओं के निराकरण हेतु सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं गांव-गांव, गली-गली घूमकर जनसमस्याओं से रूबरू हो रहे हैं, उनका निराकरण करा रहे हैं तथा प्रदेश में सम्पूर्ण सुशासन की सरकार की संकल्पना को साकार कर रहे हैं।

यहां उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ कोरबा जिले एवं नगर पालिक निगम केारबा क्षेत्र में भी सुशासन तिहार मनाया जा रहा है तथा इसके अंतर्गत शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। आज निगम का सातवॉं व अंतिम सुशासन तिहार शिविर सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने शिविर में उपस्थिति प्रदान करते हुये महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर आयुक्त आशुतोष पाण्डेय तथा पार्षदों व जनप्रतिनिधियों के साथ शिविर में लगाये गये जिले के विभिन्न विभागों व नगर पालिक निगम केारबा के विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर महापौर, सभापति व आयुक्त के साथ ही पार्षद नरेन्द्र देवांगन, भानुमति जायसवाल, रामाधार पटेल, आरती सिंह, प्रेमप्रकाश साहू, बहत्तर सिंह कंवर, मुकुंद सिंह कंवर, रामकुमार साहू, मनीष मिश्रा आदि जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। इस अवसर पर दिये गये अपने उद्बोधन में उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विगत 11 वर्षाे के अपने कार्यकाल में देश का सम्मान विश्व स्तर पर बढ़ाया है, जिसके लिये हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति दिल से आभार व्यक्त करते हैं, वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने कार्याे व योजनाओं से लगातार जनकल्याण का कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि हमारी सरकार जनहितकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर विश्वास रखती है तथा सरकार जो कहती है, वह करती भी है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है, उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है तथा उनकी बरसों पुरानी समस्याएं दूर हो रही हैं। उन्होने कहा कि नगर निगम कोरबा क्षेत्र में बड़ी सफलता के साथ सुशासन तिहार का आयोजन किा गया है, जिसके लिये मैं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर तथा निगम के सभी पार्षदों को बधाई देता हूॅं।

10 वर्ष की समस्याएं हो रही दूर
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जगह-जगह जनसमस्या निवारण शिविर लगाये जा रहे हैं तथा विगत 10 वर्ष की समस्याएं दूर की जा रही हैं। उन्होने कहा कि शासन प्रशासन का यह प्रथम लक्ष्य है कि जनताजनार्दन की सभी समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए, केवल कागजी कार्यवाही न हों। महापौर श्रीमती राजपूत ने आगे कहा कि कोरबा के सभी 67 वार्डाे मंे बिना किसी भेदभाव के बडे़ पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं तथा उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन इन कार्याे हेतु लगातार फंड की व्यवस्था करा रहे हैं।
इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि यह हमारी सरकार है जो समस्याओं का निराकरण भी बडे़ उल्लास के साथ सुशासन तिहार के रूप में करती है, सुशासन तिहार का यह आयोजन जनताजनार्दन को एक अच्छा शासन प्रशासन देने का संकल्प है, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एक मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्याे व नीतियों से छत्तीसगढ़ में सुशासन स्थापित कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद है कि उन्होने मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक के लिये शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन कराया है, अब योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राहियों को मिल रहा है, बिचौलिया प्रथा समाप्त हो गई है। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन कोरबा क्षेत्र के एक-एक विकास कार्याे पर एक-एक समस्याओं पर लगातार नजर रख रहे हैं तथा उनके उत्साहवर्धन के परिणाम स्वरूप अधिकारी कर्मचारी भी पूरे उत्साह के साथ कार्य कर रहे हैं।
आयुक्त ने सर्वमंगला नगर जोन व निगम के उपलब्धियों पर रखा प्रतिवेदन
इस अवसर पर आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने सर्वमंगला नगर जोन के विकास कार्याे व नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा प्राप्त उपलब्धियों पर अपना विस्तृत प्रतिवेदन शिविर में रखा। उन्होने बताया कि सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत वर्ष 2023 से अब तक 05 करोड़ 83 लाख रूपये की लागत से 54 कार्य स्वीकृत किये गये थे, जिनमें 28 कार्य पूर्ण हो गये हैं, 13 कार्य प्रगति पर है तथा 13 कार्य निविदा में हैं। इस मौके पर उन्होने प्रधानमंत्री आवास योजना, विभिन्न पेंशन योजनाओं, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, सम्पत्तिकर व जलकर की वसूली, श्रद्धांजलि योजना, विभिन्न राशन कार्ड आदि से लाभान्वित कराये गये हितग्राहियों के संबंध में विस्तार से जानकारी शिविर में प्रस्तुत की। आयुक्त श्री पाण्डेय ने इस मौके पर कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित हों, इसके लिये कलेक्टर कुणाल दुदावत ने वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित की है, जो आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करा रही हैं, आयुक्त श्री पाण्डेय ने आगे बताया कि सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत मॉं सर्वमंगला मंदिर परिसर को प्लास्टिक फ्री जोन बनाया गया है, वहीं शहर के सबसे ज्यादा स्थलों को कचरा मुक्त स्थल बनाकर सजाया, संवारा गया है।
हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित
शिविर के दौरान शासन के विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को योजनाओं के लाभ से लाभान्वित किया गया। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत व उपस्थित अतिथियों द्वारा हितग्राही चन्द्रशेखर व विष्णु प्रसाद को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवासगृह की चाबी प्रदान की गई। इसी प्रकार हितग्राही शांता बाई व प्रभा यादव को राशन कार्ड, गोपी देवगन को वृद्धावस्था पेंशन तथा गौरीशंकर साहू व मोहनबाई रत्नाकर को श्रवण यंत्र प्रदान किये गये।
इस अवसर पर भानुमति जायसवाल, रामाधार पटेल, आरती सिंह, प्रेमप्रकाश साहू, बहत्तर सिंह कंवर, मुकुंद सिंह कंवर, रामकुमार साहू, मनीष मिश्रा, प्रफुल्ल तिवारी, माधव जायसवाल, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, उपायुक्त पवन वर्मा, कार्यपालन अभियंता राकेश मसीह, जोन कमिश्नर सुनील टांडे, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी आदि के साथ नगर निगम कोरबा व जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण एवं काफी संख्या में आमनागरिकगण उपस्थित थे।
कोरबा
कोरबा में घर के अंदर मिली महिला की लाश:पति ने देखा पत्नी को फंदे पर लटका, भागकर किया था लव-मैरिज, पुलिस जांच में जुटी
कोरबा। कोरबा जिले में एक 26 साल की शादीशुदा महिला की लाश घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटकी मिली। पति ने पत्नी को फंदे पर लटका देखा तो वह घबरा गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। इसके बाद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।

जांच में पता चला कि महिला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली थी। उसके पति ने अपनी पहली पत्नी को छोड़कर उससे लव मैरिज किया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह मामला मानिकपुर चौकी क्षेत्र के कृष्णा नगर बस्ती का है।

जानकारी के मुताबिक, कृष्णा नगर बस्ती निवासी धर्मेंद्र पासवान ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गौरेया थाना, तुर्की इलाके की रहने वाली 26 वर्षीय प्रीति उर्फ बेबी को लेकर भाग गया था। इसके बाद धर्मेंद्र ने प्रीति से लव मैरिज कर ली थी।
दोनों पिछले कुछ सालों से कोरबा के कृष्णा नगर में किराए के मकान में रह रहे थे। यहां वे अपने तीन साल के बच्चे के साथ रह रहे थे। धर्मेंद्र पासवान बालको पावर प्लांट में एक निजी कंपनी के ठेकेदारी कार्य से जुड़ा हुआ है।

फांसी के फंदे पर लटकी मिली लाश
रविवार सुबह प्रीति की लाश घर में लोहे के एंगल पर चुन्नी से फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली। सुबह जब पति धर्मेंद्र ने प्रीति को फांसी के फंदे पर लटका हुआ देखा तो वह घबरा गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और महिला को नीचे उतारा गया। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
इसके बाद उसे तुरंत एंबुलेंस से जिला मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने रविवार शाम तक कमरे को सील कर दिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मानिकपुर चौकी पुलिस ने जब मृतका के परिजनों से उनके थाने के जरिए संपर्क किया तो पता चला कि उसकी मां नहीं है, सिर्फ पिता हैं। लेकिन पिता भी आने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि वे भी किसी के साथ प्रेम विवाह कर पहले ही घर छोड़ चुके हैं।
इस मामले को लेकर कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। तहसीलदार के सामने पंचनामा और बयान की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई।
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