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कोरबा

किसान हित में राज्य शासन की मजबूत पहल, खरीफ सीजन में किसानों को समय पर मिल रहा खाद

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समिति में सुचारु खाद वितरण से किसानों को मिल रहा लाभ, प्रबंधक ने शासन की नीति को बताया कारगर
समय पर खाद मिलने से खेती में मिली रफ्तार, किसान दुबराज सिंह  ने जताया शासन का आभार
खाद की उपलब्धता समय पर होने से फसल की नींव हुई मजबूत :- किसान  बृजपाल राठिया
कोरबा।
खरीफ का मौसम शुरू होते ही किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देती हैं-  खाद, बीज, पानी… सब कुछ समय पर मिले, तभी मेहनत रंग लाती है। लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शिता और मंशा के अनुरूप, अन्नदाताओं की परेशानियों को दूर करने खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले ही सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उन्नत किस्म की खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण कर दिया गया।


कोरबा विकासखंड की कोरकोमा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में सरकार की किसान हितैषी पहल का स्पष्ट रूप देखने को मिलती है। ग्राम कोरकोमा के किसान दुबराज सिंह राठिया जब समिति में अपने खरीफ सीजन में फसल की बेहतर पैदावार के लिए खाद बीज लेने पहुँचे, तो उन्हें बिना किसी परेशानी के डीएपी, यूरिया, एनपीके, सुपर फास्फेट जैसे उर्वरक उपलब्ध हुआ। उन्हें अनावश्यक समितियों के बार -बार चक्कर लगाने नही पड़े। हितग्राही दुबराज सिंह ने बताया कि पहले हमें खाद के लिए समितियों में भटकना पड़ता था, पर इस बार खाद बीज  समय पर मिल गया। वक्त पर खाद मिलने से खेती की तैयारी आसान हो गई। खेतों में बुआई का काम पूर्ण हो गया है और अब हम निश्चिंत होकर बेहतर पैदावार की उम्मीद कर सकते हैं।

किसान राठिया ने बताया कि उनकी लगभग 10 एकड़ जमीन है। आज वे समिति से 10 बोरी डीएपी व 5 बोरी यूरिया खाद ले जा रहे है। खाद खरीदने में उन्हें किसी प्रकार की समस्या नही हुई, समिति में आवश्यक दस्तावेज देने के साथ ही तत्काल उन्हें खाद प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले ही वे समिति से 15 बोरी यूरिया, 5 बोरी सुपर फॉस्फेट, 5 बोरी पोटाश ले जा चुके है। आगे भी अपनी आवश्यकतानुसार खाद समिति से ले जाते रहेंगे। किसान दुबराज सिंह राठिया ने समय पर खाद मिलने पर राज्य शासन की किसान हितैषी नीति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद किया और कहा कि इससे खेती में बहुत सहूलियत हुई है।


कोरकोमा से लगभग 8 से 10 किलोमीटर दूर ग्राम केराकछार  के  किसान बृजपाल राठिया ने समिति की व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि खाद की उपलब्धता समय पर होने से फसल की शुरुआत अच्छी हुई है। खेतों में बुआई का काम तेजी से हो रहा है।  उन्होंने बताया कि वे अपनी 12 एकड़ जमीन पर सपरिवार खेती करते है, पिछले सीजन में उन्होंने लगभग  200 क्विंटल  धान विक्रय किया था, और आज समिति से वे 10-10 बोरी यूरिया , डीएपी और आवश्यक खाद ले जा रहे है। बीते माह भी वे समिति से जरूरत की खाद ले गए थे। किसान बृजलाल ने कहा कि समय पर खाद प्राप्त होने से उनकी फसल की नींव मजबूत हुई है। इस वर्ष भी अच्छी फसल के पैदावार के लिए उनका पूरा परिवार मेहनत कर रहा है।


कोरकोमा समिति के प्रबंधक प्यारे लाल साहू ने कहा कि शासन की दूरदर्शी नीतियों के कारण समितियों में समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद बीज की व्यवस्था हो सकी, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि कोरकोमा समिति में आस पास के 22 गांव के कुल 1503 किसान पंजीकृत है। खरीफ सीजन के दौरान  यूरिया, सुपर फॉस्फेट, पोटाश, डीएपी, एनपीके (लिक्विड) नैनो डीएपी, नैनो यूरिया जैसे रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण कर किसानों को प्राथमिकता से वितरण किया गया है, अभी भी समिति में सभी खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि समिति में  सबेरे से ही खाद क्रय करने के लिए किसानों का आना जाना लगा रहता है। किसान केसीसी के माध्यम से खाद बीज क्रय कर रहे। समिति में किसानों की सहूलियत के पूरा ध्यान रखा जा रहा है। किसान आवश्यकतानुसार अपनी जरूरत का खाद समिति से ले जा रहे है। अब तक 75 प्रतिशत से अधिक किसानों ने खाद का उठाव कर लिया है।  समिति में आने वाले समय मे खाद की मांग की स्थिति होने पर विभागीय अधिकारियों को सूचित कर खाद का भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा।

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कोरबा

कोरबा में जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा:डीबीएल कंपनी के गेट पर धरना-प्रदर्शन, मरम्मत के आश्वासन के बाद खत्म आंदोलन

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कोरबा। कोरबा में कुदमुरा-स्यांग और बरपाली-दादरपारा मार्ग की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार को डीबीएल कंपनी के गेट पर प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज, कोरबा के जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो के नेतृत्व में यह धरना और गेट जाम आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से सफल रहा।

इस आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सुबह से ही जिल्गा और दादरपारा के पास स्थित डीबीएल के प्लांट/यार्ड के मुख्य गेट पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए थे। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर सड़क मरम्मत और धूल-कीचड़ से निजात दिलाने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में कुदमुरा से स्यांग रोड और बरपाली से दादरपारा मार्ग की तत्काल मरम्मत शामिल थी। इसके अलावा, धूल और कीचड़ की समस्या से राहत, भारी वाहनों का नियंत्रित संचालन और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।

ग्रामीणों का कहना था कि डीबीएल कंपनी के भारी वाहनों के लगातार आवागमन से ये दोनों मार्ग पूरी तरह जर्जर हो गए हैं, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को रोजाना परेशानी हो रही है।

मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद, आंदोलन को सफल मानते हुए शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।

मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद, आंदोलन को सफल मानते हुए शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।

जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा चुका था

आंदोलन के दौरान, जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो ने ग्रामीणों की समस्याओं को कंपनी प्रबंधन के सामने गंभीरता से रखा। आंदोलन से पहले जिला प्रशासन को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा जा चुका था। इसके बाद कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

चर्चा के दौरान, कंपनी प्रबंधन ने ग्रामीणों की समस्याओं को स्वीकार किया और सड़क मरम्मत तथा आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र शुरू करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, आमजन को हो रही परेशानियों को कम करने के लिए नियमित पानी छिड़काव, सड़क समतलीकरण और सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपाय करने पर भी सहमति बनी।

मांगे पूरी होने पर आंदोलन खत्म किया

ग्रामीणों ने बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह से जनहित और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर किया गया था। कंपनी प्रबंधन द्वारा सकारात्मक पहल और मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद, आंदोलन को सफल मानते हुए शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।

छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो ने आंदोलन में शामिल सभी ग्रामवासियों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

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कोरबा

केमिकल से पकाए फलों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई:कोरबा में 10 किलो आम और 4 दर्जन केले फेंके, नमूने लैब भेजे गए

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कोरबा। कोरबा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को फल दुकानों पर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान सड़े-गले और रसायन से पकाए गए फल मिलने पर 10 किलो आम और 4 दर्जन केले मौके पर ही नष्ट कर दिए गए। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा दीपक अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

विभाग की टीम ने राजा फ्रूट सेंटर, राजेश फ्रूट सेंटर, शारदा फ्रूट सेंटर और सर्वमंगला फ्रूट सेंटर सहित कुल 11 संस्थानों की जांच की। कई दुकानों में फलों को पकाने के लिए प्रतिबंधित कार्बाइड के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने फलों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

फलों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यह विशेष अभियान 27 मई से 29 मई 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण फलों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

गर्मी के मौसम में आम, केला और तरबूज जैसे फलों की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाकर कुछ व्यापारी फलों को रसायन से पकाकर बेचते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

रसायन से पके फल बेचने वालों को सख्त चेतावनी

कार्रवाई के दौरान दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि वे केवल प्राकृतिक तरीके से पके फल ही बेचें। उन्हें फलों पर रंग या वैक्स का इस्तेमाल न करने और कोल्ड स्टोरेज व दुकानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले विक्रेताओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

विभाग ने आम जनता से अपील की है कि फल खरीदते समय सावधानी बरतें। अस्वाभाविक रूप से चमकदार, एक जैसे रंग वाले या संदिग्ध फल न खरीदें। किसी भी दुकान पर गड़बड़ी दिखने पर टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, सैंपलिंग असिस्टेंट और नगर निगम का अमला शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि अभियान अगले दो दिनों तक शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की मंडियों और थोक बाजारों में भी जारी रहेगा।

जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी दुकानदारों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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कोरबा

सुशासन तिहार 2026-गांव-गांव पहुंच रही राहत और विश्वास की नई किरण

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कृषक नंद किशोर राजवाड़े को मिली डिजिटल किसान किताब, शासन की पहल से मिली बड़ी सुविधा

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार 2026 आमजनों की समस्याओं एवं मांगों के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इस पहल के जरिए लोगों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिल रहा है, साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी सहज रूप से प्राप्त हो रही है। सुशासन तिहार न केवल शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत कर रहा है, बल्कि लोगों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियाँ भी ला रहा है।

इसी क्रम में कोरबा जिले के ग्राम कनकी निवासी कृषक नंद किशोर राजवाड़े की समस्या का भी त्वरित समाधान किया गया। लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े श्री राजवाड़े के पास लगभग ढाई से तीन एकड़ कृषि भूमि है, जहां वे मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं। खेती के साथ-साथ शासकीय योजनाओं एवं कृषि संबंधी प्रक्रियाओं में बढ़ती डिजिटल व्यवस्था के कारण उन्हें डिजिटल किसान किताब की आवश्यकता महसूस हो रही थी। डिजिटल किसान किताब नहीं होने से उन्हें कई जरूरी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था तथा वे विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे थे।
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। शिविर में पहुंचकर उन्होंने अपनी समस्या जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष रखी और डिजिटल किसान किताब नहीं होने से हो रही परेशानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों द्वारा उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई गई और उन्हें त्वरित रूप से डिजिटल किसान किताब उपलब्ध कराई गई।
डिजिटल किसान किताब प्राप्त होने पर श्री राजवाड़े ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें कृषि संबंधी दस्तावेजों एवं योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रहा है। गांव में ही शिविर लगने से आमजन को सीधे लाभ मिल रहा है और समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन कोरबा के प्रति आभार व्यक्त किया।

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