छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में यहां मिलता है…मात्र 10 रुपए में नारियल-पानी:झोला भर-भरकर ले जा रहे, लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते ग्रामीण
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6 months agoon
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Divya Akashकोंडागांव,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में 50-60 रुपए में मिलने वाला नारियल कोंडागांव में मात्र 10 रुपए में मिल रहा है। इसे खरीदने के लिए वहां के स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई है। लोग 10 में खरीदकर इसे 20-25 में बेचकर मुनाफा कमा रहे है।
दरअसल नारियल के इतने सस्ते में मिलने का कारण यह है कि जिले में देश का इकलौता नारियल विकास बोर्ड संचालित है। जो चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इसका संचालन केंद्र सरकार करती है, 150 एकड़ क्षेत्रफल में नारियल की खेती की जा रही है।
इस बोर्ड द्वारा उगाए गए नारियल आम बाजार में मिलने वाले नारियल से अधिक ताजे और बेहतर गुणवत्ता वाले हैं। साथ ही कीमत में भी बेहद सस्ते हैं। बाजार में एक नारियल 20 से 25 रुपए का मिलता है, हालांकि छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों की बात करें तो नारियल पानी की कीमत 50-60 तक है।

लोग झोला लेकर लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे।
ग्रामीणों को मिला अच्छी आमदनी का सोर्स
हाल ही में राखी का त्योहार है, इससे बाजारों में रौनक और बढ़ गई है। बेहद सस्ते दामों पर नारियल की उपलब्धता होने के कारण नारियल खरीदने के लिए महिलाओं और पुरुषों की लंबी कतारें लग रही हैं।
त्योहारी मांग के चलते यहां महिलाओं की बड़ी संख्या पहुंच रही है। कई महिलाएं रोजाना दर्जनों नारियल खरीद कर बाजार में 20-25 रुपए में बेच रही हैं। इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है।
सीता बाई, जो पास के ही एक गांव से आती हैं, बताती हैं, “हम रोज 50-60 नारियल लेते हैं और बाजार में बेचते हैं। राखी के टाइम पर बहुत डिमांड रहती है। एक नारियल पर 10-15 रुपए का मुनाफा हो जाता है।”

ग्रामीण यहां से 10 में नारियल खरीदकर मार्केट में 20-25 में बेचते है।
वैकल्पिक आय का जरिया
नारियल विकास बोर्ड सिर्फ फल बेचने तक सीमित नहीं है। यहां पर किसानों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। वे अपनी ज़मीन पर नारियल, कोको, अदरक, दालचीनी, तेजपत्ता, लीची और आम जैसी नकदी फसलें उगा सकते हैं। इससे वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैकल्पिक आय का जरिया भी विकसित कर रहे हैं।
बोर्ड के अधिकारी बताते हैं कि अब तक कई किसान नारियल की खेती से जुड़ चुके हैं। यह क्षेत्र नारियल उत्पादन का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
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छत्तीसगढ़
बिलासपुर में 117 मुस्लिम वोटर्स के नाम कटे:50 साल से निवासरत, यहां नहीं रहते बताकर नाम कटवाया, कांग्रेस बोली- BJP के इशारे पर हुआ
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2 minutes agoon
February 12, 2026By
Divya Akashबिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 117 मुस्लिम वोटर्स का नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के चांटीडीह इलाके में रहने वाले वोटर्स जो मुस्लिम समाज से आते हैं। उनका नाम SIR लिस्ट में नहीं आया। आरोप है कि वे पते पर नहीं रहते बताकर किसी ने उनका नाम कटवा दिया। जबकि वे यहां 40-50 साल से रहे हैं।
प्रभावित वोटरों का कहना है कि वे मूलत: बिहार के रहने वाले थे, लेकिन बचपन से इसी इलाके में रह रहे हैं। SIR में नाम नहीं आने पर प्रभावितों ने 11 फरवरी को कलेक्ट्रेट पहुंचकर नाम जुड़वाने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ये वोटर्स कांग्रेस समर्थित हैं, इसिलए भाजपा के इशारे पर निर्वाचन आयोग ने नाम काटा है। वहीं इन आरोपों पर बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस खुद नाम कटवाकर राजनीति करना चाह रही।

प्रभावित मतदाताओं ने कलेक्टर से मुलाकात कर नाम जुड़वाने की मांग की।
नाम कटवाने किसने फॉर्म भरा, ये पता नहीं चल सका
दरअसल, यह मामला बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के चांटीडीह इलाके से जुड़ा है। यहां बूथ नंबर 191, 192 और 193 वार्ड नंबर 55-56 में आते हैं। यह क्षेत्र मुस्लिम बाहुल माना जाता है। बूथ नंबर 191 के 10, बूथ नंबर 192 के 15 और बूथ नंबर 193 के 92 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए ‘प्राण’ नामक व्यक्ति ने फॉर्म-7 जमा किए गए थे।
फॉर्म 7 मतदाता सूची से किसी का नाम हटवाने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करने के लिए उपयोग किया जाता है। हालांकि किसने ये फॉर्म भरा ये जानकारी सामने नहीं आई है।
BLO ने मौके पर पहुंचकर जांच की, सभी पते पर मौजूद थे
फॉर्म-7 जमा होने के बाद बीएलओ ने मौके पर जाकर जांच की। जांच में सामने आया कि सभी मतदाता अपने पते पर मौजूद हैं और कोई भी मृत नहीं है। बीएलओ ने मौके पर मतदाताओं की फोटो ली, दस्तावेज दोबारा लिए और रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी।
गड़बड़ी की जांच की मांग
इस गड़बड़ी की जानकारी बाद में कांग्रेस के बीएलए और नेताओं को मिली। जिसके बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए भाजपा सरकार पर साजिश का आरोप लगाया। 11 फरवरी को विरोध प्रदर्शन करते हुए पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने मामले की जांच की मांग की है।

कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मतदाताओं को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से मिलने पहुंचे।
पूर्व जिलाध्यक्ष बोले- कांग्रेस समर्थित मतदाता निशाने पर
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि एसआईआर के तहत दस्तावेज जांच के बाद प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। 23 जनवरी तक नाम जोड़ने, हटाने और स्थानांतरण के लिए आवेदन लिए गए थे।
तीन बूथों में अचानक 117 फॉर्म-7 आवेदन आने का खुलासा हुआ। शिकायत में कहा गया कि ये मतदाता यहां रहते नहीं हैं। जांच में यह शिकायत गलत निकली। सभी मतदाता अपने पते पर मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी मतदाता मुस्लिम समुदाय से हैं और कांग्रेस समर्थित हैं।
कलेक्टर से मिलकर जांच की मांग
विजय केशरवानी ने कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से मिलकर फॉर्म-7 किसने भरा इसकी जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगह बीएलओ को दबाव में काम करने को मजबूर किया जा रहा है। उन्हें कहा जा रहा है कि फॉर्म ऊपर से आया है और नहीं लेने पर कार्रवाई होगी।
BJP बोली- निर्वाचन पर आरोप लगाने वालों का चेहरा बेनकाब हो
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि मैं जिला प्रशासन से आग्रह करता हूं कि निर्वाचन की शुद्धता पर आरोप लगाने वालों का चेहरा बेनकाब किया जाए। निर्वाचन का शुद्धीकरण आने वाले समय में लोकतंत्र को शुद्ध करेगा। जो निर्वाचित प्रतिनिधि चुने जाए वह फर्जी वोटरों के सहारे ना चुने जाए।
ईआरओ ने फॉर्म जमा करने वालों की जानकारी नहीं दी
निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शिव कुमार कंवर से पूछा गया कि फॉर्म-7 किसने जमा किए, लेकिन उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। इधर, ईआरओ का कहना है कि मतदाताओं को लेकर शिकायत आई थी। इसी आधार पर जांच करवाई गई। भौतिक सत्यापन में सभी मतदाता मौके पर मिले। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

एसआईआर के तहत दस्तावेज जांच के बाद प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब एसआईआर में पहले ही भौतिक सत्यापन हो चुका है और मतदाता सही पाए गए हैं, तो फॉर्म-7 जमा करने की जरूरत क्यों पड़ी। एसआईआर अपने उद्देश्य से भटक गया है और इसका इस्तेमाल कांग्रेस समर्थित मतदाताओं, अल्पसंख्यकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम काटने के लिए किया जा रहा है।

कोरबा
शासकीय महाविद्यालय दीपका में ’इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब’ का हुआ गठन, पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने बताया एसआईआर का महत्त्व
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8 minutes agoon
February 12, 2026By
Divya Akashकोरबा। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले के युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने हेतु दिनांक 12 फरवरी 2026 को सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में शासकीय महाविद्यालय दीपका में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब का गठन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदान के महत्व को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया।

इस अवसर पर सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले प्रत्येक युवा को एक जागरूक मतदाता के रूप में अपना नाम पंजीकृत कराना चाहिए, ताकि वे लोकतंत्र की मजबूती में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के गठन के उद्देश्यों को बताया तथा युवाओं से लोकतंत्र की मज़बूती के लिए आगे आकर अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किये।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय की आयोजन टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन राजमणि साकेत द्वारा किया गया। इस अवसर पर जी. सी. देवांगन सहायक प्राध्यापक भौतिकी, श्रीमती हेमलता कंवर कॉलेज स्वीप नोडल अधिकारी, सहायक प्राध्यापक एस. के. राठौर सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शत-प्रतिशत मतदान और पंजीकरण के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

कोरबा
जिले में 16 फरवरी से 31 मार्च तक ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग प्रतिबंधित
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11 minutes agoon
February 12, 2026By
Divya Akashकलेक्टर ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर लगाया प्रतिबंध
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा जारी हाई स्कूल/ हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा कार्यक्रम एवं शारीरिक प्रशिक्षण पत्रोपाधि परीक्षा 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए परीक्षाओं के सुचारू रूप से संचालन एवं छात्र-छात्राओं की परीक्षाओं तैयारी में व्यवधान को रोकने हेतु विद्यार्थियों के हित में छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 के तहत् प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में 16 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही विशेष परिस्थितयों एवं शासकीय कार्यो के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग करने की अनुमति संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय दण्डाधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों एवं उपरोक्त अधिनियम में उल्लेखित शर्तों के अधीन देंगे।

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