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छत्तीसगढ़

आरोप :समग्र शिक्षा विभाग में व्यवसायिक प्रशिक्षक भर्ती में लगभग 100 करोड़ का महाघोटाला

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एनएसयूआई के पूर्व जिला उपाध्यक्ष चन्दन गुप्ता ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र

घोटाले की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) महत्वपूर्ण जांच एजेंसियों से कराई जाए

रायपुर। एनएसयूआई के पूर्व जिला उपाध्यक्ष चन्दन गुप्ता ने समग्र शिक्षा विभाग में व्यवसायिक प्रशिक्षक भर्ती में लगभग 100 करोड़ के महाघोटाले के संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। चन्दन गुप्ता ने आरोप लगाया कि विगत दिनों समग्र शिक्षा विभाग में व्यवसायिक प्रशिक्षक भर्ती के लिए टेंडर GEM पोर्टल से निकाला गया एवं अनुबंध 11 जुलाई 2025 को संपन्न हुआ। जानकारी अनुरूप कुल 6 निजी कंपनियों को 1560 पदों पर भर्ती के लिए टेंडर दिया गया। हैरानियत की बात यह है कि 11 जुलाई 2025 को ही टेंडर प्रक्रिया संपन्न हुआ और आनन-फानन में टेंडर कंपनियों ने गुपचुप तरीके से भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला। विज्ञापन केवल कुछ ही लोगों (दलालों) तक ही सीमित रह गया। किसी भी प्रकार का सार्वजनिक विज्ञापन नहीं निकाला गया। दलालों एवं बिचौलियों द्वारा गूगल फॉर्म के माध्यम से फॉर्म भराया गया, जिसकी अंतिम तिथि 16 जुलाई एवं 17 जुलाई रखी गई। पोर्टल 16 जुलाई से ही बंद कर दी गई एवं 17 जुलाई 2025 की रात ईमेल के माध्यम से अभ्यर्थियों को सूचना दी कि 18 जुलाई 2025 को दो परीक्षा केंद्र प्रथम अंजनेया विश्वविद्यालय मुख्य परिसर नॉलेज विलेज नराध, विधानसभा रोड के पास, रायपुर, छत्तीसगढ़ 492001 में एवं क्रमशः द्वितीय सृष्टि नर्सिंग कॉलेज दुर्ग पाटन अभनपुर रोड बरेंगाभाटा। छत्तीसगढ़ 493661 में आपकी परीक्षा एवं साक्षात्कार होगा। अब परीक्षा केंद्र में ना ही प्रवेश पत्र देखा गया ना ही पहचान पत्र देखा गया क्योंकि इन्हें सुनियोजित तरीके से भ्रष्टाचार करके फर्जी भर्ती लेना था। इन्होंने किसी भी प्रकार की कोई भी प्रवेश पत्र जारी नही किया और ना ही अन्य जरूरी प्रक्रिया अपनाई। परीक्षा केंद्र में न जाने कई पालियों में एक ही दिन में अलग-अलग समय पर कई बार परीक्षाएं आयोजित की गई। सभी पालियों में प्रश्न पत्र समान थे। परीक्षा कक्ष में अभ्यार्थी मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कॉपी, पुस्तक, बैग तक पकड़ कर बैठे एवं परीक्षाए´ दि और साक्षात्कार एक ही कक्षा में तीन शिक्षक ले रहे थे। साक्षात्कार के समय एक शिक्षक चार लोगों का एक साथ साक्षात्कार ले रहे थे । कुल मिलाकर एक कक्ष में एक ही समय पर 12 लोग साक्षात्कार दे रहे थे, समझ से परे है कि यह साक्षात्कार हो रहा था या कुछ और। दलालों-बिचौलियों के माध्यम से प्रत्येक इच्छुक अभ्यार्थियों से तीन से चार लाख रुपए तक वसूली की गई। यह भर्ती पूर्ण रूप से फर्जी तरीके से हुई है, जिसमें लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है एवं वसूली के माध्यम से हमारे राज्य के गरीब श्रेणी के अभ्यर्थियों से वसूली कर अन्य राज्यों के ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया। मुझे व्यक्तिगत रूप से संदेह है कि समग्र शिक्षा के अधिकारियों की भी मिली भगत है। उनके मिली भगत के बिना इतनी बड़ा भ्रष्टाचार कैसे संभव हो सकता है। अधिकारी कहीं ना कहीं ठेके कंपनियों को लाभ लाभ पहुंचाने की मंशा से टेंडर के माध्यम से भर्ती निकाले, अन्यथा इनकी स्वच्छ एवं साफ-सुथरी मंशा रहती तो यह विभाग से भी भर्ती ले सकते थे। यह अधिकारी कहीं ना कहीं आपकी छवि को भी धूमिल कर रहे हैं। इस पर उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। जानकारी है कि मामला तूल पकड़ने के बाद समग्र शिक्षा के अधिकारी खुद के विभाग के अधिकारियों द्वारा टीम गठन कर जांच की बात कर रहे हैं। अब जिनके ऊपर संदेह है अगर जांच भी वही अधिकारी करेंगे तो परिणाम क्या होगा, आप समझ सकते हैं। परिणाम कहीं ना कहीं उनके पक्ष में ही होगा एवं अपराध में संलिप्त अधिकारियों एवं ठेकेदारों को बचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इस घोटाले की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसे अन्य महत्वपूर्ण जांच एजेंसियों से कराई जाए एवं इस घोटाले में संलिप्त सभी अधिकारियों ठेकेदारों पर अपराध पंजीबद कराया जाए एवं ठेके कंपनियों को ब्लैक लिस्ट किया जाए।
चन्दन गुप्ता ने यह भी कहा कि सुशासन की सरकार नहीं कुशासन की सरकार है। मुख्यमंत्री सोए हुए हैं, उनको उनके ही विभाग की जानकारी नहीं है। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार चरम पर है। घोटाले पर घोटाले, भ्रष्टाचार पर भ्रष्टाचार देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार चलाने में असक्षम हैं, भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ में सरकार नहीं सर्कस चला रही है।

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कोरबा

रेशम उद्योग सहाकारी समिति मर्यादित करतला का मतदाता सूची प्रकाशित

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दावा-आपत्ति 11 अप्रैल तक आमंत्रित

कोरबा। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रेशम उद्योग सहाकारी समिति मर्यादित करतला पंजीयन क्रमांक 3163 एस.के.कंवर द्वारा सोसायटी के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन 02 अप्रैल 2026 को किया जाकर दावा-आपत्ति 11 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। दावा-आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के टी.पी.हंस सचिव के पास 11 अप्रैल  तक कार्यालयीन समय पर सोसायटी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा-आपत्तियों का निराकरण सोसायटी कार्यालय में 11 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजे से किया जायेगा तथा इस प्रकार उपांतरित सूची को अंतिम मतदाता सूची के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।

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कोरबा

मछुआ सहाकारी समिति मर्यादित रिंगनिया का मतदाता सूची प्रकाशित

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दावा-आपत्ति 09 अप्रैल तक आमंत्रित

कोरबा। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मछुआ सहाकारी समिति मर्यादित रिंगनिया पंजीयन क्रमांक 39 जी.आर. भतरा द्वारा सोसायटी के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन 02 अप्रैल 2026 को किया जाकर दावा-आपत्ति 09 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। दावा-आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के हरिलाल/सदस्य के पास 09 अप्रैल तक कार्यालयीन समय पर सोसायटी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा-आपत्तियों का निराकरण सोसायटी कार्यालय में 10 अप्रैल 2026 को प्रातः 11.30 बजे से किया जायेगा तथा इस प्रकार उपांतरित सूची को अंतिम मतदाता सूची के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।

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कोरबा

स्वास्थ्य विभाग द्वारा लू से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी

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भीषण गर्मी में लू से बचाव हेतु आवश्यक उपाय अपनाने हेतु किया गया आग्रह

कोरबा। ग्रीष्म कालीन मौसम प्रारंभ होने पर तथा अधिक गर्मी पड़ने से शुष्क वातावरण में लू (तापाघात) की संभावना अधिक होती है। जो घातक या जानलेवा हो सकती है। जिले में बढ़ रही गर्मी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लू से बचाव हेतु आवश्यक उपाय अपनाने के लिए एडवाइजरी जारी की है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में लगातार मौसम परिवर्तन के बाद तेज धूप एवं गर्मी प्रारंभ हो गया है। जिसके कारण लू लगने की संभावना बढ़ गई है। सूर्य की तेज गर्मी के दुष्प्रभाव से शरीर के तापमान में विपरीत प्रभाव पड़ता है जिससे शरीर में पानी और खनिज लवण नमक की कमी हो जाती है इसे लू लगना या हीट-स्ट्रोक कहा जाता है। वर्तमान में घर से बाहर जाकर ऑफिस वर्क करने वाले, खेती कार्य मे लगे आमजन तथा बाजार में खरीददारी आदि कार्य करने वाले व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी एवं पेय पदार्थो का सेवन नहीं कर पाते हैं। इस कारण वे निर्जलीकरण के शिकार हो जाते हैं, जिसका समय पर उपचार ना मिलने के कारण मरीज की हालत गंभीर हो जाती है।

लू से बचाव हेतु आवश्यक उपाय –
आम लोगों के द्वारा आवश्यक उपाय अपनाकर लू (तापाघात ) से बचाव किया जा सकता है। जिसके अंतर्गत गर्मी के दिनों में हमेशा घर से बाहर जाते समय सफेद, सूती या हल्के रंग के कपड़े पहनना, भोजन करके तथा पानी पीकर ही घर से बाहर निकलना, घर से बाहर जाते समय गर्दन के पिछले भाग कान एवं सिर को कपड़े/ गमछे से ढककर ही निकलना, छतरी एवं रंगीन चश्मे का प्रयोग करना,  गर्मी के दिनों में अधिक मात्रा में पानी पिना तथा ज्यादातर पेय पदार्थों का सेवन करना सहित अन्य उपाय अपना सकते है। इसी प्रकार बाहर जाते समय पानी साथ रखें, धूप में बेवजह बाहर जाने से बचें, बच्चों बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें, साथ ही उन्हें समय-समय पर पानी पीने के लिए प्रेरित करें एवं सुपाच्य भोजन एवं तरल पदार्थों का सेवन कराएं। गर्मी के दिनों में तीव्र धूप को घर के अंदर आने से रोकें तथा जहाँ तक संभव हो अधिक से अधिक समय तक धूप में रहकर व्यायाम तथा मेहनत का काम ना करें, धूप में नंगे पांव ना चलें। इन सावधानियों को अपनाकर स्वयं को लू (तापघात) से बचा जा सकता है।

लू (तापाघात) के लक्षण-

लू का शिकार होने पर व्यक्ति में सिर दर्द, बुखार, उल्टी एवं अत्यधिक पसीना आना, बेहोशी, चक्कर आना, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, कमजोरी महसूस होना, शरीर में ऐंठन तथा त्वचा लाल एवं सूखी होना जैसे अन्य लक्षण शामिल है।

लू से बचाव हेतु प्राथमिकी उपचार –

लू (तापाघात) होने पर रोगी को छायादार स्थान पर कपड़े गीले कर लिटायें एवं हवा करें। रोगी को बेहोशी की स्थिती में कोई भी भोज्य/पेय पदार्थ का सेवन नहीं कराएं एवं उसे तत्काल चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएं। रोगी के होश में आने की स्थिति में उसे ठंडे पेय पदार्थ, जीवन रक्षक घोल, कच्चा आम का पना आदि पेय पदार्थों का सेवन कराएं। रोगी के शरीर के तापमान को कम करने के लिए उसके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियाँ रखें, प्रभावित व्यक्ति को शीघ्र ही नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र उपचार के लिए ले जाए।
सीएमएचओ ने बताया कि जिले के मेडिकल कॉलेज, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों में लू (तापघात) से बचाव हेतु पर्याप्त मात्रा में आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां एवं ओ. आर. एस. की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
कलेक्टर श्री दुदावत तथा सीएमएचओ ने जिले के नागरिकों से गर्मी के मौसम में लू (तापाघात) से बचाव हेतु आवश्यक उपाय को अपनाने का आग्रह किया है। जिससे स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें।

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