कोरबा
शिकायत के बाद भी परियोजना अधिकारी अग्रवाल के खिलाफ जांच नहीं, जिला कार्यक्रम अधिकारी को सभापति पूजा ने सौंपा स्मरण पत्र
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा-कलेक्टर द्वारा जांच टीम की घोषणा शीघ्र होगी
कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा। महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा की चोटिया परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी भर्ती दो साल होने के बाद भी नहीं हो पाई। चोटिया परियोजना में प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा अध्यक्ष, महिला एवं बाल विकास विभाग की सभापति सहित सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है और श्री अग्रवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई है।
एक माह पूर्व जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरी देवी ने कलेक्टर को मनोज अग्रवाल के खिलाफ जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। हालांकि कलेक्टर ने जांच का आश्वासन दिया था और शिकायत पत्र को जिला कार्यक्रम अधिकारी के पास भेज दिया था। जानकारी के अनुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेणु प्रकाश ने अनुशंसा कर कलेक्टर से जांच टीम गठन करने का अनुरोध किया है, ताकि जांच पूरी होने के बाद चोटिया परियोजना में लंबित आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया को पूरी की जा सके।
अब तक जांच की प्रक्रिया प्रारंभ न होने के कारण जनपद पंचायत पोड़ी के सदस्य काफी नाराज चल रहे हैं। उनका कहना है कि मनोज अग्रवाल के खिलाफ जांच की जाए और उन्हें वहां से हटाकर नए परियोजना अधिकारी के नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि वनांचल क्षेत्र में नौनिहालों को पोषण एवं शिक्षा मिल सके और 76 लोगों को नौकरी मिल सके।
आज फिर बैठक का बहिष्कार
प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए महिला एवं बाल विकास समिति की बैठक बुलाई थी, लेकिन अध्यक्ष सहित सभी सदस्य मनोज अग्रवाल को हटाने पर अड़े हुए हैं। आज सभी सदस्यों ने बैठक का फिर बहिष्कार कर दिया।
सैकड़ों बेरोजगार इंतजार करते थक गए
चोटिया परियोजना में 76 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती होनी है और दो साल से अटकी पड़ी है। 76 पोस्ट के लिए क्षेत्र के सैकड़ों बेरोजगार युवतियों/महिलाओं ने आवेदन किया है और सभी दो साल से अंतिम सूची का इंतजार कर रहे हैं, ताकि 76 लोग नौकरी से जुड़ सकें और उनकी माली हालत में कुछ सुधार आ सके।
जांच की घोषणा शीघ्र
प्रतिक्रिया में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेणु प्रकाश ने कहा कि महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति पूजा दुबे द्वारा आज ज्ञापन देने कार्यालय पहुंची थीं, लेकिन सांसद की मीटिंग के कारण मुझसे मुलाकात नहीं हो पाई और ज्ञापन कार्यालय में दिया गया। उन्होंने बताया कि कलेक्टर महोदय द्वारा जांच टीम की घोषणा शीघ्र की जाएगी।


कोरबा
मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप” से आईआईएम रायपुर में निःशुल्क एमबीए, 50 हजार मासिक छात्रवृत्ति का मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में कोरबा के कॉलेजों में पहुंची आईआईएम टीम, युवाओं को फेलोशिप के लिए किया गया प्रेरित
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के युवाओं को उच्च शिक्षा और बेहतर करियर से जोड़ने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के तहत एक विशेष पहल की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर में दो वर्षीय एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस कोर्स करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए आईआईएम रायपुर के प्रतिनिधियों द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं।

इसी क्रम में संस्थान के प्रतिनिधि बिनॉय और एस.एन. मंडल ने कोरबा जिले के प्रमुख महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को कोर्स के सम्बंध में बताते हुए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गई है। टीम द्वारा कोरबा के ई. विश्वेश्वरैया पीजी कॉलेज, मिनीमाता कन्या महाविद्यालय, अग्रसेन कन्या महाविद्यालय तथा कमला नेहरू कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें योजना के लाभ बताए गए। साथ ही फेलोशिप की व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु पाम्पलेट भी वितरित किए गए। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं तक योजना की जानकारी प्रदान करने हेतु छात्रों को प्रेरित किया, जिससे अधिक से अधिक युवा इस अवसर का लाभ उठा सकें।

इस फेलोशिप की प्रमुख विशेषता यह है कि चयनित अभ्यर्थियों की पूरी फीस छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन की जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को प्रति माह 50,000 की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। कोर्स के दौरान छात्रों को आईआईएम रायपुर में उच्चस्तरीय शिक्षण के साथ-साथ राज्य शासन के विभिन्न विभागों में व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
यह योजना केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए लागू है तथा इसमें राज्य शासन की आरक्षण नीति का पालन किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी आईआईएम रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं। इस पहल के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को न केवल उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा, साथ ही वे सुशासन और पब्लिक पॉलिसी के क्षेत्र में भविष्य भी संवार सकेंगे।
कोरबा
राशन वितरण में अनियमितता पर प्रशासन सख्त, तीन दुकान संचालकों पर हुई कार्रवाई
पटपरा के दुकान संचालक के विरूद्ध एफआईआर दर्ज
कोरबा। कोरबा जिले में राशन वितरण में लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायत पर प्रशासन द्वारा कार्यवाही किया जा रहा है। दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर और जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने खाद्य अधिकारी को टीम गठित कर तत्काल जांच के निर्देश दिए। खाद्य विभाग द्वारा कोरबा के ग्राम पंचायत कोरकोमा व खोड्डल एवं पाली के पटपरा की उचित मूल्य दुकानों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है।
जांच में पाया गया कि कोरकोमा की शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालित करने वाली मां अन्नदात्री महिला स्व सहायता समूह द्वारा लगभग 197.45 क्विंटल चावल और 22.82 क्विंटल नमक का व्यपवर्तन किया गया। साथ ही विभागीय निर्देशो का अवहेलना करते हुए आबंटन माह फरवरी और मार्च 2026 के दौरान विभाग से प्राप्त खाद्यान्न आबंटन का दुरुपयोग कर लगभग 435 राशन कार्डधारियों को राशन वितरित नहीं किया गया एवं पात्र हितग्राहियों का बायोमेट्रिक सत्यापन उपरांत भी निर्धारित समयावधि में खाद्यान्न वितरण में गम्भीर अनियमितता पाया गया।
इसी प्रकार शासकीय उचित मूल्य दुकान खोड्डल की संचालन में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। दुकान की संचालक संस्था गुरु घासीदास महिला स्व सहायता समूह द्वारा 334.98 क्विंटल चावल और 6 क्विंटल शक्कर के व्यपवर्तन किया जाना पाया गया। साथ ही दुकान संचालको द्वारा प्रत्येक माह दुकान सीमित दिनों तक खोलने और राशन वितरण में अनियमितता बरतने की शिकायत भी सही पाई गई। उक्त दोनों मामलों में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोरबा द्वारा संबंधित संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली(नियंत्रण)आदेश 2016 के संगत प्रावधान के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
पाली विकासखण्ड के ग्राम पटपरा की शासकीय उचित मूल्य दुकान में भी संचालक संस्था महिला जागृति स्व सहायता समूह द्वारा आबंटन माह जनवरी 2026 के दौरान करीब 422 हितग्राहियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण उपरांत भी निर्धारित समयावधि में राशन नहीं दिया गया, जांच में खाद्यान्न के व्यपवर्तन की पुष्टि होने पर एसडीएम पाली द्वारा संचालकों को जारी कारण बताओ नोटिश का जवाब समाधानकारक नहीं मिलने से क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक द्वारा दुकान संचालकों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है और मामले की जांच जारी है।
खाद्य अधिकारी ने उपरोक्त शिकायतों के अतिरिक्त अन्य राशन दुकानों में हितग्राहियों को यथा समय राशन वितरण अप्राप्त होने के सम्बंध में बताया कि आबंटन माह जनवरी 2026 एवं फरवरी 2026 के अवितरीत राशन के वितरण हेतु माह मार्च 2026 में समस्त उचित मूल्य दुकानों को विभागीय प्रावधान दिया गया था तथापि कतिपय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से उक्त माहों का वितरण निर्धारित समयावधि में न किए जाने संबंधी तथ्यों की जॉच करायी जा रही है।उन्होंने आबंटन माह मार्च 2026 के अवितरीत राशन के वितरण हेतु वर्तमान माह अप्रैल 2026 में ई-पॉस मशीन में आवश्यक प्रावधान उपलब्ध कराए जाने के संबंध में, खाद्य संचालनालय, नवा रायपुर को आवश्यक प्रस्ताव प्रेषित किया गया है, तदनुसार विगत आबंटन माह के आबंटित खाद्यान्न के वितरण की अनुमति प्राप्त होने के उपरांत वर्तमान माह अप्रैल 2026 में ही बैकलॉग वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
कोरबा
जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिसद की बैठक 13 अप्रैल को
कोरबा। कलेक्टर सह अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की अध्यक्षता में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की बैठक 13 अप्रैल को प्रातः 11 बजे कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष कोरबा में आयोजित की गई है।
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