काठमांडू,एजेंसी। नेपाल में Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने सुशीला कार्की को देश का अंतरिम पीएम चुना है। उन्हें शुक्रवार रात राष्ट्रपति ने पद की शपथ दिलाई। वे 220 सालों के इतिहास में देश की पहली महिला पीएम बनी हैं।
इससे पहले सुशीला नेपाल सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस रह चुकी हैं। वे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रवैए के लिए जानी जाती हैं। 2017 में जब इन्हें हटाने के लिए प्रचंड सरकार महाभियोग लेकर आई, तो सुशीला के समर्थन में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए थे।
मजबूरन सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा था। सुशीला के पति ने 52 साल पहले एक प्लेन हाईजैक किया था जिसकी चर्चा भारत में खूब हुई थी।
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शुक्रवार को सुशीला कार्की को शपथ दिलाई।
सुशीला ने अपने करियर की शुरुआत शिक्षक के रूप में की थी और बाद में जज बनीं। जब सुशीला 2016 में नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस बनीं, तो यह अपने आप में ऐतिहासिक था।
एक साल बाद 2017 में उन पर संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया। आरोप लगाया गया कि वे फैसलों से राजनीतिक दबाव के खिलाफ खड़ी हो रही हैं और न्यायपालिका की आजादी का गलत इस्तेमाल कर रही हैं।
असल में, नेताओं को डर था कि अगर कार्की कोर्ट में ऐसे ही सख्ती दिखाती रहीं, तो उनसे राजनीति और सत्ता को बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए प्रचंड सरकार ने संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें पद से हटाने की कोशिश की।
महाभियोग प्रस्ताव आने के बाद सैकड़ों छात्र, महिलाएं और आम लोग काठमांडू की सड़कों पर उतर आए। सुप्रीम कोर्ट ने भी एक ऐतिहासिक आदेश देकर कहा कि जब तक महाभियोग की सुनवाई पूरी नहीं होती, तब तक सुशीला कार्की को काम करने से नहीं रोका जा सकता।
जून 2017 में उनके रिटायरमेंट से सिर्फ एक दिन पहले संसद ने महाभियोग प्रस्ताव वापस ले लिया।
कई हाइप्रोफाइल मामलों में फैसले दे चुकीं हैं
चीफ जस्टिस बनने से पहले भी वह अपने फैसलों से जनता के बीच लोकप्रिय हो चुकीं थीं। उन्होंने नेपाल में सरोगेसी को बिजनेस बनने से रोका था।
साल 2015 में नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने सरोगेसी (किराए की कोख) पर अहम फैसला दिया था। उस समय जस्टिस सुशीला कार्की की बेंच ने कहा कि सरोगेसी को बिजनेस नहीं बनने दिया जा सकता, इससे गरीब महिलाओं का शोषण हो रहा है।
अदालत ने तुरंत प्रभाव से सरोगेसी पर रोक लगा दी। यह कदम इसलिए अहम था, क्योंकि भारत में बैन के बाद विदेशी कपल नेपाल आकर सरोगेसी करा रहे थे।
फैसले के बाद नेपाल सरोगेसी टूरिज्म का गढ़ बनने से बच गया। बाद में सरकार को इस लेकर कानून बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी ने 11 जुलाई को शीतल निवास में सुशीला कार्की को नेपाल की मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई थी।
पति ने किया था प्लेन हाइजैक
वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में पढ़ाई के दौरान सुशीला की मुलाकात दुर्गा प्रसाद सुबेदी से हुई। वहीं से दोनों का रिश्ता शुरू हुआ और शादी तक पहुंचा। सुशीला और उनके पति दुर्गा सुबेदी कई आंदोलन से जुड़े रहे हैं।
दुर्गा प्रसाद सुबेदी ने 10 जून 1973 को प्लेन हाईजैक किया था, जिसमें 22 लोग सवार थे। इनमें नेपाल के अभिनेता दंपती सीपी लोहानी और भारत की मशहूर अभिनेत्री माला सिन्हा भी थीं। सुबेदी ने नागेंद्र धुंगेल और बसंत भट्टाराई के साथ मिलकर प्लेन हाईजैक किया था।
इस हाइजैकिंग का असली मकसद यात्रियों को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि उस नकदी को लूटना था, जो बिराटनगर के बैंकों से लाई जा रही थी। 32 लाख रुपए का सरकारी धन विमान में मौजूद था। इस पैसे से राजा महेंद्र की राजशाही के खिलाफ चल रहे सशस्त्र आंदोलन को मजबूती मिलती।
इस ऑपरेशन के मास्टरमाइंड गिरिजा प्रसाद कोइराला थे जो बाद में नेपाल के प्रधानमंत्री बने। जैसे ही विमान फारबिसगंज (बिहार) में उतरा, जमीन पर पहले से इंतजार कर रहे लोग सक्रिय हो गए। कैश से भरे बक्से उतारे गए और सड़क के रास्ते दार्जिलिंग पहुंचा दिए गए। उसके बाद विमान को बाकी यात्रियों के साथ उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई।
नेपाल के इतिहास की यह पहली हाइजैकिंग लंबे समय तक चर्चा में रही। एक साल के भीतर नागेंद्र धुंगेल को छोड़कर बाकी सभी अपहरणकर्ता भारत में गिरफ्तार कर लिए गए। दुर्गा प्रसाद सुबेदी को दो साल की सजा हुई और 1975 में आपातकाल के दौरान उन्हें रिहा कर दिया गया। पति के विवादित अतीत के बावजूद कार्की ने अपनी पहचान खुद बनाई।
बीएचयू की यादें दिल में जिंदा
भारत से अपने जुड़ाव के बारे में सुशीला ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने बीएचयू में पढ़ाई की है और वहां की यादें आज भी उनके दिल में जिंदा हैं। उन्होंने अपने शिक्षकों और दोस्तों को याद किया और गंगा नदी के किनारे हॉस्टल में बिताए दिनों का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि वे गर्मियों की रातों में छत पर बैठकर बहती गंगा को निहारा करतीं थीं। उन्होंने यह भी कहा कि वे बिराटनगर की रहने वाली हैं, जो भारतीय सीमा से बहुत नजदीक है। सिर्फ 40 किमी दूर। इसलिए वे अक्सर बॉर्डर मार्केट जाया करतीं थीं। उन्हें हिंदी भी आती है, भले ही बहुत अच्छी तरह नहीं।
तस्वीर 24 जुलाई 2025 की है। काठमांडू में नेपाल BHU एल्युमिनाई संपर्क इवेंट हुआ था। इसमें सुशीला कार्की ने संबोधित किया था।
भारत-नेपाल का रिश्ता मजबूत, कई रिश्तेदार भारत में रहते हैं
भारत और नेपाल के रिश्तों पर उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के संबंध बहुत पुराने हैं। सरकारें चाहे बदलती रहें, लेकिन दोनों देशों की जनता का रिश्ता बेहद गहरा है। उनके कई रिश्तेदार और परिचित भारत में रहते हैं और अगर उनके साथ कुछ होता है तो नेपाल के लोगों की आंखों में भी आंसू आ जाते हैं।
उन्होंने कहा था कि भारत ने हमेशा नेपाल की मदद की है और दोनों देशों के बीच गहरी आत्मीयता और प्रेम है। उनके अनुसार, जैसे रसोई में बर्तन एक साथ हों तो आवाज जरूर होती है, वैसे ही छोटे-मोटे मतभेद होते रहते हैं, लेकिन भारत और नेपाल का रिश्ता मजबूत है।
नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने बेहद रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 4-3 से हराकर एशियन गेम्स मेंस हॉकी के फाइनल में जगह बना ली है। अभिषेक ने मैच के आखिरी मिनट में गोल कर भारत को जीत दिलाई।
गोल्ड मेडल के लिए 3 अक्टूबर को भारत का सामना कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
मैच के बाद हाथ मिलाते भारत-पाकिस्तान के खिलाड़ी। एशियन गेम्स के प्रोटोकॉल के तहत मैच के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों का हाथ मिलना जरूरी।
23 मिनट में ही 3-0 से आगे हो गया था भारत
भारत ने मैच के 23वें मिनट तक 3-0 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद पाकिस्तान ने अगले 26 मिनट में तीन गोल कर मैच 3-3 से बराकर कर दिया। 59 मिनट तक मैच बराबरी पर था। फाइनल हूटर बजने से करीब 50 सेकेंड पहले अभिषेक ने फील्ड गोल कर भारत को जीत दिला दी।
भारत मेडल टैली में 8वें स्थान पर
जापान के नागोया में चल रहे गेम्स के 12वें दिन भारत मेडल टैली में 8वें स्थान पर है। उसके पास 64 मेडल हो गए हैं। इनमें 10 गोल्ड, 22 सिल्वर और 32 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
नीतेश को ग्रीको रोमन रेसलिंग में सिल्वर, जापानी पहलवान से हारे
भारत के नीतेश सिवाच ने पुरुषों के 97 किग्रा ग्रीको-रोमन वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। उन्हें जापान के यूरी नाकाजातो ने फाइनल में 4-0 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।
नाकाजातो ने मुकाबले में 4-0 की बढ़त बनाई। नीतेश ने पिन से बचाव किया, लेकिन जापानी पहलवान ने उन्हें वापसी का मौका नहीं दिया। नाकाजातो ने मैच की रफ्तार अपने नियंत्रण में रखी और गोल्ड जीता।
इसी के साथ ग्रीको-रोमन रेसलिंग में एशियन गेम्स गोल्ड के लिए भारत का इंतजार जारी रहा।
भारत ने सेपकटकरा में मेडल पक्का किया
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्वाड्रेंट सेपकटकरा इवेंट में मेडल पक्का कर लिया है। भारत ने आखिरी ग्रुप मैच में म्यांमार को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। टीम इंडिया ने ग्रुप के तीनों मैच जीते और अजेय रहते हुए ग्रुप में टॉप किया।
इस जीत के साथ भारत का एशियन गेम्स में सेपकटकरा के मेंस क्वाड्रेंट इवेंट में पदक तय हो गया है। भारत अब सेमीफाइनल में खेलेगा।
भारत एशियन गेम्स क्रिकेट के फाइनल में पहुंचा
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्रिकेट के फाइनल में जगह बना ली है। टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 169/7 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका की टीम 45 रन पर ऑलआउट हो गई।
भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। श्रीलंका की पूरी टीम भारतीय गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी और 45 रन पर सिमट गई।
अब फाइनल में भारत का सामना पाकिस्तान से होगा। दोनों टीमें एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल के लिए आमने-सामने होंगी।
अनिश भानवाला 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में 7वें स्थान पर बाहर
एशियन गेम्स 2026 के मेंस 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल फाइनल में भारत के अनिश भानवाला 7वें स्थान पर रहे। इसके साथ ही एशियन गेम्स में भारत का शूटिंग अभियान खत्म हो गया।
अनिश ने एक और सीरीज में 5 में से 4 हिट किए। उनके कुल 15 शॉट में 11 हिट रहे। इस स्कोर के साथ वे उस समय तीसरे स्थान के लिए बराबरी पर थे।
हालांकि, टाई होने पर क्वालिफिकेशन का स्कोर देखा गया। क्वालिफिकेशन में अनिश का स्कोर कम होने के कारण वे टाई-ब्रेकर में पीछे रह गए और 7वें स्थान पर रहे।
कयाकिंग: सिखा चौहान 7वें स्थान पर रहीं
भारत की सिखा चौहान महिलाओं के कयाकिंग इवेंट में 7वें स्थान पर रहीं। उन्होंने 14:03:00 मिनट की टाइमिंग के साथ 193.31 अंक हासिल किए। मेजबान जापान पहले, चीन दूसरे और कजाकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा।
गणेश मणि रत्नम ने ब्रॉन्ज जीता, तीरंदाजी में चौथा मेडल आया
भारत के गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने पुरुषों के कंपाउंड इंडिविजुअल के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में वियतनाम के कोंग डुक डांग को 149-144 से हराया। यह एशियन गेम्स में उनका दूसरा मेडल है।
एशियाड के इस एडिशन में तीरंदाजों ने भारत को चौथा मेडल दिलाया है। एक दिन पहले 3 गोल्ड आए थे। हालांकि, पिछले एशियन गेम्स के 5 गोल्ड से कम है।
ब्रॉन्ज मेडल मैच में निशाना लगाते गणेश।
टेनिस: सुमित नागल क्वार्टर फाइनल में हारे, भारत को 40 साल में पहली बार मेडल नहीं
भारत के सुमित नागल पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में चीन के वू यिबिंग से 4-6, 4-6 से हार गए। इस हार के साथ एशियन गेम्स में भारत का टेनिस अभियान बिना मेडल के खत्म हो गया।
एशियन गेम्स में करीब 40 साल बाद ऐसा हुआ है, जब भारत टेनिस में कोई मेडल नहीं जीत सका। इससे पहले कुछ भारतीय सिंगल्स खिलाड़ियों की एंट्री को लेकर हुआ विवाद भी चर्चा में रहा था।
जूडो: इनुंगनबी क्वार्टर फाइनल हारीं, डिफॉल्ट जीत से ब्रॉन्ज मुकाबले में पहुंचीं
भारत की इनुंगनबी टाखेल्लंबम को महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में उत्तर कोरिया की मुन सोंग-हुई ने हरा दिया। मुन ने करीब डेढ़ मिनट बाद वाजा-आरी स्कोर किया। इसके करीब 3 मिनट बाद उन्होंने दूसरा वाजा-आरी हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इसके बाद इनुंगनबी को रेपेचेज में चीन की जिंग तांग से खेलना था, लेकिन तांग मुकाबले के लिए नहीं आईं। ऐसे में इनुंगनबी को फुसेन-गाची के तहत जीत मिली और वे ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में पहुंच गईं। ब्रॉन्ज मुकाबला दोपहर 1:30 बजे से होगा।
शूटिंग: अनिश भनवाला 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल के फाइनल में
भारत के अनिश भनवाला ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल के फाइनल में जगह बना ली है। वे क्वालिफिकेशन में 576 अंक के साथ 9वें स्थान पर रहे थे। उनकी आखिरी सीरीज में 94 अंक आए।
दक्षिण कोरिया के तीन निशानेबाज टॉप-8 में रहे, लेकिन एक देश से अधिकतम दो निशानेबाज ही फाइनल में जगह बना सकते हैं। इसी वजह से अनिश को फाइनल में खेलने का मौका मिला। भारत की शूटिंग का यह आखिरी इवेंट है। फाइनल दोपहर 12 बजे होगा।
कुश्ती: नीतेश फाइनल में पहुंचे, भारत का पहला मेडल पक्का
भारत के नीतेश सिवाच ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने हांगझोउ एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट मंगोलिया के गंखुयाग गनबातार को 9-0 से हराया। इस जीत के साथ नीतेश ने फाइनल में जगह बना ली। इसी के साथ भारत का 2026 एशियन गेम्स में कुश्ती का पहला मेडल पक्का हो गया। नीतेश ने इसी साल एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। फाइनल में उनका सामना ईरान के मेहदी बालिहामजेहदेह या जापान के यूरी नाकाजातो से होगा। फाइनल आज बाद में खेला जाएगा।
कुश्ती: मानसी सेमीफाइनल में हारीं, अब ब्रॉन्ज के लिए खेलेंगी
भारत की मानसी अहलावत महिला 62 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जापान की दो बार की वर्ल्ड चैंपियन नोनोका ओजाकी से 0-6 से हार गईं।
ओजाकी ने शुरुआत में टेकडाउन से 2 अंक लिए और फिर एक और टेकडाउन से बढ़त 4-0 कर दी। उन्होंने दूसरे पीरियड में भी मानसी को अंक नहीं दिया। बाद में एक और टेकडाउन से स्कोर 6-0 कर दिया। मानसी अब रेपेचेज में खेलेंगी। यहां जीतने पर वे ब्रॉन्ज के लिए मैच करेंगी।
स्क्वॉश: अनाहत सिंह हारीं, तन्वी ने भारत की वापसी कराई
तन्वी खन्ना ने स्क्वॉश महिला टीम इवेंट के सेमीफाइनल में हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ भारत की वापसी कराई। उन्होंने वर्ल्ड नंबर-33 ली का यी को 3-1 से हराया। उनकी जीत से भारत ने 1-1 की बराबरी हासिल की।
तन्वी ने पहला गेम 4-11 से गंवाने के बाद वापसी की। उन्होंने अगले तीन गेम 13-11, 11-9, 13-11 से जीते। इससे पहले चान सिन युक ने अनाहत सिंह को में 3-2 से हराया। स्कोर 11-9, 11-8, 6-11, 11-13, 10-12 रहा।
अब निर्णायक मुकाबला अनुभवी जोशना चिनप्पा खेलेंगी। इस मैच के नतीजे से भारत और हॉन्ग कॉन्ग में सेमीफाइनल का विजेता तय होगा।
कुश्ती: नीतेश ने क्वार्टर फाइनल जीता, सेमीफाइनल पहुंचे
भारत के नीतेश ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में तुर्कमेनिस्तान के अमानबर्दी अगामम्मेदोव को 7-1 से हराया। नितेश ने पहले पीरियड में ही 7-0 की बढ़त बना ली थी।
सेमीफाइनल में नितेश का सामना मंगोलिया के गंखुयाग गनबातार या दक्षिण कोरिया के ली मिन-हो से होगा। गंखुयाग हांगझोउ एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं।
जूडो: यामिनी मौर्य क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं
भारतीय की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने महिला 57 किग्रा वर्ग के प्री-क्वार्टरफाइनल में कतर की फतेना बु-काहूस को इप्पोन से हराया।
इस जीत के साथ उन्होंने क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली है। अब यामिनी का सामना मंगोलिया की अरियुंजाया तेरबिश से होगा। मुकाबला अगले एक घंटे में होगा।
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स के 11वें दिन 4 गोल्ड जीते। इनमें 3 गोल्ड तीरंदाजी और 1 शूटिंग में आया। इसके साथ भारत के 10 गोल्ड समेत 60 मेडल हो गए हैं। वह ईरान को पीछे छोड़कर मेडल टैली में 7वें नंबर पर पहुंच गया है।
बुधवार को पहला गोल्ड विमेंस कंपाउंड आर्चरी टीम ने जीता। इसके बाद चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी में गोल्ड जीता। नीरू ढांडा और किनान चेनाई की जोड़ी को शूटिंग में गोल्ड मिला। दिन का चौथा गोल्ड कंपाउंड आर्चरी के पुरुष टीम इवेंट में साहिल, गणेश और कुशल ने जीता।
आर्चरी में दिन के तीनों गोल्ड भारत के नाम
भारत ने कंपाउंड आर्चरी के तीनों इवेंट में गोल्ड जीते। विमेंस टीम ने चीन को 238-234 से हराकर अपने खिताब का बचाव किया।
मिक्स्ड टीम फाइनल में चिकिता और साहिल का मुकाबला साउथ कोरिया की पार्क जंगयून और चोई योंगही से था। भारत ने शूट-ऑफ में गोल्ड अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए कोटा भी हासिल किया।
पुरुष टीम फाइनल में साहिल, गणेश और कुशल की टीम ने चीन को 238-237 से हराया। भारत शुरुआती एंड में 58-60 से पीछे था, लेकिन इसके बाद भारतीय तीरंदाजों ने लगातार शानदार निशाने लगाए। फाइनल के बाद के 180 में भारत ने 180 अंक हासिल किए। साहिल ने अपने सभी 8 शॉट में 10 अंक बनाए, जबकि गणेश और कुशल ने भी दबाव के बीच लगातार 10 लगाए।
आर्चरी में फाइनल जीतने के बाद भारतीय टीम सेलिब्रेट करती हुई।
नीरू-किनान ने शूटिंग में दिलाया गोल्ड
ट्रैप मिक्स्ड टीम फाइनल में नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने भारत को गोल्ड दिलाया। भारत ने शुरुआत में 10 में से 6 हिट किए थे और एक समय चार टीमों में सबसे नीचे था। इसके बाद दोनों ने एक भी टारगेट मिस नहीं किया और शानदार वापसी करते हुए गोल्ड जीता। भारत ने कतर को सिर्फ एक अंक से पीछे छोड़ा। चीन ने ब्रॉन्ज जीता।
नीरू का यह इन गेम्स में दूसरा गोल्ड है। इससे एक दिन पहले उन्होंने विमेंस ट्रैप इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड जीता था।
हॉकी: साउथ कोरिया को 2-0 हराकर फाइनल में भारत
भारतीय महिला हॉकी टीम ने साउथ कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। भारत के लिए इशिका ने पेनल्टी कॉर्नर की वैरिएशन पर गोल किया, जबकि कप्तान सलिमा ने दूसरे हाफ में बढ़त दोगुनी की। अब भारत का गोल्ड मेडल मैच चीन से होगा। यह मुकाबला 2 अक्टूबर को खेला जाएगा।
बॉक्सिंग में 2 ब्रॉन्ज, लवलीना फाइनल में
बॉक्सिंग में प्रियंका घंघास को विमेंस 60 किग्रा सेमीफाइनल में चीन की यांग चेंग्यू से 4-1 से हार मिली। उन्हें ब्रॉन्ज मिला।
कपिल पोखरियाने पुरुषों के 90 किग्रा सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के तुराबेक खाबिबुल्लाएव के खिलाफ 4-1 से हार के बाद ब्रॉन्ज जीता।
वहीं लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
लवलीना बोरगोहेन गोल्ड मेडल के लिए चीन की बाओ जिइ से भिड़ेंगी।
रेसलिंग: सुनील कुमार को ब्रॉन्ज
सुनील कुमार ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 87 किग्रा में ब्रॉन्ज जीता। सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिदा से 11-0 की हार के बाद उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल बाउट में फिलीपींस के कैलम रॉबर्ट्स को 9-0 से हराया। यह हांगझोउ के बाद सुनील का लगातार दूसरा एशियन गेम्स ब्रॉन्ज है। वह एशियन गेम्स में ग्रीको-रोमन रेसलिंग के दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने।
स्क्वॉश में दोनों टीमों ने पक्के किए मेडल
भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने सिंगापुर को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और मेडल पक्का किया। तन्वी खन्ना ने वाई लिन ऑ योंग को 3-1 और अनाहत सिंह ने वाई यान ऑ योंग को 3-0 से हराया।
पुरुष टीम ने कुवैत को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। वीर छत्रानी ने बादेर अलमोगरेबी को 3-1 और अभय सिंह ने अम्मार अल-तमिमी को 3-0 से हराया। अब डिफेंडिंग चैंपियन भारत का सामना मलेशिया से होगा।
टेनिस: सुमित क्वार्टरफाइनल में
सुमित नागल ने पुरुष सिंगल्स के तीसरे दौर में उज्बेकिस्तान के सर्गेई फोमिन को 6-3, 6-2 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। अब उनका मुकाबला चीन के वू यीबिंग से होगा।
हालांकि पुरुष डबल्स में युकी भांबरी और धक्षिणेश्वर सुरेश की जोड़ी क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे की हो चेनजुई-ह्सू यू-ह्सिओउ जोड़ी से 6-7 (5-7), 3-6 से हार गई।
रियाद, एजेंसी। दुबई से तेल अवीव जा रही एक फ्लाइट को हाईजैक कर क्रैश कराने की कोशिश हुई है। को-पायलट ने साथी पायलट पर चाकू से हमला किया और विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। दूसरे पायलट और कुछ यात्रियों ने हाथापाई कर उसे रोक लिया।
टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक फ्लाई दुबई की फ्लाइट में यह घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे हुई। इस वजह से 1 मिनट के अंदर विमान करीब 17 हजार फीट नीचे आ गया। इसके बाद विमान से हाईजैक का अलर्ट भेजा गया।
इजराइल ने तुरंत फाइटर जेट्स रवाना किए। उनकी निगरानी में फ्लाइट का रास्ता बदला गया और उसे सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। फ्लाइट में करीब 180 यात्री सवार थे, जिनमें लगभग 150 इजराइली नागरिक थे।
दावों के मुताबिक जिस व्यक्ति के कपड़ों पर खून दिखाई दे रहा है उसने क्रू मेंबर की मदद से हमलावर पर काबू पाया।
चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, सादे कपड़ों में पायलटों की एक दूसरी टीम भी यात्री के तौर पर सवार थी। इन्हीं पायलटों ने विमान का कंट्रोल लेने की कोशिश कर रहे पायलट को रोकने में मदद की।
फ्लाइट में हुई हाथापाई के कुछ ही देर बाद एक यात्री ने वीडियो में कहा कि विमान को हाईजैक करने की कोशिश हुई थी।
वीडियो में घायल पायलट की मदद करते यात्री नजर आ रहे हैं। इस दौरान पायलट ऑक्सीजन मास्क पहने हुए दिखाई दे रहा है।
लैंडिंग के बाद यात्री ताली बजाकर जश्न मनाते नजर आए।
7 पॉइंट्स में जानिए विमान में क्या-क्या हुआ
1. पहले इमरजेंसी, फिर हाईजैक का अलर्ट
विमान ने पहले 7700 कोड भेजा। इसका मतलब होता है कि विमान में कोई इमरजेंसी है। कुछ ही सेकंड बाद विमान ने 7500 कोड भेजा। यह कोड विमान में हाईजैक का है।
2. प्लेन 1 मिनट में 17 हजार फीट नीचे आया
फ्लाइट रडार मुताबिक, विमान सिर्फ दो मिनट में 34 हजार फीट से घटकर 16,600 फीट की ऊंचाई पर आ गया। इसके बाद विमान ने अपना रास्ता बदला और सऊदी अरब के ताबुक की ओर चला गया।
3. कॉकपिट में पायलटों के बीच झगड़ा हुआ
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विमान के कॉकपिट में पायलट और को-पायलट के बीच झगड़ा हुआ था। इसी दौरान विमान से इमरजेंसी सिग्नल भेजे गए। हालांकि, दोनों के बीच झगड़ा किस बात पर शुरू हुआ था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
4. यात्रियों ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को रोका
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स में चश्मदीदों के हवाले से दावा किया गया कि झगड़ा तब शुरू हुआ, जब एक पायलट ने विमान को जमीन की तरफ मोड़कर क्रैश करने की कोशिश की।
जब विमान नीचे गिरने लगा तो आगे बैठे कुछ इजराइली यात्री कॉकपिट की तरफ दौड़े। उन्होंने हमलावर पायलट से लड़कर उसे कॉकपिट से बाहर निकाला।
यात्री के मुताबिक, विमान में सादे कपड़ों में दो और पायलट भी मौजूद थे। उनमें से एक पायलट ने विमान का कंट्रोल संभाला।
5. घायल पायलट की जान बचाने की कोशिश
मिरियम नाम की एक यात्री ने बताया कि उसने कॉकपिट से चीखने की आवाजें सुनी थीं। दरवाजा खुलने पर उसने एक पायलट को घायल हालत में देखा। उसके हाथ में फोल्डिंग चाकू था और हर तरफ खून बिखरा हुआ था।
एक यात्री के मुताबिक, चाकू से घायल पायलट की हालत गंभीर थी। विमान में मौजूद एक इजराइली डेंटिस्ट ने उसका इलाज किया और उसकी जान बचाने में मदद की।
6. इजराइल ने फाइटर जेट भेजे, ताबुक में हुई लैंडिंग
हाईजैक का अलर्ट मिलने के बाद इजराइली एयरफोर्स ने फाइटर जेट भेजे और देश का सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की।
इसके बाद फ्लाइट का रास्ता बदलकर सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर लैंडिंग कराई गई। इजराइल ने कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस भी बंद कर दिया था।
7. इजराइल में मामले की जांच शुरू, आतंकी हमले का दावा भी
जेरूशलम पोस्ट के मुताबिक, इजराइल की सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को संभावित आतंकी हमले के एंगल से भी देख रही हैं। शुरुआती जांच में जिस पायलट पर हमला करने का आरोप है, उसके ओमान का नागरिक होने की बात सामने आई है।
इजराइल में प्रधानमंत्री-रक्षा मंत्री की इमरजेंसी बातचीत
हिब्रू मीडिया के मुताबिक, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने भी मामले को लेकर इमरजेंसी बातचीत की। इस दौरान विमान की स्थिति और उसमें सवार यात्रियों को लेकर जानकारी जुटाई गई।
चैनल 12 से इजराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि फ्लाईदुबई की इस फ्लाइट में बहुत बड़ी अनहोनी होने से बच गई। अगर पायलट पर समय रहते काबू नहीं पाया होता तो यह 2001 में हुए अमेरिका के 9/11 जैसी घटना हो सकती थी।